00:00सबसे बड़ी बात आज की सिती में प्रदीप बंडारी अगर आम देखे तो कि बड़ा टेकवे अगर हम इसको निकाल
00:05कर चले तो कि आप 2024 के बाद बैक टू बैक जिस तरीके से विदान सभा की चुनाव जीत रहे
00:11थे
00:12जनवरी महिने में इसी सर्वे में आप पहुंच गये थे कि अपने बल्बूते पर सत्ता बना लेंगे
00:17287 सी तक पहुंच जाएंगे लेकिन देखे धीरे धीरे उत्तर पदेश में उल्टा असर होना शुरू हो गया है
00:22धीरे धीरे महराश्ट के भीतर आप देख रहे हैं कि 17 सीटों तक पोजिशन पहुंचता हुआ नज़र आ रहा है
00:27लेकिन बंगाल हाली में वहाँ पर चुना हुए है तो आपको बचा रहा है 240 में ना उतरने के लिए
00:34क्या कारण मानते हैं आप इस बात के लिए यह जो अपना बलबूते पर सरकार बनाने से चूक रहे हैं
00:39आप देखिए साहिल जी पहले तो अगर आप मूड ओफ दे नेशन पोल का
01:032037, we had a jump of 60 to 70 seats तो जो भी मूड ओफ दे नेशन का अगर पास्ट
01:09एक पैटरन लेखेंगे जो उनका डेटा अनालेसिस है विच इस लार्जली कंजर्वेटिव डेटा अनालेसिस तो अगर आप कह रहे हैं
01:15मूड ओफ दे नेशन के साफ से 261 पे हम हैं तो पास्ट का ट्रेंड
01:18यह दिखाता है कि जो पब्लिक की वर्डिक्ट है वो जनरली उससे 40-50 सीट ज़्यादा होती है यह मैं
01:23डेटा बता रहा हूँ पिछले मूड लेकर उस्तरपदेश तो जटका है ना एक तरीके से ओवरॉल अगर मैं भी बात
01:28करूँ ओवरॉल मूड ओफ दे नेशन यह कह रह
01:48यह मार्च हो यह ओक्तूबर हो मूड ओफ दे नेशन जब भी एक नैशनल प्रोजिक्शन किया है वो एंडिये का
01:54करे रहे वरॉल आपसे पूछती हूँ क्या जैंजी आंदोलन का असर आपको इस सर्वे के नंबर्स में दिख रहा है
02:01क्योंकि बात अलग थी कुछ दिनों प
02:18इसके युवा ने जूट के गूँच करके वेबसाइट को लॉंच करा कि राहुल गांदी ने चालिस के चालिस जूट बोले
02:23अपने चार के चार के अचात्रों की गूँच के अंदर मैं आपसे एक कह रहा हूँ प्लीज आप रिकॉर्ड करिये
02:28गंजनाजी जब भी मैं आप
02:29को कहता हूँ रिकॉर्ड करने के लिए वो बाद में आप रिकॉर्डिंग प्ले नहीं करती जब मिने प्रेडिक्शन सही होते
02:32हैं यह अगर प्रजेक्शन सागे कंटीनी होते हैं तो प्रधानमंत्री मोदी जी के नेत्रत्र में 300 क्रॉस करेंगे ऐस बीजेपी
02:38और 340-350 क्र�
02:44कुई जो गीड़र क्रिडिबिलीटी है आपके समें लीडर क्रिडिबिलीटी निकाली की अर्व फूल टोर मोदी के कामकार्श को लोग कैसे
03:01आगते उनकी
03:04लेकिन जैन्जी का असर है या नहीं आपने जवाब नहीं दिया हम जैनुरी से अभी की बात कर रहे हमारे
03:10पक्ष में है और मैं आपको बताऊंगा क्यूं क्यूंकि देखिए कोई भी इस देश का युवा है बले वो जैन्जी
03:14अलफा कोई भी जनरेशन है या मिलिनियन वो हमे
03:3126 के अंदर देखता है वो देखता है कि इंडिया फीचर्जें मेजॉरिटी ओप देम इसका ये मतलब नहीं कि हमने
03:35सब चीज कर लिए उत्तरपदेश का अनलेसिस आप किस तरीके से करेंगे क्या कारण है कि ये स्थिती वैसी ही
03:42बनी हुई है जैसे दोजार चॉबिस के जैस
03:56वो माइक्रो अनलेसिस को कम करते हैं तो मेरा मानना है उत्तरपदेश में हम फुल मेजॉरिटी के साथ भले वो
04:01असेमली हो उसमे आएंगे और लोगसभा के अंदर भी जो दोजार चॉबिस के अंदर गलती थी उसे चलिए अब अब
04:06आप मेरा सवाल सुनिए चीक है अब है �
04:09वे जी ये तो दिख रहा है कि हमारा ही जो मूड ऑफ दे नेशन सर्वे है जनवरी में जो
04:14हमने नंबर दिये थे 287 था ये जो सर्वे नंबर दे रहा था वहां से अगर आप देखिए तो अभी
04:19पर गिरावट है 261 पर है बट लोग सभासे उनकी परफॉर्मेंस बेटर है औ
04:24और उनको जो कम हो रहा है या उनकी सीटे कम है आपको तो फाइदा हो नहीं रहा है कॉंग्रेस
04:29के नंबर दिखा दीजे आपने 99 से 100 पार कर पा रहे हैं बस आदर्स को बहुत बड़ा जंप है
04:35तो क्या वज़ा है कि आप और आपकी पार्टी इसको एंक्याश नहीं कर पा र
04:54कड़वी सरकार 36,000 करोड रुपे का चीनी घोटाला करने के बाद भी अगर आपको लगता है कि भारत के
05:02लोगों का मूड भारत के लोगों का पक्ष भारती जंता पार्टी की तरफ होगा मैं 36,000 करोड का स्कैम
05:09इसलिए कह रहा हूं कि अप्रेल के महीने में सरकार को ये पता
05:13लग गया था कि शक्कर का उत्पादन कम हुआ है ओपनिंग स्टॉक हमारा 50,000,000 टन से घटके 30
05:18,000,000 हो गया है जान बूच कर 20 अगस तक इन्होंने शुगर इंपोर्ट के ओर्डर जारी नहीं किये क्योंकि
05:25जो होर्डर्स थे उनको पैसे कमाना चाहते थे 30 रुपे किलो का म
05:43साथ में रिपोर्ट नहीं होगी वो नीट की रिपोर्ट है नीट की क्या है नॉट इन एजूकेशन, नॉट इन इंप्लाइमेंट,
05:48नॉट इन ट्रेनिंग निति आयोग ने अगस 26 में रिपोर्ट जारी की कि 8.7 करोड नो जवाने से हैं
05:56हिंदुस्तान में 15-29 साल के जो ठी
06:09ये एकसरसाइज होती है ना सी वोटर्स की, ये होती ही सरकार को फायदा पहुचाने की, आज भायावा तरीके से,
06:15मैं कहरा हूँ आजादी के बाद किसी प्रधान मंतरी को सोशल मीडिया पर इतनी इस तरीके से नहीं आलोचना की,
06:23मैं गाली शब्द प्रयुक्त नहीं कर रह
06:37आप ने कहा था मुझे, उत्तर प्रधेश के नंबर पर बता दीजे, वो तो आपको सही लगेंगे, मैंने कहा पिछली
06:42बार उत्तर प्रधेश में, अभी के नंबर्स देख लीजेगा है, अभी तो आप अक्तालीस पे जा रहे हैं, अगर मैं
07:00पार्टी स्प्लिट कर दू तो
07:02देव द्रवी की चोरी, मर्यादा पुर्शोत्तम राम के चंदे में कम से कम 12-14,000 करोड रुपे लूटी है,
07:09राम मंदे पर भी एक सवाल है, इतने इतने 1000 करोड रुपे लूटी है, अभे दूबे जी, जो मूल सवाल
07:15था जिसे आप भाग रहे हैं, अभे दूबे जी, वो स
07:31इसको अड्रेस तो कीजे, यह मंतन तो होना चाहिए है, अब 17 सीट में से 6 सीट, 7 जीते थे,
07:36एक तो इन्हों ने चीर ली, और उत्तर प्रदेश में प्रदान मंत्री चुना हो रहे हैं, जब भी सत्ता जाएगी,
07:41इनकी 5-6 राउंड तक पीछे थे, उसके बाद दिखाना ब
08:01इसमें फाइदा ले रहे हैं, वहाँ पर तबिल डाडू के भीतर, चोटी-चोटी पार्टी हैं वहाँ पर लेकर जा रही
08:05है, थोड़ी दिर पहले सीजेपी का हमने दिखा है कि युवा कहते हैं कि अगर पार्टी बनाएंगे तो वो डे
08:09देंगे उनको, तो ये बता दीजे
08:31में NCLT ने उसके सारे पाफ पर परदा डाल दिया, जलो लाग करोर रुपए का NCLT जल्दी से जल्दी रिस्पॉंड
08:37कीजेए, पर आगे के नमबस दिखा है, इस बात किए, डेटा बेस कॉन्वर्जेशन ने पर अभे जी जो है, जूट,
08:46जूट, जूट, सारी डिवेक में
08:48इन्होंने का की सी वोटर का सर्वे फरजी है, जब असे हर्याना असेमली एलेक्शन के अंदर सी वोटर कॉंग्रस पार्टी
08:55को प्रडिक कर रहा था, तो हर कॉंग्रस करने का सी वोटर दिखा रहे हैं, यह राम मंदर की बात
09:01कर्दा पर प्रभू शीराम को रखने वाले ये
09:17वो सवाल आने वाला है, जब कॉंग्रस और उपोजिशन रहती है, तो जनता का पर कैपिटा इंकम नीचे जाता है,
09:23जब बीजेपी रहती है, तो पर कैपिटा इंकम उपर जाता है, इसलिए आपकी बात में विश्वास नहीं कर रहे हैं,
09:28अभी भी समझ जोट की, आगे के स
09:47मानने वाले 27 फीजदी हैं, तो ये नमबर अपने आप में साफ इशारा कर रहे हैं कि प्रधान मंत्री के
09:52काम को जो अप्रूवल रेटिंग एक तरह से है, वो 51 परसेंट का है, और सथ आवरेज मानने वाले 17
09:58फीजदी लोग हैं, लेकिन 27 फीजदी हैं, जो उनके काम को खरा
10:17अप्रूवल रेटिंग काम काज को लेकर 58 फ्रतिशत देखा गया था, उसके बाद जनवरी 2026 में जब सर्वेक किया गया
10:26तब 57 फ्रतिशत और अभी 51 प्रतिशत, और वही बाद आउसत प्रतिशत कहने वाले लोगों की संख्या जनवरी 2025 में
10:35एक साल पहले 13 प्रतिशत थी,
10:37जनवरी 2026 में 16 प्रतिशत हो गई थी और 17 प्रतिशत आज की स्थिति में नज़र आ रही है, खराब
10:44कहने वालों की संख्या देखें वो तो साफ वैसी की वैसी लग रही है, 26 प्रतिशत थी एक साल पहले,
10:506 मेहने पहले 24 प्रतिशत और आज 27 प्रतिशत, यारे जिसको लगत
10:59अच्छा काम वो वैसे के वैसे नज़र आ रहे, लेकिन अच्छा काम कहने वालों में 6 प्रतिशत की गिरावट इस
11:06सर्वे के मताबिक नज़र आ रहा है, और उस्त मानने वालों में जाफा हुआ है, तो ऐसा लगता है कि
11:09वहां के जो लगबग 6 पसेंट लोग है, वो सीधे �
11:12इस तरफ दूसी तरफ आ गया है, 13 से सीधा 17 पर पहुँच गया है, और जो अगला प्रश्ण हमने
11:18लोगों से सर्वे में पूछा है, वो भी आपको बता देते हैं, NDA के प्रदर्शन को लेकर लोग क्या मानते
11:23हैं, तो जनवरी 2023 में देखिए क्या नमबस था, और वहां से �
11:27लेकर आप हर बार देखेंगे, तो जो संतुष्ट मानने वाले हैं, वो 56 पीजदी से आ जाते हैं 50 पीजदी
11:35पर, आधे आधे, और वहीं 17 पीजदी पर, जो लोग मानते हैं कि हम असंतुष्ट हैं NDA के काम से,
11:42वो 17 पसेंट से सीधा पहुँच जा रहे हैं 29 पसेंट पर, त
11:57तो 62 पसेंट तक गई थी, अपने पीक पर, लेकिन वो आप 50 पसेंट पर आ गईए, तो मुझे लगता
12:03है कि एक चालेंजिंग पोजिशन जरूर है, मौझूदा सरकार के लिए, जिसमें उनको देखना पड़ेगा, यह आंकडा हम आपको बता
12:10रहे हैं, जनवरी 2023 का, जिसमे
12:15आप देख रहे हैं कि 58% संतुष्ट है, उसके बाद जब आप अगस्त 2025 का देखेंगे, आप कीजेगा, अगस्त
12:242024 का देखेंगे, तब सबसे जादा है, 62%, फिर यह 52% पर पहुँच जाता है, है ना, अगस्त 2025
12:33में, फिर जनवरी पर आईए, 26 में, तो यह 52% पर था, अब यह
12:372% की गिरावट पर पहुच गया है, अगस्त 2026 में, तो यह अपने आप में एक संकेत है कि
12:42overall अगर आप देखें, तो बदलाओ डिखरा है, और इसी में NDA सरकार की सबसे बड़ी उपलबदी क्या मानेंगे, जो
12:50जनता को पूछा गया है, और उसमें राजनितिक अस्तिर्ता स
12:54अगया सरकार ने, राजनितिक स्थिर्ता एक तरीके से दी सरकार ने 13-प्रतिशत लोगों को लगता है कि यह सबसे
13:00बड़ी उपलब दी है, पन्दिप बढ़नारी बड़ी दिल्चस बात है कि आपकी उपलबदी क्या है, तो आपने राजनितिक स्थिर्ता दी,
13:06स्टैБिलि�
13:20मानते हैं जबकि सबसे बड़ी उप्रब्धी नंबर एक पर only and only political stability
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