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बिहार के भागलपुर के मदरौनी गांव में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। बाढ़ का पानी गांव के कई घरों में घुस चुका है और लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाढ़ के दौरान करीब तीन महीने तक ऐसी ही स्थिति बनी रहती है। लेकिन इस बार बाढ़ के पानी के साथ एक बड़ा सवाल भी सामने आया है, बाढ़ और Repair Work के नाम पर मिलने वाला पैसा आखिर जाता कहां है?

वीडियो में एक स्थानीय शख्स का दावा है कि हर साल ₹10 से ₹12 करोड़ Repairing के लिए दिए जाते हैं, लेकिन पिछले 10-15 साल से हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। स्थानीय शख्स ने यह भी सवाल उठाया कि अगर इतनी रकम से मजबूत Cement की दीवार और Flood Protection का काम किया जाए तो गांव को राहत मिल सकती है, लेकिन उनका आरोप है कि इसका फायदा Contractors को मिलता है। वहीं, बाढ़ के बीच बच्चों के बीमार पड़ने और बुखार होने की बात भी सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें जरूरी Medical और Administrative मदद नहीं मिल रही और गांव में बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है।

कोसी के पानी से घिरे मदरौनी में बाढ़ की Ground Reality क्या है और करोड़ों के Repair Fund को लेकर ग्रामीणों के सवाल कितने गंभीर हैं? देखिए पूरी रिपोर्ट।



ABOUT THE STORY-

The flood situation in Bihar’s Madrauni village has brought the ground reality of the Kosi flood into focus. As rising waters enter homes, residents are forced to depend on boats for nearly three months, while children are reportedly falling ill and basic medical facilities remain out of reach. Amid the crisis, locals have raised questions over ₹10–12 crore allegedly allocated every year for repair work, claiming that the same flood-related problems have persisted for the last 10–15 years. Residents are also questioning where the funds go and whether adequate flood-protection work is actually being carried out on the ground. The story highlights the Kosi flood crisis, lack of basic facilities, healthcare concerns and allegations raised by residents over flood-control spending in Madrauni.

#BiharFlood #KosiRiver #Madrauni #Bhagalpur

~ED.106~HT.408~GR.508~VG.HM~

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Transcript
00:01बिहार में कोसी नदी का जलिस्तर बढ़ने से मदरौनी गाउं में आई अचानक बाड़ से हालात बेहत कमभीर हो गए
00:09है।
00:09बाड़ का पानी तेजी से गाउं के कई घरों में घुज गया है जिससे इस्थानिय लोगों को भारी परिशानी का
00:17सामना करना पढ़ रहा है।
00:19घरों और आसपास के इलागों में पानी बढ़ने से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
00:25इस्थानिय लोग मुश्किल परिस्थितियों में अपना सामान सुरक्षित करने और सुरक्षित इस्थानों तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं।
00:34गाउं में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। और तबाही का मंज़र बना हुआ है।
00:57करन देकर आने का जाता है अगर जो दस कर और दो डूर लाइंद का दिवाल देगा तो वह दीवाल
01:10भी बन जाएगा
01:12कि टेकेदार के ध्रमगु यो देता है जी करौ तक जो ड़ेटार आप पूपशामी होता थो किमाँ त्रशक्षम्षय और इंगे
01:19रहा है
01:24प्राशाससन ड्यान नहीं दे रहा है परसासन तो फुलिस होता है
01:29आप से अपने जोनी में लेकर जाता हम पिस्त, दिखाने का दे देता है कि राइट करोर रूपया दिये, पैसा
01:38आ जाता है कहां?
01:55पैसे कहां लेकर जा रहा है?
01:56जरींगटर आएगा।
01:58जरींगटर आएगा।
02:00तो अभी क्या नाव से आगा है?
02:03कितना दिन तग लियस्धिती राथा?
02:0518,7 By чуть-19
02:06तो भ Caitlin को भी दुच्टर के पास दिखा?
02:13अभी कब से अभी उस्थिति देख रहा है?
02:15यह तो ही स्थिति गीड़्ञ थागल, ना काम तर सके बादा ना बचाओं तो भी भीड़्यशेयर दोक्टर के पास दिखा
02:24है, मैं कितने दिन से दवियत करा वो भीड़्य है?
02:26क्काल से बुखार हो गया है
02:27कोई देखने वलाया है परसासन कोई सुभी दाए
02:33कर दो
02:38कर दो
02:39कर दो
02:48कर दो
02:51कर दो
03:07तो आपी झाल, प्सक्ड़दा का रर हो गाल, प्सकीत, प्सक्रूदा कर लका रखे हैं
03:14प्सक्राव समय कर राल, टो रखे शीम में लगान का लेके लाइब
03:33जूमारे फिर और सब्सक्राप्स करें
03:36आगाए सक्षाइब यृण हे लिव ही
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