- 2 days ago
कश्मीर पर US राजदूत सर्जियो गोर के बयान के मायने क्या? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
Category
🗞
NewsTranscript
00:00नवस्कार मैं हूँ अंजिना ओम कश्व को ब्लाक रवाइट में आपका बहुत-बहुत स्वागत है
00:04आज सबसे पहले हम आपको पाकिस्तान के हाई कमिशन के बाहर भारत का बुल्डोजर आक्शन दिखाएंगे
00:09अपनी फित्रत के अनुसार पाकिस्तान यहां भी अवैद कबजा करने की कोशुश कर रहा था
00:14यह सब तब हुआ जब ट्रम्प के विशेश दूद सर्ग्यो गौर कश्मीर के दौरे पर थे
00:19उन्होंने श्रीनगर की डल जील में शिकारा की सवारी की जमु कश्मीर को भारत का एहम हिस्सा बताया
00:25और यहां तक क्या दिया कि कश्मीर में अमेरिकी नागरिकों के लिए ट्रावल अडवाईजरी की समीक्षा की जाएगी बस फिर
00:32क्या था
00:33पाकिस्तान इस कदर बौकला उटा कि उसने अमेरिकी राजने को तलब कर अपना रोना रोना शुरू कर दिया
00:40जी हां मामला यहां तक पहुँच गया
00:42इसके बाद आपको बताएंगे कि पाकिस्तान की शेहबास सरकार बीमार इमरान खान को जेल से बाहर इलाज क्यों नहीं कराने
00:51देना चाहिए
00:51आखिर क्यों वो इस बात पर अड़ गई है कि जेल से इमरान खान को नहीं निकाला जाएगा
01:10दरसल 18 अगस के सुप्रीम कोट के आदेश के मुताबि इमरान खान गंभीर श्रेनी की मतलब हाई ग्रेड एंग्जाइटी सीने
01:19में दर्थ उच्छे रक्त चाप यानि हाई ब्लाग प्रेशर से जूज रहे हैं जिसके चलते अदालत ने उन्हें अस्पिताल में
01:26भरती कराने �
01:26परिवार के तैश शर्तों के तहट मिलने की इजाज़त दी थी लेकिन पाकिस्तान की सरकार अड़ गई है इसके बाद
01:35आपको उत्तर प्रिदेश पुलिस के एंकाउंटर का वो विडियो दिखाएंगे जिसे देख कर ये पूछा जा रहा है कि क्या
01:41ही किसी फिल्म की शूट
01:45तारी के बाद ओन दस्पॉट पट्टी बांधने और कैमरे पर नोट गिनने का ये विडियो लिख हुआ तो सियासत गर्मा
01:52गई
01:53कुलिस भले ही इसे कानूनी प्रतिक्रिया बता रही हो लेकिन बड़ा सवाल ये है कि हर एंकाउंटर के बाद सारे
02:01सीन तो परफेक्ट मिलते हैं पर कारवाई से पहले का आक्शन कैमरे में कैद क्यों नहीं होता
02:07और आखर में आपको बताएंगे कि क्या हमारी नई पीडी सोशल मीडिया के दिखावे के लिए इतनी बेचैन हो चुकी
02:13है अब अपनों का खून करने से भी नहीं हिचकचा रही है
02:16केरल में एक 13 साल की बच्ची ने सिर्फ आईफोन और रील्स के लिए अपने ही दादा की बेरहमी से
02:23हत्या की साज़श रची
02:25तेलंगाना में आरोपो के मताबिक दसवी के चात्रों ने पैसों के लिए अपनी ही प्रिंसिपल की हत्या कर दी
02:30तब मिलाडू में आरोपो के मताबिक एक बेटे ने सिर्फ इसलिए अपनी बीमार मा को ट्रेन के ट्रैक पर फेग
02:37दिया
02:44क्योंकि वो उसका खर्च नहीं उठाना चाहता
02:48लेकिन आई शुरुआत करते हैं सबसे पहले आपको दिखाते हैं भारत ने पाकिस्तान को बुल्डोजर वाली भाषा में क्या समझाने
02:53की कोशिश की है
02:54आज दिली में ये पाकिस्तान हाई कमिशन के बाहर लगे क्यू लाइन बारियर पारकिंग पोल टिन के धाचे और स्थाई
03:01टेंस को जिसके आप तस्मीर देख रहे हैं हटा दिया गया
03:05ये कारवाई खासतोर पर उस इलाके में हुई जहाँ पाकिस्तान हाई कमिशन ने वीजा सेक्शन के पास इकठा होने वाली
03:12भीड को नियंतरत करने के लिए कुछ खास इंतजाम किये थे
03:15न्यू डेली मुनिसिपल कांसल यानी कॉर्पोरेशन यानी एंडीमसी का रूप है कि ये सारे इंतजाम निर्धारित सीमा से बाहर थे
03:25और सरकारी जमीन पर अवैद तरीके से कबजा करके इन क्यू लाइन बारियर्स और टिन शेट्स को लगाया गया था
03:31और जानते हैं इस अवैद कबजे को हटाने के लिए प्रशासन ने क्या किया एंडीमसी की टीम ने बुल्डोजर और
03:39जेसी भी मशीन्स पाकिस्तान हाई कमिशन के बाहर खड़ी कर दी और इसके बाद इस अवैद कबजे को वहाँ से
03:45हटा दिया गया
03:46अब इस खबर के दो पहलू है और इन दोनों पहलूँ को बहुत ध्यान से सुनिएगा पहला और आपचारिक पहलू
03:55तो ये है कि पाकिस्तान हाई कमिशन ने जिस पर अवैद कबजा किया था उस जगव को भारत ने बुल्डोजर
04:01चला कर खाली करा लिया लेकिन दूसरा और
04:07पहलू ये है कि भारत ने पाकिस्तान को उसी की भाषा में करारा जवाब देने की कोशश की है तीन
04:13दिन पहले इसलामाबाद में भारतिया हाई कमिशन के बाहर लगे पारकिंग पोल को वहां के प्रशासन ने हटा दिया था
04:19और इस कारवाई के पीछे कोई ठोस कारण भी न
04:35लेकिन इस बार भारत ने सिर्फ तीन दिन में पाकिस्तान को उसी का खाना वापस उसकी ठाली में परोस कर
04:43दे दिया और पाकिस्तान ने तो सिर्फ भारत के हाई कमिशन के बाहर से पारकिंग पोल्स हटाए थे भारत ने
04:49दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमिशन के बाहर बुल्
05:21यह एक्षिन भारत के खिलाफ जो पाकिस्तान में एक्षिन हुआ लगभग तीन दिन पहले वहाँ पर पाकिस्तान के इंदर इसलामबाद
05:29में जो भारत का दूता वास्था वहाँ से सिक्योरिटी बारिकेड्स हटाए गए
05:33पार्किंग पोल्स हटाए गए और उसके लगभग तीन दिन बाद यहां यह एक्षिन हुआ है नई दिल्ली में आप देख
05:40सकते हैं
05:53अब इस बुल्डोजर अक्षन की टाइमिंग को भी जरा देखें यह बुल्डोजर उस वक्त चला जब भारत में
06:00अमेरिका के राज़दूर सर्गयो गौर जम्मू कश्मीर के दोरे पर थे ना सिर्फ दोरे पर थे बल्कि उन्होंने इस श्रीनगर
06:07में यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर भारत का एक महत्वपूर्ण
06:11हिस्सा है अब पहले इस बयान को सुनिये और फिर हम आपको इसके माइने बताएंगे
06:47अब यह बात क्यों एहम है आखिर सर्गयो गौर को इतना महत्व देने की जरूरत क्या है वो हम आपको
06:53आगे बताएंगे कि आखिर डॉनल्ड ट्रम्प से सर्गयो गौर का क्या रिष्टा है वो अबासजा तो हैं भारत में लेकिन
07:00अब यह बात हमारे लिए कोई नहीं है
07:02हम तो हमेशा कहते हैं कि जम्मू कश्मीर भारत का था भारत का है और भारत का रहेगा हमने कश्मीर
07:08पर कभी भी दूसे देशों से सर्टिफिकेट लेने की कोशिश की नहीं है लेकिन यहां सवाल पाकिस्तान का है पाकिस्तान
07:15कश्मीर को लेकर फिर सिर्फ आतंकवाद का सहा
07:32और इस चाप्लूसी का मकसद यही रहा कि राजपती ट्रम के कारिकाल में भी कश्मीर को विवादिक शेत्र बता कर
07:38पाकिसान इस मोते पर अंतराश्ट्रे सहयोग हासल कर सके।
07:42पहले शाबाज शरीफ को बूट पॉलिश प्रदान मंतरी कहा जाता था लेकिन मुनीर ने अब शाबाज शरीफ को बहुत पीछे
07:48छोड़ दिया है।
08:11गुपकार स्थित आवाज पर बहुत गर्म जोशी के साथ मुलाकात की। और इस मुलाकात के बाद वो प्राजिपाल, मनोज सिनहा
08:19और दूसरे वरश रदिकारियों से भी मिलने पहुचे।
08:22और ये तस्वीरे पाकिस्तान बरदाश कर पाता कि सर्ग्यों गौर्ण ने पाकिस्तान को तीन बड़े सर्प्राइज़ दे दिये।
08:28पहला सर्प्राइज, उन्होंने जश्मू कश्मीर को भारत का महत पूर्ण हिस्सा बताया।
08:34दूसरा सर्प्राइज, उन्होंने जम्मू कश्मीर को लेकर जारी की कई ट्रावल अड्वाईजरी की भी समीक्षा करने की बात कहीं है।
08:44ये लेवल 4 यानि सबसे खतरनाक श्रेणी की वही ट्रावल अड्वाईजरी है जिसके तहट अमेरिका अपने नाग्रेकों को जम्मू कश्मीर
08:51ना जाने की सलाह देता है।
08:53और सर्ग्यों गौड ने पाकिस्तान को तीसरा सर्प्राइज भी दिया और वो इन तस्वीरों से। उन्होंने शिरगर की मशूर डल
09:00जील में वहां के पारंपरिक शिकारा की सवारी की। ये अपने आप में एक ऐसी तस्वीर है जो एक बार
09:06फिर से परेटकों को भी आकरश
09:23तब पाकिस्तान के तदकालीन राश्रपती जनरल अयूब खान ने कहते थे कि उनकी सेना डल जील में नाश्टा करेगी और
09:30कश्मीर पाकिस्तान का हो जाएगा तो अब देखे नाश्टा कौन कर रहा है लेकिन उस वक्त भारत ने पाकिस्तान को
09:36युद्ध में बुरी तरह �
09:37धूल चटाई और अब इसी डल जील में जब सर्ग्यों गौर्ड ने शिकारा की सवारी की तो पाकिस्तान इन तस्वीरों
09:44को सह नहीं पाया फिर उसने क्या किया है वो देख बताएंगे पहले ये देखे
10:30जमु कश्मीर को लेकर सर्ग्यों गौर्ड ने सच बोला तो पाकिस्तान इसकदर भड़क गया
10:34कि जानते हैं उसने क्या क्या उसने इस्लामाबाद में अमेरिका की प्रमुक राजड़ाइक नाटली ए बेकर को तलब कर खुब
10:43कड़ा विरोध जताया है
10:44और ये भी कह दिया कि सर्ग्यों गौर्ड ने गयर जिम्मेदाराना बयान दिया है
10:48हलाकि ये ख़बर पाकिस्तान का मीडिया गड़ रहा है और ये दिखाने की कोशिश हो रही है कि जैसे पाकिस्तान
10:53ने अमेरिका को फटकार लगाई हो
10:55जब कि ये बात हर को ही जानता है कि पाकिस्तान की अपनी हैसियत क्या है
10:58वो अमेरिका से कितना कह सकता है और कितना नहीं कह सकता है सब को पता है
11:02जब शाबाश शरीफ से लेकर मुनीर अब डॉनल्ड ट्रम्प की जूते की पॉलिश कर रहे हैं तो सब को पता
11:08है कि वो क्या कह सकता है अमेरिका को
11:09पाकिस्तान के असली परिशानी क्या है जानते हैं इस बात को अच्छी तरह से वो जानता है कि सरग्योगौर का
11:15जम्मौ कश्मीर को लेकर कोई भी बयान देना
11:19एक संकेत भी है सरग्योगौर सिर्भ भारत में अमेरिका के राज़दूत नहीं है वो दक्षन और मद्य एजिया में राशपती
11:26ट्रम्प के विशेश दूत है पूरे इलाके में
11:31दक्षन और मद्य एजिया में इसका मतलब यह हुआ कि अगर वो जम्मौ कश्मीर को लेकर कोई बयान देते हैं
11:36तो उसका मतलब सिर्भ दिल्ली तक्सीमित नहीं रहता
11:38यह बयान कहीं न कहीं कश्मीर के मुद्दे पर मौझूदा वक्त में अमेरिका के रुख को भी स्पष्ट करता है
11:44यह बात हम इसले कह रहे हैं क्योंकि सर्गेयो गौर के लिए ऐसा माना चाहता है कि वो वही बात
11:49कहते हैं जो राश्पती ट्रम्प के मुदापिक होती है
12:14पिशने साल जब डॉनल्ड ट्रम्प दूसी बार अमेरिका के राश्पती बने थे तब उन्होंने सर्गेयो गौर को वाइट हाउस का
12:19ऐसा गेट कीपर बनाया था जिसका काम था राश्पती ट्रम्प के प्रशासन के लिए ऐसे लोगों को चुनना जो उनके
12:27लिए 100% 100% व�
12:38सफादारी और इमानदारी को देखते हुए राश्पती ट्रम्प ने उन्हें पूरे दक्षन और मध्य एजिया के लिए अपना विशेश दूद
12:44बनाया इसलिए भेजा क्योंकि वो यहां इस पूरे क्षेतर में भारत भी है चायना भी है पाकिस्तान भी है और
13:05यह माना जा
13:06सबसे उपर आता है और आप इन तस्वीरों से भी समझ सकते हैं इसी साल 24 माई 2026 को जब
13:12दिल्ली में अमेरिका के ढाइसोंवेस वतंतरता दिवसका कारिक्रम हुआ था तब मंच पर अपने भाशन के दौरान सब्योंगोर ने सीधे
13:18राश्पती ट्रम्प को फोन लगा दिया
13:34तो इसके कई मायने हैं और यही कारण भी है कि इस बयान से पाकिस्तान अभी बुरी तरह बॉखलाया हुआ
13:40है अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रहे मसूत खान ने कहा है कि सर्ग्यों गौर को जम्मु कश्मीर के इतिहास
13:49की सही जानकारी नहीं है और उन्हें जम्म�
14:04कश्मीर के एक हिस्से पर 1947 से अवेत कबजा करके बैठा है और जानते हैं कि पाकिस्तान अपने इस प्रोपगांडा
14:10की पोल खुद ही खोल रहा है जिस वक्त सर्ग्यों गौर जम्मु कश्मीर आए वो डल जील और परी महल
14:17गए तब उसी दोरा पाकिस्तान के कबजे वाला क
14:20कश्मीर जन विद्रो की आग में पूरी तरह सो लग रहा है तो कई दिनों से आप देख रहे हैं
14:24लेकिन ये तस्वीरे आपको हैरान कर देंगी इस वक्त जमु कश्मीर अवामी आक्शन कमिटी के नेतरित्व में सडकों पर उत्रे
14:31हजारों लोगों ने पाकिस्तानी फौज
14:50अंजाम तक पहुचता जाएगा सुनिए प्योके के प्रदर्शन कारियों ने पाकिस्तान पर ये भी आरूप लगाया है कि उसी ने
14:59भारत के खिलाफ अलगावादी आसिया अंद्राबी से नारे लगवाए थे और पाकिस्तान ने ही आसिन मलक से भारत के खिलाफ
15:06आतंकी घ�
15:16एक्सपोज हो रहा है एक तरफ जम्मू कश्मीर है जहां सहजोगौर निवेश और बन्यादी धाचे के विकास को लेकर चर्चा
15:23करते हैं और कश्मीर की खुब तारीफ करते हैं और दूसी तरफ पाकिस्तान के कब्जवाला कश्मीर है जहां आसिम मुनीर
15:30और उसकी सेना सेक
15:46मुधीरों से पूरी तरह से स्पष्ट हो जाता है और जानते हैं सहजोगौर के कश्मीर दौरे को लेकर पाकिस्तान की
15:51सबसे बड़ी शिकायत क्या है
15:54सहजयो गौर का ये बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान और अमेरिका के रिष्टे पहले से ज़रा मजबूत
15:59माने जा रहे हैं
16:00जब पाकिस्तान ने अमेरिका और इरान के बीच मद्यस्ता कराने की कोशिश की
16:04जब राश्रपती ट्रम्प लगातार आसे मुनीर की तारीफ करते हैं लंच पर उनको बुलाते हैं और जब राश्रपती ट्रम्प के
16:11परिवार ने पाकिस्तान के साथ क्रिप्टो डील पर हस्ताक्षर किये
16:15पाकिस्तान को ये बात हजम नहीं हो रही है
16:18कि आखिर ऐसी परिस्तितियों में सहजयो गौर ने कश्मीर पर उसके प्रपगांडा की पोल कैसे खोल दी
16:26यहां हम इस बात को भी फिर से दोर आना चाहते हैं कि जम्मू कश्मीर पर सहजयो गौर का बयान
16:30भारत के लिए कूटनितिक जीत जरूर है
16:33लेकिन अगर यह बयान ना भी आता तो हमारे लिए कश्मीर के मुद्दे पर कुछ नहीं बदलता क्योंकि कश्मीर हमारा
16:38था हमारा है हमारा रहेगा
16:43यहां अगर कुछ समझना है तो वो है कश्मीर पर अब तक अमेरिका का रुख कैसे कैसे बदलता रहा है
16:491937 के बटवारे के बाद जब मुकश्मीर को लेकर पहली बार विवाद हुआ और भारत असमुद्दे को संयुक तराश्ट में
16:56लेकर गया तब अमेरिका का जुकाओ पाकिस्तान की ओर जादा देखा था
17:01और इसके पीछे कारण ये नहीं था कि अमेरिका कश्मीर पाकिस्तान के घलत दावों को सही मानता था
17:08इसका कारण ये था कि उस वक्त अमेरिका और सोवियत संग के बीच कोल्ड वार यानि शीत युद्ध चल रहा
17:13था
17:13और इस शीत युद्ध में अमेरिका को ऐसे देशों की जरूरत थी जो सोवियत संग के खिलाफ उसके साथ मजबूती
17:21से खड़े रहे और इन में भी पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिती अमेरिका के लिए बहुत महतपूर्ण थी जो सोवियत संग
17:30चाइना मिडली इसके देशो
17:32और इसी बात को देखते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ सेने संबंद मजबूत की और उसे हतियार भी दिये
17:38आर्थिक मदद देनी शुरू कर दी
17:41और पाकिस्तान जो अमेरिका की तरफ जुक रहा था इस बीच भारत को माना जाता था कि वो सुवियत संग
17:48के साथ है
17:49अब पाकिस्तान ने भी इस चीज़ का फाइदा उठाया कश्मीर को अमेरिका की मदद से कूटनितिक मुद्दा बनाने की खूब
17:54कोशिश की
17:55आपने देखा होगा आने को प्रोपोगैंडा कश्मीर के मुद्दे पर अमेरिकी मीडिया ने भी चला है भारत के खलाव
18:01साल 1961 में जब पाकिस्तान के ततकालीन राश्रपती जनरल आयूब खान अमेरिका के ततकालीन राश्रपती जॉन फ कैनेडी से मिले
18:08तब उन्होंने ये दबाव बनाया कि जॉन फ कैनेडी भारत को कश्मीर के मुद्दे पर बाचीत के लिए तयार करे
18:15उस वक्त जॉन फ कैनेडी पाकिस्तान से सेहमद भी हो गए और पाकिस्तान और भारत के भी छे दौर की
18:22बाचीत भी हुई थी
18:25अलाकि इसी दौरान 62 का जंग हुआ, 1962 का भारत चाइना युद्ध हुआ, जिसमें पहली बार अमेरिका ने भारत की
18:31मदद की, ये वो मौका था
18:34जब अमेरिका ने पाकिस्तान से आगे वड़कर, ये सोचा कि भारत भी उसके लिए जरूरी है, यानि उसके बाद से
18:43धीरे धीरे चीजें पलटनी लगी
18:49और इसके बाद साल 1971 का युद्ध हुआ
18:58और पूर्वी पाकिस्तान के बांगलादेश बनने के बाद, शिमला में भारत और पाकिस्तान की बीच ये समझोता हुआ
19:09कि दोनों ही देश कश्मीर को द्विपक्षय बाइलाटरल इशू आनेगे और किसी तीसे का इसमें कोई भी दखल नहीं होगा
19:17उस वक्त धीरे धीरे अमेरिका भी समझोते के तहट कश्मीर को भारत और पाकिस्तान का मुद्धा मानने लगा और सबस्ते
19:23अलग हो गए
19:23लेकिन फिर 1989 में 1979 जब सोवेट संकी सेना आए अफगानिस्तान में आई तो एक बार फिर अमेरिका को पाकिस्तान
19:44की जरूरत पड़ी
19:45तब तब अमेरिका कश्मीर के मुद्धे पर पाकिस्तान की तरफ जुकता हुआ दिखाई दिया
19:52साल 1982 में भारत की तदकालीन प्रधानमंजी इंदिरा गांधी अमेरिका के दोरे पर गई
19:57और इसके बाद दिसम्बर महीने में जनरल जिया उल्हक ने राश्रपती रॉनल्ल रीगन से मुलाकात की
20:03और जानते हैं इस मुलाकात के बाद क्या हुआ भारत और पाकिस्तान ने अपने मद्भेदों को सुलजाने के लिए बाचीत
20:11की शुरुआत की
20:1224 से दिसम्बर 1982 से एक किस मई 1984 तक चार दोर की बाद चीत हुई लेकिन इसके बार जब
20:21पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर प्रोपगांडा करने लगा तो इसी बीच बाचीत रोग दिते
20:27अब आईए 1991, 1991 में सोवेट संग का विगटन हुआ, तमाम देश अलग हो गया, खंड-खंड हो गया, रूस
20:38अलग हो गया, रश्या, तो इस विगटन के बाद जब अमेरिका का पाकिस्तान से मतलब निकल गया
20:45क्योंकि सोवेट संग का जो पावर था, जो उसकी ताकत थी, वो वैसे ही तूट चुकी थी, तब उसने कश्मीर
20:51पर पाकिस्तान की कूट मितिक चालूं का ज्यादा साथ देना बंद कर दिया
20:55उल्टा 1999 के करगिल युद्ध के लिए अमेरिका ने पहली बार पाकिस्तान की आलोचना की और साल 2000 में पूर
21:01राश्रपती बिल क्लिंटन भारत आए
21:04उस वक्त उन्होंने कहा था कि वो कश्मीर के मुद्ध पर भारत और पाकिस्तान की बीच मद्ध हस्ता करने नहीं
21:10आए
21:10बलकि भारत और पाकिस्तान को अपने विबात खुद ही सुलचाने होंगे
21:13इसके बाद भारत और अमेरिका के संबंद काफी मजबूत हुए
21:18और अमेरिका ने लगतार कहा कि भारत और पाकिस्तान आपस में बाचीट से अपने मुद्धों का हल निकाले
21:24यानि कश्मीर के मुद्ध पर पाकिस्तान को अमेरिका से जो अक्सिजिन मिलता था
21:28वो अक्सिजिन साल 2000 के बाद बंद हो गया
21:31और कश्मीर पर अमेरिका का रुख यही रहा कि ये भारत और पाकिस्तान का आपसी मामला है लेकिन 2019 में
21:38ये रुख फिर से बदला इस बार जुलाई 2019 में पूर प्रधानमंत्री इमरान खान ने राश्पती चरंप से मुलापात की
21:43और तब राश्पती चरंप ने कहा कि अगर �
21:59पाइलाटरल इशू है लेकिन जानते हैं अमेरिका इस मुद्दे पर इधर उधर होता रहा है उधारन के लिए इसी साल
22:04फरवरी महीने में जब भारत और अमेरिका के भी श्रेट डील होने का ऐलान हुआ तब अमेरिका के एक विभाग
22:09ने भारत का सही नक्षा सोचल मीडिय
22:11पर पोस्ट किया था लेकिन जब इस पर विवाद हुआ तो अमेरिका ने इस नक्षे को हटा लिया जबकि यह
22:17सही नक्षा था इसी तरह जून का महीना जब यूएस इंडो पासिफिक कमांड का नाम बदला गया तब अमेरिका ने
22:25भारत का खलत नक्षा अपनी वेब साइट
22:27पर दिखाया और भारत ने उस वक्त इसका विरोध भी किया संशेप में कहें तो कश्मीर पर साग्यो गौर्ड ने
22:33जो बात कही वो इससे पहले अमेरिका की तरफ से किसी ना किसी तरीके से आगर आप सोचिए तो किसी
22:40ने नहीं कही थी पहली बार डिरेक्ट लाइन उन्हों
22:54कही थी लेकिन जम्मू कश्मीर से अनुचे 370 हटने और जम्मू कश्मीर के केंदर शासित प्रदेश बनने के बाद आज
23:02अब साग्यो गौर्ड का बतौर अमेरिकी राज़ूत पहला स्वतंतर दौरा हुआ और वो शिनगर आये तो उन्होंने स्ताफ कहा कि
23:09जम्मू कश्मी
23:09भारत का महतवपूर्ण हिस्सा है खर इन दवाम गटनाओं के बीच जरा पाकिस्तान में इमरान खान पूर प्रदानोंति इमरान खान
23:17को लेकर क्या हो रहा है वो बताते हैं क्योंकि वहां राज़ने घमासान मचा हैं आज ही शाम को ये
23:23खबर आई कि पाकिस्तान की सरकार न
23:26जायर अपनी उस याचिका को वापस ले लिया है जिसमें इमरान खान को इलाज के लिए रावल पिंडी की अधियाला
23:32जेल से इसलामबाद के एक निजी यानि प्राइविट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने का विरोध किया गया था
23:39हाला कि ये याचिका इमरान खान को राहत देने के लिए वापस नहीं ली गई है इसे इसलिए वापस लिया
23:44गया है क्योंकि इसमें कई घलतियां थी अब पाकिस्तान है और अब संभव है कि पाकिस्तान में शहवाश शरीफ की
23:51जो सरकार है वो इमरान खान को जेल में रखने
24:06एक अगस्ट दोहजाटशबीस की समेडिकल रिपोर्ट में लिखा था कि इम्रान खान इस वक्त गंफीर श्रेनी की एंग्जाइटी हाई ग्रेट
24:15सीरियस ग्रेट एंग्जाइटी से जूच रहे हैं जिसके कारण उन्हें बेचैनी होती है सीने में दर्द होता है उनको बहु
24:36तोड़ा सा ज्जादा है डॉक्टर्स का कहना था कि इम्रान खान को जेल में उनके परिवार और पत्नी से मिलने
24:41नहीं दिया जा रहा है इसलिए वो तनाव और चिंता से घिर गए और कोट ने इसी वज़े से कहा
24:46कि उनको प्राइवेट हॉस्पिटल में इसलामाबाद बे�
25:01दिया जाए उन्हें 16 सितंबर की अगली तारीख तक अस्पताल में ही रहने दिया जाए दूसरा अदालत ने इम्रान खान
25:11को हर हफते अपने परिवाय से मुलाकात करने की इजाज़त भी दी और ये कहा कि इम्रान खान लंडन में
25:17रहने वाले अपने बेटों से हफते में द
25:31जुदा पत्नी उन्हें से बात करने की इजासत मिले तो ये पूरा उनका फैमिली ट्री है जो हमने आपके लिए
25:35दिखा दिया है इन सबसे बात करने के लिए भी कोट ने कहा कि उनको इजासत मिलनी चाहिए
25:41तीसरा अदालत ने ये शर्त रखी कि अगर परिवार से मुलाकात के दौरान राजनितिक चर्चा होती है तो इस राहत
25:49को खत्म कर दिया जाएगा
25:50और चौथा कोट ने इमरान खान के स्वास्त की निगरानी के लिए एक मेडिकल बोर्ट बनाने का ऐलान किया जिसमें
25:56उनकी बहन उस्माख खान निजी डॉक्टर फैसल सुल्तान भी शामिल हो सकते हैं
26:01इस पैसे के बाद 19 अगस को इमरान खान ने अधियाला जेल में नौमाहीन बाद अपने परिवार के लोगों से
26:06मुलाकात की और इनमें उनकी पत्नी बुश्रा बीबी बेहन नूरीन नियाजी शामिल रहे
26:14ये मुलाकात जेल के कांफरेंस रूम में हुई जिसमें बुश्रा बीबी और इमरान खान के बीच 30 से 35 मिनिट
26:20तक बताया जारा बाद चीत हुई
26:22और अब जब शावाज शरीफ की सरकार ने अपनी याचिका को वापस ले लिया है तब ऐसी उम्मीद बनी है
26:27कि इमरान खान जेल से अस्पताल शिफ्ट हो सकते हैं
26:30हाला कि ऐसा भी माना जा रहा है कि हो सकता है वो नई याचिका दायर करें
26:33अगर ऐसा होता है तो पांच अगस 2023 के बाद वो पहली 2023 में जेल में डाला गया था पहली
26:40बाद इतने दिनों के बाद वो जेल से बाहर निकलेंगे
26:46और ये इसलिए भी महिदपूर्ण है क्योंकि 2024 में जब पाकिस्तान में आम चुना हुए थे तब उन में सबसे
26:51जादा उमीदवार उन्हीं के समर्थकों से जीते थे और काइदे से शाबाज शरीफ के लिए सरकार बनाना आसान नहीं था
26:58लेकिन ऐसे माना जाता है कि जनर
27:00अगर आप देखिये तो इमरान काई की लड़ाई इस वक्त शरीफ परिवार से भी है
27:27और जनरल आसिम मुनीर से भी है शरीफ परिवार से इसलिए है क्योंकि इमरान खान जब पाकिस्तान के प्रदान वंटी
27:33थे तब शाबाज शरीफ को दो बार जेल में भेजा गया था
27:36और नवाज शरीफ के खिलाफ नए मुकदमे दर्ज हुए थे जब कि आसिम मुनीर की इमरान खान से इसलिए दुश्मनी
27:42मानी जाती है क्योंकि इमरान खान ने मुनीर को 2018 में आईसाई का चीफ पनाया था और बाद में जून
27:492019 में ही इस पद से मुनीर को हटा कर किनारे कर दिय
27:56यहां आपको इमरान खान का ये बयान भी सुनना चाहिए जिसमें एप्रिल 2022 में उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार
28:03विदेशी ताक्तों की मदद लेकर गिराए गई है और इसके पीछे इमरान खान ने अमेरिका की भूमिका को भी संदिक
28:09दवताया था
28:09तो इमरान खान के लिए कहा जाता है कि उनकी किसमत ने अब तक उन्हें दूसरा चांस जरूर दिया है
28:15साल 1987 में जब इमरान खान 35 साल के थे तब उन्होंने आस्ट्रेलिया से क्रिकेट सीरीज हारने के बाद निराश
28:23होकर सन्यास की कूशना कर दी थी उस वक्त सब को यही ल
28:43इमरान खान को उनके क्रिकेट करियर में दूसरा चांस मिला और वो वापस पाकिस्तान की टीम में आए और अपनी
28:49कप्तानी में 1992 का वर्ल्ड कप पाकिस्तान को दिलाया था
28:52और पाकिस्तान के कई लोग ऐसा मानते हैं कि क्रिकेट की तरह राजनीती के करियर में भी इमरान खान को
28:58दूसा चांस जरूर मिलेगा
28:59वो जेल से निकल कर सक्रे राजनीती में जरूर लोटेगा
29:05जिस वक्त पाकिस्तान में बदले की ये राजनीती हो रही है तब उसी वक्त सरग्योगौर चमु कश्मीर के बाद अब
29:10लद्दा के ले भी पहुँच गए हैं यानि पाकिस्तान के बाद अब चाइना चिंता में है और कारण है ले
29:15से आई सरग्योगौर की ये तस्वीरें अ�
29:30ताकि रिवर राफ्टिंग करने की अब तक कोई तस्वीर या सग गौर की तरफ से बयान वहां से नहीं आया
29:34बड़ी बात यह कि 2020 में गलवान इंसा के बाद कि किसी अमेरिकी राज़ूर का पहला दौरा है जो लद्दाक
29:40के ले पहुंचे है देखें
30:23क्या आप जानते हैं पाकिस्तान और चाइना में समानता क्या है दोनों ही देश भारत के सही नक्षे को नहीं
30:28इवानते हैं
30:29पाकिस्तान भारत के जम्मू कश्मीर के एक हिसे को घलत तरीके से अपने नक्षे में दिखाता है
30:34चाइना अरुनाचल प्रदेश लद्दाक की सीमा पर विवाद करता है
30:37और आप ये खबरे सुनते रहते होंगे कि चाइना बार-बार अरुनाचल प्रदेश को अपने नक्षे में दिखा कर कई
30:44जगों के नाम भी बदल रहा है
30:46क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों किया जाता है इसके पीछे थाइलंड और कमपोडिया का सीमा विवाद है
30:51और हम चाहते हैं कि आज आज आप इसे बहुत ध्यान से सुने
30:54100 साल पहले आज से 100 साल पहले थाइलंड डेश की को सियाम कहा जाता था
31:00एस आई एम जबकि कमपोडिया देश पर फ्रांस का शासन था अब शुरुवात से ही दोनों देशों के बीच सीमा
31:08को लेकर बहुत विवाद था
31:10900 के दशक में सियाम और फ्रांस शासन
31:14माफ कीजेगा 1900 के दशक में सियाम और फ्रांस शासित कमबोडिया के बीच सीमा निर्धारन को लेकर कई समझोते हुए
31:25जिन में 1904 का समझोता सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण है
31:29इसमें तैक ये किया गया कि दोनों देश पहाडों की जो सबसे उची चोटी है उस पर वाटरशेड लाइन के
31:36आधार पर एक सीमा रेखा कीचेंगे
31:38और अगर उस वक्त इसी आधार पर सीमा रेखा कीची जाती तो प्रेह विहार मंदिर थाइलेंड के पास जाता
31:47लेकिन 1907 में जब फ्रांस के कुछ अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच नहीं सीमा रेखा का नक्षा तयार किया
31:53तो उन्हें पहाडों के सबसे उची चोटी पर इसे प्रेह विहार मंदिर के पास से थोड़ा सा घुमा दिया
32:01इसे हुआ ये कि ये मंदिर कंबोडिया के नक्षे में चला गया
32:06अब जब ये नक्षा उस वक्त थाइलेंड को दिया गया तो उसने इस पर आपती नहीं जताई
32:11करीट 50 सालों तक थाइलेंड ने कभी भी इस नक्षे पर इतराज नहीं जताई
32:15और जब इस मंदिर को लेकर थाइलेंड और कमबोडिया के बीच युद्ध हुआ और थाइलेंड ने इस पर कबजा कर
32:21लिया
32:22तब कमबोडिया इस मामले को यूएन की इंटरनाशनल कोर्ट अफ जास्टिस में लेकर पहुँच गया
32:27कोट में सुनवाई हुई तो कमबोडिया ने यही बात उठाई कि अगर नक्षा घलत था और यह प्रे विहार मंदिर
32:35थाइलेंड को मिलना चाहिए था तो उसने घलत नक्षे पर आपती क्यों नहीं जटाई इतने सालों तर इस सवाल का
32:41थाइलेंड के पास कोई जवाब नहीं
32:57अरुनाचर परदेश को अपने नक्षे में दिखाता है तो वो कहीं न कहीं ऐसा करके अपना कानूनी पक्ष मजबूत करना
33:01चाहता है जबकि भारत भी बिना देर किये चाइना की सरकत का कड़ा विरोध करता है क्योंकि हम मानते हैं
33:07कि गलत नक्षे को स्वीकार करके थाइले
33:17अरुनाचर परदेश के इटानगर से आया एक वीडियो दिखाना चाहते हैं ये वीडियो एक बच्ची का है जो खुद को
33:24चाइनीज या चीनी ये कहने पर नाराज़ की जताती है
33:31ये कहती है कि वो इंडियन है इंडिया से है और उसे चाइनीज ना कहा जाए आप एक बार इस
33:39बच्ची की तकलीफ को सुने और इसके बाद हम नौटीज के जो हमारे राज्ये हैं उनके लोगों को कभी चाइनीज
33:47कभी नेपाली कहने वाले इस सोच का विशलेशन करें आज
33:52बड़ा सवाल ये है कि कब तक नौटीज के लोगों को इस तरह से हम चाइनीज, मोमो, नेपाली ऐसे शब
33:59बोलेंगे इस बच्ची का ये कहना कि मुझे इंजिन बोलो ये बताता है कि आज इस बच्ची को अपने ही
34:05देश में अपने भारतिये पहचान साबित करनी पड़ र
34:19अगर आप देखे तो अलग-अलग जगों की अलग चेहरे पहचान, मतलब कई बार आप चेहरे से किस राज्य से
34:28लोग हैं वो बता सकते हैं, थोड़ी सी बस मेहनत करने की ज़रूरत है, दक्षिर हो, उत्तर भारत हो, कश्मीर
34:34हो, और इसी में हम आगे बढ़ते हुआ आपक
34:47कर रहा है कि हम इंडियन हैं, हमको इंडिया मानों हमको ऐसे मत बोलो बुरा लगता है, यह जो नसलियर
34:52रूडिवादी यानि रेशियल स्टेरियो टाइपिंग का कड़वा सच है, उसकी पोल खोल दी इस बच्ची ने, कई बार जो लोग
35:0039 के नागरिकों के लिए अलग-अल
35:15कैश्वल रेसिजम है, कैश्वल रेसिजम मतलब आपको लगता है कि जैसे मैं कोई गुनाह तो कर नहीं रहा, मैंने ऐसे
35:23बोल दिया तो क्या हो गया, ऐसे वाले लोग भी हैं इस देश में, वो ऐसी गंफीर नसलियर टिपनी कर
35:29देते हैं, फिर हसते भी हैं, और यह सोचते ह
35:33उन्होंने क्या गलत कर दिया, 39 के राजे अपने देश के लिए इतना कुछ करते हैं, घोर अपमान है इस
35:41तरह के शब्दों का और वो भी चाइनीज जैसे शब्द बोला, कच्छे तेल, गैस के उतपादन से लेकर देश के
35:46घर घर में पी जाने वाली चाय का आदे से जादा
35:48उतपादन इनी 90 के राज्यों से आता है, धरोहर है ये भारत के, लेकिन कुछ लोग इनी राज्यों के लोगों
35:53के चेहरे की बनावट पर उन्हें क्या कहते हैं, और यही पीडा, कोई नहीं समझ सकता, अब आपको उत्तर प्रदेश
36:01ले चलते हैं, और वहां के इतावा से आ
36:17अब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश आदव ने भी इस वीडियो के जरिये सरकार पर तंच कसा है, इस वीडियो
36:25की लोकेशन है इतावा, जहां भरतना इलाके के एक सूनसान कच्ची पक्की सडक पर ऐसा लग रहा है कि दो
36:33खेतों के बीच किसी फिल्म की श�
36:46कर रहा है, क्यामरा मैन अंगल सेट करता है, सीनर अधिकारी अपने मातहत को फ्रेम से हटने का इशारा करता
36:52है, ताकि जमीन पर पड़े कट्टे का क्लोज अप शॉट मिलना, मिस्स ना हो जाए, लेटा हुआ अभी उक्त भी
36:58कमाल का कलाकार है, बिना किसी रीटेक के बहतरी
37:01अधिकारीन एक्स्प्रेशन दे रहा है, जैसे ही पट्टी बनती है, पुलिस कर्मी उसका हाथ पकड़कर उसे सहलाते हुए उठाता है,
37:09अब आद में शुरू होता है, ओन दे स्पॉट पूछताच का सिलसला, जिसे देखकर ऐसा लगता है कि ठाने तक
37:14पहुंचते पहुं�
37:30अब रहार की बनटी का थे सी आदुन और प्सक्न का सवे शेर खाय कॉफच उपूर क्वार मोसा घंळ होता
37:42है, जी सै
37:42हां? जीस है.
37:45इसमें क्या है?
37:49मुवाहिद किसके, तुमारी है?
37:50जीस है.
37:53ले चलो.
37:58पैसा है?
37:59इतना है?
38:01तरह पढ़ी कर दो.
38:09कितना रुपया है ये?
38:11कितना खर्च होगा?
38:14कितना होगा?
38:16बाकी होगा.
38:17और इक नवाले हैं?
38:19जात्या करने इसी सगया है?
38:22वहां तो गावले देखे भी होगे?
38:23हाँ सर.
38:26इसी पुलिस्या शूटिंग के पीछे की असल कहानी दोहरे मर्डर से जुड़ी है.
38:3017 अगस को भरतना के चंदेठी गाउं में 55 साल की मा और 38 साल की बेटी का मर्डर हुआ
38:37था.
38:37इस मर्डर के पीछे बेटी का अपने पती से विवाद था.
38:40अदालत ने जब गुजारा भत्ता कादेश दिया तो पती सतेंद्र यादव ने अपने एक रिष्टिदार मुकेश यादव के साथ मिलकर
38:46अपनी पत्नी और साज की हत्या की साज श्रच राली.
38:50इसके बाद पुलिस ने S.O.G. और सर्विलन्स टीम की मदद से मुक्या आरूपी मुकेश यादव को घेर लिया.
38:55पुलिस के मुदाविक लाल रंग की स्कूटी पर भाग रहे मुकेश ने फाइरिंग की.
39:00और जवाबी कारवाई में यूपी पुलिस का वही पारंपरिक निशाना सीधे उसके दाहिने पैर पर जा लगा.
39:07ठीक वैसे ही जैसे राज्जी के सेकड़ों अपरादियों के पैरों में लगता है.
39:11लेकिन असली तमाशा इसके बाद शुरू हुआ और फिर देखिये कैसे ये मामला वड़ा.
39:26क्रिबी उसमें है तो अपने दर्शकों को जरा बता देते हैं कि पुलिस ने असली तमाशा शुरू हुआ क्यूंकि पुलिस
39:32ने मौके पर ही घायल आरूपी की जेब से कार्तूस निकाले,
39:35स्कूटी की डिक्की और सीच के नीचे पॉलिथीन में रखके 2,31,000 रुपे निकाल कर कैमरे के सामने गिने,
39:42सोचे, ये पूरा गोपनिये विडियो इंटरनेट पर फिर लीक हो गया, जिसके बाद इसने सोशल मीडिया पर हास्य और कटाक
39:49शुरू कर दिये, अब अखिलेश
40:05अमेर्की टेक्सस में शरिया शहर बसाय जा रहे हैं जों अमेरिकी सभिता को खतरे में डाल रहे हैं मुसिलिम् को
40:13विरोध शिरू हो गया जों अमेरिका की राजनीती पर गहरा असर डालने वाला है
40:18New York Times ने टेकसस में बढ़ रहे इस्लामोफोबिया पर एक रिपोर्ट छापी है जिसके मुताबिक इस अमेरिकी राज्य में
40:24बढ़ती मुस्लिमाबादी, मस्जिदे, शर्या नियम, मुस्लिम्स के लिए बसाई जा रहे रियाशी इलाके, स्थानी अमेरिकों के लिए चिंता का
40:45बज़ा बनेंगे, उधारण के तोर पर टेकसस के डालस में एपिक सिटी नाम से एक हाउसिंग प्रोजेक्ट तयार हो रहा
40:53है, ये रहाईशी प्रोजेक्ट खासतोर से मुस्लिम्स को ध्यान में रखकर तयार करवाया जा रहा है, 400 एकड में फैले
40:59इस हाउसिंग प्रोजेक
41:03है, यहां मुस्लिम्स के लिए घर के अलावा बड़ी मस्जिदे हैं, मदर्ज से सब बनाए जा रहे हैं, अब आरोप
41:10ये लग रहा है कि साज़िश के तहत ये किया जा रहा है, जिससे आगे चलकर इन इलाकों में शरिया
41:15कानून लागू होने लगेंगे, टेकसस को रिपाब
41:32आवादी को अब सांस्क्रिते खत्रे के तौर पर पेश किया जा रहा है, टेकसस के कई रिपाब्लिकन नेताओं ने मुस्लिम्स
41:39के लिए बनाई जा रही एपिक सिटी को शरिया सिटी कहना शुरू कर दिया है, और स्थानिय लोग इस बात
41:44का समर्थन कर रहे हैं, अमेरिका म
42:00अमेरिका में पांच वे नमबर पर आता है, यहां 3,13,000 मुसलिम्स रहते हैं, इस लिस्ट में पहले नमबर
42:05पर न्यू यॉक शहर है, 7,24,000 मुसलिम्स रहते हैं, दूसरे पर कैलिफोनिया है, जहां करीब 5,000, तीसरे
42:12पर है इलिनॉइ, जहां पर करीब 4,70,000, और चौते न
42:17पर न्यू जर्सी है, जहां 3,21,000 मुसलिम्स रहते हैं, अब प्यू रिसर्च सेंटर का ये कहना है, उनका
42:24ये अनुमान है, कि साल 2050 तक अमेरिका में मुसलिम्स की संख्या करीब 51,000, पहुँच जाएगी, और ऐसा होने
42:33पर इसलाम अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा धर्म �
42:36बन जाएगा, मुसलिम्स की बढ़ती आबादी को लेकर जो विचार पनपने लगे हैं, वो अमेरिकी राजनीती में एक नई चिंगारी
42:43सुलगानी जैसा है, आप सोचिए कि जिस टेकसस में मुसलिम्स की आबादी वहां की कुल आबादी की एक या दो
42:49पसेंट थी, लेकिन �
42:51इसके बावजूद वहां पर बढ़ती मुसलिम आबादी, शरिया नियमों का पालन, चिंता बन गई है, इसे अमेरिकी नागरिकों के लिए
42:58खत्रे के तौर पर पेश किया जाने लगा है, स्तिती ये है कि टेकसस अमेरिका का पहला राज्य बन गया
43:04है, जिसने सरकारी स्कूल
43:06में बाइबल पढ़ाना अनिवारिक कर दिया है, कई नेताओं ने तो भाशों में ये कहना शुरू कर दिया है, कि
43:11टेकसस जल्दी ही योरोप बन जाएगा, जहां मुसलिम आबादी मुसीबत बन गई है, लोग मांग कर रहे हैं कि कानून
43:17को सخت बनाकर शादी तलाक शरिया से
43:19जोड़ी इसलामिक प्रथाओं को खत्म कर दिया जाए, मुसलिम्स की बढ़ती बाबादी, अलग-अलग शेहर बसाने की खबरें और शरिया
43:26शेहर जैसे शब्द, रिपाब्लिकन पार्टी का एक नए तरह का राज़त एक मुद्दा है, और इस साल अमेरिका में मिट
43:31टर्म
43:31चुनाओ है, तो आप समझ रहे होंगे, 3 नवंबर 2026 को तो टेकसस में गावर्नर यूएस सेनेट के चुनाओ है,
43:40इसके अलावा राज्य में यूएस हाउस और रेप्रेजेंटेटर्स की और 30 सीटों पर राज्य विधान सभा की चुनाओ वाली सीटों
43:47पर वोटिंग होनी ह
43:48और इसलिए माना जा रहा है कि रेपब्लिकन पार्टी के नेता टेकसस में मुस्लिमाबादी को सांस्कृतिक खत्रा मान रही जनता
43:55को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं
43:58अब अगली खबर आपको अंजना 2.0 बताएंगे एक खबर सोशल मीडिया में आए उस तूफान से जुड़ी है जो
44:04सिर्फ एक मिनट में इंस्टाग्राम, फेस्बुक, एक्स, यूट्यूब पर लगबग 90,000 पोस्ट कर देता है बताएं अंजना 2.0
44:13बिलकुल अंजना जब घड़ी की सुई एक मिनट चलती है तो आपने कभी सोचा है कि भारत डिजिटल दुनिया में
44:19क्या गुल खिलाता है
44:20लोकल आईक्यू के आंकड़ों को समझने की कोशिश करें तो भारत के लोग सिर्फ ऑनलाइन रहते नहीं है बलकि यहां
44:26जम कर कॉंटेंट जनरेट कर रहे हैं
44:28आंकड़े कहते हैं कि भारत में हर 60 सेकेंड में फेस्बुक इंस्टाग्राम और एक्स को मिलाकर करीब 90,000 पोस्ट
44:37जनरेट हो जाते हैं
44:38जरा ठहरिये और सोचिये इन 90,000 पोस्ट में सिर्फ क्लिक नहीं होता इसके पीछे लोगों का बेशकीमती वक्त और
44:46मानसिक उर्जा खर्च होती है
44:48फेस्बुक पर एक मिनट में 66,000 स्टेटस और तस्वीरें अप्लोड होती है
44:53जरा सोचिये उन तस्वीरों को क्लिक करना, फिल्टर चुनना, कैप्शन सोचना और फिर अप्लोड करना
44:59इसमें कितना वक्त लगता होगा
45:01एक्स पर हर मिनट अप्लोड होने वाले 14,500 पोस्ट ऐसे ही थोड़ी टाइप हो जाते हैं
45:07इसके पीछे सोच विचार बहस और टाइपिंग और इंस्टाग्राम की तो बात ही मत पूछिए
45:11हर मिनट 8,200 नई तस्वीरें और Reels ग्रिड पर जुड़ जाती है
45:16असली खेल तो YouTube पर होता है जहां एक मिनट में 94 घंटे यानि सीधे शब्दों में कहें
45:22तो लगभग 4 दिन के बराबर वीडियो कॉंटेंट अप्लोड हो जाता है
45:26इसका मतलब हुआ कि एक मिनट में YouTube पर जितना कॉंटेंट अप्लोड होता है
45:30उसे एक व्यक्ति देखने लगे तो उसमें 4 दिन लग जाएंगे
45:33अब सवाल ये है कि एक मिनट में 4 दिन का कंटेंट अप्लोड करने वाले ये लोग कौन है
45:38ये हम और आप हैं जो अपनी क्रियेटिविटी अपने जीवन के पल और अपना सबसे कीमती संसाधन
45:44यानि समय इस डिजिटल मशीन को सौप रहे हैं
45:47तो आज के लिए ब्लाक इन वाइट में इतना ही अब आप से हमारी अगली मुलाकात होगी
45:51कल रात 9 बजे तब तक आप खुश रहें स्वस्त रहें सुरक्षत रहें
45:54और कभी चाल, कभी मकसद, कभी मनसूबे यार होते हैं
45:59इस दौर में नमस्कार के भी मतलब हजार होते हैं
46:04नमस्कार देखते रहें आज सकते
Comments