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  • 1 week ago
पुरी, ओडिशा : भाई और बहन के पवित्र प्रेम, रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर देशभर में तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच पुरी के प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ और उनके भाई, भगवान बलभद्र के लिए दुनिया की सबसे बड़ी राखी तैयार की जा रही है। रक्षाबंधन के दिन बहन सुभद्रा देवी अपने दोनों भाइयों भगवान जगन्नाथ और भगवान बलभद्र को ये विशेष राखी पहनाएंगी। भगवान जगन्नाथ और बलभद्र को समर्पित ये विशाल राखियां सिर्फ रक्षाबंधन का प्रतीक नहीं, बल्कि पुरी की सदियों पुरानी परंपरा और भक्ति का भी खास हिस्सा हैं। इस बार इन विशाल राखियों के जरिए रक्षाबंधन का उत्सव और भी खास होने जा रहा है।

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Transcript
00:00भाई और बहन के पवित्र प्रेम
00:02रक्षा बंधन के त्योहार को लेकर देश भर में तैयारिया जोर उपर हैं
00:07इस बीच पुरी के प्रसिद श्री जगनात मंदिर में भगवान जगनात और उनके भाई भगवान बलभदर के लिए दुनिया की
00:14सबसे बड़ी राकी तैयार की जा रही है
00:17रक्षा बंधन के दिन बहन सुबद्रा देवी अपने दोनों भाईयों भगवान जगनात और भगवान बलभदर को ये विशेश राकी पहनाएंगी
00:25पाटरा विसोई सिवयत भगवान के स्वरूप के मताबिक राकी के लिए रंगों का चैन करते हैं
00:32भगवान बलभदर के लिए सफेद और हरे रंग जबकि भगवान जगनात के लिए लाल और पीले रंग का इस्तमाल किया
00:38जाता है
00:39राकी को कौडियों, जरी और बारीक धागों से सजाया जाता है
00:44इसे तयार करने में करीब 10 से 15 दिन का समय लगता है
00:47ये राखी विश्व का सबसे बड़ा राखी भी बेहन सुभदराजी दोनों भाई को पहनाएंगे
00:56ये अभी जो राखी हम बनाया है ये बासों का पार्ट में बना हुआ है
01:03इस चारों कलर में बिवक्त करके नाली और ये हल हल दिया
01:09और नीला और सबुद चार कलर में बनाया है ये चार कलर में बना के इसको और भी इसका साथ
01:16में चार सुपारी का माला भी बना हुआ है
01:19एक माला में चोगन सुपारी लगता है ये चार माला भी चार कलर में बिवक्त करके बना हुआ है
01:25this two brothers and sisters have two-four hours.
01:35Rangos ka chair.
01:36Bhagwan ke svaroop ke anusar rang chunne jatay hai.
01:39Bhagwan bilbhadr ke liye safed, hara
01:42aur Bhagwan jaganat ke liye lal pila.
01:45Gol adhar taiyar.
01:47Paramparik pattah vastr ko kaat kar gol adhar diya jatay hai.
01:52Dhagong ki sajavat.
01:53Gol adhar par dhagong ko golakar tariqe se lapet kar
01:57poul jaisi design banayi jatay hai.
02:00Kauđi aur zari ki sajavat.
02:02Ranghi ke kinaarong aur biech mein kauđiung, zari
02:05aur barik dhagong se sajavat ki jatay hai.
02:09Bandhinay wala dhaga.
02:10Kahi pattah dhagong ko jod kar majboot dori taiyar ki jatay hai
02:14aur ranghi ke pichhe jodhi jatay hai.
02:17Bhagwan jaganat aur Bhagwan bilbhadr ke liye
02:20ye khas rakhi tiyar karne me karib 10-15 din lagtay hai.
02:24Yeh anand laag raha hai.
02:30Aur bhagwan jagannat aur balbhadr ko samarpit ya vishal rakhiyan.
02:43Sirf rakhshabandhan ka prateek nahi
02:45Belki puri ki stadiyoon purani parampara
02:47Aur bhakti ka bhi khas hissah hai.
02:49Is bar in vishal rakhiyan ke zariye
02:51Rakhshabandhan ka utsav aur bhi khas honi jah raha hai.
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