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  • 1 day ago
वाराणसी में कुछ घंटों की बारिश के बाद BHU के सर सुंदरलाल अस्पताल परिसर में गंभीर जलभराव की तस्वीरें सामने आई हैं। अस्पताल की सड़कें घुटनों तक पानी में डूबी नजर आईं और बारिश रुकने के पांच घंटे से ज्यादा समय बाद भी परिसर में पानी जमा रहा। सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों और उनके परिजनों को हुई। कई मरीजों को स्ट्रेचर के जरिए पानी के बीच से ले जाना पड़ा, जबकि कुछ लोगों को मरीजों और बच्चों को कंधों या गोद में उठाकर जलभराव पार कराना पड़ा। बुजुर्गों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा और कुछ लोग अपनी बाइक तक पानी के बीच पैदल खींचते नजर आए। अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में लंबे समय तक जलभराव ने ड्रेनेज और जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इन तस्वीरों में बारिश रुकने के बाद भी मरीजों की परेशानी साफ दिखाई दे रही है।
Heavy waterlogging has been reported at BHU’s Sir Sundarlal Hospital in Varanasi after just a few hours of rain. The hospital roads were seen submerged in knee-deep water, and even more than five hours after the rain stopped, large amounts of water remained on the premises.

Patients and their families faced the worst difficulties. Several patients had to be moved through the flooded areas on stretchers, while some people were seen carrying patients and children on their shoulders or in their arms to cross the water. Elderly people also struggled to navigate the waterlogged परिसर, while some were seen dragging their bikes on foot through the flooded roads.

Heavy waterlogging has been reported at BHU’s Sir Sundarlal Hospital in Varanasi after just a few hours of rain. The hospital roads were seen submerged in knee-deep water, and even more than five hours after the rain stopped, large amounts of water remained on the premises.

Patients and their families faced the worst difficulties. Several patients had to be moved through the flooded areas on stretchers, while some people were seen carrying patients and children on their shoulders or in their arms to cross the water. Elderly people also struggled to navigate the waterlogged परिसर, while some were seen dragging their bikes on foot through the flooded roads.

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Transcript
00:00रोट डिवाइडर पर चलते लोग लबा लब सड़कों पर भरा पानी, पानी के बीस से जाते बाहर
00:06यह नजारा किसी समुद्र किनारे बसे शहर का नहीं जहां बाड़ा गए हो
00:12यह नजारा था बारा नसी शहर में बना सर सुन्दरलाल होस्पीटल के बाहर का
00:18इस अस्पताल को पुर्वांचल का एम्स के नाम से भी जाना जाता है
00:23इस भारी बारिश की वज़ा से सड़कों सही अस्पताल के परीसर में भी पानी भर गया है
00:29बारिश रुके हुए पांच घंटे से ज्यादा का वक्त बीट गया
00:33लेकिन अस्पताल परीसर में हालात सामाने नहीं हो पाए
00:38सडके अभी पानी से लबालब हैं और मरीजों उनके परीजन और अस्पताल आने वाले लोगों के लिए आवाजाही बड़ी चुनोती
00:47बनी हुई है
00:48सबसे परिशान करने वाली तस्वीर उन मरीजों की है जिन्हें ilاج के लिए अस्पताल तक पहुचना है
00:57कोई स्ट्रेचर पर लेटा है और उसे पानी के बीच से ले जाया जा रहा है
01:02तो कहीं मरीजों को कंधू पर उठाकर पानी पार कराया जा रहा है
01:07इन तस्वीरों में छोटे बच्चे भी नजर आ रहे हैं जिन्हें परिजन अपनी खोट में लेकर जल भराफ के बीच
01:15आगे बढ़ने को मजबूर हैं
01:17अस्पताल परिसर की ये तस्वीरें सिर्फ बारिश के बाद पैदा हुई परिशान्य नहीं दिखाती बलकि जल निकासी विवस्ता पर भी
01:25गंपीर सवाल खड़े करती हैं
01:27अब सवाल यह है कि आखिर कोच घंटों की बारिश के पाद अस्पताल जैसा समवेदन शील परिसर घंटों तक जलमगन
01:35क्यों रहा
01:36मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल के अंदर सुविधाय मिलनी चाही लेकिन यहां फिलहाल अस्पताल तक पहुँशना ही एक चुनोती
01:44बन गया है
02:16कि अस्पताल की बारिश हो रही है पानी निकलने का तो आगे तो और गेट के पाज जब गुशे वहां
02:24तो बहुत ज्यादा दिक्क्त दिक्कत दिक्कत यह है कि यह हस्पताल है यहां पर दुनिया बर की संक्रमान बीमारियां
02:33हेटाइटिस बीज जैसे और लोगों के अलग अलग प्रकार के सिंड्रोम है सब घूम रहे हैं हम लोग नॉर्मल भाई
02:39इलाज करवाना है आए हुए हैं अब देखिए अब हमको कुछ लग जाएगा चुप सकता है इंट्रेक्शन हो सकता है
02:44कलको हेटाइटिस हो जाए क्या
02:46हो जाए कुछ पता नहीं है तमाम लब हैं बिलकुल यह जी सामने लब है यहां पर पूरा पानी बराव
02:52मल मुतर किसका कौन से इंफेक्शन है किसको कौन से बीमारी है क्या लग जाएगा हम आये तो हैं इलाज
02:57करवाने हो सकता है कोई बीमारी ले कर जाए हमारे तो पैरेंस
03:16पिछले साल इश्री में डूब गई थी जिसकी वैसे इनको लाखों रुपया का नुक्सान जेलना पड़ा था इंजन फीज हो
03:21गया था इनके गाड़ी का तो हमारी देश के पधान मंत्री जी से और यहां के मानी सांसर जी से
03:26बिनम अनुरोध है कि कम से कम इसे निजात दिला�
03:32अपनी सुविधा के लिए बिल्कुल आईमस है ना इंडियन मेड़कल इंस्टिटूट है यह तो यहां पर लाखों बच्चे हजारों बच्चे
03:42भी पढ़ रहे हैं आयाइटी है कहने को तो यह वर्ल्ड क्लास है
03:57कि अपने हैं यह प्री अपने है रहे हैं आदी शात। प्रावर हैं जा पले इंडियाग जाना ट दिक में
04:02प्रूपकर देए्ट है
04:06मुझा बच्चे है जा है
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