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पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने खुलासा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक भारतीय Loitering Munition ने पाकिस्तान के किराना हिल्स को हिट किया था, जिससे इस संवेदनशील जगह पर हुए कथित हमले को लेकर लंबे समय से जारी अटकलों को नया मोड़ मिला है। हालांकि, जनरल चौहान के मुताबिक किराना हिल्स को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया था। उनके अनुसार, मुनिशन को सरगोधा के आसपास रडार टारगेट तलाशने के लिए तैनात किया गया था और करीब दो घंटे की ऑपरेशनल सीमा में टारगेट नहीं मिलने के बाद यह किराना हिल्स की एक पहाड़ी से टकरा गया। किराना हिल्स पाकिस्तान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, अंडरग्राउंड सुविधाओं और सबक्रिटिकल न्यूक्लियर एक्सपेरिमेंट्स से जुड़े दावों के कारण लंबे समय से चर्चा में रहा है। वहीं, कथित हमले के बाद रेडिएशन लीक की खबरों को IAEA ने खारिज किया था। देखें यह रिपोर्ट और जानिए किराना हिल्स से जुड़े पूरे विवाद की पूरी कहानी।

Former Chief of Defence Staff General Anil Chauhan has revealed that an Indian loitering munition hit Pakistan’s Kirana Hills during Operation Sindoor, ending months of speculation over whether the strategically sensitive location had been struck. However, Chauhan clarified that the hit was not an intentional attack on Kirana Hills. According to him, the munition was deployed around Sargodha to search for radar targets and, after failing to locate one within its roughly two-hour operational window, eventually struck one of the hills. Kirana Hills has remained under scrutiny because of reports linking the area to Pakistan’s nuclear programme, underground facilities and subcritical nuclear experiments. Earlier claims of a radiation leak following an alleged strike were rejected by the IAEA. Watch this report for the complete details and the latest revelation about the Kirana Hills mystery.

ABOUT THE STORY-

Former CDS General Anil Chauhan has shed fresh light on one of the biggest mysteries surrounding Operation Sindoor, revealing that an Indian loitering munition did strike Pakistan's Kirana Hills. However, he clarified that the location was not deliberately targeted; the munition had been deployed to hunt for radar systems around Sargodha and reportedly hit the hills after exhausting its operational window without finding its intended target. The revelation is significant because Kirana Hills has long been associated with reports of Pakistan's underground nuclear infrastructure and earlier subcritical nuclear experiments. It also revisits the controversy over claims of a deliberate Indian strike and an alleged radiation leak, which were later rejected by the IAEA. Watch this report for the complete details.

#KiranaHills #OperationSindoor #AnilChauhan #Pakistan #IndiaPakistan

~ED.276~HT.408~GR.510~VG.HM~

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Transcript
00:00ओप्रेशन सिंदूर के दौरान पाकिसान के एक ऐसे सीक्रेटिव लोकेशन तक इंडियन मुनिशन पहुच गया था
00:08जिसे लंबे वक्त से उसके नियूक्लियर प्रोग्राम से जोड़ कर देखा जा रहा है
00:14नाम है किराना हिल्स और अब पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जेनरल अनिल चोहान के ऐसे खुलासे ने पूरी कहानी
00:24को एक नया मोर दे दिया है
00:25एक इंडियन लॉटिडिंग मिनिशन ने किराना हिल्स की एक पहाड़ी को हिट किया था
00:31लेकिन यहां सबसे बड़ा टुइस्ट है
00:35टुइस्ट यह है कि किराना हिल्स उसका टार्गेट था ही नहीं
00:40तो फिर एक इंडियन मिनिशन पाकिस्तान के एक ऐसे हाईली सेंसिटिव लोकेशन तक पहुचा कैसे
00:47इसका कनेक्शन सरगोदा से है
00:49ओपरेशन सिंदूर के दोरान इंडिया ने सरगोदा के आस पास की लॉइटिटिंग मिनिशन्स डिप्लॉई किये थे
00:57इनका मिशन था कि पाकिस्तान डिडार्स को लोकेट करें
01:02जेनरल चोहान के मताबिक इन मिनिशन्स की ओपरेशनल लाइफ करीब एक या दो घंटे होती है
01:08यानि एक लिमिटेड विंडो में टार्गेट को लोकेट करना जरूरी था
01:12लेकिन अगर टार्गेट नहीं मिला तो
01:15चोहान के मताबिक मिनिशन इवेंचिरी किसी लोकेशन पर जाकर हिट कर सकता है
01:20और उनके हिसाब से ऐसा ही एक मिनिशन किराना हिल्स के एक पहाड़ी से जाटक राया
01:27यानि ओपरेशन सिंदूर के बाद जो सवाल सबसे ज़्यादा पूचा जा रहा था
01:33कि क्या भारत ने किराना हिल्स पर स्ट्राइक की थी अब उसका जवाब थोड़ा ही अलग है
01:39इंपैक्ट हुआ था लेकिन किराना हिल्स को डेलिबरेटली टारगेट नहीं किया गया था
01:45लेकिन किराना हिल्स ही क्यों
01:46कहते हैं कि पाकिस्तान के सरगोदा डिस्ट्रिक्ट में मौजूद इस लोकेशन को लंबे वक्त से पाकिस्तान न्यूक्लियर प्रोग्राम से जोड़
01:55कर देख रहा है
01:56रिपोर्ट की माने तो न्यूक्लियर थ्रेट इनिशेटिव 1983 से 1990 के बीच 24 कोल्ड या सब्टृटिकल न्यूक्लियर एक्सपेरिमेंट्स होने की
02:08बात कही गई है
02:09रिपोर्ट में अंडरग्राउंड फसिलिटीज और 10 से ज्यादा टनल्स का भी जिक्र मिलता है
02:14इसी सीक्रसी की वज़ा से किराना हिल्स को कभी कभी अमेरिका के सीक्रिटिव एरिया 51 से कमपेर किया जाता है
02:22तो इसलिए ओपरेशन सिंदूर के बाद जब किराना हिल्स से स्मोग और इंपैक्ट की इमेजिस लगातार सामने आ रही थी
02:30तो स्पेकिलेशन और भी जादा तेज हो गए थे
02:33क्या इंडिया ने पाकिस्तान के न्यूक्लियर्स इंफ्रस्ट्रक्टर को टारगेट किया था
02:38इंडियन एर फोर्स ने उस वक्त भी यही क्लेम को रिजेक्ट किया था
02:42फिर रेडियेशन्स लीक की रूमर्स भी सामने आने लगी
02:46लेकिन रिपोर्ट्स की मताबिक IAEE ने पाकिस्तान की किसी न्यूक्लियर फसिलिटी से
02:53रेडियेशन्स लीक या रेडियो आक्टिव रिलीस की बात को खारच कर दिया है
02:57फरवरी में IAF Vice Chief Air Marshal नगेश कपूर ने भी कहा था
03:03कि इंडिया ने टेरर इंफ्रस्ट्रक्टर और सेलेक्टिट मिलिटरली इंस्टॉलेशन्स को टारगेट किया था
03:09कि राना हिल्स के न्यूक्लियर साइट को नहीं किया था
03:12और अब जेनरल चोहान का बयान इसी पजल का एक इंपॉर्टन पीस जोड़ता है
03:18म्यूनिशन्स वहां तक पहुचा था लेकिन प्लैंट नूक्लियर स्ट्राइक के तोर पर नहीं
03:23तो क्या ये कहना सिरफ सही है कि वो एक मिलिटरली आक्सिडेंट था
03:28या इस इंसिडेंट ने पाकिस्तान की एक ऐसे सीक्रिटिव लोकेशन की वोलनबिलिटी को सामने ला दिया है
03:35आपकी क्या राय है हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताईए
03:38तब तक के लिए देखते रहे वन इंडिया हिंदी
03:41ऐसे ही एहम खबरों के साथ हम लाते रहेंगे जरूरी अपडेट्स
03:45मैं हूँ अशिता
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