00:00ग्यारा क्रोड दिये हैं और काम एक भी नी हुआ, इतनी निधली है, इतनी निखिष्ट है, क्या बोलू मैं भापे
00:05मीडिया के सामने, कि यहाँ पर यह सिर्फ तंखा खाने के लिया आते हैं, हमारे प्रदेश के लोगों के बारे
00:12में, क्या बोलू मैं, उनके वर्क एथिक्स क
00:28और में ओंटन बीपल, जब तक मुझे मैंने मिनिस्ट्री से, कितने हम लोगो ने गए अगा, मार्च एप्रिल में, मार्च
00:38एप्रिल में, जब यह सब पर्फॉरमेंस आई थी,
00:41बिकाज मैंने, अबिसली, एक समसब का काम होता है, पैसे देना, जब तक मार्च एप्रिल तक, ग्यारा क्रोड में से
00:51सिर्फ मंडी में, पुरे चेतर में, एक क्रोड भी यूज नहीं हुआ था, दो सालों में, जिसमें से मंडी में,
00:58पचास से साथ लाग भी यूज नहीं ह�
01:03था, साड़े पाच क्रोड में से पचास से साथ लाग भी यूज नहीं हुआ था, मिनिस्ट्री से मुझे इतने सारे
01:10लेकर्स भेजने पड़े, क्या उनको कोई काफ नहीं है क्या, हर दिन मेरे पी-ए-ज, हर दिन मेरे हम
01:19लोग मिनिस्ट्री के आफिस में बैखते रहते थे,
01:26अभी पिर मंडिक शेट्र की से, मंडिक पाच क्रोड का सिर्फ काम है, इतने सारे आप लोग हो, मुझे बोले
01:39ना, मुझे तुमारा एक ओफिस मिले ना, एक एक दिन के लिए, मैं एक एक दिन मेरे काम करके दिखाऊंगी,
01:51तुम लोगों को सेंटर से लेटर भेजने पड़ते हैं दराने के लिए, कि काम करो, काम करो, और इतना ज़्यादा
02:00नेगिटिव परचार हो रहा है, इतने ज़्यादा लोगरीन्स बना रहे हैं, उसके बाफ दू भी तुम लोग अपने आफिस में
02:06बैटके क्या, हसते हो क्य
02:10अगर मैं तुम लोगों की पोर खोलो तो, how would it look, how would it reflect on us people, how
02:21would it reflect on us, अगर मैं बता दू आप लोगों का work culture to the whole nation, लेकि जब
02:29बेरी जग हसाई हो रहे हैं, then what do you guys do, मेरे ओफिस की तो तुम लोग बात ही
02:34नी सुनते हो,
02:38तुम लोगों की अपकीर्ती जो पुरे देश में हो रही है, जैसे आप देख रहे हैं किस तरह की रील्स
02:46बन रही है, अधिकारियों का जो मैं क्या कहूं, एक सुस्ती कह लिजिए या फूहड़पना कह लिजिए उसको देखकर जो
02:53है, पूरा देश जो हमारी निंदा कर रह
02:58में पूछने लग गए आपका जो है, वो यह काम नहीं हो पार है, वो काम नहीं हो रहे है,
03:03तो मैंने आज कैर हम लोगों के जो स्कोप आफ वर्क में होता है, वो तो हम लोग करते हैं
03:08उससे ज़्यादा प्रयास करते हैं, लेकिन फिर राज्य सरकार की भी कितनी कमिया रहती ह
03:12या उसके साथ जो एक बीच में जो परसाशन का जो मैं कहते हूं बाबू लोग जो हैं उनकी जो
03:18एक जैसे कुरसी पीड़ने की आदत पड़ चुकी है उसको देखकर जो है चिंता जनक है ये चीजें क्योंकि अब
03:25मैंने काफी जो इनकी मीटिंग्स है बहुत ही हर तरीके से मै
03:40कुछे अंडरेस्टीमेट कर रहे हैं तो आज मैंने इन्होंने क्योंकि किसी डिपार्टमेंट में कोई प्रोग्रेस नहीं दिखाई थी तो उसको
03:49लेकर मैंने इनसे आज नहीं तो मैं फिर एक प्रॉपर रिपोर्ट बना कर सेंटर में भेजूँगी इनके अंगेंस्ट
04:07इस जगा का बेड़ा गर्प कर दिया है पूरी तरीके से और आज लोग शिकायते कर रहे थे चाहे वो
04:13पुलिस भी हो गई अधिकारियों के साथ तालमेल नहीं बैट पा रहा है चाहे वो ड्रग्स की समस्या हो गई
04:20चाहे ऐसे बहुत जितनी भी आज हम लोग ने आपने दे
04:24चार गंडे चार पाच गंडे से हम लोग बैठे हुए हैं तो इसमें हमने हर तरीके की जो बात डिसकस
04:29करी लेकिन अधिकतर बातों में यही आ रहा था कि जो अधिकारी है जो और जो यहां की जो सरकार
04:35है वो पूरी तरीके से जो है फेलियों है
04:38अधिकार को लगता है कि केंदर की जो जनाए है उनको पूर्देश सरकार उनमें अडंगा डा रही है या वो
04:43जाए नहीं करें तो कुछ ना कुछ तो साजिश होगी नहीं तो ऐसा क्या क्या क्या कि मैंने वही बात
04:49कई कि आप सिर्फ 10 परसेंट आपका रेट है काम का तो कु
05:05जगा पे जो है Congress के पहले ही जो प्रधानमंत्री सडक योजनाय हैं जो हम लोग इतना लेके आए हैं
05:13यहां पे उसमें जो है वो शिला न्यास करने बैट जा रहे हैं वहां पूजाएं कर रहे हैं अपनी स्लेटे
05:17लगा रहे हैं तो इस तरह का जो है इनमें frustration देखने को आ रही ह
05:22है खुद तो ये कुछ करनी रहे है लेकिन हमारी जो सरकार है ठीक है मैं कहते हूँ आपको चाहिए
05:26तो आप लीची यह लेकिन जो अडंगा लगा रहे हैं जो जो लोगों को जो काम नहीं होने दे रहे
05:34है वह तो चिंतनी एक बात है
05:36मैं बस दो जाते हैं इसमें आपदा आई थी और उस वक्त कर फंडूक्षेतर में काफे जादा जो नुक्साल भी
05:42हुआ था उस वक्त से अब तक वहां पर सुरक्षा लिवारे नहीं लग पाई है तो हमने उसब ग्रीशे पे
05:48जो आज हमारे वहां के जो एमेले हैं वो भी आये
06:08हम जनता के लिए जो है उनका काम करें तो लेकिन वो भी कभी कोई मुझे लगता नहीं कि उनको
06:15काम में इंट्रेस्ट है उनको जो है अपनी गटिया राजनीती में इंट्रेस्ट है अब देखते हैं अगली जिशा में तो
06:26पर इंक एक्शन ही लेना पड़ेगा
06:32प्रधान मंतरी सडग योजना में 1000 क्रोड की राश्य आई हो मंदिक शेतर के लिए हमने हमारी सरकार ने वो
06:38काम किया है लेकिन अब इनका जाधा इंट्रेस्ट यह है के हम क्रेडिट खाए हम क्रेडिट खाए जो भी जो
06:44भी सेंटर की जो भी हमारा डिवल्पमेंट उस का क्रे
07:01जो है पूरी एक विस्तार से हर क्षेतर में हर डिपार्टमेंट की जो है चर्चा की और जो डिपार्टमेंट लैक
07:08कर रहे है उनको लेकर अपना सुझाव भी दिया और सहयोग देने की पूरी हम लोगों की जो है वो
07:13अपेक्षा है लेकिन यही है कि अधिकारियों को भी थोड
07:29से जादा चिंता जनक यही था कि एक जो है सरकारी बाबू टाइप जो एटिट्यूट होता है अधिकारियों का तो
07:37उसमें जो है एक डिले और लैग और लेट बैक एटिट्यूट जो है वो देखने को मिला
07:59माँ आपके जो है।
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