00:00यूद अब केवल एक घटना ही नहीं रहा है बलकि यह एक कंटिनियम बन कर रह चुका है शांती और
00:08यूद के बीच की रेका और कन्वेंशनल और नॉन कन्वेंशनल कॉन्फिलिट के बीच का जो गैप है वो लगातार धुनला
00:19होता जा रहा है आज competition कई स्वरूप में सामने �
00:24आ रहा है चाए economic pressure हो, technological denial हो, cyber activity हो, information operations हो, maritime coercion, proxy operations
00:35या public perception को प्रभावित करना हो यह सभी competition के हिस्सा है और यह सब बिना conventional conflict की
00:47सीमा को पार किये भी हो सकता है
00:50यह आज gray zone की सबसे बड़ी चुनावती है
00:54साथ ही technology का democratization भी इस पूरे equation को बदल रहा है
01:02पहले हम सोचते थे कि technology सिर्फ state actors का province है
01:08लेकिन आज cheaper technology जैसे drones वगरा हर एक non-state actor के पास भी है और यह conflict को
01:17democratize कर रहा है
01:20technology अब कुछ सिर्फ कुछ चुनिंदा technological nations के पास ही नहीं
01:26बलकि सभी को उपलब्ध है यह जो हम इरान-U.S. conflict में भी देख रहे हैं
01:32असली advantage उसी को मिलेगा जो technology को सबसे तेज और सबसे प्रभावी तरीके से
01:42operational advantage के लिए इस्तेमाल करेगा यह बहुत ज़रूरी है
01:47technology अपने आप में सिर्फ एक माद्यम है
01:51उस माद्यम को कैसे हम यूज करते हैं
01:54कैसे हम अपने operational capability को बढ़ाते हैं
01:57वो ज़्यादा ज़रूरी है
02:01information superiority से decision superiority तक
02:06दूसरा बड़ा बदलाव है battlefield की पारदर्शिता
02:11यानि transparency
02:12space-based surveillance, unmanned sensors, open source information
02:18और networked intelligence अब छुपने को या concealment को
02:25बहुत ही difficult बना रहे हैं
02:27साथ ही sensor to shooter cycle का जो time है
02:32लगातार compress होता जा रहा है
02:34पहले जमाने में देखना और उस पर action लेना
02:38घंटों में count किया जाता था
02:40अब Ukraine-Russia conflict में sensor to shooter time
02:44minutes में count होता है
02:46minutes कहीं कहीं seconds में count होता है
02:49इसी लिए environment में उसी को advantage मिलेगा
02:54जो सबसे पहले sense करेगा
02:57मतलब सबसे पहले देखेगा
02:59उसके बाद सबसे पहले समझेगा कि मैं क्या देख रहा हूं
03:04उसके बाद decide करेगा
03:06और साथ-साथ उस पर act करेगा
03:09यह sensor to shooter cycle बहुत जरूरी है
03:12इसके लिए जरूरी है कि हम artificial intelligence का ज़्यादा से ज़्यादा इस्तमाल करें
03:19और artificial intelligence इस्तमाल करने के लिए जरूरी है कि हमारे networks, हमारे data जो हैं ठीक हों
03:26ताकि उस पर हम algorithmic algorithm शला कर decision को जल्दी से जल्दी ले सकें