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  • 2 weeks ago
'मैं इस जिम्मेदारी को अपना सौभाग्य...', राम मंदिर ट्रस्ट के CEO बनने पर क्या बोले जितेंद्र मिश्र?

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00:00पिरतीन सेयोगी इस वक्त हमाम जानकारी के साथ जुड़ गए हैं समय श्रवास्ता हमारे साथ हैं कुमार दूर्श चैन समिती
00:05का बहुत हारदिक रूप से धन्यवाद करना चाहूंगा और मैं इसे अपना सौबा के मानता हूं कि उन्होंने इतने सब
00:11कैंडिडेट्स में से मे
00:25ने एक और अवसर प्रदान किया है जहां पर मैं श्रीराम मंदिर और श्रीराम भक्तों की सेवा कर पाऊंगा जो
00:32जो चैन समिती का प्रोसीजर था वो मेरे खिया से इंटरनेट पे मीडिया में उन्होंने प्रसारित किया था और उनका
00:44प्रोसीजर टाइम लाइन्स ये बार
01:05जैसा मैंने कहा कि सर्व पर्थम मैं चैन समिती श्रीराम मंदिर ट्रस्ट और अफकोर्स भगवान श्रीराम का अभारी हूं कि
01:15मुझे इस दायत्व के लिए मेरा चैन किया गया है
01:19और मैं भगवान से ये प्रात्ना करूँगा वो मुझे समर्थे दें कि मैं इस कारे को अच्छी तरह से भली
01:29भाती रूप से कर पाऊंगा
01:44मैं अभी बीते समय की नहीं आगे आने वाले समय की बात ज्यादा करना चाहूंगा आप बीते समय को भूल
01:49जाए और आगे समय में प्रपुर्वाम के क्रिपा से हम बहुत ही बढ़िया तरीके से कारे को करवाएं
01:59अभी कुछ समय पहले ही मेरा प्रथम CEO के रूप में चैन हुआ है और मुझे नहीं लगता कि इस
02:07समय में यह सवाल प्रासंगिक है
02:10मैं जब एक बार CEO की रूप में टेक ओवर करनूँगा तो ट्रस्ट के विश्वास से और अपनी की मदद
02:18से जो भी उत्तम से उत्तम कारे होगा राम मंदिर के लिए वो मैं करने का पूरा प्रेत में करूँगा
02:25और श्री राम से यह प्रातना करूँगा कि मुझे इसके लि�
02:28पूर्पूर साम अर्थे वगान करें ज़ने वालए तुन्यव निर्वाचत सीयो को आप सुन रहे थे तीन सायोगी हमारे साथ जुड़
02:38गए हैं समश्र वासम हमारे साथ जुड़ गए हैं कुमार अभिशेक हैं और सुमित न्यूज्जरूम से इस वक्त हमारे साथ
02:42लाइ�
02:45क्या पूर्टा वज़ा बनी पांश प्रमुक वज़ा मुझे गिना दीजे जितेन मिश्के चैन के लिए
02:56देखे नहां निश्यत तोर पर सबसे बड़ी जो वज़ह थी वो ट्रस्ट के प्रती लोगों का अविस्वास यानि कि इतना
03:03अविस्वास हो चुका था दूसरी बात अगर आप देखें तो कहीं न कहीं लोगों के आस्था पर चोट थी और
03:10बहुत भरोसे के लिए भरोसे के
03:13किसी शक्स की जरूवत थी देखें चुनाओ तो किसी का भी हो सकता था कोई भी उस CEO का ट्रस्टी
03:18अध्यक्ष हो सकता था CEO बन सकता था इस ट्रस्ट का लेकिन चुकी बहुत ही गहरे अविस्वास से इस वाक्त
03:25ये राम जन्भू में 36 ट्रस्ट गुजर रहा है ऐसे में एक �
03:28नाम की जरूवत थी ताकि लोगों का भरोसा इस पर वापिस आ सके और जितेंद्र मिश्र से बहतर नाम कोई
03:35हो नहीं सकता अती विश्र सेवा मिडल से सम्मानित और साथ साथ भारतिय वायू सेना को 43 साल जिनोंने दिया
03:42ऑपरेशन सिंदूर में जिनकी भूमिका सबसे एहम
03:44रही तो ये विश्वास लोटाने की एक बहुत बढ़ी पहल के तौर पर इसे देखा जा सकता है दूसरी बात
03:50जिस तरह के discipline जिस तरह के कोडिनेशन और जिस तरह की efficiency की जरूवत होगी मुझे लगता है कि
03:57जिस तरीके से operation सिंदूर को किया गया कही न कहीं उनके उस कारेशा
04:14तरिके से कई लोगों पर सवाल उठे तो अब कोई भी ऐसे वैसे को ला करके बिचा सकते हैं यह
04:20आप पहला मुख के कारण बता रहे हैं आप बने दें हमाए साथ इस बीच इस पूरी प्रक्रिया को किस
04:27तरीके से किया गया कौन है राममंदिर ट्रस्ट के नए सीयो आई ही जा
04:44राममंदिर ट्रस्ट में एहम जिम्मेदारी सौपी गई है श्री राम जनभूमी तीर्थ छेतर ट्रस्ट ने पूर्व एर माशल जीतेंदर मिश्टा
04:52को आयुध्यार राममंदिर का पहला सीयो बनाया है ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम का एलान किया गया जीतेंदर मिश
05:03अपरेशन से दूर में पश्चिमी बायू कमान को लीड किया था
05:071986 में बायू सेना अकाडमी से भारती बायू सेना की लडाकू स्टीम में कमिशन प्राप्ट हुआ
05:1338 सालों से अधिक के अपने करियर में उनके पास 3000 घंटे से अधिक का उडान अनुभव है
05:19उन्होंने 18 से अधिक तरह के लडाकू और परिवहन विमानों और हिलिकॉप्टरों को उडाया है
05:24ये उस टीम का हिस्सा थे जिसने करगल युद की शुरुआत में मिराज 2000 विमानों पर लेजर गाइड़ेट बमों को
05:31पहुँचाया था
05:32जिनका इस्तमाल बाद में ऑपरिशन सफेद सागर के दौरान टाइगर हिल और मुंधो ढालों पर हुए हमलों में किया गया
05:38था
05:39इतना ही नहीं ऑपरिशन सिंदूर में भी उनका एहम योगदान था
05:44जितंदर मेश्र को अपरेशन सिंदूर के दोरान उनकी भूमिका के लिए सर्बोतम युद्ध सेवा मेडल से सम्मालिट कियागया
05:51इतना ही नहीं आपरेशन सिंदूर के बाद जितंदर मेश्र की प्रधान मंतरी नरेंदर बोदी के साथ एक तस्वीर वाइरल हुई
05:58थी
05:58जिसमें वो PM के साथ नदर आ रहे हैं
06:03जितिंद्र मिश्र का देश के विकास और स्रीवा को लेकर अपना एक विजन है
06:07जिसका जिक्र वो अक्सर करते रहते हैं
06:10यह जरूरी नहीं कि हमें अपने देश के लिए सिर्फ अपनी जान करें
06:17अपनी जिनदिगी का वलिदान देकर ही अपने देश की रश्टा कलते हैं
06:20हम सब लोग हमारे देश के सभी नागरिक अपने देश के लिए ऐसे समाज की रशना करें
06:25जिसमें हम अपने देश के लिए responsibility ले और देश को अमरित काल की तरफ आगे ले जाएं
06:31राम मंदर के पहले सीयो के रूप में जितेदर मिश्र की न्यूक्ती ऐसे समय में हुई है
06:37जब ना केवल दान चोरी घटनाओं को रोकने के लिए सिस्टम बनाना है
06:40बलकि भारी भक्तों की वेवस्था और इंतजामों को भी पूरी तरह से दुरुस्त करना है
06:45जिम्यदारी भले ही पिछले काम से अलग हो
06:48लेकिन सेना का अनुशासन और सेवा का भाव यहां बहुत काम आने वाला है
06:53आज तक विरो
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