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Delhi Building Collapse मामले में Ex IPS Kiran Bedi का बड़ा बयान सामने आया है। Satya Niketan जैसे हादसों पर उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों होती है। इस तरह की घटनाओं में प्रॉपर जांच और सर्जरी होनी चाहिए।
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Transcript
00:00ऐसी घटनाएं बार बार क्यों हो रहे हैं यह बहुत इंपॉर्टन क्वेस्चन है देखो होता क्या है कि यह जो
00:07मारा गावनन्स है न यह एक लाइक का हुमन बॉड़ी है एक और्गानिक होल है और्गानिक जिसका सर है बाजू
00:17है मसल्स है रक्त है सब कुछ और दिमाग उपर
00:23है और क्या जोड़ती है सबको सांस ब्रेथ क्वेस्चन इस अगर वो ब्रेथ ऑक्सिजन जिसको कहते है ऑक्सिजन वो स्वच
00:34हो और सारी बॉड़ी को जा रही हो तो सारी बॉड़ी हेल्दी रहती है that means हमें स्वच हवा स्वच
00:42ऑक्सिजन ब्रेथ जोड़ती है हमारी गवन
00:45is like a human body
00:47अगर बाजू सोचे
00:49कि मुझे तो cancer कोड़ सकता है
00:51मुझे मैं तो जो मर्जी करूँ
00:52इदर भी घूमू इदर भी घूमू
00:54तूट भी जाओं को फरिखनी पड़ता
00:56वो बाजू दुखी रहती है
00:58organic hold
00:59so हमारा प्रशासन जो है
01:01is like a organic hold
01:03it's a human body
01:04जिसके बाजू भी है
01:05सर भी है
01:06देर भी है
01:07मस्ट भी है
01:08जब तक इस body को
01:10organic hold
01:11जैसे हम प्रशासन नहीं करेंगे
01:13हम ये सफर करते रहेंगे
01:15human body ऐसे ही सफर करती है
01:18अगर उसकी बाजू कहीं
01:19कहीं भी दर्द होती है
01:21और कभी दर्द हुई
01:22आपकी nutrition ठीक हो
01:24आपकी fitness ठीक हो
01:26आपकी रिष्टेदारी ठीक हो
01:29आपकी बालचार ठीक हो
01:30सब कुछ हो
01:31आपका रेंसें ठीक हो
01:33governance को human body है
01:35organic hold है
01:36और उसके head भी है
01:37और उसके पाउं भी है
01:39उसके टांगें भी है
01:40हम अपना प्रशासन जो है
01:42as a human body नहीं ले रहे
01:45इसलिए हम बार बार सफर करी जा रहे
01:47और इस human body को
01:48fit रहना बार ज़रूरी है
01:50हर अंग को fit रहना
01:52और हर अंग का मुख्या है
01:55इस body का हर अंग का
01:57एक मुख्या है
01:58जैसे departments के secretaries है
02:01जैसे मंत्री है
02:02जैसे उनका मुख्या है
02:04लेफटन गवरनर है
02:05चीफ मिनिस्टर है
02:06यह सब है human bodies के
02:08यह जब तक हम मिलके
02:09जैसी एक thinking यह सोच में
02:12दिमाग सोचे कुद
02:13और दिमाग हाथ सोचे कुछ ऐसे नहीं होता है
02:16जो सही है सोच आ है
02:17वैसे ही होता है
02:18और यह lead करता है
02:19हमको leadership ऐसी चाहिए
02:22जो कि वो जोड़े रखे हमको
02:24एक leader बने
02:26transformation बने
02:27और उधारन बने
02:29हमारी leadership
02:31सोच में रहने में
02:32सारी leadership
02:33जिसका मतलब
02:34elected और appointed
02:37एक सोच में नहीं है
02:38और फिर departments में भी
02:40आपस में एक सोच नहीं है
02:41इसलिए अगर एक department कहता है
02:44मैं वैमानी करनूं
02:45और दूसरा पर ठीकरे
02:46ऐसा नहीं होता है
02:47अगर municipality के
02:49एक junior engineer और दूसरा सोचे
02:52कि मैं
02:53rules लोड के वैमानी कर लूँ
02:56और मेरा department तंदूसरे
02:57वो नहीं हो सकता है
02:59हर department को भी organic hold जैसे
03:01काम करना है
03:02और सरकार के हर department को भी
03:04organic hold जैसे काम करना है
03:06तो ही आप दुबारा दुबारा
03:08ऐसे CRISISस से बच सकते
03:10नहींहीं नहीं
03:12मेरे परशासन के experience में यह है
03:14कि हर department ज़रूरी है
03:16हर department को अपना
03:18अपनी जुमिवारी को
03:19ठीक से निबाना है
03:20और department के हर वेक्ति को
03:22अपनी जुमिवारी निबानी है
03:23हर department के हर वेक्ति
03:36हैं, आडिटर्स हैं, आपके पास
03:38सर्जरी है, और सर्जिकल उपरेशन
03:40भी बड़ा जरूरी है, अगर एक
03:42अंग में बिमारी ऐसी है, जो दूसरों को
03:44बिमार कर रही है, उसकी सर्जरी करनी
03:45बड़ी जरूरी है, हम अपने परशास
03:48को आज और्गैनिक होल नहीं दे रहे हैं,
03:50सो लीडर्शिप का काम है, हर और्गन को
03:52जोड़ना, हर और्गन से काम लेना, हर और्गन
03:56को तुंदर्स रखना, हर और उनके उपर
03:59नजदी की क्लोज वाच रखना, और अगर
04:02और वो कोई दूसरे को नुकसान पहुंचाता है,
04:05उसकी सर्जरी जल्दी करना, और इलाज भी करना,
04:08सो प्राबलम यह है, मेरे दिमाग में यह परशासन
04:11के एक्सपीरिंस है, कि हम और गवनन्स को एक
04:14और्गनिक होल नहीं समझ रहे हैं, एक
04:16यूमन बॉडी नहीं समझ रहे हैं, जिसकी वज़े से
04:18हमारा कोई ना कोई अंग पीड़त रहता है, और जब यह अंग
04:22पीड़त होता है, तो जो उसको सर्व करना है, जिसको जिनको लोगों
04:26को सर्व करना है, वोच सफर करता है, और आज हम
04:28suffering कर रहे हैं
04:30एक हफ़ते के बाद दूसरा, दूसरी हफ़ते
04:32तीसरा, हम लोगे एक चुनौती से
04:34ऐसे चुनौती पर बहुत परिशान है
04:36इस वक्त
04:37इस वक्त लाइफ जड़ी है
04:39बड़ी ही टेस्ट्रेस बनती जा रही है
04:42रोज ही ऐसी खबरे हैं
04:44जो कि वह सामने नजर आ रहे है
04:46और्गानिक फेलियर है
04:48एक गवनन्स की यूनिटिडी का फेलियर है
04:50तो जब तक हमारी
04:52जो उपर की नित्रत्व है
04:54चाहे वो सरकारी है, चाहे वो
04:56इलेक्टड है, चाहे पॉलिटिशन है
04:57उनका रोल जो है
04:59लोगों को सही नित्रत्व देना
05:02और जोड़ना और उसे काम लेना
05:04सिखाना और सही निखतियां करना
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