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ईरान ने हाल ही में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में अपनी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करते हुए रूस और चीन का अहम सैन्य समर्थन हासिल कर लिया है इस ऐतिहासिक कूटनीतिक और रक्षात्मक समझौते के बाद पश्चिम एशिया में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, जिससे अमेरिका और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चिंताएं काफी बढ़ गई हैंविश्लेषकों का मानना है कि रूस और चीन के साथ ईरान का यह नया सैन्य गठबंधन सीधे तौर पर पश्चिमी देशों की नीतियों को एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।इस गठजोड़ से वैश्विक स्तर पर तनाव गहराने की आशंका जताई जा रही है, जिसे कई विशेषज्ञ संभावित रूप से 'विश्व युद्ध 3' के खतरे से जोड़कर देख रहे हैं।ब्रिक्स मंच के जरिए ईरान ने पश्चिमी प्रतिबंधों को धेंगा दिखाते हुए अपनी रक्षा क्षमताओं को उन्नत करने का एक स्पष्ट संदेश दे दिया है।इस कूटनीतिक घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति को दो स्पष्ट ध्रुवों में बांटने की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है, जिसके दूरगामी परिणाम पूरी दुनिया पर पड़ेंगे।भारत और अन्य विकासशील देशों के लिए भी इस नए भू-राजनीतिक समीकरण को समझना और इस पर पैनी नजर रखना बेहद आवश्यक हो गया है।आने वाले समय में मध्य पूर्व में होने वाली हर एक गतिविधि इस बड़े गठबंधन और अमेरिका के रुख के इर्द-गिर्द ही घूमती हुई नजर आएगी।

Iran has significantly strengthened its geopolitical standing by securing crucial military backing from both Russia and China at the recent BRICS summit.This high-stakes strategic and defensive alignment is rapidly shifting power dynamics in the Middle East, deeply alarming the US and Donald Trump's administration.Analysts believe that this robust defense alliance directly counters Western hegemony and poses a formidable challenge to global superpowers.International experts are voicing concerns that these escalating tensions could edge the world closer to unpredictable conflicts resembling a Third World War.By leveraging the BRICS platform, Tehran has signaled that Western sanctions will no longer hinder its technological and military modernization.This major geopolitical shift is accelerating the division of global power into distinct blocs, with profound implications for international trade and security.Developing nations and global observers are closely monitoring how this trilateral axis will reshape energy markets and regional stability.Moving forward, every strategic move in the Middle East will heavily revolve around this emerging powerhouse alliance and the West's counter-strategy.

#IranMilitary #BRICSSummit #ChinaRussiaAlliance #WorldWar3 #USPolitics #DonaldTrump #Geopolitics #MiddleEastCrisis #GlobalNews

Video Timestamps

00:00 - 01:00 | Introduction: Iran's Big Move at BRICS
01:00 - 02:30 | China and Russia's Strategic Military Backing
02:30 - 04:00 | The Reaction from the US and Donald Trump's Administration
04:00 - 05:30 | Analyzing the Threat of World War 3 and Global Tensions
05:30 - 06:45 | Economic and Defense Implications for the Middle East
06:45 - 08:00 | Conclusion: What This Means for Global Power Dynamics

~PR.512~HT.408~ED.108~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00सवाल मैं पूछने जा रहा हूँ सर, BRICS Summit को लेके, BRICS Summit की बात हो रही है, BRICS में
00:05एरान भी है, भारत भी है, चीन भी है, राश्या भी है, कुल मिलाके BRICS का जो पूरा मतलब ही
00:11वो है, कि जो Global South है, उनको empower करना है, उसी Global South में अब एरान भी आता है,
00:18तो देवनाचर मैं समझन
00:19चाओंगा, कि Trump ने पिछली बार कहा था, कि BRICS is dead, अब इस बार वो फिर से मेडिया के
00:27साब ने कुछ कुछ कुछ कह रहे हैं, लेकिन BRICS को नजर अंदास कर रहे हैं, BRICS से डर रहे
00:33हैं, BRICS से भाग रहे हैं, पर because Iran is involved in it, क्या वो कुछ अलग action ले सकते
00:40हैं, मुझे बहुत
00:41अच्छे से आदे, लास्ट टाइम उन्होंने टारिफ्स की धंकी दी थी, अब क्या कोई और धंकी आ सकती है, अकर्ष,
00:49BRICS is dead, ऐसा कहके वो BRICS की अवहेलना करने की कोशिश करते हैं, लेकिन जमीनी इस तर पर BRICS
00:58जो है एक reality है, अभी 11 मुल्क हैं, 10 मुल्क और
01:04observer status में हैं, आ रहे हैं, अस्ते अस्ते जोइन करेंगे, तो जब जैसे जैसे ये एक trade body के
01:13हिसाब से grow करेगा, उतना ही ज्यादा powerful होगा, फिलाल trade, transfer of technology, cultural आदान-परदान, आतंकवादी गतिविदियों के
01:26खिलाफ action, sharing of intelligence, सबसे बड़ी बात है, एक तरह का
01:33राजनितिक चिंतन, इन सब देशों के बीच में share किया जाएगा, और इरान war के perspective से समझना चाहूँगा, सर
01:41की इरान के साथ, इरान गुहार लगाएगा, रशिया चाहिना इंडिया से, इरान के perspective से BRICS को अगर आप थोड़ा
01:50समझा पाएं,
01:51आखर देखो, BRICS ने हमेशा कोशिश की है कि सिरफ common मुद्धों पर joint statement दिया जाए, यह एक बहुत
02:00डेलिकेट एरिया है, क्योंकि देखो, दस या कहें तो 21 राश्टा धक्षा यहां पर होंगे, तो सबका एक अलग-अलग
02:10नजरिया होगा, तो BRICS में encourage यह किया जाता है कि �
02:14जहां-जहां common shared understanding है, उस पर एक joint statement issue कर दें, तो देशों के अपने दीपक्षिये मुद्धे
02:24हैं, उनको भी discuss किया जाता है, लेकिन प्रिष्ट भूमिली, side lines पर, तो इरान जाहिर बात है, शीर दिंपिंग
02:34से पैजश्कियान मिलेंगे, कहेंगे कि हमें और क्या मदद दे सकत
02:42हैं, भारत भी इरान और भारत के बीच में जो दिवपक्षिये संबंध हैं, उनको और मजबूत कैसे बनाया जाए, उसके
02:50बारे में बातचित करेगा, अभी हमने इरान में नया ambassador भेजा है, उसकी क्या घूमिका होगी, हम चाहते हैं कि
02:57युद्ध अगर ठंडा पड़ता है �
03:00तो हम वापस चाबाहर कोट में जाएं, अमेरिका ने हमें दवाब में डालकर चाबाहर से आउट कर दिया, चार-चार
03:07भारतिये कंपनी को, हम चाहते हैं कि भाविश्ये में अगले 10 साल या 15 साल में जब एरान से Central
03:15Asian countries तक North South International Corridor बनेगा, तो हम उसको भागीदार बने, तो �
03:24यह जो दिवपक्षिये वारतालाख होते हैं, खालतोर से जो ऐसा है जो बात होती है, अनकमफर्टेबल बात होती है, अंडरस्टेंडिंग
03:33यह है कि आप लोग आपस में बात कर लो, उसको ब्रिक्स के प्लेटफॉर्म में फिलहाल लाँच ना किया जाए,
03:39जी, बहुत अच
03:53आपसे में सोच, समझना चाहूंगा कि क्या रशिया, चायना और खुलकर एरान का इस जन्ग में समर्थन करने वाले हैं,
04:00इकुल अकरशी रिखे कभी भी हैड़ अन न रशिया आएगा न चायना आएगा समर्थन में, वो क्रिटिसाइज जरूर करेंगे, खंडन
04:12जरूर करे
04:13बट अमेरिका से face to face कभी नहीं आएंगे, backdoor help जरूर देंगे, technical help, GPS location के द्वारा देंगे,
04:23बट head-on देखें कभी वो अमेरिका के साथ नहीं आएंगे, सबसे पहले तो देखें, रुषिया ओलरी एक war में
04:28involved है उक्रीन के साथ, चाइना हमेशा एक isolated entity की तरह रहता है, तो definitely backdoor कर
04:35आएंगे, front foot पे नहीं खेलेंगे, दूसरी बात आते हैं, देखें, BRICS में बड़ा interesting होने वाला है कैसे Iran
04:42और UAE भी part आने वाला है इस बार, UAE भी participate कर रहा है BRICS में, BRICS summit में
04:49इस बार, तो देखने के लिए होगा कि देखें, BRICS को अहाम, as in America, जैसे आपने सर से भी
04:57पूच
05:05पहले वो सिर्फ एक acronym समझता था, अमेरिका उसको, बट आज के टाइम में, अमेरिका उसको ignore नहीं कर सकता,
05:12afford नहीं कर सकता, कि वो BRICS जैसे, एक strong और हमने G7 को भी मात दे दिया, in fact,
05:19आज के टाइम में, जो BRICS countries है, 40% GDP, total globe का BRICS countries के पास है, 50
05:27% total population of the world BRICS countries के पास है, trillion dollars का, �
05:32तो हम trade ही कर रहे हैं आपस में, तो एक बहुत powerful platform हो गया है BRICS, हम एक
05:40देखते हैं कि हम इसको anti-western alliance नहीं बोलेंगे, बट एक ऐसा platform बोलेंगे, जहां diversity है, जहां जितनी
05:47भी emerging economies है, कहीं न कहीं global south की जो political आवाजे है, सब आके कहीं आवाज रख सकती
05:55हैं, तो उसमें Iran है, UAE ह
05:57सब चाहे कितना भी confrontational हो, बट यहां आके सब चाहते हैं कि कैसे coordination हो, हमने IMF से हम
06:05अगर लोन लेते थे पहले, जो again काफी, मतलब कोई या कोई भी international organization के पास जाते थे, तो
06:11हमेशा एक best के लिए soft corner लगते थे, एक हम देखते थे कि IMF कोई लोन देगा, या World
06:18Bank कोई लोन देगा,
06:20बट अभी जो BRICS का जो नया bank है, NDB, New Development Bank जो है, 139 प्रोजेक्ट से उपर कर
06:27चुका है, currencies में अपने, उसमें करता है, local currency में लोन देता है, तो कहीना कही एक हो जो
06:32West का influence था, पूरी दुनिया पर से जी, कम करेगा, alternative platform बनके BRICS आ रहा है, तो देखें,
06:41America उससे rattle तो होगा, ब
06:50कम कर पाएंगे, तो ग्लोबल साउथ के लिए बहुत अच्छा है, पर आकरी सवाल, आकरी सवाल देवनाद साब सर, आप
06:56से ये पूछूँगा, कि इरान-US war अब कहां जा रही है, साथ महीने हो चुके है, इरान जुकने का
07:04नाम नहीं ले रहा, asymmetric warfare कर रहा है, missile drones धड़ा-ध
07:09चोड़ रहा है, अब ये war किदर जाके खतम होगी, क्या रशिया युकरेन की तरह 3-4 साल खेलते रहेंगे,
07:17या एक-दो महिने में आपको कुछ conclusive होता दिख रहा है, आकर देखो, तीन नवंबर को तो यह युद्ध
07:27ऐसा ही चलता रहेगा, तीन नवंबर तक, क्योंकि डोन
07:39चाबीस पतीशत मानी जाती है, कुछ स्टेट ऐसे हैं, जो कि वोटर्स के फाइनल डिसिजन के लिए अभी इंतजार कर
07:49रहे हैं, ये वोटर्स जो हैं, ये ऑक्टोबर के आखरी हफते में ही डिसाइड करेंगे कि स्विंग वोट स्टेट्स जो
07:57हैं, कि डेमोग्रेट्स की �
07:59जाएं या रेपब्लिकन जी तो टॉनल्ड टॉप अपनी जो रैम्बो इमेज है उसको बरकरार कमी कुछ करेंगे ये पर्श्चन गर्फ
08:08के अंदर बंबारी चलाते रहेंगे इरान की में लैंड की तरफ नहीं जाएंगे वो आकाश याद है ना हमारे जब
08:17हम लोग छोटे थ
08:26करेंगे कम से कम तीन नवंबर तक और भी हमले करते रहेंगे बिल्कुल बहुत अच्छी आनालेजी देके आपने समझाया कि
08:36वो कावबोई की तरह पहले हमला करता रहेगा थोड़े बहुत टैंक को जड़ाता रहेगा कभी यहां खर्ग आईलिंड पे दो
08:43-चार रॉकेट �
08:44जड़ा लाराक आईलिंड पे माफ कीजेगा दो-चार लांचर जड़ा देगा यही सब चलता रहेगा यह देवनात सहर का मानना
08:51है

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