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सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले Mid-Day Meal को लेकर एक बेहद गंभीर सवाल सामने आया है।Abhijit Dipke ने सरकारी स्कूलों में बच्चों को परोसे जा रहे खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।आरोप है कि बच्चों को पुराना और एक्सपायर्ड खाना खिलाया गया, जिससे उनकी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए।आखिर स्कूलों में बच्चों के भोजन की निगरानी और जांच की जिम्मेदारी किसकी है?अगर खाने की गुणवत्ता में लापरवाही हुई है, तो इसके लिए जवाबदेही किसकी तय होगी?ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकारी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल खड़े किए हैं।बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े इस मामले ने स्कूलों में Food Safety व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है।क्या सरकारी स्कूलों में Mid-Day Meal की नियमित जांच और निगरानी हो रही है?
जानिए पूरे मामले में क्या आरोप हैं और सरकारों से क्या जवाब मांगा जा रहा है।

A serious question has been raised over the quality and safety of food served to children in government schools.
Abhijit Dipke has highlighted concerns regarding the food being served under the government school meal system.Allegations suggest that old and expired food was served to children, raising serious safety concerns.
The incident has sparked questions about food quality checks and accountability in government schools.
Who is responsible for ensuring that children receive safe and nutritious meals?has strongly questioned the functioning of the system and the authorities responsible for monitoring it.The issue also raises concerns over regular inspections and food safety protocols in schools.If negligence is established, who should be held accountable for putting children at risk?
Watch the full report to understand the allegations and the questions being raised against the system.

#AbhijitDipke #GovernmentSchools #MidDayMeal #SchoolFood #ExpiredFood #FoodSafety #EducationSystem #GovernmentSchoolsIndia #IndiaNews

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Transcript
00:00मसाले पर एक्सपाइड है
00:02February 2026
00:03दे नहीं है
00:05Date of packaging August 2025
00:08used by February 2026
00:11expired food is being provided
00:12to the kids of rural India
00:15जो आज सुभे मैंने देखा उससे में काफे जाड़ा शॉक था
00:18जो food items थे
00:19जो यूज किये जाते
00:21वो expired थे 6-7 मैंने पहले
00:23expired हो चुके थे वो
00:24तो जो मंतरी बैठे हुए जो MLS बैठे हुए
00:26जो MPs बैठे हुए
00:27मैं उनसे पूछना चाहता हूँ क्या वो अपने बच्चों को भी expired हुआ
00:30वाला खाना खिलाते है अगर नहीं
00:32तो इन गरीबों के बच्चों के लिए क्यों expired वाला खाना
00:35इनकी जिंदगी कोई कम valuable है
00:37और दूसरी चीज इतने सालों के बाद भी अगर हमारे देश के सरकार स्कूलों के बच्चों को पीने का पानी
00:43नहीं है
00:44वाश्रूम यूज करने लाइक वाश्रूम नहीं है
00:46जमीन पर बैठना पड़ता है बैठने के लिए बैंचस नहीं तो आपनी करा क्या है पावर में आकर
00:51सरकार आती जाती रहिए बदलती रहिए लेकिन कोई भी हो
00:55सरकार स्कूलों पर काम क्यों नहीं हुआ है
00:57यहां पर इस गाव में जो बच्चे पड़ते हैं
00:59इसा नहीं कि पोटेंशल नहीं है इसा नहीं उनमें टैलेंट नहीं है उनमें टैलेंट है पोटेंशल है
01:03अगर उनने कोई चीज में मिल रही है तो वह है सपोर्ट और अपोर्चूनिटी
01:07वह सरकार का देने का काम है
01:09सरकार जब इन बच्चों को सपोर्ट देगी इनके लिए अच्छी स्कूल बनाएगी तब ही तो वो बच्चे आगे जाकर जिन्दगी
01:14में कुछ करेंगे न
01:15जो सबसे बेसिक फैसलेटिस जो होती है वही नहीं है
01:17किसी भी स्कूल में पिने का फिल्टर का आरो का पानी नहीं है
01:20किसी भी स्कूल में वाश्रूम नहीं है
01:22किसी भी स्कूल में बच्चों को बेटने के लिए बेंचेस नहीं है टीचर्स नहीं है
01:26टीचर्स की जो नंबर से 6 क्लासेस रहते 10 टीचर्स होते
01:44जिसे drinking water हो गया, washrooms हो गया, teachers हो गया
01:47या फिर बैटने के लिए benches हो गया
01:49यह basic facilities नहीं है
01:50तो अगर ऐसी basic facilities ही नहीं मिलेगी
01:53तो आप क्या बच्चों को पढ़ा रहे हो
01:55आप क्या school चला रहे हो
01:56जिस school में basic facilities नहीं वो school क्या चला रहे हो
02:00कर दो गुने दाखिल, मेरे उपर गुने दाखिल करने से अबर school ठीक हो जाएंगे तो कर लो
02:05लेकिन school ठीक करो
02:06मेर उपर fire कर दो, जो case लगाना है लगा दो, लेकिन school ठीक कर दो, मेरी बस इतनी तुमाद
02:10है
02:11कडोली गाव में जो में गया था मैं देखा था
02:131950 में वो बिल्डिंग बने वी थी, 1950 के बाद से उस बिल्डिंग पर काम ही ने किया गया था,
02:17बच्चे वहावर वैसे ही सीख रहे थे
02:19अब जब ये लोग खुद अपने जो बड़े-बड़े नेता है, उनके गाव के जो school उन पर ही काम
02:23ने करते
02:27मुझे लगता है, इनकी प्राइरटी ने ही बच्चों को पढ़ाना, मुझे नहीं लगता है, इनकी प्राइरटी ने ही बच्चों को
02:31पढ़ाना, मुझे नहीं लगता है, इनकी प्राइरटी एजुकेशन है, इनकी प्राइरटी बस है, किसी भी तरीके से सक्ता हासिल करना,
02:35या फिर उसरी प्राइट या तोड़ना
02:37या MLA खरीदना या MP खरीदना
02:39एजुकेशन या शिक्षा इनकी प्राइटी नहीं है
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