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RSS प्रमुख मोहन भागवत अमेरिका दौरे के दौरान न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक ISKCON मंदिर पहुंचे।यही वह जगह है जहां 1966 में श्रील प्रभुपाद ने ISKCON की शुरुआत की थी भागवत ने श्रील प्रभुपाद को श्रद्धांजलि दी और कृष्ण चेतना के संदेश पर बात की।उन्होंने कहा कि आज दुनिया में संघर्ष, मतभेद और कई तरह के विरोधाभास मौजूद हैं।भागवत के मुताबिक, कृष्ण चेतना लोगों को इन भेदभावों और संघर्षों से ऊपर उठाकर जोड़ सकती है।उन्होंने कहा कि अगर लोगों के दिल तक यह समझ पहुंचे कि सब कुछ कृष्ण का ही रूप है, तो दुनिया बेहतर जगह बन सकती है।इस दौरान उन्होंने न्यूयॉर्क में चल रहे Zero Hunger अभियान के तहत 1 लाखवें भोजन वितरण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया भागवत का न्यूयॉर्क दौरा RSS की वैश्विक पहुंच और हिंदू समुदाय के बीच बढ़ती सक्रियता को भी दिखाता है।तो ISKCON के जन्मस्थान से मोहन भागवत का यह संदेश आखिर दुनिया भर के हिंदुओं के लिए कितना बड़ा संकेत है?


RSS Chief Mohan Bhagwat visited the historic ISKCON temple in New York during his US tour.The temple is closely associated with the beginnings of ISKCON, founded by Srila Prabhupada in 1966.Bhagwat paid tribute to Srila Prabhupada and spoke about the importance of Krishna consciousness.He highlighted the conflicts, divisions and contradictions that exist across the world today.According to Bhagwat, Krishna consciousness can become a force that brings people together despite their differences.He said that understanding the divine connection between people could help create a more harmonious world.
Bhagwat also participated in a food distribution initiative in New York.His visit highlights the RSS’s growing global outreach and engagement with the Hindu community in America.So, what exactly was Mohan Bhagwat’s message from the birthplace of ISKCON, and why is it being discussed globally?


#MohanBhagwat #RSS #ISKCON #NewYork #KrishnaConsciousness #HinduUnity #SrilaPrabhupada #Hinduism #USA

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Transcript
00:00RSS के चीफ मोहन भागवत जी इन दिनों US टॉर पर हैं और उन्होंने न्यू यूर्क के उस हिस्टॉरिक जगा
00:06का दौरा किया जहां से आज की दुनिया की एक सबसे बड़ी स्पिरिच्वल मूवमेंच में से एक की शुरुवात हुई
00:13थी
00:13सोचने वाली बात ही है कि आकिर मोहन भागवत का न्यू यूर्क के 22nd Avenue जाना इतना खास क्यू है
00:20क्या मेसेज दिया उन्होंने वहां से ग्लोबली हिंदूस को और कैसे एक छोटी सी स्टोर फरंस से शुरू हुई इस
00:28कौन आज दुनिया के 120 देशों तक फैल चुकी है
00:32आईए इस पूरी कहानी को स्टेप बाइ स्टेप समझते हैं और जानते हैं कि RSS चीफ मोहन भागवत ने न्यू
00:38यूर्क से दुनिया भर के हिंदूओं को क्या संदेश दिया
00:41RSS चीफ मोहन भागवत अपने यूएस दौरे के दौरान सीधे उस जगे पहुँचे हैं जिसे इंटरनाशनल सोसाइटी फोर कृष्णा कॉंशिसनेस
00:50यानि इस कौन का बर्थ प्लेस माना जाता है
00:53ये जगा है न्यू यू यूर्क का 26 सेकेंड अवेन्यू
00:571966 में जब A.C. भक्ती विदामता स्वामी प्रपुधा ने अकेले इस देश में कदम रखा था तब उन्होंने इस
01:05छोटे से स्टोर फ्रांच से आइसकौन की स्थापना की थी
01:09भगवत जी ना सिरफ इस हिस्टॉरिक जगा पर गए बलकि वहाँ उन्होंने एक फूड डिस्टिबूशन ड्राइव में भी हिस्सा लिया
01:15जहां जरूरत मन्द और होमलेस लोगों को खाना खिलाया गया
01:19ये देखना अपने आप में एक मिसाल थी कि कैसे स्पिरिच्वालिटी और सोशल सर्विस साथ साथ चलती है और कैसे
01:27न्यू यॉर्क में भी हिंदूओं की ये स्थन्स था भूकों को खाना खिला रही है
01:31जब इस पूरे दोरे पर एन आई ने आइसकॉन के गवर्निंग बोडी कमिशनर गौरांग दास से बात की तो उन्होंने
01:38कुछ बेहद इंटरस्टिंग नंबर सामने रखे
01:40दास जी ने बताया कि 1966 में जो सफर एक छोटे से कमरे से शुरू हुआ था आज वो कितना
01:47बड़ा विशाल रूप ले चुका है
01:48आज के समय में इस कौन के पूरे वर्ल्ड में 1300 से जादा टेंपल्स है और ये और्गनाइजेशन करीब 120
01:55देशों में आक्टिव है
01:56ये अपने आप में एक बहुत बड़ी अचीवमेंट है कि कैसे एक इंडियन वेदिक कल्चर और सनातम धरम की धुन
02:03अज पूरी दुनिया के कोने कोने तक पहुँच चुकी है
02:06130 देशों तक पहुँच चुकी है
02:08वहां के विजिटर बुकिया गेस्ट मेसेज में मोहन भागवत जी ने अपने दिल के जजबाद बड़े खुपसूरा चब्दों में लिखे
02:15उन्होंने लिखा
02:30इस मेसेज का साफ मतलब ये है कि उन्होंने इस थल को एक मंदिर्या बिल्डिंग की तरह नहीं
02:37बलकि एक ऐसी जगा के रूप में देखा जहांसे पूरी दुनिया को श्री कृष्ण की कॉंशिसनेस का एक इनमोल तोफा
02:43मिला
02:44वहां पहुँच कर उन्होंने एक पूरा सात्विक लव और स्पिरिच्वालिटी का अनुभव हुआ
02:49आज की दुनिया का सच यह है कि हर तरफ लड़ाई जगडे वॉस पॉलिटिकल टेंशन और डैवर्जन बरे पड़े हैं
02:56इन्ही सब बातों पर बात करते हुए मोहन भागवत जी ने एक बहुत गहरा मेसेज दिया
03:00उन्होंने वहां मौजूद डिवोटी से कहा कि आज की दुनिया में चाहे कितना भी भेदबाव, डियॉालिटी या कॉन्फिलिक्ट्स क्यों न
03:07हो
03:07उन्हों सब को जोडने वाले सिर्फ एक ही चीज होती है और वो है कॉंशिसनेस और वो कॉंशिसनेस क्या है?
03:14कृष्ण भगवान
03:15उन्होंने समझाया कि भले ही हम सब के बीच में भारी तौर पर कितनी भी डाइवोर्शिटी या डिफरेंसिस हो
03:21लेकिन आखिरकार सब के अंदर वही एक शक्ती है जब हमें समझ के साथ जीते हैं कि सब कुछ आखिरकार
03:27कृष्णा का ही रूप है तबी दुनिया में शांती और हर्मनी आ सकती है
03:32नियुयोक की इस धर्ती से जहां कभी स्वामी प्रभुपादा ने एक अगेली आवाज उठाई थी
03:38आज रसेस चीफ मोहन भागवत का ये संदेश पूरे दुनिया के हिंदूओं और सनातनियों के लेक वेक अप कॉल की
03:45तरह है
03:45अपनी रूच अपनी संस्कृती और अपनी स्पिरिच्वालिटी को कभी मत भूलिये
03:50चाहे आप दुनिया के किसी भी कोने में चले जाए
03:52आज अब ग्लोबल लेवल पर डिविजन्स बढ़ रही है
04:18बढ़ प्रप्राइब कर दो प्रूच अपनी स्ट्प्राइब नप्स प्रूच अपनी चाहे आप रही है

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