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  • 1 week ago
दुनिया के चिप वॉर में भारत अब सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि बड़ा खिलाड़ी बनने की तैयारी में है. मोबाइल से लेकर कार, AI से लेकर मिसाइल और सैटेलाइट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक हर हाईटेक सिस्टम की धड़कन है सेमीकंडक्टर चिप. और अब भारत ने इस चिप इकोसिस्टम को नई रफ्तार देने के लिए Semicon 2.0 लॉन्च कर दिया है. सरकार का लक्ष्य है एक लाख नए सेमीकंडक्टर इंजीनियर तैयार करना, करीब 100 रणनीतिक चिप्स विकसित करना और देश में चिप की पूरी सप्लाई चेन खड़ी करना. इसके लिए सरकार ने 1.27 लाख करोड़ रुपये का बड़ा बजट रखा है. Semicon 2.0 सिर्फ सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियां लगाने की योजना नहीं है. सरकार का फोकस चिप की पूरी वैल्यू चेन पर है. सरकार ने छह रणनीतिक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है. कंप्यूटर, मेमोरी, RF यानी रेडियो फ्रीक्वेंसी, पावर, नेटवर्किंग और सेंसर. इन सेक्टर में करीब 100 महत्वपूर्ण चिप्स की पहचान की जाएगी.  इसके लिए प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की अध्यक्षता वाली हाई लेवल कमेटी तय करेगी कि किन चिप्स को सरकारी प्रोत्साहन दिया जाए.

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00:23Semicon 2.0
00:30सरकार का लक्ष है एक लाख नए सेमी कंड़क्टर इंजीनियर तयार करना, करीब सौर रणनितिक चिप्स विकसित करना और देश
00:37में चिप की पूरी सप्लाई चेन खड़ी करना, इसके लिए सरकार ने 1.27 लाख करोड रुपए का बड़ा बज़ट
00:45रखा है।
00:46Semicon 2.0 सिर्फ सेमी कंड़क्टर फाक्टरियां लगाने की योजना नहीं है। सरकार का फोकस चिप की पूरी वैल्यू चेन
00:54पर है।
00:54सरकार ने 6 रणनितिक शेत्रों को प्राथमिक्ता दी हैं। कंप्यूटर, मेमोरी, RF यानी रेडियो फ्रिक्वेंसी, पावर, नेटवोकिंग और सिंसर।
01:04इन सेक्टर में करीब 100 महदवपून चिप्स की पहचान की जाएगी। इसके लिए प्रधान विज्ञानिक सलहकार और रास्ट्रिय सुरक्षा सलहकार
01:12की अधिक्षता वाली हाई लेवल कमीटी तै करेगी कि कि इन चिप्स को सरकारी प्रोथसाहन दिया जाए।
01:20लेकिन चिप फाक्टरी सिर्फ मशीनों से नहीं चलती। इसके लिए चाहिए हाई स्किल इंजीनियर्स।
01:26सरकार का दावा है कि पहले चरण में 85,000 सेमिकंडक्टर इंजीनियरों को ट्रेनिंग देने का लक्ष तै समय से
01:336 साल पहले ही हासल कर लिया गया।
01:35अब दूसरे चरण में एक लाख और इंजीनियर्स तैयार किये जाएंगे।
01:39इसके लिए चिप डिजाइन प्रोग्राम को देश के 355 विश्व विद्यालेव तक पहुचाया गया है।
01:45खास बात ये है कि इनमें सिर्फ बड़े शहर नहीं बलकि टियर टू और टियर थी शहरों के संस्थान भी
01:52शामिल है।
01:53अब तक छात्र 255 चिप डिजाइन कर चुके हैं।
01:56भारत अब विदेशी टिकनोलिजी खरीदने के बजाए अपनी सेमी कंड़क्टर IP, चिप्स, सिस्टम ओन चिप और मॉड्यूल विकसित करने की
02:05दिशा में बढ़ रहा है।
02:07इसके लिए कंपनिया, मल्टी नाशनल कंपनियों, स्टार्ट अप्स और युनिवर्सिटीज के साथ मिलकर काम करेंगी।
02:14वहीं चिप डिजाइन के लिए ARM, IMB पावर और RISCV जैसे टिकनोलिजी प्लेटफॉर्म्स का इस्तमाल किया जाएगा।
02:23भारत पहली ही सेमी कंड़क्टर मनिफाक्चरिंग की दिशा में कदम बढ़ा चुका है।
02:28सरकार के मुताबिक 6 राजियों में 12 सेमी कंड़क्टर प्रोजेक्ट्स को मन्जूरी दी जा चुकी है।
02:33इनमें सिलिकॉन फेब्रिकेशन यूनिट, कंपाउन सेमी कंड़क्टर, डिस्प्ले यूनिट्स और 80MP, OS80 पकेजिंग प्रोजेक्ट्स शमिल है।
02:44इनमें से कुछ प्रोजेक्ट्स ने 2026 में कमर्शल प्रोडक्शन भी शुरू कर दिया है।
02:50अब सरकार का फोकस साफ है।
02:52कागस पर प्रोजेक्ट्स नहीं, जमीन पर फाक्टरी और बाजार में दरसल सेमी कंड़क्टर अब सिर्फ टेक्नॉलोजी का कारोबार नहीं रहा।
03:01ये रणनितिक ताकत बन चुका है।
03:03अमेरिका, चीन, जापान, दक्षर कोरिया, ताइवान और यूरोप सभी चिप मनिफाक्टिरिंग और सप्लाई चेन पर भारी निवेश कर रहे हैं।
03:13क्योंकि जिस देश के पास चिप होगी, उसके पास electronics, AI, automobile, defense और digital technology में बढ़हत होगी।
03:23भारत भी इसी global race में अपनी जगह मस्बूत करना चाहता है।
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