00:09सिंधू के पानी पर एक बार फिर भारत और पाकिस्तान आमने सामने हैं और इस बार टकराव सिर्फ पानी का
00:14नहीं बलकि संप्रभुता और अंतराष्ट्य कानून की व्याख्या का भी है
00:18हेग स्थित तथा कथित Court of Arbitration ने सिंधू जल संधी को लेकर बड़ा फैसला सुनाया लेकिन भारत ने इस
00:24फैसले को मानने से साफ इनकार कर दिया
00:26भारत ने कहा है कि जिस निकाय ने ये फैसला सुनाया है उसकी वैधता को ही नहीं दिल्ली स्विकार नहीं
00:31करती
00:32यानि कोट का फैसला अपनी जगा लेकिन भारत का रुख भी बिल्कुल साफ है इस फैसले का भारत के संप्रभू
00:38निर्नयों और अपनी जल विद्यूत परियोजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा
00:42आखिर पूरा मामला क्या है और पाकिस्तान इस फैसले को अपने लिए बड़े काम्याबी क्यों मान रहा है
00:48दरसल 31 अगस्त 2026 को कोट अफ आबिट्रेशन ने सिंधु जल संधी की मौजूदा स्थिती पर अपना अवोर्ड जारी किया
00:55कोट ने कहा कि 1960 की सिंधु जल संधी अभी भी लागू है और भारत अपने स्तर पर इसे निलंबित
01:01या समाप्त नहीं कर सकता
01:03कोट ने ये भी कहा कि पश्चिमी नदियों पर भारत की जल विद्यूत परियोजनाओं से जुडी संधी की जिम्मेदारियां जारी
01:09रहेंगी
01:09लेकिन भारत का कहना है कि इस फैसले को स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता
01:14विदेश मंत्राले ने कौट अफ आबिट्रेशन को अवैध रूप से गठित निकाय बताया है
01:18भारत का तर्क है कि विश्व बैंक की ओर से इस निकाय का गठन सिंधु जल संधी में तैप्रक्रिया के
01:23विपरीत किया गया
01:24भारत पहले से ही इस कोट के अधिकार क्षेतर को नहीं मानता और इसकी कारिवाही में शामिल भी नहीं हुआ
01:30है
01:30इसलिए नई दिल्ली का कहना है कि जिस निकाय के अधिकार क्षेतर को भारत मानता ही नहीं उसके फैसले भारत
01:36के लिए बाध्यकारी नहीं हो सकते
01:37अब सवाल उठता है कि कोट ने ऐसा क्या कहा है जिससे पाकिस्तान को उम्मीद बंधी है।
02:07और पावर इंटेक स्ट्रक्चर पर एक निर्धारित स्तर से उपर कॉंक्रीट का काम फिलहाल सीमित रहेगा। ये प्रतिबंध न्यूट्रल एक्सपर्ट
02:14के अंतिम फैसले के 90 दिन बाद तक लागू रहेगा। न्यूट्रल एक्सपर्ट का फैसला जुलाई 2027 में आने की उ
02:34भारत ने ये भी कहा कि इस तथा कथित कोट के मौजूदा या भविश्य के फैसलों का भारत की पर्योजनाओं
02:40से जुड़े उसके निर्नयों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यानि नई दिल्ली का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है। राष्ट्यहित और संप्रभ�
03:01के पानी के इस्तिमाल को लेकर दोनों देशों के अधिकार और जिम्मिदारिया तैकी थी। दशकों तक दोनों देशों के बीच
03:07युद्ध और तनाव के बाविजूद ये समझोता चलता रहा। लेकिन 2025 के पहलगाम आतन की हमले के बाद भारत ने
03:14संधी को अबेयंस में र�
03:36पानी अब सिर्फ नदी का पानी नहीं रहा। ये भारत पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक, रणनीतिक और कानूनी टकराव का नया
03:43मोर्चा बन चुका है। आने वाले समय में न्यूट्रिल एक्सपर्ट का फैसला और भारत पाकिस्तान के बीच बातचीत इस विवाद
03:49की दि
04:01आया है।
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