00:00दक्षन एशिया की राजनीती में एक बार फिर बांगलादेश को लेकर हलचल तेज हो गई है।
00:05वजह है पाकिस्तान, सुधी अरब और तुर्किये के बीच बना नया मक्का जॉइंट डिफेंस अग्रीमेंट और इसमें बांगलादेश की संभावित
00:14एंट्री।
00:14इसी मुद्धे पर भारत के विदेश मंत्रालय ने भी अपनी नजरें गड़ा दी है।
00:1921 अगस्त को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयस्वाल से जब पूछा गया कि बांगलादेश मक्का समझोते में शामिल होने
00:26की इच्छा जता रहा है, तो उन्होंने कहा कि भारत पश्चिमेशिया में हो रहे घटना क्रम पर लगातार करीबी नजर
00:33रख रहा है
00:33उन्होंने इस से ज्यादा टिपपणी करने से इंकार कर दिया
01:03अखिस्तान और तुर्किये ने मक्का में एक संयुक्त रक्षा समझोते पर हस्ताक्षर किये, इसके तहट तीनों देशों ने सामोहिक सुरक्षा
01:11और प्रतिरोध का धाचा बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है, समझोते की एहम बात ये है कि तीनों में
01:17से किसी एक पर श�
01:33अलामिक नैटो नहीं है, पाकिस्तान की ओर से इस धाचे को आगे दूसरे मुस्लिम देशों तक विस्तारित करने की बात
01:39जरूर सामने आई है, अब इसमी बांगलादेश की दिल्चस्पी ने भारत की चिंता बढ़ाने वाली बहस को जन्म दिया है,
01:46बांगलादेश के वि�
02:00अभी सपष्ट किया कि अंतिम फैसला बांगलादेश के राष्ट्रिय हितों को ध्यान में रखकर होगा, एक अन्य मंत्री ने भी
02:07इसी रुक्का समर्थन किया, यानि अभी बांगलादेश इस गटबंधन का सदस्य नहीं बना है, लेकिन उसने दर्वाजा जरूर खुला र
02:28और अब सौधी अरब, तुर्किये, पाकिस्तान के सुरक्षा धाचे में संभावित भागीदारी की बात कर रहा है, इसी बीच भारत
02:37और बांगलादेश के रिष्टों में भी कई समवेदनशील मुद्धे मौझूद हैं, सबसे बड़ा मुद्दा पूर्व प्रधानमंत्
02:56यात्रा को लेकर भी असमन जस्बना हुआ है, भारत ने उन्हें द्वीपक्षिये यात्रा का निमंत्रन दिया था, लेकिन 21 अगस्त
03:02तक धाका की ओर से यात्रा की अंतिम पुष्टी नहीं हुई थी, तो क्या बांगलादेश का मक्का समझोते की तरफ
03:09बढ़ना भारत के ख
03:25अश्चिम एशिया से लेकर दक्षिन एशिया तक बन रहे नए सुरक्षा समीकरणों पर करीबी नजर रखे हुए है, आने वाले
03:32दिनों में असली सवाल यही होगा, क्या बांगलादेश केवल विकल्प तलाश रहा है या वास्तव में पाकिस्तान, सौधी अरब और
03:38तुर
03:57Subscribe to OneIndia and never miss an update. Download the OneIndia app now.
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