00:00छे सितंबर की दोपहर करीब एक बच कर तीस मिनिट और दक्षिन दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका, जहां पर अचानक
00:06एक बहुमनजिला इमारत गिरने से हरकंप मच गया।
00:09जानकारी के मताबिक इमारत का इस्तिमाल पीजी के तौर पर हो रहा था और हादसे के वक्त वहां कई छातर
00:15मौजूद थे।
00:16हादसे के बाद पुलिस, NDRF, Ambulence और प्रशासन की कई टीमें मौके पर पहुँची और बड़े पहमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन
00:23शुरू किया गया।
00:24पुलिस के मताबिक शुरुबात में कुछ छातरों को मलबे से निकाल कर अस्पताल भेजा गया।
00:28लेकिन जैसे जैसे राहत दल ने मलबा हटाया, नीचे और लोगों के दबे होने की जानकारी सामने आई।
00:33अब तक 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 6 लोगों की मौत हो चुकी है।
00:39इस बीच कही लोग ऐसे भी नजर आए, जो इस हादसे के बाद अपनों की तलाश में दर दर भटक
00:44रहे थे।
00:45सत्यनिकेतन में इमारत गिरने के बाद से अपने भाई की तलाश में प्रियांशी मौके पर पहुची।
00:49लेकिन प्रियांशी ने बताया कि उसे कोई जानकारी नहीं है कि उसका भाई अस्पताल में है, उसे बचाया गया है
00:55या वो कहां है।
00:57प्रशासन की ओर से किसी ने मुझसे संपर्ट नहीं किया।
01:19कि वो हॉस्पटल में है कि वो भी तक निकला है कि नहीं निकला है उसका कोई पता नहीं है।
01:32अपनी किसी को संपर करने का प्रयाष कि आप तक्या बेगाल ने इनसे बात कि, मैं इम्स गई, जितने बच्चे
01:42ऐस्प्रोपलायी थे
01:43मैंने उन्हें देखा परुमे में से मिला भाई नहीं था
01:45और मुझे कोई बता नहीं है
01:47कि वो किते रहे
01:48हम लोगों ने उन्हें जो तस्वीर दिखाई
01:50हमने वो पहचान जो है
01:52गुरूप में शेर कर दिये
01:53हम चाहते हैं कि वो सुरक्षित होगा
01:56इश्वर से हमारी यही बस हम जितना कोशिश करें
01:59जल्दी से जल्दी उसको ढूंडे
02:01और एक बहन नहीं है ऐसी
02:03मैंसाने कितने परिवार है जिनको पता भी नहीं
02:05कि उनके बच्चे इस दुनिया में नहीं
02:06कितने सालों से आपका वाई रहता है
02:08वहां पर उसका नाम खंडी बता लिए उसका नाम पवन है
02:12और उसको अभी एक महीना भी नहीं हुआ थे
02:15स्पीची में शिप्ट हुए है अच्छा और कहां से पवन आया था है
02:20और यह से अच्छा और क्या पढ़ाई पड़ता था पर आपका फिसकल साइन
02:59कि प्लीज एक्षण लिजे जितने लोग दबे हुए उन्हें निकालिये उन्हें हॉस्पिटलाइज कीजे उनको
03:08सुरक्षिद ये जाए प्लीज
03:13वैसे हाथसे के बाद अपने दोस्त को बचाने के लिए अन्मोल यादव भी मौके पर पहुँचे थे
03:17जिनके दोस्त सत्यनिकेतन में गिरी इमारत के मलबे में फस गए थे
03:21अन्मोल के मुताबिक उनके दोस्त नीरज ने हमें फोन करके बताया कि वो यहाँ फस गया है
03:25और उसकी कमर के नीचे का हिस्सा मलबे के नीचे दब गया था
03:29उसने अपनी लोकेशन और जानकारी हमें भेज दी थी
03:31इसलिए हम तुरंट वहाँ पहुचे
03:33हालाकि शुरू में पुलिस ने हमें अंदर नहीं जाने दिया
04:01हुआ है उसके बाद फिर हम मतलब वहां से निकल के जब उपर पहुंचे तो
04:05हमने उसको देखा तो उसने अपना फोन हमें पकड़ाया हम उसको निकाल रहे थे इतने में
04:09पुलिस ओलिस वालों ने हम सबको पीछे कर दिया था फिर इसके बाद दो गंटे था वह उपकर करके और
04:26उसको वहां से बहार निकाला फिर उसको प्राइमस बेज दिया जहां बेजने हो भी मतलब था
04:30नहीं उसको उसको प्रॉपर किसी अच्छे ट्रीटमेंट की दरू होती है हरे स्टुडेंट को में हम अगर वो किसी गलत
04:36पीजी में कहीं पूरानी बिल्डिंग पर रहे रहा है को इसन मरने की अलत में उसको प्राइमस बेज रहे हो
04:40या कहीं भी जांगा इलाज हो नहीं सकता ह
04:42उसके बाद फिर उसको एम रिफर करा तो हम लोग तुरंट उसको अम उसको एमस लेकिया है तुरंट अब यहां
04:48में उसका ट्रीटमेंट चल रहा है उसकी पहलवे बून वगरा जा चुकी है
04:54उनके फादर आ रहे हैं भी रास्ते में जम्मू आपने क्या देखा अपार्टम पुलिस हैं जो वहां यही था है
05:04मैं बच्चे सारे दबे हुए थे वह बिल्डिंग बता रहे हैं बहुत जादा पुरानी थी उसमें कंस्ट्रक्शन का नीचे काम
05:09चल रहा था बेस्मेंट का
05:10जो कि अगर बच्चे वहां रहे हैं तो चलना भी नहीं चाहिए था कोई पुरानी बिल्डिंग से यहां पीजी वगरा
05:15इतने महिए कि स्टूडेंट के पास कोई ऑप्शन ही नहीं होता रहने का इस्टूडेंट को रहना इतने हैं पुराने पीजी
05:20में स्टी बढ़ता कि उ
05:58फिल्हाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रही है वन इंडिया हिंदी के साथ
06:19प्यूश्या जा-प्यूश्या टैजिए कर सकता है कि बाकी में आपडेट आप
06:24जालोगा नहीं अचैना कि उल्लीओ को घंप लाटने के वे लिए वे इस उना है