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  • 2 months ago
Hal Chhath Vrat Parana 2026: हरछठ (हल षष्ठी / ललही छठ) का व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत माताएं अपनी संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। इस दिन भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का जन्मोत्सव मनाया जाता है, जिनका मुख्य शस्त्र हल (Plough) है। मुख्य परंपराएँ एवं नियम: अन्न नियम: इस दिन केवल वही अनाज या साग खाया जाता है जो बिना हल जोते (बिना जुताई के) उगता है, जैसे—पसही/तिन्नी के चावल, महुआ और कर्मइया का साग। दूध का नियम: गाय के दूध, दही या घी का सेवन वर्जित होता है। केवल भैंस के दूध, दही और घी का उपयोग किया जाता है। पूजा विधि: घर के आँगन या पूजा स्थल पर छोटा तालाब/कुंड बनाकर कुश (घास) और पलास की शाखाएं लगाकर हरछठ माता व बलराम जी की पूजा की जाती है और व्रत कथा सुनी जाती है।Hal Chhath Vrat Parana 2026: Harchat Ya Lalai Chhath Vrat Parana Samay,Kya Khakar Khole Upvas ?

Har Chhath (also known as Hal Shashthi or Lalahi Chhath) is a sacred Hindu festival observed on the sixth day (Shashthi) of the dark fortnight (Krishna Paksha) in the month of Bhadrapada. Fasting on this day is observed primarily by mothers for the longevity, health, and prosperity of their children. The day marks the birth anniversary of Lord Balarama, the elder brother of Lord Krishna, whose divine weapon is the Hal (Plough).

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~HT.318~PR.111~ED.464~VG.HM~
Transcript
00:04हरचट या हल सश्टी या ललाई चट का वरट अगर माताएं अपने संतान की दीरगायू के लिए कर रही हैं
00:11तो आईए इस वीडियो में आपको बताते हैं कि हरचट के वरट का पारण समय और विधी क्या होगी
00:17उपवास आपको क्या खाकर खोलना चाहिए आईए ये भी जानेंगे
00:21वरट पारण की तिती दो सितंबर बुधवार को है वही पारण का समय सुबद 6 बचकर 12 मिनट से शाम
00:294 बचकर 25 मिनट तक रहेगा
00:31ध्यान रहे किसी भी वरट का पारण करने से पहले दान दक्षना जरूर करने चाहिए ऐसे में आप भी अन्न
00:38का दान जरूरतमंदों और घरीब रामभणों को कर सकते हैं
00:42दान दक्षना करने के बाद आप पारण के समय बिना हल जोते उगने वाली तिलनी या पसही का चावल खाकर
00:49अपना वरत खोल सकती हैं
00:51हरचट के वरत में केवल भैस के दूद, दही या उससे बनने वाली घी का ही सेवन किया जाता है
00:57ऐसे में पारण के दोरान भी इन ही चीजों का सेवन करें
01:00महुआ के पत्ते, फल और ताला भी अबिना जोताई के पैदा होने वाली वस्तुएं जैसे सिंहाडा, कमया का साग खा
01:07सकती हैं
01:07आपने जो भी हर्चट की पूजा में भोग चड़ाय था उन्हें प्रसाद स्वरूप ग्रहन करें और उसके बाद सात्विक भूजन
01:15करके अपने वरत का पारण कर लें
01:17फिल्हाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें

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