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  • 7 weeks ago
SRCC के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी का संबोधन, सुनिए भाषण की बड़ी बातें

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00:01केंद्रियम मंत्री मंडल के मेरे साथी
00:05स्रिमान प्रहलाज जोशी जी
00:09डियू के विसी
00:13योगेश्टी जी
00:16SRCC के प्रिंसिपल
00:19सिम्रित कौर जी
00:23अजय जी
00:25मल्डिका जी
00:27रजज जी
00:31SRCC के जुड़े हुए
00:33सभी साथी
00:35फैकल्टी, स्टाफ
00:39SRCC अलमनाई
00:42और मेरे युवा साथी
00:47मैं छठा खिलाडी हूँ
01:03आज का ये अवसर
01:08स्टीराम कॉलेज अब कॉमर्स के लिए
01:12बहुत अईतिहासिक है
01:17ये देश के सिख्षा जगत के लिए भी उतना ही अहम है
01:26यहाँ
01:28SRCC का हिस्सा रही
01:32अनेक पीडियां
01:34एक साथ जुटी है
01:38मैं आप सभी को
01:42SRCC के इस थर्षाब्दी शमारों के लिए
01:46बहुत बहुत बढ़ाई देता हूँ
01:54मैं इसके संस्थापक
01:57SRSRI Rाम जी को
02:00आदर पुर्वक्षर धाजली देता हूँ
02:03उनके वीजन को नमन करता हूँ
02:08साथियो जब कोई इंसान
02:12सो वर्ष जीता है
02:14तो उसे
02:18अनुभवों का सागर माना जाता है
02:22और जब कोई संस्थान
02:25सो वर्ष का होता है
02:27तो वो उपलब्दियों
02:31और प्रेनाओं का
02:34माहा सागर हो जाता है
02:42अपनी सो वर्षों की सियात्रा में
02:48एसार सिसी ने
02:51पीडियों को घढ़ा है
02:56उने उजबल भविष्ट से जोड़ा है
03:00जो आए उन्होंने पढ़ा
03:04और जो निकले वो घढ़े हुए निकले
03:14इस कॉलेज की आत्रा
03:18दरिया गंज की
03:20वहाँ एक छोटे से स्थान से
03:23शुरू हुई थी
03:26और आज वही छोटा सा कॉलेज
03:29एक विशाल ब्रक्ष बन चुका है
03:34एक ऐसा विशाल ब्रक्ष
03:38तिसने कई पीडियों को छाओं भी दी है
03:42और अपनी शीतलता से
03:45सम्रद्ध भी किया है
03:51आज भी
03:54डियू में जब कोई पूस्ता है
03:57कि कौन सा कॉलेज
04:01तो एसार पिसी कहना ही
04:19एसार पिसी कहना ही
04:22अपने आप में ही एक ठैक्स होता है
04:36साथियों
04:37एसार पिसी के अलुमिनाई भी
04:39बहुत स्पेशल रहे
04:43अगर मैं आपकी भाषा में कहूँ
04:46तो यहां के अलुमिनाई ओजी है
05:19जिनोंने
05:24और रज्य जी ने बड़ी लंबी सुची बताई थी
05:28और इन में से कुछ के साथ
05:32मुझे भी काम करने का आफसर मिला है
05:36हमारे अरून जेटली जी यहीं पड़े थे
05:48और मैं कह सकता हूँ
05:52कि शायद हमारी कोई मुलाकात ऐसी नहीं होती थी
05:56कोई सर्थी सीसी की कोई घटना न सुनाते हो
06:05और कभी-कभी में तंग आ जाता था
06:07कि एकी घटना बार-बार सुलाते थे
06:16अभी मेरी टीम में भाई संजीव सन्याल भी
06:19यहीं से पड़े हुए हैं
06:23बाकी भी काफी साथी हैं हमेरे
06:26और ऐसा नहीं है
06:28कि यहां से सिर्फ अर्थ जगत के ही लोग निकले
06:35कितने ही आर्टिस्ट से लेकर
06:37नेता, वकील, जस्ती सब यहां से निकले
06:42यानि एसार जिस्ती के लोगों ने
06:45हर खेत्र में अपनी धुम मचाई है
07:00दुरंदर ना हो लेकिन दुम तो मचाई है
07:13साथ्यव बीटे कुछ दिनों से इस कारकम की बहुत चर्चा चल रही है
07:19खास्त तौर पर लोग
07:232013 के मेरे संबधन को याद कर रहे है
07:28लोगों ने उसको फिर से सुना है
07:32फिर से पढ़ा है
07:35संबव है
07:37इस नई पिड़ी के लोगों ने भी उसको रिविजित किया होगा
07:44उस पीच के जे एक प्रकार से
07:50मैं कह सकता हूँ कि बेव बन गई थी
07:54एक लहर सी चल पड़ी थी
07:58और आज भी
08:0113-14 साल बाद भी
08:05उस सभाकाव और उस संबोधन का प्रभाव बरकरार है
08:19दाथियों
08:20तब आपकी जगर आपके सीनियर बैठे थे
08:26और मैं तब सीन तो था
08:30लेकिन मैं देश की
08:33मुक्ष विपक्षी पार्टी का एक सदस्य भी था
08:39और संबव तह तब लोग ये उमीद कर रहे थे
08:46कि मैं सबकी केंदर सरकार पर
08:52लंबे चोड़े एटेक करूँगा
08:59आरोपों की जड़ी लगा दूँगा
09:03लेकिन साथियों
09:07विपक्ष में होने के बाद भी
09:13ततकाली सरकार का आलोचक होने के बावजूद
09:19मैंने इस मंच का वो उप्योग नहीं किया था
09:31मैंने एक बीजन रखा
09:35सकारात्मक बाते कहीं
09:39मैंने तब जो कुछ भी कहा
09:43वो मेरा कन्विक्षन था
09:48मैं उन बातों को
09:51उन सपनों को
09:54हमेशा से जीता आया
09:59उस रास्ते पर ही चलता रहा
10:04देश के लिए जी जान से जुटना
10:10देश के लिए जीने का जजबा
10:15जो मेरे भीतर का भाव विश्व है
10:20वो उस दिन
10:222013 में इसी मंच से
10:26मेरा वो भाव विश्व
10:30शब्दों की माला में
10:31एक एक करके प्रकट होता चला गया था
10:41और मैं देर तक बोला था
10:42फिर मैंने स्टूडन से पूछा कि
10:44मैं कंटीनू कर तो उन्होंने जोर से कहा
10:46हखट्टूटे कीजिए
10:52साथियों मैंने उस दिन
10:54पानी के ग्लास का एक उधान दिया था
10:57और देश में उसकी खूब चर्चा भी हुई थी
11:03मैंने बताया था
11:06कि पानी से आधे भरे ग्लास को देखने के
11:10तीन नजरिये क्या होते हैं एक जिनको ग्लास पानी से आधा भरा दिखता है दूसरा जिनको ग्लास आधा खाली दिखता
11:27है और तीसरा जिनको ग्लास पूरा भरा हुआ दिखता है
11:39आधा पानी और आधा हवा से भरा
11:49साथियों ये वो समय था जब देश निराशा के दल दल में दसा हुआ था
12:00मैंने तब भी कहा था कि मैं ग्लास को आधा नहीं देखता है आधा नहीं देखता है मैं ग्लास को
12:13पूरा भरा हुआ देखता हूँ
12:18आधा पानी से आधा हवा से और उस समय आप सब तो स्कूल में रहे होंगे
12:29लेकिन आज इंटरनेट पर जाकर के दोहजार पे ही है अब दोहजार तेरा दोहजार तेरा और उसके आस्पास की खबरे
12:44अगर पढ़ेंगे
12:47तो आपको अंदाज आएगा तब सिचुएशन क्या थी और मैं तो आपसे आगर करूँगा नवजवानों से
12:56कि जराद दोहजार तेरा के उस कालखन की तरफ इंटरनेट पर जाकर के नजर कर दिए
13:05दोहजार तेरा में मेरे उस बाशन के आस्पास के कालखन की उस समय जो हेडलाइन्स हुआ करती थी
13:17अखबारों की हो या टीवी चैनल की हो मैं जरा आज उस हेडलाइन्स में क्या क्या था उसकी जलक आपको
13:29दिखाना चाहता हूँ
13:34अब एक गैंग है जो क्या करेगी मैं जो बोल रहा हूँ न उसके छोटे छोटे ठूकड़े करके मेरे खाते
13:41में डाल देगी
13:47और इसमें पहले से अगाह करता हूँ कि मैं जो बाते बता रहा हूँ
13:522013 के उस कालखन में मिडिया में क्या छाया रहता था जैसे
14:03LOC पर भारतिय साहिनिकों की हत्या
14:12अभी इस बीड़ी को जर आजुवा लगता हो का ऐसा भी होता था होता था
14:20वर्ल बैंक ने GDP ग्रोथ रेट का अनुमान घटाया
14:29करंट एकाउंट डेपिजिट आल टाइम हाई मंगाई दर करीब दस परसेंट पर
14:41इंडिस्टियल सेक्टर मंदी की चपेट में हेलिकॉप्टर सोदे में गुष्खोरी का परदा फार्ट
14:55हाईदराबाद में बम धवा के यह सारी उस समय की हिड्लाइन थी
15:04मैं पक्का मानता हूँ यह जो हमारे आज जो भी द्यारती है उनको इस सारी बतों का पता नहीं होगा
15:14यह सारी बाते बताती है कि तब देश की क्या हालत थी
15:25ग्रोथ फर्ष पर थी और महंगाई अर्ष पर थी
15:35गोटाले चरम पर थे और प्रस्टाचारी बेखौब गुमते थे
15:46अर्थ बवस्ता बेहाल थी चारों तरफ पालिसी परलिस की ही चर्चा थी
15:57दुनिया भारत को फ्रेजाईल फायू में गिन रही थे आतं की बेलगाम थे और पाकिस्तान बेकाबू था
16:12यानि तब निराशा और हताशा के अलावा कुछ नहीं था
16:23साथियों एक बो दिन था जब हर मोर्चे पर देश पर स्ट्रगल ही स्ट्रगल था
16:33और एक आज का दिन है आज आतंगवाद फैलाने वाले पस्त पड़े हैं
16:50पाकिस्तान कोई नापाक हरकत करता है तो भारत की सेनाएं घर में गुद कर मारती हैं
17:04जम्मु कश्मीर से लेकर नौर्ट इस तक शांती बड़ी है
17:13माओवादी आतंग नक्सलवाद की कमर तोड़ दी गई है
17:22जो दुनिया तब भारत में पॉलिसी परालिसिस से चिंटी थी
17:31वो दुनिया आज भारत के पॉलिसी डाइनमिजम की चर्चा कर रही है
17:44तब दुनिया भारत को फ्रजाइल फाई बता रही थी
17:48आज दुनिया भारत को फास्टेज ग्रोइंग मेजर एकॉनमी बनने से हुए देख रही है
18:01अभी हफ्ते भर में ही भारत की एकॉनमी को लेकर कई सारी पॉजिटिव खबर आई
18:127.8% क्वार्टरली ग्रोष ने देश का जोश बढ़ाया है
18:22और इसी बीच जैपनिक क्रेडिट रेटिंग एजन्सी ने भारत की रेटिंग अपग्रेड कर दिया
18:34और साथियों ये 7.8% की ग्रोष भी ऐसे समय में आई है
18:45जब वेश्ट एशिया का युद्ध चल रहा है
18:50जब ट्रेड से जुड़ी कई तरह की अड़्चने रही है
18:56उस समय ऐसी ग्रोष हासिल करना ये अपने आप में भारत के सामर्थ को दिखाता है
19:10साथियों मैं जानता हूँ आप भी जानते हैं जो लोग भारत को फ्रेजाइल फायू में धकेलनी के लिए बदनाम रहे
19:23हैं
19:26उनको ये आंकड़े हजम नहीं हो रहे हैं
19:33लेकिन आप सभी आंकड़ों को गंबीरता से समझते हैं
19:42अप्रेल से जून के बीच बिजली उत्पादन नाइन परसेंट बढ़ा
19:50गाड़ियों की सेल में 20 परसेंट से जिक्की बृद्धी हुई
19:56इसमें भी टू विलर में 20 परसेंट और त्री विलर की विक्री में करीब करीब 30 परसेंट ग्रोथ रही है
20:06यानि कंजूमर डिमांड भी चल रही है और कॉमर्चल अक्टिविटी भी तगड़ी हो रही है
20:18स्टील और सिमेन कंजम्शन की ग्रोथ में 8 परसेंट की बृद्धी हुई है
20:23यानि कंस्ट्रक्शन, हाउसिंग, इंफ्रासेक्टर और इंडर्श्रियल अक्टिविटी यह सब बढ़ रहा है
20:36यानि भारत ग्रोभी कर रहा है और रोजगार के नए आउसर भी बना रहा है
20:45बावजुद इसके जिन लोगों के लिए साल 2013 में ग्लास आधा खाली था
21:00उनकी सोच आज भी बैसी ही है
21:09उनके लिए ग्लास हमेशा आधा खाली रहेगा
21:16मैं ग्लास की बात करता हूँ वहर कुछ खाली रहने की बात नहीं कर रहा हूँ
21:22साथियों
21:252013 में
21:26यहां SRCC में बात करते हुए
21:32मैंने P2G2
21:34यानि Pro People Good Governance की भी चर्चा की थी
21:39जिन्नोंने लंबे समय तक देश में सरकारे चलाई है
21:44उनका एक स्टाइल था
21:47जब आग लगे
21:48तब ही निन्द से जागो
21:52जब सूखा पड़े
21:53तब जाकर कुवा खोदो
21:57मैंने इसी एप्रोच को बदलने की बात कही थी
22:03और 2014 में सरकार बनने के बाद हमने ये करके दिखाया
22:12मैं आपको एक उधान देता हूं
22:15साथियों हाल में ही
22:19जन्धन योजना को बारा साल पूरे हुए
22:23आज आप फिंटेक के अलग ही दोर में जी रहे हैं
22:28लेकिन 2013 के वो दिन भी थे जब गाव या छोटे शहरों के स्टूडेंस को सेविंग बैंक एकाउंट खुलवाने के
22:40लिए भी कई पापड बेलने पड़ते थे
22:44उस समय हमारी आबादी सबासो करोड के पार थी
22:51लेकिन मार्क 2014 तक देश की 50 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी के पास बैंक एकाउंट तक नहीं थे
23:05और जो बैंकिंग सिस्टिम से बहार थे वो ज़्यादातर गरीब थे
23:12महिलाएं थी
23:14माइंगरेट लेबलर थे
23:17चूड़ेंस थे
23:20इसलिए हम जन धन स्कीम लेकर आएगे
23:24और बिते बारा वर्षों में
23:27जन धन योजना की वज़े से
23:31करीब साथ करोड नए बैंक अकाउंट फुले
23:36आज देश में लगबग हर परिवार बैंकिंग सिस्टिम से जुड़ा हुआ
23:45यही भारत की फिंटे क्रांती का आधार बना है
23:53साथ क्यों
23:54अब आप उन लोगों के बारे में भी सोचिए
23:58जो करोडों लोगों को
24:02बैंकिंग व्यवस्ता से जोड़ने का भी विरोध कर रहे थे
24:09दरसल ऐसे लोगों को
24:12आधे भरे गलास में ही मज़ा आता है
24:17ताकि देश के गड़ी सामने नागरीक उनके आगे पीछे गुमते रहे
24:23यही माई बाप कल्चर
24:27यह दसकों से चला रहे
24:31लेकिन
24:33यह मोदी है
24:37माई बाप कल्चर पसंद करने वालों के सामने
24:42वो चटान की तरफ खड़ा है
24:52साथियों
24:55पुरानी कहावत है
24:58साच को आँच नहीं
25:01मुझ में हिम्मत है
25:04इसलिए मैं उस दिन कही बातों को याद करा रहा
25:09अपना रिपोर्ट कार लेकर के आया हूँ आपके पार
25:17मैं जानता हूँ
25:19सच की हुंकार के आगे
25:24जूट की गुण्ज टिक नहीं सकेगी
25:56साथियों
25:57दौन में
26:00मेड इन इंडिया संभवी नहीं होगा
26:04और उस सोच में पले बड़े लोग आज भी
26:08मेड इन इंडिया का मजाग करते हैं
26:13लेकिन साथियों
26:15आज आप
26:17मेक इन इंडिया की
26:21ब्रेंड वैल्यू देख रहे हैं
26:24आप से मैं कुधान के साथ बात बताना चाहता हूँ
26:28आज हर हाथ में स्मार्टफोन है
26:34दुनिया के बड़े से बड़े फॉन ब्रेंड आज भारत को अपना बेज बना रहे हैं
26:42मेड इन इन इंडिया स्मार्टफोन दुनिया के कौने कौने में पहुँच रहा है
26:492014 में भारत अपने ज़्यादातर मोबाइल फॉन इंपोर्ट करता था
27:00आज भारत धाई लाग करोड रुपिय से ज़्यादा के मोबाइल एक्सपोर्ट करता है
27:17साथियों मैं छोटे और आसान लक्ष लेकर चलने माला व्यक्ति नहीं हूँ
27:24मैं देश के लिए बड़े लक्ष रखता हूँ
27:28और उन्हें पूरा करने के लिए जी जान लगा देता हूँ
27:39आप डिफेंस सेक्टर देखिए पहले भारत की सेनाओं के लिए जाधर तर चीजे बाहर से गर्जी जाती थी
27:50मैंने आते ही डिफेंस वालों को गला नेगेटिव लिजट बनाई है
27:53पहले उनों ने पांसो नेगेटिव लिस्ट बनाई बोले हम भारते ने लाएंगे
27:58फिर हजाइर बताई फिर तीन हजार बनाई आर्मी नेवी एरफोस को कई बार
28:05छोटे से किसी एक्विप्मेंट के लिए भी महिनों इंतजार करना पड़ता है
28:10हमने देश की सेनाओं के साथ मिलकर एक प्लान बनाया
28:15चीजों की लिस्ट बनाई फिर भारतिये कंपनियों को कहां कि यह सब बनाओ
28:21और आज आप देखिए देश की डिफेंस मैनिफेक्टिरिंग अपने आल टाइम हाईपर है
28:31आज भारत करीब करीब दो लाग करोड रुपिये का डिफेंस प्रोडक्शन कर रहा है
28:412013-14 में हम 600-700 करोड रुपिये का डिफेंस एक्सपोर्ट करते थे
28:48आज यह आखड़ा करीब करीब 40,000 करोड रुपिये तक पहुँच चुका है
28:57और यह अच्यूमेंट इसलिए हो पा रहा है क्योंकि आज देश में एक वाइब्रेंट डिफेंस मैनुफेक्टरिंग के को सिस्टिम बन
29:07रहा है
29:09सात्यों मुझे देश पर भरोसा है
29:13देश के सामर्श पर भरोसा है
29:16आप सब युवाओं पर मेरा भरोसा है
29:22और इसी भरोसे के आधार पर
29:26मैं विक्सित भारत की बात भी कहता हूँ
29:31मुझे भी स्वात है
29:34हम 140 करोड भारत के मिलकर
29:38अपने देश को विक्तित भी बनाएंगे
29:41आत्मन निर्भर भी बनाएंगे
29:47आने वाले समय में
29:52भारत मैन्यूफेक्टरिंग का हब होगा
29:59आने वाले समय में
30:01रिसर्ट अन इनोवेशन का हब हिंदुस्तान होगा
30:10भारत एग्रिकल्टर एक्सपोर्ट की सूपर पावर होगा
30:17मेरे लव जुगान दोस्तों
30:20भारत का अपना स्पेस स्टेशन होगा
30:25और वो दिन भी आप देखेगे
30:32जब भारत एक दिन ऐसे ओलेम्पिक्स का आयोजन करेगा
30:38कि दुनिया देखती रह जाएगी
30:44और ये केवल बाते नहीं है
30:48ये हमारे संकल्प है
30:53और इन संकल्पों को सिद्धी में बदन लेक लिए
30:58देश में लगातार काम हो रहा है
31:01साथियों अभी तो आपकी जिन्दगी
31:09SRCC मोड में चल रही है
31:13को आप में चाय हो
31:23या कोल्ड कॉफी पर होने वाली डिसकेशन हो
31:28एक्जाम में लास्ट मिनिट नोड और प्रिंट आउट के लिए भागदोर करना
31:37या फिर क्रॉस रोड और बिजनेस क्रॉंग के उपर भी कही मेहना था
31:47आप सब ने यहां के हर मोमेंट को अपने जीवन की एक मेमरी बनाया है
31:57लेकिन इस केमपस के बाहर एक नई दुनिया आपको मिलेगी
32:05आपको दो तरह के लोग मिलेंगे
32:10एक बो लोग जो पॉजिटिव तरीके से समाज की शक्ती को राष्ट की शक्ती में बदलते हैं
32:24दूसरी प्रजाती उन लोगों की है जो कोई भी काम शुरू होने पर
32:34नाराज फूफा बन जाते हैं
32:43उनका फेवरिट काम होता है हर काम का विरोज करना
32:50इनका एक ही डायलोग होता है
32:52इसकी क्या जरूत है
32:59इसकी क्या जरूत है
33:05जब हम दुनिया का सबसे बड़ा स्टेच्यू बना रहे थे हैं
33:12तो फूफा जी ने कमर कसली कहा इसकी जरूरत ही क्या है
33:19हमने हाइस्पिट ट्रेन पर काम शुरू किया
33:22तो फूफा जी फिर बोले इसकी जरूरत ही क्या है
33:27हम यूपियाई लेकर आए
33:29तो यही फूफा लोगों को कहते थे
33:32वाई यूपियाई
33:35यूपियाई की जरूरती क्या है
33:38हमने चीप बनाने की बात किये
33:41तो फिर कहा गया
33:44कि जरूरती क्या है
33:47हमने नई पार्लेमेंट बिल्लिंग बनाई
33:50तो यह फिर बोले
33:52इसकी जरूरती क्या है
33:55हमने
33:56देश के लिए
33:58मरने मिटने वाले
34:00सर्वस्थ बलिजान देने वाले
34:03हमारे वीर सेना नायकों का
34:06मेमोरियल बनाया
34:08फुफाफीर मैदान में आ गए
34:10इसकी क्या जरूरत थी
34:15लेकिन भारत ने
34:19ऐसे सारे फुफाओं को
34:22जवाब दिया
34:28जो देश के लिए जरूरी है
34:32वो भारत को करने से
34:35कोई रोक नहीं सकता
34:39साथियों
34:40आज भारत
34:42एक अलग मिजाद के साथ
34:46आगे बढ़ रहा है
34:48जो काम
34:51पहले दसकों में होता था
34:54अब वो कुछ वर्षों में ही हो रहा है
34:59मैं पूरे फैक के साथ
35:01एक और उदानूंगा
35:06भारत की पहली
35:08इलेक्ट्रिक ट्रेन
35:111925 में चली थी
35:13आपकी कॉलेज 1926 में शुरू हुई
35:17इलेक्ट्रिक ट्रेन 1925 में चली थी
35:221925 में चली थी ये ट्रेन
35:25इसके बाद
35:272014 तक
35:29एने 90 यर
35:3290 साल में
35:33सिर्फ 30 परसंट से भी कम काम हुआ
35:3730 परसंट से भी कम
35:40रेल्वेर राइदों का
35:42इलेक्ट्रिक्ट्रिक्शन पहुपाया था
35:44हमने सिर्फ 12 साल में
35:4812 साल में
35:50रेल्वे लाइदों का करीब करीब
35:52100 परसंट
35:54इलेक्ट्रिक्शन करके दिखा दिया
36:02साथ्यों
36:03भारत की नीती निर्णों में
36:05आई ये गती
36:08दुनिया के बाकी
36:09देश भी देख रहे हैं
36:11समझ रहे हैं
36:13इसलिए
36:14वो भारत के साथ
36:17अपनी पार्टनर्शिप
36:19बढ़ा रहे हैं
36:21बीते दसक में
36:23करीब 40
36:25देशों के साथ
36:27व्यापार समझोते
36:29हुए हैं
36:31फ्री ट्रेड एग्रिमेंट हुए हैं
36:35इसे लेजर हो
36:37टेक्स्राइल हो
36:38फूरूट हो, वेजिटेबल हो
36:40हमारा प्रोसेट फूर हो
36:43स्रिम्प हो
36:44ऐसे हर चीज के लिए
36:47नए नए बाजार
36:49खुल रहे हैं
36:51आप से बहतर
36:53कौन जानता है
36:54कि जब नए बाजार खुलते हैं
36:58भारत के
36:59गूर्स और सर्विसित के लिए
37:02तहरीफ कम होते हैं
37:04तो उसका
37:05मतलब क्या होता है
37:06ये भारत के नवजवानों के लिए
37:10अवसरों का
37:11नया आस्मान बन रहा है
37:15साथियों
37:16आज ट्वेंटी थर्टीन के मुकावले
37:20देश
37:22आर्थिक रुप से
37:24सामाजिक रुप से
37:27कहीं अधिक सुरक्षित है
37:31लेकिन ये देखकर
37:34कुछ लोगों की छट पटा हट बढ़ रही है
37:39बौक्रला हट बढ़ रही है
37:42अभी पंदरा अगस का मेरा भाषान आपने सुना होगा
37:48ऐसे लोगों के लिए
37:51मैंने लाल किले से
37:54एक हुमियोपसी का डोज दिया था
37:59हुमियोपसी की गोली छोटी सी गोली दी थी
38:02लाल किले से
38:04और आप जानते हैं
38:07हुमियोपसी के कहते हैं कि
38:08स्वभाव ऐसा है कि होमिवपती की दवाई जब सुरू करते हैं तो शुरू के दोर में बीमारी एक दम ज़े
38:16जादा बढ़ जाती है
38:18ये होमिवपती का स्वभाव है तो मैंने लाल के लिए से एक होमिवपती की गोली दी थी दिमागी नकसल
38:36ये दिमागी नक्सल होम्योपथि का इलाज
38:43जैसा मैंने कहां बिमारी को कुछ समय के लिए और उभार देता है
38:50और उसके बाद उसका इलाज शुरू करता है
38:56इसी तरह जैसे ही मैंने दिमागी नक्सल वाली होम्योपथि की गोली दी
39:05सारे दिमागी नक्सल निकल निकल के भार आने लगे
39:11और जो इस बिमारी को बड़ावा दे रहे हैं
39:15अब जनता उनका भी असली रंग देख रही है
39:25साथियों मैंने इतनी सारी बाते बताई
39:28कुछ लोगों को लग सकता है
39:32और ये क्या है भई
39:33140 करोड का देश से बहुत आसान था
39:36मुदी ने क्या नया कि
39:40लेकिन क्या ये वाकई इतना आसान था
39:45मैं आपको फिर एक बार पुराने दिनों में ले जाना चाहता हूँ
39:50याद कीजिए आप जब फूल में पढ़ते होंगे
39:542013 में केदारनास में आपदा आई थी
39:59तो पूरी सरकार हिल गई थी
40:03उनको समझी नहीं रहा रहा था
40:06कि क्या किया जाए कैसे किया जाए
40:102008 में बैंकों का संकट आया था
40:14तो तब की सरकार ने 2000 तक उस संकट के पीशे छुपने की कोशिश की थी
40:23हाथ तक लगाने की हिम्बत नहीं की
40:26भारत का पूरा बैंकिंग सिस्टिम तबाह होने की कगार पर पहुचा दिया गया था
40:332008 में ही मुंबई में भैंकर आतंक की हमला हुआ था
40:41तो तब की सरकार पर महार से दबाव पड़ा
40:45और उसने पाकिस्तान को सबग सिखाने की हिम्मत तक नहीं दिखाई
40:51सात्यों पिछले बारा वर्षों में तो देश में कई सारी आपदाए आई
40:57कि इतने बड़े बड़े साइक्लोन हमने जेले हैं
41:03लेकिन देश ने बहुत मजबूती से उनका सामना थी पिछले छे वर्षों में तो बहुत बड़े संकट आए पहले कोरोना
41:16जैसी महामारी आई जिसने पूरी दुनिया को ठप कर दिया फिर रूस और उक्रेइन में युद्द छिड़ गया उसके बाद
41:27ट्रेड को सप्लाइ
41:30करने का दौर शुरू हो गया फिर वेस्टेजियां का यह संकट आया हर मार यह कहां गया कि अब तो
41:40भारत नहीं बचेगा और जो मेरे ज्यादा ही प्रसंसक है
41:49वो यह सोच कर खुश थे कि अब तो मोदी फसा अब तो मोदी गिरा अब तो उसे कुचल ही
42:02देंगे
42:04लेकिन मेरे देश के लोगों के आशिरवाद में इतना दम है इतना दम है कि भारत का बुरा चाहने वालों
42:15की हर हसरत धरी की धरी रह जा रही है
42:26दोस्तों अब 21 सजी में नए अवसरों की दुनिया हमारे सामने है
42:32मुझे खुशी है कि आप एंबिशियस है क्योंकि एंबिशन किसी टैक्स बुक्स से नहीं सिखाई जा सकती
42:45एंबिशन उस महोल से आती है जो आपके बड़े सपने देखने के लिए आपको प्रेरीद करती है
42:55आज हमारा नवजवान साथी कहता है कि अपना कुछ काम करूंगा तो स्टार्ट अप करूंगा
43:05कंपनी बनाऊंगा तो यूनिकॉन बनाऊंगा स्पेस और ड्रोन से जुड़ूंगा कुछ बढ़ा करूंगा
43:15कटिंग एज एई सॉलूशन बनाऊंगा खेती में इनोवेशन करूंगा
43:23तेरा साल पहले आपके सिनियर्स ऐसे सपने नहीं देख पाते थे
43:33लेकिन आज आप ये सपने भी देख रहे हैं क्योंकि आज के भारत में उन सपनों को सपोर्ट करने वाला
43:45इको सिस्टिम भी बन गया है
43:51साथियों अब समय बड़े लक्ष बनाने और उन्हें प्राप्त करने का है
44:02अभी मैंने लाल किले से कुछ बाते कही थी
44:06मैं आपके बीच पी उन्हें दोहराना चाहूँगा
44:10आप संकल पर लीजिए
44:14भारत की ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म्स क्यों नहीं हो सकती
44:23हमारी एकाउटिंग फर्म
44:25हमारी लीगल फर्म
44:28हमारी फाइनांचियल फर्म
44:31ये सब
44:34ग्लोबल लीडर्स क्यों नहीं बन सकती
44:41हम गर्व से कहते हैं
44:44कि आज भारतिय दुनिया की टॉप कंपनी को लीड कर रहा है
44:52अगर भारतिय दुनिया की टॉप कंपनियों को लीड कर रहा हैं
44:57तो बार्तियों की बनाई कम्पनियां दुनिया को क्यों लीड न करें
45:14साथियों ये सब संभव है
45:20इसके लिए आपके पास नेटवर्क भी है
45:26और नॉलेज भी है
45:30साथियों हमारी आपकी प्रेणा
45:38SRCC का ये कॉलेज क्रेश्ट भी है
45:43इसमें दो सुन्दर प्रतीक है
45:47एक है उक्ता हुआ सूरज
45:52और दूसरा है समंदर में आगे बढ़ता हुआ जहाच
46:05सूरज जो दिशा दिखाता है
46:07और जहाच जो दिशा में आगे बढ़ता है
46:14हमें ऐसे नए रास्ते पर चलना है
46:21जिसमें सूरज हमारा हो
46:26समंदर भी हमारा हो
46:32नाव हमारी हो
46:34नाविक भी हमारा हो
46:38लहरों पर विजय लिखें
46:41वो होसला हमारा हो
46:43उडान हमारी हो
46:46आस्मान हमारा हो
46:50तेज हवाओं से तक्राएं
46:53वो जजबा हमारा हो
46:57सपना हमारा हो
46:59संकल्प हमारा हो
47:03आत्मनिर्भर भारत का पर्चम हमारा हो
47:10विक्सित भारत की राह में
47:14विक्सित भारत की राह में
47:16तेजी से उड़ता हर कदम हमारा हो
47:22एक बार फिर इस विशेश अवसर पर
47:27S.R.C. से जुड़े सभी लोगों को
47:30मेरी धेर सारी शुब कामना है
47:33बंदे बात्रम
47:46बंदे बंदे लोगों को
48:16बंदे बंदे बंदे बंदे लोगों को

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