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7 अगस्त को मक्का में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट ने एशिया के बदलते पावर बैलेंस पर नई बहस छेड़ दी है। इस समझौते को ‘इस्लामिक नाटो’ के तौर पर देखा जा रहा है, जबकि बांग्लादेश की संभावित नजदीकी भारत के लिए पूर्वी मोर्चे पर चिंता बढ़ा सकती है। पाकिस्तान और तुर्की के बढ़ते रक्षा सहयोग के बीच भारत के चिकन नेक कॉरिडोर और पूर्वोत्तर की रणनीतिक सुरक्षा भी चर्चा के केंद्र में है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप की समझौते के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया ने अमेरिकी विदेश नीति और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर नए सवाल खड़े किए हैं। हालांकि भारत ने ग्रीस, साइप्रस और आर्मेनिया के साथ रणनीतिक संबंध मजबूत किए हैं और सऊदी अरब के साथ मजबूत आर्थिक व ऊर्जा साझेदारी बनाए रखी है। अब बड़ा सवाल है—क्या यह नया गठजोड़ भारत के लिए वास्तविक चुनौती बनेगा या अपने ही विरोधाभासों में कमजोर पड़ जाएगा?
The joint defense agreement signed by Saudi Arabia, Pakistan, and Turkey in Mecca on August 7 has sparked a fresh debate over the changing power balance in Asia. The pact is being viewed as an “Islamic NATO,” while Bangladesh’s potential alignment with the bloc could raise concerns for India on its eastern front. Amid growing defense cooperation between Pakistan and Turkey, India’s strategic security, particularly around the Siliguri Corridor or “Chicken’s Neck,” has become a major point of discussion. Meanwhile, Donald Trump’s positive response to the agreement has raised fresh questions about U.S. foreign policy and the future of India-U.S. relations.

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00:00पश्चिम में पाकिस्तान, उत्तर पश्चिम में तुर्की, मिडलीस में साउधी अरब और अब पूरव में बांगला देश
00:07साथ अक्स मक्का
00:09साइन हुआ एक ऐसा दस्तवेज जिसने पूरी एशिया के पावल बालन्स को लाकर रख दिया
00:14नाम दिया गया मक्का जॉइंड डिफेंड आग्रिमेंट
00:17लेकिन दुनिया इसे पुकार रही है इसलामिक नाटो और सबसे बड़ा धमा का वाशिंटन से डॉनल्ड ट्रम्प ने इस समझोटे
00:24पर ताली बजा दी
00:25तो क्या भारत वागई चारों तरफ से घिर चुका? क्या स्लामिक नाटो और ट्रम्प की बिजनेस कुपनीती मिलकर भारत के
00:32लिए सबसे बड़ा चक्र रिव्यू रच रहे हैं?
00:34आज हर मुखोटा उतरेगा हर कुभीती चाल का हिसाब होगा देखते रहे हैं ये स्पेशल रिपोर्ट
00:40आये पहले इस ट्रिगुट की टाकत और इसके पीछे का खतरनाग खेल समझे
00:46मक्का में साइन हुए इस पाक्त की सबसे घातक लाइन क्या है?
00:50किसी एक पर हमला तो तीनों पर हमला माना जाएगा
00:53हीक नाटो के आर्टिकल 5 की तर्शन जरा इस्तिकडी का गड़ित समझे
00:57साउदी अरा, बेहिसाब पेट्रो डॉलर और आर्थिक ताक तुर्की
01:01आधुनिक सैने तकनी, खतरनाक, बेरा काटा, ड्रोन और वार मशीनरी
01:07पाकिस्तान का दाव बिलकुल साथ है
01:09अपनी खस्ताहाल अर्थ विवस्था को अरप के पैसे से बचाना
01:13और इस इस्लामिक नाटो का धाल बनकर भारत के खिलाफ अपना पलरा भारी करना
01:18लेकिन कहानी का सबसे परिशान करने वाला मोड आता है भारत की पूर्वी मोड चेत यानी बांगलादेश
01:24धाका में तकता पलट के बाद से ही नई हुप्यूमत का जुकाफ पाकिस्तान और तुर्की की तरफ साफ दिख रहा
01:33है
01:34पाकिस्तान की साज़श है कि बांगलादेश को भी सुरक्षा ब्लॉक में घसीट लिया जाए
01:38जरा सोचें अगर बांगलादेश इस ब्लॉक का हिस्ता बनता है तो भारत के चुकिन ने कोरिडॉल जो हमारे पूरवांतर यानि
01:45की नॉर्थीज को भारत से जोड़ता है
01:47उसके ठीक मोहाने पर पाकिस्तान और तुर्की का प्रभाव खड़ा हो जाएगा
01:51यानि भारत पर टू-फ्रंट प्रेशर बनाने की पूरी तयारी और इस पूरी स्क्रिप्ट में सबसे बड़ा ट्विस्ट कौन लाए
01:57डॉनल्ड ट्रंप जस अमेरिकी नीती ने सालों तक चीन को घिरने के लिए भारत को मजबूत किया
02:03उस नीती को किनारे रखता ट्रंप ने तुरुट सोशल पर लिखा
02:06मक्का समझोते से मुझे बहुत खुशी हुई
02:09ये बेहत साहसी कदर
02:11आखिर क्यों खुश है ट्रंप क्योंकि ट्रंप का एक ही उसूर
02:14ट्रंप चाते हैं कि साउडी, तुर्की और पाकिस्तान अपनी सुरक्षा का खर्च खुद उठाए
02:20अमेरिका का पैसा ना जल
02:22लेकिन सवाल ये है कि क्या ट्रंप की ये बिजनस कूप नीती भारत के हीतों को चोट पहुँचा रही है
02:27एक तरफ ट्रंप और मोदी की निजी केमिस्ट्री की बात ही होती है
02:31तो वही दूसरी तरह वाशिंग्टन से ऐसे फैसलों पर मुहल लगती है जो नई दिल्ली के माथे पर बल ला
02:36देते है
02:36लेकिन ठहर ये अगर कोई समझोता है कि भारत इस घेराबंदी से ड़कर हाथ पर हाथ भरे बैठे रहेगा तो
02:43ये उसकी सबसे बड़ी पूल
02:44भारत ने तुर्की और पाकिस्तान के इस तिकड़ी को काटने के लिए अपना काउंटर चक्र व्यू रच्ट लिया है
02:49भारत ने तुर्की के सबसे बड़े प्रसिदेंटियों यानि की ग्रीस, साइप्रोस और आर्मूनिया के साथ अपना डिफेंस अलाइंस मजबूत कर
02:57लिया है
02:57आर्मूनिया को भारत अपनी घातक पिनाका में साइले और हथियार धरा-धर्ट सप्लाई कर रहा है
03:02भले ही साउदी अरब इस मक्का पैक्ट में हो लेकिन भारत उसका सबसे बड़ा बाजार और इनर्जी पार्टनर रियाद कभी
03:09नहीं चाहेगा कि भारत जैसा आर्थिक महागा आए उससे दूर
03:12धाका में रार्शनीतिक महाल बदला है लेकिन भारत ने अपनी नेबर हुट फोस्नीती से बिचली वेपार और रसत की सप्लाई
03:19जारी रखकर बांगलादेश को पूरी तरह पाले से बाहर नहीं जाने दिया
03:23कागजों पर इसलामिक नाटो बन चुका है ट्रम का थम सब मिल चुका है और पाकिस्तान अपनी घिनोनी चाले चल
03:29रहा है
03:30लेकिन इतिहास गवाहे कागजी गठ जोड और मैदाने ज्रंग की हकीकत में आस्मान पाताल का फर्क होता है
03:36क्या इसलामिक नाटो भारत के कूटनीति के आगे टिक पाएगा या फिर अपने ही वरुधा भासों की बोश्तले डब जाएगा
03:43अब सवाल आपसे है क्या आपको लगता है कि डॉनल्ड श्राम का ये नया अंदाज भारत-अमेरिका संबंधु के लिए
03:48खत्रा है या भारत इस पूरे चक्र व्यू को तोड़ने में काम्याब होगा
03:52सहाय सर बहुत सारे नाम है
03:54OIC पहले से ही इसलामीक दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है 17 मुलक उसके हिस्सा है
03:59अरब लीग है GCC है D8 है तमाम इसे संगठन पहले से बने हुए हैं लेकिन उन नाम मातर के
04:05संगठन है
04:06बैठक होती है सलाना बैठक होती है उसमें 2-3 बड़े बयान दे दिया आते हैं
04:10बाकी कुछ खास इससे हासिल हो रहा है किसी देश को वो तो नहीं है
04:14क्या ये जो नया संगठन बना है गटजोड बना है ये भी इसी तरह रह जाएगा
04:19या आगे चलकर इसका विस्तार भी हो सकता है बहुत सारी पाकिस्तानी पत्रकारों को में सुन रहा था
04:25वो कह रहे थे कि ये तो बस शुरुआत है अभी बहुत सारे देश इस्लामिक देश जो है
04:31वो इसका हिस्सा बनना चाहते हैं धीरे धीरे और विस्तार लेगा और ये नेटों को भी पचार देगा ऐसा दावा
04:38कर रहे हैं वो लोग
04:41देखें वैबर इस तरह के किसी भी दावे को एक परस्पेक्टिफ में देखना पड़ता है
04:50हमें मालूम है कि पिछले कई दश्कों से पाकिस्तान जिसको मैं परसनली एक फेल्ड एकॉनमी और उसकी वज़ा से फेल्ड
05:00नेशन मानता हूं
05:01जिस तरह का उनका डेट ट्रैप है कि आएमेफ से वर्ल्ल बैंक से अमेरिका से साओधिया से यूएई से लोन
05:08लेकर और प्रिवियस एग्जिस्टिंग लोन को उसमेरी इंट्रेस्ट को पे करते हैं इसको डेट ट्रैप बोड़ते हैं उसमें है ये
05:13नेशन अभी भी दस दस
05:15बिलियन के दो उन्होंने मांग रखे हैं साओधिया से अमेरिका से पर वेरियस वर्पस कि हमें यूएई के पीन बिलियन
05:20डॉलर वापस करने पले तो पाकिस्तान आज से कुछ दशकों पहले से एक उन्होंने फोबिया क्रेट किया था इस्लामिक बॉम
05:29का कि हम परमाणों ब
05:43पाकिस्तान ने कुछ चोटे मोटे लो पोटेंसी बॉम्स बना के रखे हुआ हैं इसी तरह जब यह फोबिया खतम हो
05:52गया तो इन्होंने यह शुरू किया इस्लामिक नाटो ऐसी पहले एक गजबाय हिंद करके था कुछ न कुछ फैंटेसी जिनकी
06:00रहती हैं इसमें कितना ड
06:13के एक्सपर्ट को पाकिस्तानी मीडिया को इन मुद्दों को जिलाए रखने के लिए इस वज़े से यह चलता रहता है
06:19अदर्वाइज यह क्यास लगाना कि यह इस्लामिक नाटो या सुनी नाटो मेका पैक्ट के तीन कंट्रीज में और कंट्रीज आ
06:27जाएंगे तो इनको य
06:40इन में भी वही नाटो इसलिए मैंने अपने उपनिंग में बताया कि इसमें से कौन सा एक्टिव करेगा तुरकिये यह
06:46तुरकिये को पता है नाटो से सपोट मांगे गा कि हम आपके हिस्सा हैं हम पे हमला हुआ है आजाओ
06:51या साधी और बैया ए और पाकिस्तान से बोलेगा
07:10अजिताब सर ने भी बोला कि ये पर्सनल इंट्रेस्ट, पर्सनल लीडर्शिप क्राइसिस, it is as bad as that, कि जनरल
07:19मुनीर को अपनी एक औकार्त बढ़ानी है, अपना स्टेटर स्ट्रेचर बढ़ाना है इंटरनेशनल रिना में, तो उसके लिए वो मनुवर
07:27करके ये दिखाना चा
07:39हो कि ऐसे future developments में हमको साओधिया से पैसे और तुर्किये से कुछ हतियार मिल सकते हैं, तो इंडिया
07:46एंजराइल फोकस्ड है ये triangle जो बना है मक्का का, लेकिन test कहां पर हो रहा है, साओधिया और इरान
07:54की बीच की लड़ाई में, और उसमें fail करता हो दिख रहा है, और इसी ल
08:08इसको एक minute में बता देंगे कि इसमें कोई ऐसी depth नहीं है, mutual एक दूसरे का patting the back
08:16कर रहे हैं, अपना structure बढ़ाना चाह रहे हैं, और basically इसराइल को ये बताना चाह रहे हैं कि जी
08:22हम आपके खिलाव इकठा होते जा रहे हैं, क्योंकि इरान और GCC के बीच के conflict के बाद इसराइल क
08:28domination इस एरिया में बढ़ने का अच्छा खासा खत्रा है, इरान और इरान के प्रॉक्सी की read टूटी हुई है,
08:34military hardware में, military supply lines में, उनके economic support systems में, इसलिए इनको ये डर लगा कि इसके बाद
08:40unilaterally इसराइल इन सारों को dominate ना कर दे, तो इन्होंने उस panic में ये बनाया है, साथ के साथ
08:47इंडिया को पाकिस्तान cover करना चाहेगा, वो दर्शिकों पुरानी बात है, तो ये बारत पाकिस्तान वाले मसले पर ही अगर
08:54सवाल करें, तो सहाय सर, 2025 में जो हमारी छोटी सी जंग हुई थी पाकिस्तान के साथ, उसमें खबरे आई
09:01थी कि तुर्किये की तरफ से कुछ drones भे
09:16किया था, इस बार भी दे देगा, सौधिय अरब क्या करेगा, उसके साथ तो हमारी व्यापारिक रिष्टे बहुत ज़्यादा ही
09:21मजबूत हैं?
09:51हम जानते हैं इसकी क्रिटिकालिटी को, लेकिन पाकिस्तान के साथ अगर फुल फ्लेजट वार आज की तारीक में होगा, तो
09:59सारे नाते रिष्टे, चाहे वो साओधिया के हो या इरान के हो, उस वक्त इंडिया के प्रती उनका रुख क्या
10:06होगा, ये मैं किसी भी कॉमन सें
10:10वाले इंसान के विवेक पर छोड़ना चाहूँगा, लेकिन अगर तो ये कभी ऐसा डिसाइड होता है कि ये एक इसलाम
10:18वर्सेस भी रेस्ट का वार है, तो इसलामिक नेशन से आपको एनरजी की सप्लाई तो कम से कम डिले करी
10:24दी जाएगी, मिलिटरी हाड़वेर में ज्या
10:39पाकिस्तान एडिनिस्टर्ट कश्मीर पर और इंडिया के कश्मीर पर उनका जो स्टैन रहा है वो जग जाहिर है, बात-बात
10:46पर इंटरनेशनल फोरम्स पर वो इस मुद्बे पर पाकिस्तान का साथ देते हैं, क्योंकि वो कहीं न कहीं हम मानते
10:52हैं कि करने लिए उसके फो�
11:19लेकिन इस तरह के इंडिया पाक स्टैंड आफ में तुर्किये डेफिनेटली पाकिस्तान की तरफ होगा, साओधी अरेबिया कुछ वक्त के
11:27लिए चुप रह सकता है, लेकिन अगर यह सकलेट होगा, तो अब दो पैक्ट्स जो इरान साओधी ने पाकिस्तान से
11:34किया है, एक ब
11:37साथ, उसे वो बात दे होंगे पाकिस्तान की साथ खड़े होने के लिए, क्योंकि अब उन्होंने लिखित में ये साइन
11:45करके दिया है, कि पाकिस्तान पे हमला, साओधिया पे हमला माना जाएगा, तो यह एक बहुत मेजर नया डवलप्मेंट है,
11:50जहां तक किताबों का सवा
11:51लेकिन इस से क्या उस वोर पे कुछ ज़्यादा फर्क पड़ेगा, नोट रियली, क्योंकि आज की तारिक में भी हम
11:57पाकिस्तान को उतना मीजर मिलिटरी थ्रेट नहीं मानते हैं, जब आमने सामने की लड़ाई हों, लेकिन पाकिस्तान का ठीक इरान
12:04की तरह है, ठीक लेबन
12:21करके डेमोग्रेफी को चैलेंज करना, कई चीजें होती हैं जो आम हिंदुस्तानी जो सीधा साधा है, वो मैप नहीं कर
12:28पाता है, और इसके डेप्थ में जाने की जरूद शायद उनको नहीं पढ़ दे, बिको सरकार और मिलिटरी मिलके इसको
12:33अच्छे से मैनेज कर लेती है
12:34लेकिन पागिस्तान is not a major military threat for us, इसलिए इस fact का बहुत direct impact इंडिया के उपर
12:41नहीं होना चाहिए, though we need to be cautious about it.

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