00:06इरान से इस वक्त एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने अमेरिका और इरान के बीच पहले से तनाफपूर्ण रिष्टों
00:13को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
00:15इरान का दावा है कि उसने 2023 में जब्त किये गए अमेरिकी तेल कारगो को बेच दिया है और अब
00:21इससे मिलने वाली रकम 771 इरानी मरीजों के बीच बांटी जाएगी।
00:45771 इबी मरीजों ने एक गैर सरकारी संगठन के माध्यम से अमेरिका के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज कराया था।
00:52मरीजों का अरोब था कि अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से उन्हें जरूरी दवाओं और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँच बनाने में
00:59मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
01:01इन मरीजों ने अमेरिकी सरकार से आर्थिक नुकसान के साथ साथ दंडात्मक हर्जाने की भी मांग की थी।
01:07अब इरानी अधिकारियों के अनुसार इस मामले में अदालत की अंतिम प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मरीजों के पक्ष
01:13में जारी भैसले को लागू करने की कारिवाही शुरू कर दी गई है।
01:17लेकिन इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल ये है कि अमेरिकी तेल आखिर अदालत तक पहुँचा कैसे।
01:47कानूम के तहट तेल को बेच दिया गया। इरानी न्यायपालिका के मुताबिक तेल की बिक्री से हासिल रकम को न्यायपालिका
01:54की नियंतरन वाले एक खाते में जमा किया गया।
01:56अब अदालत की ओर से इस रकम को मामले में शामिल 771 मरीजों के बीच वित्रित करने के लिए आगे
02:03की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
02:04इरान इस कारिवाई को एक कानोनी भैसले को लागू करने की प्रक्रिया के तौर पर पेश कर रहा है।
02:10यानि तेहरान का कहना है कि तेल की बिक्री मनमाने तरीके से नहीं हुई बलकि अदालत के आदेश और निर्धारित
02:16कानोनी प्रक्रिया के तहत की गई।
02:18वहीं इस मामले की प्रिष्ट भूमी अमेरिका और इरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव से जुड़ी
02:24है।
02:40ये समस्या और गंभीर हो सकती है।
02:42हाला कि इस मामले में अमेरिका की ओर से क्या कानोनी या राजनएक प्रतिक्रिया सामने आती है ये अभी महत्वपून
02:49सवाल बना हुआ है।
02:50771 मरीजों के लिए फिलहाल सबसे एहम मुद्दा ये है कि अदालत के आदेश के तहट तेल की बिक्री से
02:56प्राप्त रकम उन्हें कब और किस तरीके से मिलती है।
03:00लेकिन अंतराष्ट्रिय स्तर पर ये मामला सिर्फ एक तेल कारगो या मुआवजे तक सीमित नहीं है।
03:05ये उस बड़े संघर्ष को भी सामने लाता है जहां अमेरिका और इरान के बीच प्रतिबंध, तेल, न्यायक अधिकार और
03:12मानवी मुद्दे एक दूसरे से जुड़ते जा रहे हैं।
03:14अब देखना होगा कि इस फैसले के बाद वाशिंग्टन की प्रतिक्रिया क्या रहती है और क्या ये मामला दोनों देशों
03:20के बीच पहले से तनाफपून संबंधों को और प्रभावित करता है।