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कंगना रनौत अधिकारियों की एक बैठक के दौरान नाराज नजर आईं। उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई जिसका वीडियो सामने आया है और सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी काम ही नहीं करना चाहते हैं। तमाम रिमांइडर के बावजूद अधिकारियों का वही ढुलमुल रवैया जारी है।
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Transcript
00:00ग्यारा क्रोड दिये हैं और काम एक भी नी हुआ, इतनी निधली है, इतनी निखिष्ट है, क्या बोलू मैं भापे
00:05मीडिया के सामने, कि यहाँ पर यह सिर्फ तंखा खाने के लिया आते हैं, हमारे प्रदेश के लोगों के बारे
00:12में, क्या बोलू मैं, उनके वर्क एथिक्स क
00:28और में ओंटन बीपल, जब तक मुझे मैंने मिनिस्ट्री से, कितने हम लोगो ने गए अगा, मार्च एप्रिल में, मार्च
00:38एप्रिल में, जब यह सब पर्फॉरमेंस आई थी,
00:41बिकाज मैंने, अबिसली, एक समसब का काम होता है, पैसे देना, जब तक मार्च एप्रिल तक, ग्यारा क्रोड में से
00:51सिर्फ मंडी में, पुरे चेतर में, एक क्रोड भी यूज नहीं हुआ था, दो सालों में, जिसमें से मंडी में,
00:58पचास से साथ लाग भी यूज नहीं ह�
01:03था, साड़े पाच क्रोड में से पचास से साथ लाग भी यूज नहीं हुआ था, मिनिस्ट्री से मुझे इतने सारे
01:10लेकर्स भेजने पड़े, क्या उनको कोई काफ नहीं है क्या, हर दिन मेरे पी-ए-ज, हर दिन मेरे हम
01:19लोग मिनिस्ट्री के आफिस में बैखते रहते थे,
01:26अभी पिर मंडिक शेट्र की से, मंडिक पाच क्रोड का सिर्फ काम है, इतने सारे आप लोग हो, मुझे बोले
01:39ना, मुझे तुमारा एक ओफिस मिले ना, एक एक दिन के लिए, मैं एक एक दिन मेरे काम करके दिखाऊंगी,
01:51तुम लोगों को सेंटर से लेटर भेजने पड़ते हैं दराने के लिए, कि काम करो, काम करो, और इतना ज़्यादा
02:00नेगिटिव परचार हो रहा है, इतने ज़्यादा लोगरीन्स बना रहे हैं, उसके बाफ दू भी तुम लोग अपने आफिस में
02:06बैटके क्या, हसते हो क्य
02:10अगर मैं तुम लोगों की पोर खोलो तो, how would it look, how would it reflect on us people, how
02:21would it reflect on us, अगर मैं बता दू आप लोगों का work culture to the whole nation, लेकि जब
02:29बेरी जग हसाई हो रहे हैं, then what do you guys do, मेरे ओफिस की तो तुम लोग बात ही
02:34नी सुनते हो,
02:38तुम लोगों की अपकीर्ती जो पुरे देश में हो रही है, जैसे आप देख रहे हैं किस तरह की रील्स
02:46बन रही है, अधिकारियों का जो मैं क्या कहूं, एक सुस्ती कह लिजिए या फूहड़पना कह लिजिए उसको देखकर जो
02:53है, पूरा देश जो हमारी निंदा कर रह
02:58में पूछने लग गए आपका जो है, वो यह काम नहीं हो पार है, वो काम नहीं हो रहे है,
03:03तो मैंने आज कैर हम लोगों के जो स्कोप आफ वर्क में होता है, वो तो हम लोग करते हैं
03:08उससे ज़्यादा प्रयास करते हैं, लेकिन फिर राज्य सरकार की भी कितनी कमिया रहती ह
03:12या उसके साथ जो एक बीच में जो परसाशन का जो मैं कहते हूं बाबू लोग जो हैं उनकी जो
03:18एक जैसे कुरसी पीड़ने की आदत पड़ चुकी है उसको देखकर जो है चिंता जनक है ये चीजें क्योंकि अब
03:25मैंने काफी जो इनकी मीटिंग्स है बहुत ही हर तरीके से मै
03:40कुछे अंडरेस्टीमेट कर रहे हैं तो आज मैंने इन्होंने क्योंकि किसी डिपार्टमेंट में कोई प्रोग्रेस नहीं दिखाई थी तो उसको
03:49लेकर मैंने इनसे आज नहीं तो मैं फिर एक प्रॉपर रिपोर्ट बना कर सेंटर में भेजूँगी इनके अंगेंस्ट
04:07इस जगा का बेड़ा गर्प कर दिया है पूरी तरीके से और आज लोग शिकायते कर रहे थे चाहे वो
04:13पुलिस भी हो गई अधिकारियों के साथ तालमेल नहीं बैट पा रहा है चाहे वो ड्रग्स की समस्या हो गई
04:20चाहे ऐसे बहुत जितनी भी आज हम लोग ने आपने दे
04:24चार गंडे चार पाच गंडे से हम लोग बैठे हुए हैं तो इसमें हमने हर तरीके की जो बात डिसकस
04:29करी लेकिन अधिकतर बातों में यही आ रहा था कि जो अधिकारी है जो और जो यहां की जो सरकार
04:35है वो पूरी तरीके से जो है फेलियों है
04:38अधिकार को लगता है कि केंदर की जो जनाए है उनको पूर्देश सरकार उनमें अडंगा डा रही है या वो
04:43जाए नहीं करें तो कुछ ना कुछ तो साजिश होगी नहीं तो ऐसा क्या क्या क्या कि मैंने वही बात
04:49कई कि आप सिर्फ 10 परसेंट आपका रेट है काम का तो कु
05:05जगा पे जो है Congress के पहले ही जो प्रधानमंत्री सडक योजनाय हैं जो हम लोग इतना लेके आए हैं
05:13यहां पे उसमें जो है वो शिला न्यास करने बैट जा रहे हैं वहां पूजाएं कर रहे हैं अपनी स्लेटे
05:17लगा रहे हैं तो इस तरह का जो है इनमें frustration देखने को आ रही ह
05:22है खुद तो ये कुछ करनी रहे है लेकिन हमारी जो सरकार है ठीक है मैं कहते हूँ आपको चाहिए
05:26तो आप लीची यह लेकिन जो अडंगा लगा रहे हैं जो जो लोगों को जो काम नहीं होने दे रहे
05:34है वह तो चिंतनी एक बात है
05:36मैं बस दो जाते हैं इसमें आपदा आई थी और उस वक्त कर फंडूक्षेतर में काफे जादा जो नुक्साल भी
05:42हुआ था उस वक्त से अब तक वहां पर सुरक्षा लिवारे नहीं लग पाई है तो हमने उसब ग्रीशे पे
05:48जो आज हमारे वहां के जो एमेले हैं वो भी आये
06:08हम जनता के लिए जो है उनका काम करें तो लेकिन वो भी कभी कोई मुझे लगता नहीं कि उनको
06:15काम में इंट्रेस्ट है उनको जो है अपनी गटिया राजनीती में इंट्रेस्ट है अब देखते हैं अगली जिशा में तो
06:26पर इंक एक्शन ही लेना पड़ेगा
06:32प्रधान मंतरी सडग योजना में 1000 क्रोड की राश्य आई हो मंदिक शेतर के लिए हमने हमारी सरकार ने वो
06:38काम किया है लेकिन अब इनका जाधा इंट्रेस्ट यह है के हम क्रेडिट खाए हम क्रेडिट खाए जो भी जो
06:44भी सेंटर की जो भी हमारा डिवल्पमेंट उस का क्रे
07:01जो है पूरी एक विस्तार से हर क्षेतर में हर डिपार्टमेंट की जो है चर्चा की और जो डिपार्टमेंट लैक
07:08कर रहे है उनको लेकर अपना सुझाव भी दिया और सहयोग देने की पूरी हम लोगों की जो है वो
07:13अपेक्षा है लेकिन यही है कि अधिकारियों को भी थोड
07:29से जादा चिंता जनक यही था कि एक जो है सरकारी बाबू टाइप जो एटिट्यूट होता है अधिकारियों का तो
07:37उसमें जो है एक डिले और लैग और लेट बैक एटिट्यूट जो है वो देखने को मिला
07:59माँ आपके जो है।
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