00:12पक्षण नोई का चातर बिनेश तमांग उसी जगे लकडी कठा कर रहा है
00:16जहां पानी उसके पिता के साथ त्रिशुली हाइवे को बहा कर अपने साथ ले गया था
00:22उसके चाचा इस काम में बिनेश की मदद कर रही है
00:25बिनेश ने ईटीवी भारत को बताया
00:28मेरे पिता शुबह सबनो बजे यहां से गाड़ी से निकले थे
00:33वह वस लेकर कुछ सो मीटर ही निकल गए थे कि अचानक बाड़ आ गई
00:39लोगों ने देखा कि अचानक आए पानी में पूरी गाड़ी बह गई
00:44बाद मैं पिता और कुछ दूसरे यात्रियों का शव बरा मत हुआ
00:49मेरे पिता के जाने के बाद अब मुझे अपनी माँ, भाई और बेहन का ध्यान रखना होगा
00:55मैं इस्कूल जाना भी जारी रखने की कुछिस करूँगा
00:59गेर खुटार फुलवारी गाओं के शिवराद सामत अफगानिस्तान में वेल्डर का काम करते थे
01:05तालिबान के ओहां फिर से सत्ता में आ जाने के बाद वो घर लोट आए
01:09शिवराद ने बताया
01:10जब मैंने अचानक आई बाड के बारे में सुना तो मैं लोगों को बचाने के बारे में सोचकर नदी की
01:15तरफ भागा
01:15लिकिन मैंने जो देखा उससे में डर गया
01:18ऐसे मैं कोई भी किसी को बचाने के लिए उस परचंड बाड का सामना नहीं कर सकता था
01:22HIGHWAY के पास धान के खेत में काम कर रही छे मैलाएं बै गई गई
01:26उनका अभी तक पता नहीं चल पाया है
01:29निश्चल खातिवाड़े ने अभी अभी अपनी कक्षा बार्मी बोर्ड की परिक्षा पास की
01:34वो अपने पिता की चाय की दुकान चला रहा था
01:37जो त्रिशुली हाईवे के गायब होने की जहे से कुछ ही धूरी पर था
01:41उसने बताया कि
01:42इसकूल का समय हो गया था और हमेशा की तरह छात्रों को ले जा रही कई बसे नदी पर आ
01:47गई थी
01:48My father had to travel to the school school, but I had to travel to the school.
01:56My father got to take a step of the way to the school.
02:02I had to take a step away from the school.
02:07My uncle got to take a step away from the school.
02:08We had to bring the house together.
02:10His father had to take a step away from the school.
02:18foreign
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