Skip to playerSkip to main content
  • 6 weeks ago
मुंबई में पीएम मोदी के कार्यक्रम में पिस्टल लेकर कैसे पहुंचा संदिग्ध? देखें ब्लैक एंड व्हाइट

Category

🗞
News
Transcript
00:00नमस्कार मैं हूँ अंजिराओं कश्यप और ब्लाक इन वाइट में आपका बहुत बहुत स्वागत है
00:04आज सबसे पहले आपको बताएंगे कि क्या प्रधानवन स्री नरेंदर मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई
00:09या फिर ये नकली पी-एमो अफसर खुट ठगी के जाल में फस गया
00:13मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर से ये संसनी केस घटना ने सुरक्षा एजिंसियों के होश उड़ा दिये
00:21जब एक नकली पी-एमो अफसर बंदूक धारी बॉडिगार्ड के साथ अचानक पहुँच गया
00:28चेकिंग में जब फर्जी आई-कार्ड मिला तो इसकी पोल खुल गई
00:32हम आपको बताएंगे भी कि असली और नकली आई-कार्ड की पहचान आखर कैसे हुई
00:37लेकिन असली ट्विस्स तो कोट में आया जब इस वक्ति के वकील ने दावा कर दिया
00:42कि वो कोई घुसपैटिया नहीं बलकि फर्जी जॉब रैकेट का शिकार हो गया
00:49उसे PMO का फर्जी लेटर, आई-डी और यहां तक की PM के दस्तखत वाली चिट्टी बेचकर जहांसे में लिया
00:55गया था
00:56जूट फरेव फर्जी वाला अगर इन तीन चीजों की कोई वर्ल्ड चैंपिंशिप होती
01:01तो यकीन मानिये पाकिस्तान उसमें बिना किसी मुकाबले के बोल्ड मेडल जीत था
01:06ओपरेशन सिंदूर की तबाही से पाकिस्तान अब इस कदर बॉक लाया हुआ है कि वो सच का सामना करने के
01:12बचाए
01:12फेक AI की दुकान खोल कर बैठ गया है
01:16और तावर तोड ऐसे विडियोज डाल रहा है
01:18पाकिस्तान AI से फर्जी विडियोज बना कर अपनी हार को जीत में बदलने का बचकाना ड्रामा कर रहा है
01:24आज पाकिस्तान के इस डिजिटल फर्जी वाड़ी का कच्चा चिट्टा खोलेंगे
01:27और आपको बताएंगे कि कैसे प्रोपगांडा की इस जंग में आतंकी पाकिस्तान अब सिर्फ एक मजाक बन कर रह गया
01:34है
01:35इसके बाद बात उस खबर की जो ग्लोबल एकॉनमी की पूरी तस्वीर बदल सकती है
01:39राज़ानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स समित से ठीक पहले
01:44डी डॉलराइजेशन पर दुनिया भर में बहस तेज हो गई है
01:47एक तरफ अमेरिकी राषटपती ट्रफ ब्रिक्स पर डॉलर को कमजोर करने की साज़ शकारोप लगा रहे है
01:52आज क्रेमलीन के प्रवक्ता क्रेमलीन यानि वो जगा जहांसे रशिया के राष्ति राष्टरपती रहते हैं
01:59जहांसे पूरा उनका कार्यालय चलता है
02:02आज क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री प्रेसकोफ की प्रेस कॉन्फरेंस में प्रेस ब्रीफिंग में जब मैंने सीधे यही सवाल उनसे पूछा
02:09कि क्या ब्रिक्स डॉलर को कमजोर कर रहा है
02:12क्या डॉलर का वैकल्पिक करंसी अपने अपने नाश्रल करंसी को बना रहा है जैसे भारत रुपया को रश्या रूबल को
02:20और डॉलर को दरकेनार किया जा रहा है तुनों ने बड़ी दिल्चस्प बात कहिए वो आपको दिखाएगे
02:27नौद कोरिया रॉश्या को आपस में जोडने वाले पहले रोड ब्रिज का काम शुरू हो चुका है ये पुल व्लादमिर
02:34पूटिन और किम जॉंग उनकी जिगरी दोस्ती की मिसाल है कभी अलग तरक पड़े ये दोनों देश और पश्चमी देशों
02:40की पावंदियों के बीच
02:41एक दूसरे का सबसे बड़ा सहारा बन रहे हैं अब आपको साफधान करने वाली खबर दिखाएंगे क्योंकि हमारे देश में
02:49किसी को सिविक सेंस की सीख देना या खानून का पाट पढ़ाना जानलेवा बन गया है दिल्ली में एक खुले
02:55में शराब पीने हंगावा करने से
02:57रोकने पर मणीपुर के एक म्यूजिशन की हत्या कर दी गए इसके बाद आपको मध्य प्रिदेश के सागर में जहरीली
03:04शराब का कहर दिखाएंगे जहरीली शराब पीने से मौत का आंकड़ा बढ़कर 15 पहुँच गया है जबकि कई लोग जिंदगी
03:10मौत के बीच इस वक �
03:11भी जंग लड़ रहे हैं इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर गंबीर सवाल उट रहे हैं आरोप है
03:15कि इलाके में लंबे समय से अवेज शराब का कालकार उबार फुल फल फूल रहा था पुलिस आपकारी विभाग सब
03:22जानकर भी आंखे मूदे बैठे रहे एंसी �
03:26जारबी के आंखडों के मुताबिक दोहजार चौबीस में जहरीली शराब की वज़े से देश में चार सो एकिस लोगों की
03:33मौत हो गए और इसके बाद रिश्टों के कतल की एक और कहानी और फिर कैमरा ओन होते ही बिलक
03:40बिलक करोना आसू बहाना करोडों की जायदाद के लि
03:56उस एक्टिंग की पोल खोलते हैं जो उसने पुलिस और समाज को गुम्राह करने के लिए रची थी ये रोना
04:03धोना जो वडियो आप देख रहे हैं सब ड्रामा था
04:21अगली खबर मौलाना तौकीर रजा के बयान ने एक बार फिर सियासी और सामाजिक गलियारों में नहीं बैस छेड़ दी
04:26है तौकीर रजा ने सरतन से जुदा और जैशी राम के नारों की तुलना करते हुए दोनों को एक चैसा
04:31ठहराने की कोशिश की
04:32लेकिन कोट ने कहा कि सरतन से जुदा जैसा हिंसक नारा जो सीधे तौर पर अपराद को बढ़ावा देता है
04:39उसकी तुलना किसी धार्मिक और सांस्क्रितिक संबोधन से कैसे की जा सकती है
04:45और इसके बाद आपको भाशा के स्वहिम्बू ठेकेदारों का दोरा रवया दिखाएंगे गरीब ओटो टाक्सी ड्राइवर्स को जबरन मराठी की
04:51सीख देने वाली मंत्री जी
04:54जब पावर और घ्लामर के सामने आते हैं तो कैसे अपने ही माप दंड भूल जाते हैं
05:00मराठी ना बोल पाने पर बसने लगते हैं संजेद अपने महराश के मंत्री से सीधे का मराठी नहीं बोलेंगे और
05:08इस पर मंत्री जी मुस्कुराने लगे ठाहाके लगाने लगे
05:10जो आटो चालकों को कहते हैं कि पहले मराटी सीखो नहीं तो रोजी रोटी खदब
05:15और आखर में वो दल्चस्प तस्वीर बिहार के गोपाल गंज में कार चोरी के बढ़ते मामलों से परिशान होकर एक
05:22व्यक्ति ने अपनी कार को सड़क किनारे खड़ा करने के बजाए सीधे घर की छट पर पार्क करवा दिया इसे
05:29क्रेन की मदद से दो मंजला मकान की छट पर
05:31पहुँचाया गया देखिए लेकिन आज सबसे पहले हम आपको मुंबई की उस घटना के बारे में बताएंगे जो नकली सरकारी
05:39अफसरों को लेकर कई सवाल खड़े करती है और ये एक ऐसी कहानी है जिसमें पहली नजर में सब कुछ
05:45प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चू
06:01मज गया जिसमें कोई व्यक्ति अपरादी हो सकता है खुठगी का शिकार भी अब क्या है ये पूरी घटना साथ
06:09सितंबर की है ये घटना जब मुंबई के जियो वर्ल्ड कंवेंशन सेंटर में एक बड़े कारक्रम की तयारी चल रही
06:16थी और कारण ये था कि अगले दिन या
06:31लाके में आने जाने वाले लोगों की जांच की जा रही थी इसी जांच के दोरा पुलिस कर्मियों को दो
06:38लोगों पर शक हुआ और जब उनसे पूछता चुई तो उनमें से एक लड़के ने दावा किया कि वो प्रधान
06:44मंतुरी कार्याले सीधा बोला कि मैं पीमो से जुड
06:59कुंडे और जानते हैं ये दोरोग पकड़े कैसे गए जब मेटल डिटेक्टर से इस लड़के का बोडी गार्ड दिलिप कुंडे
07:06अंदर जा रहा था बोडी गार्ड तब उसमें सुरक्षा कर्मियों को उसके पास पिस्टल होने का अंदेशा हुआ
07:13पुलिस ने तलाशी ली तो उसके पास से एक पिस्टल मिली और इसके बाद इस बोडी गार्ड ने रोहन पारिक
07:20को फोन किया और ये लड़का वापस एंट्री गेट पर पहुँचा बहाँ उसने सुरक्षा कर्मियों को अपना एक पहचान पत्र
07:27दिखाया
07:27दावा किया गया कि ये पहचान पत्र प्रधान मंत्री कार्याले यानि पीमो का है अब इस आईडी कार्ड में रोहन
07:34पारिक को पीमो का ग्रेड सी ओफिशल बताया गया था लेकिन यहीं से सुरक्षा कर्मियों का शक और गहरा हो
07:41गया
07:42शक का कारण यही था कि इस पहचान पत्र पर उसके जारी होने की तारीख तो लिखी थी कि भई
07:50ये आईडी कार्ड कब जारी हुआ लेकिन यही नहीं लिखा था कि कार्ड वैलिड कब तक है
07:56इसके अलावा कार्ट पर जारी करने वाले अधिकारी के हस्ताक्षर तो थे लेकिन उस अधिकारी का नाम नहीं लिखा था
08:02जबकि PMO के ID कार्ट पर उसे जारी करने वाले अधिकारी का नाम जरूर होता है
08:07उसी से पहचान हो जाती है
08:10अब बस यहीं से सुरक्षा कर्मियों को लगा कि कुछ बहुत बड़ी गड़बड है
08:15पुलिस ने दोनों लोगों को हिरास्त में लिया, बाद में गिरफ्तार किया
08:19और यहां तक यह कहानी बहुत सीधी दिखाई देती
08:21सबको लगा कि प्रधानवंत्री मोधी के कारिक्रम से पहले
08:24दो लोग खुद को पीमो से जुड़ा हुआ बताकर एक हाई सेक्यूरिटी इलाके में गुसने की कोशिश कर रहे थे
08:29और यह मामरा प्रधानवंत्री मोधी की सुरक्षा में चूप का सीधा दिखता है
08:35लेकिन इसके बाद कहानी ने ऐसा मोड लिया जिसने इस पूरे मामले को और ज़्यादा दिल्चस्प बना दिया
08:42जिस लड़के ने खुद को पीमो का अधिकारी बताया था उसके वकील ने अदालत में कोट में जब उसे पेश
08:48किया जा रहा था
08:49उसको पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है कोट की तरफ से लेकिन जब अदालत में इसका वकील पहुँचा तो
08:54उसने दावा किया कि रोहन खुद एक ठकी का शिकार है
08:58अब ये दावा देखिए
09:01यानि जिस वक्ति को पुलिस नकली पीमो अधिकारी समझ कर गिरफतार कर रही है उसके वकील का कहना है कि
09:06वो खुद भी ये मानता रहा हो
09:08कि वो सचमुच प्रधानमंत्री कारयाले में नौकरी करता है
09:13रोहन पारिक के वकील के मताबिक उसे पिछले कुछ समय में ऐसे कई दस्तावेज और इमेल्स मिले थे
09:18जिनसे उसे विश्वास हो गया कि उसे हकीकत में पीमो में नौकरी मिल गई है
09:25दावा है कि उसे इमेल के जरिए पीमो में नौकरी का ओफर लेटर भेजा गया
09:30उसे इमेल पर ही एक ID कार्ड की कॉपी भेजी गई
09:34और ये भी दावा किया गया है कि उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर वाला एक पत्र भी भेजा गया
09:41जिसमें उसे PMO से जुड़ा अधिकारी बताया गया था
09:45यही नहीं कोर्ट में सबूत के तौर पर कुछ इमेल भी पेश किये गया है
09:49अब इन इमेल में तरुन कपूर नाम के एक व्यक्ति का जिक्र था
09:54और कहा गया कि इसी व्यक्ति ने रोहन को PMO में काम करने का प्रस्ताव दिया था
10:00इसके बाद तरुन गुप्ता नाम के व्यक्ति की तरफ से उसे डिफेंस अक्विजिशन पॉलिसी से जुड़े इमेल भीजे गया
10:09और मेहिक गुप्ता नाम की एक महिला की ओर से रोहन को अडवाईजरी रोल में नौकरी का प्रस्ताव बेजे जाने
10:16का दावा किया गया
10:18अब रोहन के वकील का कहना है कि इमेल के जरीए उसे यहां तक निर्देश दिये गये थे कि उसे
10:23अपनी सुरक्षा के लिए एक बॉडिगार्ड रखना चाहिए
10:29यानि दावा तो यह है कि रोहन पारिक ने खुद को कोई सरकारी अधिकारी दिखाने के लिए बॉडिगार्ड नहीं रखा
10:34था बलकि उसे इस एमेल के जरीए बताया गया था कि अब वो एक बड़े पदपर है और उसे सुरक्षा
10:39की ज़रूरत है
10:41अब आखिर ये पूरी कॉंस्पिरेसी है क्या उसके बाद देखिए उसने एक बॉडिगार्ड रख लिया खुद को पीएमो का अधिकारी
10:49समझ लिया और फिर वो बॉडिगार्ड रख कर घूमने लगा
10:54रोहन का ये भी कहना है कि वो प्रधानमंत्री मोदी के कारक्रम में शामिल होने या किसी हाई सेक्यूरिटी इलाके
10:58में घुसने के लिए जियो वर्ल्ड प्लाजा नहीं आया था बलकि वो अपनी मंगेतर के लिए परफ्यूम खरीदने वहाँ पर
11:04पहुँचा था
11:07अब देखिए वो पहुच भी कबरा है जब प्रधानमंत्री का अगले दिन महाँ पर कारक्रम है वो खुदी दावा कर
11:15रहा है अपने वकील के जरीए कि उसको प्यमो का एक अधिकारी वो अपने आपको समझ रहा था उसे ओफर
11:21लेटर आई थी और वो उसी जियो कन्वेंश
11:23सेंटर में एक दिन पहले परफ्यूम खरीदने पहुचता है जैसा उसके वकील का दावा है अब इस कहानी के आधार
11:30पर ये लड़का खुद को निर्दोश बता रहा है लेकिन इस कहानी में कोई छोल भी कई सारे नजर आते
11:35हैं जैसे 2024 में इसे PMO में नौकरी का उफर लेट
11:39मिला लेकिन सवाल है कि तब उसे जब उसे तंख्वाही नहीं मिल रही थी ये खुद को PMO का असली
11:45अफसर कैसे समझता रहा क्या जान बूच कर ये पीछे से पूरी साज़श रची गई थी कि अगर वो कहीं
11:54पकड़ा जाता है तो इन मेल्स को वो आगे कर दे कोट में बता �
11:59दूसरा अगर ये खुद को PMO का अधिकारी बता रहा है तो इसने अपनी निजी बॉडिगार्ट कैसे रख लिया और
12:06सोचिए ये लड़का इतना पढ़ा लिखा है इसने गड़ेत और विग्यान में B.S.E. की पढ़ाई की है लेकिन
12:10इसके बावजूद इसने अंजान इमे
12:27कर रहे हैं क्या ये बचने का एक तरीका था एक स्ट्राटेजी थी जो पहले से इसने बनाई थी इसने
12:32अपना निजी बॉडिगार्ट कैसे रखा क्योंकि इतनी बात तो हर को ही जानता है कि अगर किसी अफसर को सुरक्षा
12:37देनी होती है तो ये काम सरकार का होता है ना कि अ�
12:54प्रधानमंत्री मोदी का कारेक्रम होना था वहाँ इत्यफाक से ये लड़का प्रधानमंत्री के कारे आले का ही अफसर बन कर
12:59कैसे पहुंच गया देखिए
13:03प्रधान मुद्डू कर देखिए बन किशंच गया थे लाइज स्ट्राइटे बंदू का प्रधानमंत्री मुद्ड़का देखिए
13:31जी आप रोहन के फैमिली से हैं बात जी आप से जानना चाहेंगे ये रोहन पीमों अपॉइंटेट था या नहीं
13:40था?
13:52जो लॉयर है जो की रोहन पारेक को रेपेजेंट करें उन्हों ने कहा कि रोहन पारेक को या तो फसाया
13:59गया पीमों के नाम पर और उसे ये आईकार्ड भी उन्हों नहीं दिया, इमेल भी उन्हों नहीं भेजे और वही
14:05उनसे संपर्क में थे, वही उसके कॉंटाक्ट में थे
14:08और उन्होंने ही उसे bodyguard रखने के लिए भी कहा था
14:11अब इस पर सवाल उठता है कि ये क्या सच में रोहन पारेक को किसी ने फसाया है
14:18ये कहकर कि आप PMO में advisory role पर काम कर रहे हैं
14:22या फिर वो अपने आपको बचाने के लिए ये सब पुलिस को कह रहे हैं या बता रहे हैं
14:28कैमरा परसन स्वराज के साथ दिबेश सिंगम भई आज ता है
14:32अब इस घट्ला के बाद सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि इस देश में कितने लोग नकली सरकारी अफसर
14:36बन कर घूम रहे हैं
14:39आपको याद होगा पिछले मही ने मनीश कुमार गुपता की गिरफतारी हुई थी
14:42खुद को भारत के राश्ट्रे सरक्षा सलाकार अजीद डोबाल का अंडर कावर एजेंट बताता था
14:47बिहार के खगड़िया में इसने एक पांच मनजला मकान बना है
14:50जिसमें सौ सीसी टीवी कैमरे लगाए गए
14:53और इलाके में ये बात भी फैली की इस घर में एक स्वेमिंग पूल भी हो सकता है
14:58खगड़िया के लोगों के लिए ऐसा घर सामाने नहीं था
15:00ये बिहार का वो जिला है जो बाड के लिए जाना जाता है और जहां हर साल घर जरूर डूपते
15:05है
15:05लेकिन उस खगड़िया में जब ये खबर फैली कि मनीश कुमार गुपता एक आईयस अधिकारी है
15:10जीद डोबाल उस पर काफी भरोसा करते हैं लोग उसे प्रभावित होने लगे
15:15यहीं नहीं इस व्यक्ति ले अपनी गाड़ियों पर गर्वर्मन्ट अफ इंडिया लिखवाया हुआ था
15:19लेकिन पुलिस ने इस व्यक्ति को संदेख्द मानते हुए कारवाई की जब पुलिस को भी इस व्यक्ति ने अपना परिचव
15:23एक आईयस अधिकारी का दिया
15:24तो यह पुरी तरह फस गया
15:27पुलिस ने इसकी पूरी कुंडली निकाल ली यह पता चला कि इस व्यक्ति ने पिछले दस साल में फरजी आईयस
15:32अधिकारी बनकर कई लोगों को चूना लगाया
15:35दस साल में लगभग सौ करोड रुपे की संपत्ति बना ली
15:39और ऐसा नहीं है कि यह खुद को फरजी आईयस याईपियस अधिकारी बताने की पहली घटना थी
15:43पिछने कुछ सालों में ऐसे कई लोग पकड़े गए हैं जो खुद को एने से अजीत डुवाल
15:48कभी ग्रे मंतरी अमित शाह
15:50कई बार सीधा प्रधानुत्री कारयाले का अधिकारी बताते हैं
15:54और बाद में ये सारे लोग फरजी निकलते हैं
15:57साल दुवजार तेस में गुजरात के किरण पटेल ने खुद को PMO का
16:02प्रधानमत्री कारयाले का वरश्ट अदिकारी बताते हुए ये दावा किया था कि उसे जम्मू कश्मीर में सरकार के उसे सेव
16:07की पैदावार और सुरक्षा से जोड़े कामों की निगरानी के लिए भेजा गया है।
16:32और जो फर्जी और नकली अधिकारी हैं वो भी खूब बेईमानी कर रहे हैं और इनमें कई तो ऐसे हैं
16:37जो शायद अब तक पकड़े ही नहीं करें।
16:39और हमें लगता है कि इस घटना के बाद सरकार को कोई ऐसा सिस्टम बनाना होगा जिससे असली और नकली
16:44सरकारी अफसरों की पहचान हो सके।
16:46खेर आगे बढ़ते हैं आपको यह बताते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर पर बनी जॉक्यमेंटरी से पाकिस्तान इतना परिशान हुआ कि
16:52अब जवाब में वो अपनी एक अलग ही कहानी लिख रहा है।
17:18पाकिस्तान के इस प्रोपगांडा को लेकर सोशल मीडिया पर कई सवाल उठ रहे हैं।
17:47लेकिन भारत में यही साटलाइट तस्वीरें कोई नुकसान नहीं दिखाती। लेकिन पाकिस्तान तो पाकिस्तान है।
17:55और सब जानते हैं कि अगर जूट बोलने का कोई उलिम्पिक्स होता तो पाकिस्तान गोल्ड मेडल जरूर जीता।
18:01पाकिस्तान की ख्याली दुनिया ऐसी है कि वो कल को ये भी कह सकता है कि इस बार का फुटबॉल
18:06वर्ल्ड कप पाकिस्तान ने जीता है।
18:08या ये कह सकता है कि चांद पर पाकिस्तान का अंतरिक्षियान उतरा है।
18:12या ये जूट बोल सकता है कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थविवस्ता पाकिस्तान बन गया है।
18:16कुछ भी यानि पाकिस्तान जितनी लंबी-लंबी फेकता है उसका कोई मुकाबला कर नहीं सकता लेकिन यही पाकिस्तान यह भूल
18:22जाता है कि प्रोपगांडा की दुनिया में भी बहुत बड़ी समस्या होती है
18:26समस्या यह होती है कि एक जूट को बचाने के लिए एक और जूट बोलना पड़ता है और धीरे धीरे
18:34जूट इतना बड़ा हो जाता है कि उसे सावित करने के लिए वास्तविक्ता कम पड़ जाती है
18:38और तब पाकिस्तान को AI के मदद लेनी पड़ती और ओपरेशन सिंदूर के मामिने तो पाकिस्तान पहले दिन से यही
18:43करो है।
18:46हम आपको पांच पॉइंस में बताते हैं कि पाकिस्तान कैसे अपने हमलों का सबूत देने में नाकाम रहा।
18:51भारत ने बार बार सबूतों से पोल खुई पाकिस्तान ने पहला फरजी वारा तब किया जब उसने युद्ध का पूरा
18:57सेट तयार करवाया
18:5914 मई 2025 को पाकिस्तान के प्रधानमत्री शाबाज शरीफ से आलकोट के पास पसरूर आर्मी चावनी पहुँचे
19:05और इस वक्त ऑपरेशन सिंदूर के कुछ दिन बाद पाकिस्तान को अपनी लोगों को ये दिखाना था कि सेना वजबूत
19:10है, मोर्चा संभाले हुए, सब कुछ कंट्रोल में
19:14फिर कैमरे लगाए गए, एक टैंक तयार किया गया, टैंक को घास से ढग कर उसके पीछे पोस्टर लगा दिये
19:19गए, लेकिन यहाँ भी पाकिस्तान कोई सबूत नहीं दिखा पाया
19:23दूसा फर्जिवारा तब किया, जब हार के बाद भी जीत का जश्ण मनाया गया, पाकिस्तान में विजय रैलिया निकाली गई,
19:31सडकों पर जश्ण हुआ, पाकिस्तानी सेना की जूटी जीत के पोस्टर लगे, लेकिन यहाँ भी कोई असली सबूत पाकिस्तान नहीं
19:38दे प
19:51भारत के दरजनों एरबेस नश्ट कर दिये गए हैं, लेकिन यहाँ भी पाकिस्तान के पास सबूत के तोर पर कोई
19:57असली तस्वीर तो थी नहीं, फिर बेस्ती हुई, चौता फर्जिवारा तब हुआ जब पाकिस्तान के उप्रधान मंतरी और विदेश मंतरी
20:04शाकदार ने
20:04संसद में जूटी ख़बर का हवाला दिया, उन्होंने दावा किया कि ब्रिटन के मशूर अख़बार डेली टेलिग्राफ ने पाकिस्तान एफोस
20:11को आस्मान का बादशाह बताया है, अब पाकिस्तान की संसद में इसे सेना की बड़ी उपलबधी की तरह पेश किया
20:17गया, ल
20:30लेकिन वहां मंतरियों को क्या मतलब, क्या स्पेलिंग जानेंगे, दिखा दिया, पांच वाफ़ जिवारा तब हुआ जब आपरेशन संदूर के
20:38दौरान पाकिस्तान के रक्षामंतरी ख़जा आसिफ ने दावा कि पाकिस्तान ने भारत के पांच लड़ा को विमान मार के �
20:46दावा बड़ा था, इसे अंतराश्वे मीडिया ने उनसे सवाल पूछा कि सबूत क्या है, अब सियनेन के एक इंटर्वियो में
20:52जब उनसे सबूत मांगा गया तो खौजा आसिफ के जवाब ने उन्हें एक मजाग बना कर रख दिया, उन्होंने कहा
20:57कि सबूत भारतिये सो�
21:21पाकिस्तान में हुए हमले की थर्मल इमिजिंग तस्वीरें जारी किये, सैटलाइट तस्वीरों के सबूत दिये, हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान
21:30पाकिस्तान को जो सबक सिखाया था, उसके तमाम वीडियो जारी किये, हमें इसके लिए AI की मदद नहीं लेनी पड़ी
21:35लेकिन पाकिस्तान क्योंकि जूट बोलता है, इसलिए वो AI चलाता है।
22:05इस बार का BRICS समिट हमारे अपने देश भारत में होने वाला है, और ये एक ऐसा मंच है जिसके
22:11खिलाफ राश्रपती ट्राम्प खुल कर बोलते हैं।
22:35डॉनल्ड ट्राम्प BRICS से काफी चड़ते हैं जब जब ये आयोजन होते हैं, तो वो हमेशा इसके खिलाफ बोलते हैं।
22:42और खास तोर पर डॉलर के मुद्दे पर जरूर छेड़ते हैं।
22:47अब क्योंकि ये समिट इसी हफते 12-13 सितंबर को दिल्ली में होने वाला है और इसके लिए राश्रपती पूटिन
22:51और चाइना के राश्रपती शी जिन पिंग भारत आ सकते हैं।
22:55तब डी-डॉलराइजेशन पर एक बार फिर से बहत शुरू हो गई है।
23:25पार कर रहे हैं। तो इससे ये डी-डॉलराइजेशन क्यों नहीं मानते हैं।
23:30वई उन्होंने खुदी बताया दिमित्री पेसकॉफ में कि रश्या बाकी देशों के साथ जोकी ब्रिक्स के देश हैं।
23:37उनके साथ 90 फीजदी पेमेंट अब डॉलर में नहीं बलकी अपनी अपनी राष्ट्रिय करनसी में कर रहा है।
23:50भारत रुपया में कर रहा है। तो ये है पूरा मामला डॉलर को अलग ठलक करने का।
23:5690 फीजदी तक अगर वो डॉलर का इस्तमाल खत्म कर चुके हैं।
24:00तो इसको खुलकर डी डॉलराइजेशन बोलने से रश्या या ब्रिक्स क्यों बचता है।
24:06और राश्रपती ट्रम्प डॉलर को नुकसान पहुचाने का जो आरोप इन प्रिक्स देशों पर लगाते हैं।
24:10वो इन पर आखिर क्या कहना चाते हैं। ये सवाल मैंने उनसे पूछा।
24:14इस पर दिमित्री पेसकोफ ने साफ कहा कि वो डॉलर के खिलाफ नहीं है।
24:18बलकि राश्रपती ट्रम्प खुद डॉलर को नुकसान पहुचा रहे है। कैसे सुने।
24:27कि अच्छाओ प्रेशों प्रेश प्रेशों प्रेशों पर लॉलर के वो ड्युचा रहे हैं।
24:43दॉलर कुछ प्रेश्ट रहे हैं।
24:50इस प्रेशन कि वह रहे हैं।
24:54that Russia is doing with other BRICS countries
24:57has now moved on to national currency.
25:00There are other countries also within BRICS
25:04without sanctions who have opted for cross-border
25:07national currency payment systems.
25:10Why does Russia or BRICS
25:13shy away from openly claiming de-dollarization?
25:17And how would you respond to the allegation
25:21that BRICS is a forum against the dollar?
25:24that Donald Trump often talks about.
25:27भन्यवाद.
25:28यह بہت دلچسپी सवाल है.
25:30कैप, मैं फिर से दोहराऊंगा.
25:33BRICS किसी के खिलाफ नहीं है.
25:35BRICS तो अपने सदस्य देशों के
25:37राश्ट्री ए हितों के लिए है.
25:38और Rούस भी BRICS देशों में से एग है.
25:42Rούस से अमेरिकी डॉलर और
25:44यूरो इस्तिमाल करने का अधिकार चीन लिया गया था, ये पूरी दुनिया के लिए रिजर्व करेंसी हैं, और अमेरिका ने
25:51हमें इस रिजर्व करेंसी का इस्तिमाल करने के अधिकार से वंचित करने का फैसला किया, तो हमें क्या करना चाहिए?
26:04हमें सोचना चाहिए कि हम अपनी खुद की करेंसी क्यों ना इस्तिमाल करें
26:08क्या इसकी कीमत अमेरिकी डॉलर के बराबर है
26:11नहीं, कुछ हद तक तो यह उससे भी बहतर है
26:17और हमने अलग-अलग देशों को नेशनल करेंसी इस्तिमाल करने का प्रस्ताव देना शुरू किया
26:23ऐसा इसलिए नहीं है कि हम डॉलर के खिलाफ हैं
26:27और हम किसी डी डॉलरलाइजेशन पॉलिसी का दावा भी नहीं करना चाहते
26:31हम बस वही कर रहे हैं जो हमारे राष्ट्रिय हितों के लिए बहतर है
26:41तो मैं ये कहूंगा कि असल में अमेरिका ही डॉलर को रिजर्व करेंसी के तौर पर नुकसान पहुंचा रहा है
26:48क्योंकि अगर आप चाहते हैं कि आपकी करेंसी रिजर्व करेंसी बनी रहे
26:53तो आप कभी भी ऐसा कदम नहीं उठाएंगे जैसा मैंने बताया
26:58तो अमेरिका अमेरिकी डॉलर पर भरोसा खत्म कर रहा है और जितना ज्यादा भरोसा खत्म हो रहा है
27:04उतना ही भरोसा नेशनल करेंसी की तरफ बढ़ रहा है
27:07तो यही प्रक्रिया है और यही इस प्रक्रिया का स्वरूप है और जाहिर है सबी देश वही कर रहे हैं
27:20जो उनके लिए ज्यादा फाइदे मंद है।
27:23और अगर national currency का इस्तिमाल करना ज्यादा फाइदे मंद है तो वो ज्यादा से ज्यादा पेमिंट national currency में
27:30ही करेंगे
27:31और यह किसी देश के खिलाव की गई प्रक्रिया नहीं है
27:34इसलिए अमेरिकी डॉलर को सबके लिए फाइदे मंद बनाएए और हर कोई
27:39अमेरिकी डॉलर का इस्तिमाल करेगा लेकिन अभी प्रक्रिया इसके उलट है और ऐसा हमारी वजह से नहीं हो रहा है
27:53और अब आपो आकड़ों से इस डी डॉलराइजेशन की पूरी कहानी बताते हैं
27:57दी डॉलराइजेशन यानि डॉलर को छोड़कर अपनी अपनी जो राष्ट्रिय आपकी करंसी है उसमें व्यापार करना पेमेंट करना अंतराष्ट्रिय व्यापार
28:07में यही डी डॉलराइजेशन आज से 26 साल पहले वर्ष 2000 में दुनिया के कुल विदेशी मुद्रा भंडार
28:12में डॉलर की हिस्सेदारी जो है वो 72 प्रतिशत होती थी जादतर देश अपने विदेशी मुद्रा भंडार में अमेरिकी डॉलर
28:19इसलिए रखते थे क्योंकि दूसरे देशों से कोई सामान या सेवा खरीबने के लिए उन्हें डॉलर में ही भुगतान देना
28:25होता था लेकि
28:38में एक दूसरे की जो राष्ट्रे करनसी है उसमें वो व्यापार करने लगे इसलिए दुनिया के विदेशी मुद्रा भंडार में
28:48डॉलर की जो हिस्सेदारी है वो 72 प्रतिशत से घटकर आ गई 56 प्रतिशत और ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि छोटे
28:54देशों को घए डॉलर कर
29:04करने का लक्ष रखते हैं इसलिए राष्ट्रपती ट्रंप अब इस मंच को डॉलर के खिलाफ एक गजोड की तरह देखते
29:10हैं और सबसे बड़ा सवार इन आकड़ों को लेकर उठता है ब्रिक्स देशों में ब्रजिल रश्या इंडिया चाइना और साथ
29:17आफ्रिका जैसे प
29:31रुपया में रश्या रूबल में अकेले रश्या ब्रिक्स देशों के साथ 90 प्रतिशत व्यापार अपनी नाशनल करनसी में कर रहा
29:39है इनमें ब्रजिल के साथ अधिक्तम 10 प्रतिशत भारत के साथ 96 प्रतिशत भारत के साथ 96 प्रतिशत जो रश्या
29:48का व्यापार है वो इस �
29:50अपने अपने नाशनल करंसी में हो रहा है यानि रूबल और रुपया में
29:55चाइना के साथ 99.1 प्रतिशत रश्या का व्यापार उसकी नाशनल करंसी में हो रहा है
30:01इसके अलावा गेर ब्रिक्स देशों में एरान के साथ 96 प्रतिशत एजिप के साथ 40 प्रतिशत व्यापार भी डॉलर में
30:08नहीं हो रहा अपनी अपनी राश्टर करनसी में हो रहा
30:11रश्या का कहना है कि वो ब्रिक्स, S.C.O. और देशों वाले यूरेशन एकोनामिक यूनियन के साथ भी 97
30:17प्रतिशत व्यापार डॉलर में नहीं कर रहा लेकिन रश्या ऐसे डॉलर के खिलाफ मोहिम नहीं कहता है
30:22वो ये कहता है कि अमेरिका ने डॉलर को कई देशों के खिलाफ हदियार की तरह इस्तमाल किया उन पर
30:27आथिक प्रतिबंद लगा दिये और इसी वजह से अगर डॉलर को नुक्सान पहुंचा रहा है अगर कोई तो वो अमेरिका
30:33और अमेरिकी राश्रपती इसके लिए खु�
31:15किया जा रहा है सुन्ये
31:24रहा है कि राश्रपती पूतिन और उत्तर कोरिया की सुप्रीम लीडर किम जॉंगु ने एक दूसे के जिगरी दोस्त कैसे
31:36बने आज इस दोस्ती की चर्चा खूब हो रही है और वो इसलिए हो रही है क्योंकि रश्या और उत्तर
31:41कोरिया को आपस में जोडने वाले पहले प
31:53पहले पहले पहले पहले तक एसी कोई सडक नहीं थी जो दोनों देशों को जोडती हो लेकिन अब ऐसा हो
31:58गया है और पश्यमी देश इसे लेकर दो बाते कह रहे हैं
32:01उन्हें चिन्ता है कि इस पुल के जरीए हतियारों की गुप्त सप्लाई हो सकती है दूसरा इससे प्रतिबंदों का उलंगन
32:06क्या जा सकता है जबकि रश्या और नौर्थ कोरिया पर इन आरूपों का कोई असर नहीं पढ़ रहा है
32:11उल्टा उत्तर कोरिया और रश्या ने इस पुल का नाम ही सोवियत सेना के एक अधिकारी या कौफ नोविशेंको के
32:19नाम पर रखा है
32:20यह वही सोवियत अधिकारी है जोनोंने किम जौंग उन के बाद किम इल सुंग की 1946 के एक रिनेट हमले
32:27में जान बचाई थी
32:28और उत्तर कोरिया में उन्हें आज एक राश्या नायक की तरह सम्मान दिया जाता है
32:32और इससे आप ये भी समझ सकते हैं कि अब राश्यपती पूटिन और किम जौंग उन की दोस्ती कैसे गहरी
32:52होती जा रहे हैं ये देखिए
32:53जब साल 2000 में पहली बार एरitaryा के राशशापती बने तब उन्होंने उत्तर कोरिया का दोरा किया था
32:57और उस सुक्क किम जोमगून के पिता उत्तर कोरिया की सलमें थे किम जोमगून सिर्थ 16 साल के लिए
33:06बाद में राश्रपती पूतिन किंग जॉंग उनके देखिये तो एक दूसरे के दोनों पक्के दोस्त बन गए इनमें भी साल
33:132019 इस दोस्ती के लिए टर्निक पॉइंट साबित हुआ
33:15ये वही साल था जब किंग जॉंग उन पहली बार रश्या गए और वहां उनका भविस्वागत हुआ
33:20उन्हें पारम पर एक रूसी ब्रेड और नमक दिया गया उपहार मिले शांदार डिनर करा आगया
33:26हाला कि उस वक्त ये दोस्ती बहुत ज़्यादा गहरी नहीं थी सम्मान था शिष्टा चार था लेकिन तुनों नेताओं के
33:32बीच एक जिजग भी डिखती थी
33:34और आप ये कह सकते हैं कि उस वक्त दोनों नेता मिल तो रहे थे लेकिन वैसी गहरी दोस्ती नहीं
33:40हुई
33:41साल 2022 में जब युक्रेन युद शुरुआ रश्या को अलग थलक करने की कोशिश हुई तब उत्तर कोरिया ने रश्या
33:48का पूरा साथ दिया
33:50इससे ये दोस्ती इतनी मजबूत हुई कि जून 2024 में जब राश्यपती पूतिन उत्तर कोरिया पहुँचे तो किम जौग उन
33:55खुद रात तीन बजे उनका स्वागत करने के लिए एरपोर्ट पहुँचे थे रात के तीन बजे
34:00सोचे जिस उत्तर कोरिया में प्रोटोकॉल और सत्ता का प्रदर्शन इतना माइने रखता है वहाँ देश का सुप्रीम लीडर खुद
34:06इतनी सुभा किसी विदेशी नेता को रिसीव करने पहुँचा और यहीं से पूरी दुनिया को एक संदेश दिया गया
34:12संदेश ये था कि रश्या पश्यमी देशों के प्रतिबंदों की परवाह नहीं करता फिर चाहे वो प्रतिबंद खुद रश्या पर
34:18लगे हो या उत्तर कोरिया
34:20इसके अलावा दुरिया ने रश्या और उत्तर कोरिया के बीच हुए रक्षा समझोतों को देखा
34:24लेकिन राश्रपती पूटिन और किम जॉंगुन ने समझोतों से आगे बढ़कर इस दोस्ती को एक दूसरे के लिए सहच बनाए
34:31जैसे राश्रपती पूतिन ने किम जॉंगुन को रश्या में बनी अपनी आधिकारिक राश्रपती जैसी ही औरस सेनेट लिमजीन कार गिफ्ट
34:40की
34:40किंग जॉगून को ये कार इतनी पसंद आई कि जून दोजार चॉबिस में जब राश्वपती पूतिन उत्तर कोरिया गए तो
34:47दोनों नेताओं ने प्योंग्यांग की सडकों पर इस कार को बारी-बारी से चलाया
34:52अब किंग जॉगून के लिए ये गिफ्ट इसलिए भी खास था क्योंकि सयुक्त राश्व ने उत्तर कोरिया पर पर पनवारू
34:56कारिकरम के कारण लक्जरी सामानों के आयात पर प्रतिबंद लगा तो रैसे में राश्वपती पूतिन द्वारा ये कार गिफ्ट करना
35:02सीधे त
35:18लकीर खीचने वालों का दोहरा रवाया दिखाते हैं कैसे रसूक के आगे उनके सारे काइदे सारे कानून सारे मापतन भीगी
35:25बिल्ली बन जाते हैं
35:27खबर महराश्व से है जहां भाशा की राजनीती का भी अपना ही आटिट्यूड है लेकिन ये नियम ये पैमाना और
35:34भाशा की भक्ती का ये पार्ट किसी पर लागू होगा ये इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी जेब
35:40में पैसे कितने है आपका कद कितना बड़ा है
35:45हालिया लजारा मुंबई के एक भव्य मंच का है फिल्म अभी नेता संजेदत माइक पर बोल रहे थे वगल में
35:50खड़े थे महराश्व के परिवहन मंत्री फ्रताप सर नाइक
35:53मंत्री जी इन दिनों मराठी के मास्टर जी बनकर गूम रहे है वहर किसी को मराठी सिखाने के मूर में
35:58है
35:58मंच पर जब संजेदत आए तो मंत्री जी को लगा कि थोड़ा भाशाई अनुशासन यहां भी दिखा दिया जाए
36:04खुद ही बोले कि वो आजकल सब लोगों को मराठी सिखा रहे हैं इसके बाद उन्होंने संजेदत से भी कहा
36:10मराठी में बोलिए
36:12लेकिन इसके आगे जो हुआ वो भाशा को विवाद का रूप देने बालों के लिए एक मास्टर क्लास है
36:18माइक समालते ही संजेदत ने दोटूक अपने ही अंदाज में कहडाला
36:23कि वो छे साल यर्वडा जेल में रहे तब भी मराठी नहीं सीख पाए
36:27और बोलते बोलते संजेदत का हाद भी मंतरी सर्था प्रताप सरनाई के कंधे पर पहुँच गया
36:32अगर आप सोच रहे हो कि इस बयान के बाद मंच पर हंगामा हुआ होगा
36:37भाषा के ठेकेदारों ने विरोध में नारे लगाए होंगे
36:40तो आप बिल्कुल घलत है
36:42यहां संजेदत के आगे मंतरी जी बिल्कुल पिघल गए
36:46गुस्सा नहीं आया
36:48उससे के बजाए संजेदत की मराठी ना बोलने की बात पर बड़ी जोर से हसने लगे
36:53महौल में ठाहा के ऐसे गूल जुटे मारा संजेदत ने मराठी में कोई जोरदार फिल्मी पंच मा लिया
36:58अब ज़रा सिक्के का दूसा पहलू देखिए
37:00वही परिवन मंत्राले वही मंत्री जी वही मुंबई की सड़के
37:05सड़क पर दिन रात मेहनत करके कितना तीन सो चार सो रुपे कमाने वाले गरीब ओटो रिक्षा और क्याप ड्राइवर्स
37:10के लिए फर्मान जारी करते है
37:11यहां मराठी का काम चलाओ ग्यान अनिवार रहे वरना इधर रोजी रोटी भूल जाईए
37:17तक दिया जाता है कि यात्वियों से बहतर संबाद विवाद रोकने के लिए मराठी ज़रू लिए
37:21अलाकि विवाद होने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फटनविस्ते मराठी सीखने के लिए एक साल की मोहलत दे दी
37:28लेकिन सवाल यह है कि जो ड्राइवर रोज दो वक्त की रोटी के लिए जूचते हैं
37:33अगर वो मराठी का एक शब्द घलत बोलने तो मराठी भाषा के स्वैंभू रक्षक सड़कों पर उतर आते हैं
37:39गाडियों के शीशे तोड़ दिये जाते हैं घरीब चालकों के साथ बत्तमीजी होती है
37:43सरयाम थपड जड़ दिये जाते हैं और थानों के चक्कर काटते काटते उनके लिए परिशानी होती है
37:49लेकिन मशूर अभिनेता संजैदत खुल कर कहते हैं कि उन्हें मराठी नहीं आती
37:53तो मंत्री जी बगले जहाते हैं फिर मुस्कूर आते हैं फिर ठहाके लगाते हैं
37:59इससे सवाल तो है कि क्या मराठी भाषा का मान सम्मान सिर्फ घरीब वटो वालों को पीच कर ही बचाया
38:04जाएगा
38:06क्या मराथी भाषा के स्वयम्भू ठेकेदार वैसा ही हंगामा करेंगे जैसा वो सड़क किनारे फल बेचने वालों टाक्सी वालों ओटो
38:13चालकों को लेकर करते हैं
38:14शायद नहीं क्योंकि ऐसे कायते कानून रभाषा की सकती सिर्फ उनी पर चलती है जो पलटकर जवाब नहीं दे सकता
38:20संज्यू बावा ने तो मुस्कुराया आईना दिखा दिया है अब देख रहा है कि मंतरी जी की इस हसी के
38:25पीछे चिपे दोरे माफदन को भाषा के विवाद में उलजने वाले लोग कब समझ पाते हैं
38:30दिल्ली में कल देरात आठ लड़कों ने मणिपूर के एक शक्स की हत्या कर दी 54 साल के विक्रम सिंग
38:36की हत्या इस बात पर हुई
38:37कि वो अपने घर के नीचे शराब पी रहे लड़कों को शराब पीने शोर मचाने से बस रोक रहे थे
38:45ये सारे लड़के उनके घर के नीचे मौजूद धाबों रेस्टराउं में काम करते थे
38:50रात करीब साधीक 11 बजे का वक्त था जब नोंने शराब पीना और शोर मचाना शुरू किया
38:55तब विक्रम सिंग घर से बाहर निकले उन्होंने इन लड़कों से शराब पीने शोर मचाने से मना किया
39:00विक्रम सिंग और उन लड़कों के बीच इस बात पर बहस शुरू हो गई
39:03काफी देर तक हुई बहस के बाद विक्रम सिंग अपने घर चले गए लेकिन उन लड़कों ने विक्रम सिंग का
39:08पीछा किया
39:08उनके घर गए घर जाकर उनसे मार पीट की
39:13जब शोर सुनकर विक्रम सिंग का परिवार आया तो आरूपी लड़के वहां से फरार हो गए
39:16घायल हालत में विक्रम सिंग को हॉस्पिटल में भरती कराया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थे
39:22मूल रूट से मनिपूर के रहने वाले विक्रम सिंग एक म्यूजिशन थे
39:26बच्चों को गिटार का ट्यूशन देते थे
39:29सत्रा वर्षों से परिवार के साथ दिली में रह रहे थे
39:32आरूप लगाया जा रहा है कि विक्रम सिंग के साथ जिन लड़कों ने मार पीट की
39:35वो उन पर नसलवादी टिपणी भी कर रहे थे
39:38हालाकि पुलिस इस आंगल से अभी जाच कर रही है
39:41पुलिस के मताबिक मामला खुले में शराब पीने शोर मचाने से जोड़ा है
39:45सीसी टीवी फुटेज के आधार पर आर्ट आरूपी बनाए गए
39:48जिन में से एक नाबालिक है पुलिस ने सभी को पकड़ लिया है
39:52विक्रम सिंग की हत्या के बाद दिली में रहने वाले मनिपूर के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला
39:56इनसाफ की मांग की उन प्रदशनकारियों का कहना है कि दिली में 39 के लोगों के साथ घलत व्यवहार होता
40:02है
40:03और ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर आक्शन लिया जाना चाहिए
40:15करीब तरी तास आठ लोग के आसपास मौजूद थे जिसमें आसपास के धाबे में काम करने वाले लोग ते कोई
40:21डिलिवरी बॉआ था कोई पैकिंग का काम करता था
40:24तो वो लोग शोर मचा रहे थे अब उपर थाट फोर पर उनका घर है तो वो नीचे आये उनको
40:29शाद उपर आवाज आ रही थी उन्होंने यहाँ पर मना किया और जब मना किया तो इस भी उनके बीच
40:34आपस में कुछ कहा सुनी हुई और जब कहा सुनी हुई तो उन लोगों
40:41अंदर की तरफ ऊपर की तरफ वह अपने फ्लोर पर पहुंसते हैं
40:46और मधद की मांग करते हैं तो अंदर की वाईव थी उनके पास आवाज आती है
40:50वो दर्वादा खोलती है और उसके बाद वो लड़के दिखते हैं भागते हुए भी दिखते हैं मार्पीट भी पूरी कैप्चर
40:57हुई है इसके बाद उन्हें होस्पीटर ले जाए जाता है जहां पर उनकी मौत हो गई अब यह बात दिल्कुल
41:02क्लियर है कि मार्पीट की गई
41:04वजह भी लगभग साफ है कि सिर्फ शोर मचाने से मरा क्या रात को साड़ी ग्यारे से बारे बजी के
41:09करीब कुछ लोग जो पास के स्टेबिश्मेंट में काम करते हैं उनसे शोर शराबे को लेके जगड़े की शुरुवात हुई
41:16जो आगे जाके मार्पीट के में कनवर्ट
41:19हो गई और उसी दोरान इनको कुछ चोटे आए जिनके दोरा अनफॉर्चनेटली इनकी डथ हो यह धाबे में काम करते
41:25हैं और डेलिबरी बोईज भी है रात को म्यूजिक और कुछ आवाजें आए उसको लेकर के जगड़ा हुआ लेकिन घटना
41:34इतना दुखत है कि जान चे
41:47से हैं यह काम करते हैं बाहर से आये हैं सब लोग और अभी तो एरेस्ट हो गए हैं लेकिन
41:54चार्ट सीट बहुत स्ट्रॉंग होना चे यहीं बात हुआ है
41:58यह कितना दुखत है कि एक व्यक्ति की हत्या इसलिए हुई क्योंकि वो खुले में शराब पीने हंगामा करने वालों
42:05को सही चीज़े सिखा रहा था
42:07और ऐसा कानून जुर्म है तीन महीने की सजा है दस अजार रुपया तक के जुर्माने का प्रावधान है अगर
42:14आप खुले में शराब पी कर इस तरह से हंगामा करते हैं
42:17लेकिन हमारे देश में जब कोई व्यक्ति कानून तोड रहे लोगों से कानून हाथ में ना लेने की अपील करता
42:23है तो वो एक बड़ा अपराद
42:27बड़े अपराद को समझे नियोता देता है
42:30सोचे विकरम सेंग कुछ भी खलत नहीं कह रहे थे
42:34लेकिन उन्होंने बस घलत करने से रोका मौत
42:39दिल्ली की हालत अब यह है कि यहां पर खुले में या फिर कार में बार सजाना बहुत आम बात
42:45है
42:45इस साल एक जनवरी से पंद्रह एपरिल के बीच खुले में शराब पीने के 6624 मामले तरच हुए
42:53और बड़े आराम से जो लोग ऐसा करते हैं उसे कारोबार कहते हैं
42:58इनमें करीब 41 प्रतिशत केस तो साउट डेली में दर्ज हुए हैं
43:02यह वही क्षेत्र है जहां मनिपूर के विक्रम सिंग की हत्या हुए
43:05साउट डिली में तो पुलिस ने 34 ऐसे हॉट स्पॉट का पता लगाया है
43:09जहां अकसर लोग खुले में शराब पीते हैं
43:11और करीब साड़े बारब हजार केस यहीं पर दर्ज हुए
43:16इसके बाद नमबर आता है साउट तीस डिली का
43:18पुलिस ने यहां की 45 ऐसी जगों की मार्किंग की है
43:21जहां खुले में शराब पी जाती है
43:2212,420 केस सर्च के गए हैं
43:25यह डेटा बताता है कि खुले में शराब पीने वाले
43:27दिली पुलिस के लिए कितनी बड़ी चुनौती है
43:48तो 33 लाक इमारतें दिली NCR की मलबे में तबदील हो जाएंगे
43:53सेस्मिक जोन 4 में है दिली बताईए
43:57बिल्कुल अंजना दिली के सत्य निकेतन में हुआ
43:59पांच मनजिला इमारत का खौफनाक हादसा अब नए खत्रे को लेकर डरा रहा है
44:04सवाल ये है कि क्या दिली एक तगड़ा भूकम्प का जटका झेल सकती है
44:09नैशनल सेंटर फोर सेस्मोलजी के वैज्यानिकों की रिसर्च बताती है कि
44:13दिली NCR में करीब 89 लाक इमारतें है
44:17और इन में से 38 प्रतिशत यानि करीब 33 लाक इमारतें खत्रे की नीव पर खड़ी है
44:23इन्वाइरमेंटल अर्थ साइंसेज में छपी स्टडी के मताबिक अगर रिक्टर स्केल पर सिर्फ 6.05 तीवरता का मध्यम भूकम्प भी
44:31आ गया
44:31तो दिली की जमीन पर खड़ी ये इमारतें तबाही का ऐसा मंजर दिखाएंगी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती
44:37दिली सिस्मिक जोन फोर में आती है
44:40जो कि दूसरी सबसे खतरनाक भूकम्प जोन है
44:43यहां के हजारों अवैध निर्मार बिना इंजीनियर के बनाई गई मंजले
44:47और मकान जो सालों से बिना किसी स्ट्रक्चरल ओडिट के बने है
44:50ये इस खतरे को और बड़ा कर देते है
44:53सत्य निकेतन हादसे ने भी यही पोल खोली है कि कैसे नियमों की अंदेखी
44:57और अवैध बदलाव इंसानों की जिंदगी पर भारी है
45:00कुदरत कब धरती को हिला दे ये कोई नहीं जानता
45:03लेकिन सत्य निकेतन का ये हादसा एक वेक अप कॉल है
45:07क्या हमारी इमारते और हमारा फ्रशासन किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार है
45:28तो आज के लिए ब्लाक इं वाइट में इतना ही अब आप से हमारी अगली मुलाकात होगी
45:32कल रात नौबजे तब तक खुश रहे इसमस्त रहे इसरक्षत रहे और सम्मान
45:36हमेशा इंसान के वक्त और स्थिती का होता है
45:39लेकिन इंसान उसे अपना समझ लेता है
45:42Namaskar

Recommended