00:00अगर चीनी बीस रुपए तक पहुँची है ये क्यों हुआ क्या सरकार को पता नहीं था कि गन्य का उत्पादल
00:11कम होगा चीनी कम पड़ेगी या आयात की पहले से वियोस्था नहीं होनी चाहिए थी आयात कौन करेगा इस सरकार
00:17में ये भी नहीं ते हुआ
00:20चीनी की कीमत आज 60 रुपए प्रती किलोग्राम तक पहुँच चुकी है लेकिन सूची जब चीनी करीब 20 रुपए प्रती
00:27किलो हुई तब संसप में अटल बिहारी वाजपई ने सरकार से ऐसा क्या पूछा जसकी गून जाज एक पार पर
00:33सुनाई दे रही है
00:35दल्चोस्प बात ये है कि वाजपई का सवाल सर्फ महंगी चीनी को लेकर नहीं उन्होंने सरकार की तैयारी मंत्रालियों के
00:42बीच तालमेल और चीनी के आयात तक बड़े सवाल खड़े किये
00:46और आज जब कई राज्यों में चीनी साट रुपई किलो बिक रही है उनका वही पुराना भाशन सोशल मीडिया पर
00:53तीजी से वाइरल है
00:54तो क्या बदल गया और क्या अब भी वही सवाल है
00:57अडल विहारी वाजपई उस वक्त नेता प्रतिपक्ष थे संसद में चीनी की कीमत करीब 20 रुपई प्रतिग्लोग्राम पहुँचने का मुद्दा
01:04उठा तो उन्होंने ततकालीन का उंग्रिस सरकार को सीधे घेरा
01:08उनका सवाल था कि अगर सरकार को पहले से पता था कि गन्ने का उत्पादन कम हो रहा है तो
01:14फिर चीनी की कमी से निपटने की तैयारी पहले क्यों नहीं की गई
01:18और आज जब उनकी अपनी सरकार है केंद्र में NDA भारती जनता पार्टी के नित्यत्ववाली सरकार है तो आज सवाल
01:25कौन पूछे जरह ये वीडियो देखे
01:49आयात कौन करेगा इस सरकार में ये भी नहीं तैय हुआ एक मंत्राले दूसरे मंत्राले को दोष देता है एक
01:58मंत्री अपने सच्व को फागिने क्रूप से डाट लगाता है पुर्धान मंत्री का सचवाले क्या करता है कुछ पता नहीं
02:05है
02:28वाजपी ने पूछा था कि जब उत्पादन घटने के आशंका थी तो विदेशों से चीनी मंगाने के वैवस्ता पहले से
02:33क्यों नहीं की गई
02:34लेकिन उनकी नाराजगी यहां खत्म नहीं होती उन्होंने सरकार के अंदर चल रही खींचतान पर सवाल उठाया उनका कहना साफ
02:41था कि एक मंतरालिया दूसरे मंतराले पर जिम्मधारी डाल रहा है एक मंतरी अपने सचीव को सारवजनिक रूप से डाट
02:48रहा है ऐसे में वा�
03:03पारियों को करोडो रुपाय का फायदा हुआ उन्होंने विदेशों से चीनी मंगाने के मामले की जांच की भी ज़रुरत बताई
03:09थी अब मौजूदा हालात क्या है
03:11सरकारी आंकडों के मताबिक 20 जुलाई को चीनी का राश्रिय औसत खुद्राभाव 48.18 रुपाय प्रती किलोग्राम था और सिर्फ
03:19एक महीने में ये बढ़कर 20 अगस को 55.7 रुपाय और 20 अगस को 58 रुपाय 23 पैसे हो
03:27गया
03:28लेकिन कुछ राश्रियों में तस्वीर और ज्यादा परिशान है ओडिशा में चीनी का दाम 64 रुपाय से ज्यादा हो गया
03:34मध्यप्रदीश में एक महीने में करीब 15 रुपाय पंचाब में 14 रुपाय और दिल्ली जैसे राश्रियों में भी लगभक इतनी
03:41ही कीमत बढ़ती
03:41की नजर आई सरकार इसके पीछे कई तर्क दे रही है गन्ने का उत्पादन कम रहना त्योहारी सीजन में मांग
03:47बढ़ना मौसम से फसल को नुकसान दुनिया में चीनी की कम सप्लाई और कुछ जगाहों पर जमाख खूरी और सट्टे
03:54बाजी इस सीजन में चीनी उत्पादन
04:11चीनी के शुल्क मुक्तायात की अनुमती थी लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये कि तब चीनी 20 रुब किलोग्राम पहुंची थी
04:18तो वाजपाई सरकार ने तैयारी पर सवाल उठाए आप जब चीनी 60 रुब प्रती किलोग्राम है तो क्या हालात बदल
04:24चुके हैं या सवाल वह
04:39प्रती है