00:03अगस्त दुहजाएटशबश में सावन पूर्णिमा की तारीक को लेकर लोगों के बीच काफी असमंजस की स्थिती बनी हुई है
00:10इस बार पूर्णिमा तिती 27 अगस को शुरू होकर 28 अगस की सुबह समाप्त होगी
00:15ऐसे में विरत चंद्रमा की पूजा और स्नान दान की तितियों को लेकर लोगों के बीच कन्फ्यूजन है
00:21आईए आपको बताते हैं सावन पूर्णिमा आखिर किस दिन मनाई जाएगी स्नान दान और विरत कप किया जाएगा
00:27द्रेग पंचांग के मताबिक श्रामर शुकल पक्ष की पूर्णिमा तिति 27 अगस्त को सुबह 9 बचकर 8 मिनट से शुरू
00:35होगी
00:36ये तिति अगले दिन यानि 28 अगस्त को सुबह लगभग 9 बचकर 48 मिनट तक समाप्त हो जाएगी
00:43अलग-अलग शहरों के पंचांग में समय में कुछ मिनटों का अंतर संभव है
00:47वहीं उद्या तिति के आधार पर सावन पूर्णिमा 28 अगस 2026 दिन शुक्रवार को मानी जाएगी
00:54इसी के साथ सावन मास्त का समापन भी होगा
00:57पूर्णिमा वरत को लेकर सबसे अधिक भ्रहम इसी तिति को लेकर है
01:01धार्मिक परमपराओं में पूर्णिमा वरत के दोरान रात्री में
01:05चंद्र दर्शन और चंद्रमा को अर्ग देने का खास महत्त है
01:0827 अगस की शाम और रात में पूर्णिमा तिति रहेगी
01:11इसले कई पंचांगों और परंपराओं के नुसार इस दिन वरत रखा जा सकता है।
01:17दूसरी और पूर्णिमा तिती 28 अगस्त की सुब तक रहने के कारण स्नान और दान जैसे कारिक इस दिन सूर्योदे
01:23के बाद किये जाएंगे।
01:24वरत और पूजा की तारीक इस्थानिय पंचांग और शेत्रिय परंपरा के नुसार अलग हो सकती है।
01:31इसले घर में यदि किसी विशेश, पंचांग, कुल परंपरा या गुरु के बतायन यम्मों का पालन किया जाता है।
01:37तोसी को प्रात्मिक्ता देना उचित रहेगा।
02:08पूर्णिमा वरत का महत्व भी बताया गया है।
02:11वही सावन पूर्णिमा वरत का पारण भी चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्ग देने के बात किया जा सकता है।
02:18संभवो तो पारण से पहले भ्रामणों को अपनी शमतानों साथ दान जरूर कर दें।
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