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Saharanpur Masjid Action: 'हमें यह मस्जिद वापस दिलाई जाए', Maulana Ishaq Gora ने क्यों उठाया सवाल?
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई पर जमीयत दावत-उल-मुस्लिमीन के संरक्षक और देवबंदी उलेमा मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा ने गहरी नाराजगी जताते हुए बड़ा बयान दिया है!

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में बनी ऐतिहासिक मस्जिद को ढहाए जाने के बाद विवाद और गरमा गया है। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रसिद्ध देवबंदी धर्मगुरु और जमीयत दावत-उल-मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा (Mohd Ishaq Gora) ने प्रशासन पर एकतरफा और जल्दबाजी में कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मस्जिद को खाली कराने और गिराने का आदेश बिना उचित प्रक्रिया के दिया गया, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।

कार्रवाई के बाद मलबे से मिले 25 फीट से अधिक गहरे कुएं का हवाला देते हुए मौलाना इसहाक़ गोरा ने दावा किया कि यह मस्जिद के अस्तित्व और ऐतिहासिकता का सबसे बड़ा सबूत है। उन्होंने कहा कि पुरानी मस्जिदों में वूज़ू के लिए कुएं का निर्माण कराया जाता था, जो यह सिद्ध करता है कि यह 100 साल से भी अधिक पुरानी इबादतगाह थी। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और मुस्लिम समाज को उनकी मस्जिद वापस दिलाई जाए।

सहारनपुर में कलेक्ट्रेट मस्जिद गिराए जाने के बाद से ही राजनीतिक घमासान जारी है, जहां सांसद इक़रा हसन को नज़रबंद किए जाने और इमरान मसूद के तीखे बयानों ने माहौल गरमा दिया है। देखिए वनइंडिया हिंदी की इस विशेष रिपोर्ट में मौलाना क़ारी इसहाक़ गोरा का पूरा बयान और जानिए सहारनपुर का पूरा विवाद।

Following the demolition of a decades-old mosque in the Saharanpur Collectorate campus, Deobandi Islamic scholar Maulana Qari Mohd Ishaq Gora strongly protested the administrative action. Pointing to an ancient well discovered under the debris, Gora claimed it as vital evidence of the mosque's historic presence and demanded a fair inquiry alongside the restoration of the mosque.

#SaharanpurMasjid #MaulanaIshaqGora #QariIshaqGora #UPNews #OneindiaHindi

~PR.514~ED.106~GR.122~HT.96~VG.HM~

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Transcript
00:00तुबह तड़के बुल्डोजर कारवाई कर दी गई
00:05किस आदेश पर बुल्डोजर कारवाई की गई ये एक बड़ा सवाल है
00:09नहीं हमारे देश में परदेश में सिर्फ मस्जिद, मदर से या मजार ही अवेद हो गए है
00:18हमें डर था कि इसे जो है एक सियासत का अड़ा बना दिया जाएगा और इस पर सियासत की जाएगी
00:25और ऐसा ही हुआ कि इसको सियासत का अखाड़ा बना दिया गया
00:29हमारे यहां अब मुद्दे जो हैं वो मजभ की हो गए हैं
00:33मुद्दे एजूकेशन के नहीं रहे
00:35सड़क के नहीं रहे
00:36युआओं के रोजगार के नहीं रहे
00:38अब सिर्फ मजभ पर लडाईयां चल रही है
00:41मस्जिदों को जो है अवेद बताया जा रहा है
00:44एक समुदाये पर जल्म जियात्ती की जा रही है
00:46में ये मस्जिद दुबारा वापिस दिलवाई जाए
00:49क्योंकि इसके जो जितने भी सुबूत है
00:52तमाम सुबूत कमिटी के पास मौजूद है
00:56जो ये कुवा निकला है ये कुवा भी चीख चीख के कह रहा है
00:59कि वहाँ मस्जिद थी पहले से ही मस्जिद है
01:02सहारनपुर जिला कलेक्टरेट की जो मस्जिद है
01:06उसका जो परकरण है वो काफी समय से चल रहा था
01:12सीटी मजिस्टेट नियाले से उसको अवेद माना गया
01:18और समय दिया गया कमेटी को के
01:22एक महीने के अंदर जो है इसे जिला या कोई भी उच्छ आपको जहां पर जाना है
01:28नियाले में जा सकते हैं
01:31जो इस पे अधिवक्ताओं का जो पैनल है वो काम कर रहा था
01:34उन्होंने जो है जिला नियाले में याचिका डाली
01:38कुछ समय के बाद पता चला कि ये याचिका खारिच कर दी गई है
01:44शहर में जो है एक अजीव सी कैफियत देखने को मिली
01:47तरह तरह की अफवाएं सुनने को मिली
01:49तो तमाम लोगों को लगा कि इस पे बुल्डोजर कारवाई हो जाएगी
01:54लेकिन उसी दिन ही जितने भी हमारे जिलास्तर के
01:59जो मुस्लिम नेता हैं सियासदा हैं
02:03वो अपने अपने दावे ठोकने लगे और कहने लगे कि
02:06हमारी जो है पुछ अधिकारियों से बात हो चुकी है
02:10कोई कह रहा है कि हमने ग्यापन दे दिया है
02:12कोई बता रहा है कि हम साड़े ग्यारा बजे जिला मजिस्टेट से मिलके आए है
02:17और उन्होंने साफ कह दिया है कि कोई भी ऐसी कारवाई नहीं होगी
02:21तो तमाम लोगों को ये लगा कि कोई ना कोई बीच का रास्ता निकलेगा
02:24और इस कमेटी को जो हाई कोट जाने का रास्ता निकलाएगा
02:28क्योंकि इस भी छुटिया बहुत थी तहवारों की वज़ा से
02:33लेकिन जब सुबा हुई तो तस्वीर कुछ और थी तो मालू हुआ कि सुबा तड़के बुल्डोजर कारवाई कर दी गई
02:42किस आदेश पर बुल्डोजर कारवाई की गई ये एक बड़ा सवाल है
02:47यहां सवाल ये भी पैदा होता है कि क्या हमारे देश में परदेश में सिर्फ मस्जिद मदर से
02:55या मजार ही अवेद हो गए हैं इसका जवाब कौन देगा ये भी एक बड़ा सवाल है
03:02और जब ये मस्जिद शहीद कर दी गई अगले दिन मालूम हुआ कि इस शहीद करने के बाद इसके नीचे
03:10कौन निकला है
03:11और लोग जो हैं तरह तरह की परतिक्रियाएं देने लगें और हमें डर था कि इसे जो है एक सियासत
03:17का अड़ा बना दिया जाएगा
03:19और इस पर सियासत की जाएगी और ऐसा ही हुआ कि इसको सियासत का अखाड़ा बना दिया गया इसमें सत्ताधारी
03:28लोग सियासत कर रहे हैं इसमें विपक्ष के लोग सियासत कर रहे हैं ये हमारे लिए बहुत निंदनिये हैं कि
03:35हमारे मुलक में मजभग के नाम पर सियासत ब
03:48नहीं रहे, सड़क के नहीं रहे, युवाओं के रोजगार के नहीं रहे, अब सिर्फ मजभ पर लड़ाईयां चल रही है,
03:55मस्जिदों को जो है अवेद बताया जा रहा है, एक समुदाये पर जल्म और जियात्ती की जा रही है, तो
04:01इन तमाम सवालों का जवाब कौन देगा?
04:03अब आप देख रहे हैं कि हमारे यहां जो सियासी पार्टियां हैं, उनके नेता लोग आ रहे हैं, पुरा का
04:12पुरा अमला बना कर आ रहे हैं, सब लोग अपने अपने दावे कर रहे हैं और दिखा रहे हैं कि
04:17वो हमदर्द हैं, देखे इसमें जो सच्चा हमदर्द होगा, �
04:21वो ही हमदर्द होगा जो कोट में पूरे तन और मन और धन से लड़ाई लड़े है और हमें ये
04:27मस्जिद दुबारा वापिस दिलवाई जाए
04:29क्योंकि इसके जो जितने भी सुबूत है तमाम सुबूत कमीटी के पास मौजूद है और इसको तो उच्णियाले में साबित
04:40करना था कि हमारे जो भी इसमें सुबूत है कि ये मस्जिद कितनी पुरानी है आप इसका जो खसरा खतोनी
04:47है उसको निकाल कर देख ले इसके जो प�
04:59मीडिया में देखी है उस पर बाकाईद की दिखाया जा रहा है कि वो उन्निस सो नो की है तो
05:07सारी चीज़ें खुछ चीख चीख के कह रही है और जो ये कुवा निकला है ये कुवा भी चीख चीख
05:11के कह रहा है कि वहाँ मस्जिद थी पहले से ही मस्जिद है हमें याद रख
05:16चाहिए कि मुस्लिम समुदाये के लोग जो है जब नमाज पढ़ते हैं तो उन्हें वजू करनी होती है
05:23मैं वजू को भी बता देता हूं वजू क्या होता है वजू जो है वो तीन बार कुला करना होता
05:29है
05:29नाक में पानी डालना होता है चेहरे को दोना होता है खातों को पेरों को दोना होता है और मसा
05:35भी करना होता है
05:36मसा क्या होता है वो हाथ से उठा कर अपने सर पर करना होता है उसके बाद ही जो है
05:40नमाज अदा की जाती है
05:42तो पहले दोर में कुओं का रिवाश था और कुओं से पानी निकाल के लोग वजू करते थे
05:48तो जितनी जाँच अब कुओं की हो रही है अगर इतनी जाँच मस्जिद की हो जाती
05:53तो मुझे लगता है कि मस्जिद जो है आप किसी भी अंगल से इसको आवेद नहीं बता सकते थे
05:59इसे सियासत का अखारा मत बनाईए है मैं तमाम सियासत दाओं से अपील कर रहा हूँ
06:04बहुत मुदिबान अपील कर रहा हूँ कि मजभब के नाम पर सियासत मत करिए
06:10मस्जिदों के नाम पर धार्मे किस्थलों के नाम पर मंदिर के नाम पर आप सियासत मत करिए
06:16ये मुलक बहुत खुबसूरत है इसे खुबसूरत रहने देना चाहिए
06:19आपके पास बहुत सारे इशूज हैं आप उस पर सियासत करिए
06:24आप युवाओं को रोजगार क्यों नहीं दे रहे हैं? युवाओं के रोजगार पर बात क्यों नहीं कर रहे हैं? आप
06:29सिर्फ धरन पर बात कर रहे हैं? मैं समझता हूँ ये बहुत निंदनी है और खुदा के वास्ते हमारा जो
06:34सहरनपुर है एक मिसाल काइम करता आया है भा�
06:51से अपील करूँगा कि इस पर सियासत ना करें पूरे इमानदारी के साथ अगर आपको
06:55मुसल्मानों का साथ देना है तो पूरे इमानदारी के साथ कोट में जाकर साथ दीजिए
07:01कि अप्राइब आपको साथ अप्राइब ना करें आपको साथ एंडारी के इस पर्सूंट्टा गर्मान करें था आपको

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