00:00बिहार के सहरसा की 12 साल की वैशनवी आनंद भी पिछले 6 महीने से अपने जन्म दिन का इंतजार कर
00:05रही थी। इन 6 महीनों में उसने अपनी गुल्लक में धीरे धीरे पैसे जमा किये थे। मकसद सीधा था। जन्म
00:09दिन आएगा गुल्लक फूटेगी और इतने दिनों से जमा क
00:12कि ये पैसे अपनी पसंद की चीजों पर खर्च होंगी। लेकिन 26 अगस्त को नेपाल में आई बार्ड ने भारी
00:16तबाही मचाई। बार्ड की इन तस्वीरों ने सिर्फ बड़ों को ही नहीं वैशनवी को भी परेशान कर दिया। वैशनवी ने
00:21सोचा कि वह अपने जन्म �
00:23दिन पर जमा पैसे खुद पर खर्च करने वाली है। लेकिन वैशनवी ने फैसला किया कि गुल्लक का पैसा उसके
00:27जन्म दिन पर खर्च नहीं होगा। वह पैसा नेपाल के बार्ड पीडितों की मदद के लिए दिया जाएगा। अब जरा
00:31उस बच्ची के बारे में सोचि�
00:32जिसने 6 महीने तक पैसे इसलिए जमा किये कि जन्म दिन पर अपने मन की चीज खरी देगी। लेकिन जब
00:37जन्म दिन आया तो उसने अपनी खुशी का हिसाब बदल दिया। चार सितंबर कोको जनमाश्टमी थी। इसी दिन वैशनवी का
00:42बर्थडे था। बच्ची की इस पह
00:59जाए गुल्लक में जमा रकम नेपाल के बाड़ पीडितों की मदद के लिए देने का फैसला किया है। उनका कहना
01:03था कि वैशनवी का यह निर्णय समाज के लिए प्रेणा देने वाला है।