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Delhi Building Collapse: ‘ एक महीने पहले ही यहां आया ’ भाई की तलाश में भटक रही बहन, रो-रोकर बुरा हाल

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए बहुमंजिला इमारत हादसे में अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी है...और कई लोगों के मलबे में दबे होने के आसार है...इस बीच कई लोग ऐसे भी सामने आए जो अपनों को खोज रहे हैं लेकिन उनका कही पता नहीं चला... हलांकी प्रशासन कीतरफ से लगातार मलबे को हटाने का काम चल रहा है

Six people have lost their lives so far in the multi-story building collapse in Delhi's Satya Niketan area, and there are fears that several others remain trapped under the debris. Meanwhile, people searching for their loved ones have come forward, yet there is no trace of them; however, the administration is continuously working to clear the rubble.


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00:00छे सितंबर की दोपहर करीब एक बच कर तीस मिनिट और दक्षिन दिल्ली का सत्य निकेतन इलाका, जहां पर अचानक
00:06एक बहुमनजिला इमारत गिरने से हरकंप मच गया।
00:09जानकारी के मताबिक इमारत का इस्तिमाल पीजी के तौर पर हो रहा था और हादसे के वक्त वहां कई छातर
00:15मौजूद थे।
00:16हादसे के बाद पुलिस, NDRF, Ambulence और प्रशासन की कई टीमें मौके पर पहुँची और बड़े पहमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन
00:23शुरू किया गया।
00:24पुलिस के मताबिक शुरुबात में कुछ छातरों को मलबे से निकाल कर अस्पताल भेजा गया।
00:28लेकिन जैसे जैसे राहत दल ने मलबा हटाया, नीचे और लोगों के दबे होने की जानकारी सामने आई।
00:33अब तक 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 6 लोगों की मौत हो चुकी है।
00:39इस बीच कही लोग ऐसे भी नजर आए, जो इस हादसे के बाद अपनों की तलाश में दर दर भटक
00:44रहे थे।
00:45सत्यनिकेतन में इमारत गिरने के बाद से अपने भाई की तलाश में प्रियांशी मौके पर पहुची।
00:49लेकिन प्रियांशी ने बताया कि उसे कोई जानकारी नहीं है कि उसका भाई अस्पताल में है, उसे बचाया गया है
00:55या वो कहां है।
00:57प्रशासन की ओर से किसी ने मुझसे संपर्ट नहीं किया।
01:19कि वो हॉस्पटल में है कि वो भी तक निकला है कि नहीं निकला है उसका कोई पता नहीं है।
01:32अपनी किसी को संपर करने का प्रयाष कि आप तक्या बेगाल ने इनसे बात कि, मैं इम्स गई, जितने बच्चे
01:42ऐस्प्रोपलायी थे
01:43मैंने उन्हें देखा परुमे में से मिला भाई नहीं था
01:45और मुझे कोई बता नहीं है
01:47कि वो किते रहे
01:48हम लोगों ने उन्हें जो तस्वीर दिखाई
01:50हमने वो पहचान जो है
01:52गुरूप में शेर कर दिये
01:53हम चाहते हैं कि वो सुरक्षित होगा
01:56इश्वर से हमारी यही बस हम जितना कोशिश करें
01:59जल्दी से जल्दी उसको ढूंडे
02:01और एक बहन नहीं है ऐसी
02:03मैंसाने कितने परिवार है जिनको पता भी नहीं
02:05कि उनके बच्चे इस दुनिया में नहीं
02:06कितने सालों से आपका वाई रहता है
02:08वहां पर उसका नाम खंडी बता लिए उसका नाम पवन है
02:12और उसको अभी एक महीना भी नहीं हुआ थे
02:15स्पीची में शिप्ट हुए है अच्छा और कहां से पवन आया था है
02:20और यह से अच्छा और क्या पढ़ाई पड़ता था पर आपका फिसकल साइन
02:59कि प्लीज एक्षण लिजे जितने लोग दबे हुए उन्हें निकालिये उन्हें हॉस्पिटलाइज कीजे उनको
03:08सुरक्षिद ये जाए प्लीज
03:13वैसे हाथसे के बाद अपने दोस्त को बचाने के लिए अन्मोल यादव भी मौके पर पहुँचे थे
03:17जिनके दोस्त सत्यनिकेतन में गिरी इमारत के मलबे में फस गए थे
03:21अन्मोल के मुताबिक उनके दोस्त नीरज ने हमें फोन करके बताया कि वो यहाँ फस गया है
03:25और उसकी कमर के नीचे का हिस्सा मलबे के नीचे दब गया था
03:29उसने अपनी लोकेशन और जानकारी हमें भेज दी थी
03:31इसलिए हम तुरंट वहाँ पहुचे
03:33हालाकि शुरू में पुलिस ने हमें अंदर नहीं जाने दिया
04:01हुआ है उसके बाद फिर हम मतलब वहां से निकल के जब उपर पहुंचे तो
04:05हमने उसको देखा तो उसने अपना फोन हमें पकड़ाया हम उसको निकाल रहे थे इतने में
04:09पुलिस ओलिस वालों ने हम सबको पीछे कर दिया था फिर इसके बाद दो गंटे था वह उपकर करके और
04:26उसको वहां से बहार निकाला फिर उसको प्राइमस बेज दिया जहां बेजने हो भी मतलब था
04:30नहीं उसको उसको प्रॉपर किसी अच्छे ट्रीटमेंट की दरू होती है हरे स्टुडेंट को में हम अगर वो किसी गलत
04:36पीजी में कहीं पूरानी बिल्डिंग पर रहे रहा है को इसन मरने की अलत में उसको प्राइमस बेज रहे हो
04:40या कहीं भी जांगा इलाज हो नहीं सकता ह
04:42उसके बाद फिर उसको एम रिफर करा तो हम लोग तुरंट उसको अम उसको एमस लेकिया है तुरंट अब यहां
04:48में उसका ट्रीटमेंट चल रहा है उसकी पहलवे बून वगरा जा चुकी है
04:54उनके फादर आ रहे हैं भी रास्ते में जम्मू आपने क्या देखा अपार्टम पुलिस हैं जो वहां यही था है
05:04मैं बच्चे सारे दबे हुए थे वह बिल्डिंग बता रहे हैं बहुत जादा पुरानी थी उसमें कंस्ट्रक्शन का नीचे काम
05:09चल रहा था बेस्मेंट का
05:10जो कि अगर बच्चे वहां रहे हैं तो चलना भी नहीं चाहिए था कोई पुरानी बिल्डिंग से यहां पीजी वगरा
05:15इतने महिए कि स्टूडेंट के पास कोई ऑप्शन ही नहीं होता रहने का इस्टूडेंट को रहना इतने हैं पुराने पीजी
05:20में स्टी बढ़ता कि उ
05:58फिल्हाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रही है वन इंडिया हिंदी के साथ
06:19प्यूश्या जा-प्यूश्या टैजिए कर सकता है कि बाकी में आपडेट आप
06:24जालोगा नहीं अचैना कि उल्लीओ को घंप लाटने के वे लिए वे इस उना है

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