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  • 5 weeks ago

नगरपरिषद का जर्जर सभागार बना कबाड़घर, जहां कभी गूंजती थी बोर्ड की आवाज अब लटका है ताला

2020 में इसी भवन में हुआ था सभापति का चुनाव, इस बार प्रशासन को तलाशनी पड़ेगी दूसरी जगह

सवाईमाधोपुर. शहर की नई सरकार चुनने की कवायद के बीच नगरपरिषद की बदहाली भी सामने आ गई है। सभापति चुनाव की तैयारियां शुरू होने के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर शहर का अगला सभापति चुना कहां जाएगा। जिस नगरपरिषद भवन में पांच साल पहले सभापति का चुनाव हुआ था, वही सभागार अब जर्जर हालत और बदहाली के चलते चुनाव कराने लायक नहीं बचा है। सभागार में टूटी कुर्सियां, बिखरा सामान और अव्यवस्था का आलम है तथा लंबे समय से यहां ताला लटका हुआ है। ऐसे में इस बार चुनाव के लिए नगरपरिषद के अपने भवन के बजाय दूसरे सरकारी भवन का सहारा लेना पड़ेगा। खास बात यह है कि पिछले पांच साल में नगरपरिषद पर कांग्रेस और भाजपा दोनों का बोर्ड रहा, लेकिन दोनों ही कार्यकाल में सभागार की सुध नहीं ली गई। नतीजतन अब जब शहर को नया सभापति चुनने की बारी आई तो नगरपरिषद के पास चुनाव कराने के लिए अपना ही ठीक-ठाक सभागार नहीं है। उधर, इस बार 21 सितम्बर को अध्यक्ष एवं 22 सितम्बर को उपाध्यक्ष पद पर मतदान होगा।

हालात यह है कि नगरपरिषद के पास अपना सभागार होने के बावजूद चुनाव के लिए अब दूसरे ठिकाने की तलाश करनी पड़ रही है। पिछले पांच साल में सभागार की हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन इसकी मरम्मत और रखरखाव को लेकर जिम्मेदारों ने गंभीरता नहीं दिखाई। नतीजा यह रहा कि अब यह भवन उपयोग के बजाय बदहाली और कबाड़ का अड्डा नजर आ रहा है।
जिस सभागार में होती थीं बैठकें, वहां अब नहीं बैठ सकते पार्षद
नगरपरिषद का सभागार कभी पार्षदों की बैठकों और शहर के विकास से जुड़े अहम फैसलों का केंद्र हुआ करता था। साधारण सभा की बैठकों में पार्षद शहर की समस्याओं को लेकर बहस करते थे और विकास कार्यों पर चर्चा होती थी। वर्ष 2020 में इसी सभागार में सभापति का चुनाव भी कराया गया था। समय के साथ सभागार की हालत खराब होती गई। कुर्सियां टूट गईं, सामान बिखरता चला गया और भवन के रखरखाव की ओर ध्यान नहीं दिया। वर्तमान में हालात इतने खराब हैं कि यहां बोर्ड की बैठक तक कराना मुश्किल हो गया। यही कारण है कि नगरपरिषद की बैठकों के लिए भी जिला कलक्ट्रेट परिसर स्थित जिला परिषद सभागार का सहारा लेना पड़ा।

कांग्रेस के बाद भाजपा का बोर्ड भी नहीं करा पाया मरम्मत

पिछली बार नगरपरिषद में कांग्रेस का बोर्ड बना था। इसके बाद सभागार की हालत में सुधार के बजाय स्थिति और खराब होती चली गई। बाद में भाजपा के सभापति के कार्यकाल में भी सभागार की मरम्मत को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। पांच साल का कार्यकाल बीत गया, लेकिन नगरपरिषद अपने ही सभागार को उपयोग लायक नहीं बना सकी। अब इसका खामियाजा नगरपरिषद को सभापति के चुनाव के समय भुगतना पड़ रहा है। अपना भवन होते हुए भी चुनाव के लिए दूसरे भवन की तलाश करनी पड़ रही है।
सभागार पर लटका ताला, अंदर बदहाली का आलम
नगरपरिषद का सभागार इन दिनों बाहर से ही अपनी स्थिति बयां कर रहा है। भवन पर ताला लटका है और अंदर टूटी कुर्सियां, बिखरा सामान तथा अव्यवस्थित स्थिति नजर आती है। जिस स्थान पर कभी पार्षद बैठकर शहर के मुद्दों पर चर्चा करते थे, वहां अब सामान्य बैठक आयोजित करना भी मुश्किल माना जा रहा है। ऐसे में आगामी सभापति चुनाव के लिए इस सभागार को विकल्प से बाहर माना जा रहा है। हालांकि अभी जिला प्रशासन ने चुनाव स्थल को अंतिम रूप नहीं दिया है। प्रशासनिक स्तर पर उपयुक्त भवन की तलाश की जा रही है।

चुनाव स्थल पर प्रशासन भी असमंजस में

सभापति चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं, लेकिन चुनाव कहां कराया जाएगा, यह अभी तय नहीं हुआ है। ऐसे में अब सबकी निगाहें प्रशासन के फैसले पर टिकी हैं। एक ओर शहर में नए सभापति को लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ शुरू होगी, वहीं दूसरी ओर चुनाव के लिए नगरपरिषद के अपने सभागार के बजाय दूसरे भवन का इंतजाम करना होगा। यह स्थिति नगरपरिषद की पिछले पांच वर्षों की कार्यप्रणाली और भवन के रखरखाव पर भी सवाल खड़े कर रही है।
2020 में यहीं हुआ था चुनाव, अब बदल गया ठिकाना
नगरपरिषद के सभापति का पिछला चुनाव वर्ष 2020 में इसी सभागार में हुआ था। उस समय यह भवन चुनावी गतिविधियों का केंद्र बना था। पांच साल बाद हालात बदल गए हैं। अब वही सभागार चुनाव कराने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में शहर को नया सभापति तो मिलेगा, लेकिन नगरपरिषद का अपना सभागार इस बार उस चुनाव का गवाह नहीं बन पाएगा।

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अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के लिए घोषित कार्यक्रम पर एक नजर...

-15 सितंबर को जारी होगी नगर निकायों के अध्यक्षीय पदों के लिए लोक सूचना
- नामांकन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर

- नामांकन पत्रों की संवीक्षा 17 सितंबर
- नाम वापसी 18 सितंबर अपरान्ह 3 बजे तक

-अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा मतदान। मतदान समाप्ति के बाद होगी।
-22 सितंबर को उपाध्यक्ष पद पर होगा मतदान।

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इनका कहना है...
सभापति चुनाव के लिए अभी स्थल तय नहीं किया गया है। जिला कलक्टर से चर्चा के बाद ही चुनाव स्थल को अंतिम रूप दिया जाएगा।
मांगीलाल, रिटर्निंग अधिकारी, सवाईमाधोपुर

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