00:00बहुत बड़ी ज्यात्ती हुई पूरा मुलक हमजदा है हिंदू हों या मुसल्मान हों सब को जिस तरह के हालात बना
00:10करके मस्जिद को शहीद किया गया है उसे सब लोगों तकलीव है
00:14अब यहां आप लोगों यहाप पहुंचे थे झा आप लोगोंने कब आ लोगों आ है कि आप इसकेस किया और
00:20कि है।
00:20आज यहां अभी हाजरी हुई दो घंड़ा पहले शहर के बहुत सारे मौसिदीन से जिम्मेदारों से मुलाकाद अपने जमियत के
00:30लोगों से बाचीद और हालात के जाज़ा लिया गया है
00:33तो जो मस्ज Finger की जमीन के असल मतवली लोग हैं, वोभी यहां मौजूद हैं
00:38उन से बी मुलाकाद बाचीद रही जनके अभाबा अज़्दा ने काखवात दिये थे
00:44उन से मुलाकाद हुई जिन वकील साहब नेuks की पैरवी की उन से मुलाकाद हुई
00:48तो बादशीत के बाद ये तैह हुआ है कि हम लोग इन चीज़ों के लेकर के देली जाएंगे और फिर
00:54वहां मशवरें रखा जाएगा फिर आगे जीसी दरुवत हुई हाई कोर्ट में मशवरा करके वाकला से इसको ले जाए जाएगा
01:01अब ही आप लोगों मशवरा जैसे किया है आपसमेट क्या निकल के आया है और क्या सब लोगों ने अपनी
01:06देखिए इसमें सरकार के नियस सही नहीं सरकार निज्याती की फैसले में जल्दवाजी की और अदालत के तमाम रास्तों का
01:19बंद करके कारवाई की अभी तो काफी वक
01:23था शेसन कोट से निचली अदालत से फैसला आया था आगे हाई कोट सुप्रिम कोट जाने की काफी गुंजाइश थी
01:29लेकिन जाने नहीं दिया गया रात को बारा बज़े क्या फैसला आया और मस्जिद को शहीद करने के लिए फैसला
01:36आया भी नहीं है शहीद करने का फैसला
01:51दूर डाल दिया ठीके तो बहुत मुनासिब नहीं बड़ी ज्याती हुई जो आप लोगों ने भी जम्मियत जो है पहले
02:00से ही चाहे तमाम ऐसे
02:02मसलात है जिस पर लड़ाई लड़ती भी आई है इस मसले को कैसे जम्मियत देखेगी और कैसे इसको आगे
02:14मद्री सहाब ने भी एक परसू ट्वीट किया था तमाम उसके अंदर सब चीजे रखी कि हम लोग मद्री सहाब
02:22ने जो कुछ ट्वीट किया है जो उनका बयान आया है वो बिल्कुत दुरस्त है हम सब लोग उसी लाइन
02:32पे है
02:33कैसे इस पूरे मसले को वहागे आप लोग चाहे इसमें दोनों ही गुरूप हैं अर्शद मद्नी जी ने भी ट्वीट
02:44किया है अपने ट्वीट में उन्होंने काफी कुछ लिखा भी है और कह रहे हैं कि नाइंसाफी हो रही है
02:50ये और ये नाइंसाफी जो है लगातार की जा
03:02हो और सब लोग एक ही बात कर रहे हैं कि जाती हुई सही तरह से मौका नहीं मिला जिया
03:10गया बाचीत नहीं हुई आगे अधालत में जाने नहीं दिया गया तो उसके जिवने में जितनी
03:29ником से वाम से नहीं, बलकि नियाएय इंसाफ सुंभालता नियाटा, सभालता का विश्वाथ από स still, सही है.
03:34समें से ही काम सम्साफ से जलुन्वाजातईस नहीं, जो पूरा मसलह है चाहे,
03:39तमाम पार्टियां ता मार्टिय आ हैं, पार्टिय है, कांंरेस है
03:56और आने के बाद में ना कोई कानूनी लड़ाई लड़ना ना किसी तरह की बात रखना सिर्फ और सिर्फ आते
04:02हैं और आकर अपनी राज़िती मज़ित को बुल्ड़जर कर दीगा लेकिन ये अपनी राज़िती चमका रहे हैं
04:09देखिए मैं कोई सियासी आदमी नहीं हूँ सियासी लोग जो आ रहे हैं मैं उनका इस्तेखबाल करता हूँ हर आदमी
04:18को फिक्र है उनका मनशा क्या है या मैं नहीं जानता लेकिन सरकार के नियत दुरस्त नहीं
04:27जो उसका मलवा था मस्जिद इसको इन्हों ने रात को ही वहां से सारा हटाया और आस पास जाए लगवश
04:36चारत लगवश साल पुरानी इटे लगी हुई इसको भी शिपाने कोशिद की दूट डालने की लोग तलाश कर के लाएं
04:43निकालना है
04:45अच्छा आपने देखा होगा चलो मस्जिद इसके नीचे से खुआने की है और कल पूरा तरफ भी शाग की टीम
04:56पहुंची टीम पहुंचने के बाद टीम ने कहा कि ये बहुत पुराना कुआ है तूंको डाई सुखाल पुराना कुआ है
05:02और इसको जो है इनकालनी की अज़
05:05तको आप कैसे देखे लेखिए नमाज जो पढ़ी जाती है तो उसके लिए वजू करना ज़रूरी होता है आदमी बाथरूम
05:15अगरा जाएगा तो भी पानी की दरूबत रहेगी वजू करे तो भी पानी की दरूबत रहेगी मस्जिद में आएगा तो
05:20पानी हो सकता उसे हो सक
05:42कुणा होना पानी होना तो जरूरी होना तो पानी होना तो पानी ही से कलता तो उसक्तुन तरह की पहचान
05:52है, वह हर जिक है, पुरानी मस्जिदों को जो आप देखेंगे, हर जिके आपको कुँछ
06:02मिलेगा और हमारे घरों में भी कुवा है ये अलग बात है कि इस्सेमाल नहीं और कैरला में आप जाएंगे
06:09कैरला में हर घर में आपको कुवा मिलेगा हर घर में उनके खुबसूरती ही इसी में है को घर बनाएंगे
06:16घर के अंदर खुबसूरत से कुवा बना देंगे तो उसके
06:31जाना अब जब जमित जो है क्योंकि यहां पर वकील भी आया है जी जी ने देखा उनको वकील आप
06:37से डिसक्स किया हो उसके क्या अब हम लोग यहां से वाफ़ जा करें हाई लेबल के वकला जो हमारे
06:44हैं उन से उनके सामने सारी चीज़ रखी जाएंगी मशवरा बड़े लो�
07:01लोग उनके साथ खरें हैं जिला कलेक्टरेट की जो मस्जिद है उसका जो परकरण है वो काफी समय से चल
07:07रहा था
07:10सीटी मजिस्टेट नियाले से उसको अवेद माना गया और समय दिया गया कमेटी को के एक महीने के अंदर जो
07:22है इसे जिला या कोई भी उच्छ आपको जहां पर जाना है नियाले में जा सकते हैं जो इस पे
07:29अधिवक्ताओं का जो पैनल है वो काम कर रहा था उन्होंने जो ह
07:34जिला नियाले में याचिका डाली कुछ समय के बाद पता चला कि ये याचिका खारिच कर दी गई है शहर
07:42में जो है एक अजीव सी कैफियत देखने को मिली तरह तरह की अववाएं सुनने को मिली तो तमाम लोगों
07:49को लगा कि इस पे बुल्डोजर कारवाई हो जाएगी ले
07:52लेकिन उसी दिन ही जितने भी हमारे जिला अस्तर के जो मुस्लिम नेता हैं सियासदा हैं वो अपने अपने दावे
08:02ठोकने लगे और कहने लगे कि हमारी जो है कुछ अधिकारियों से बात हो चुकी है कोई कह रहा है
08:09कि हमने ग्यापन दे दिया है कोई बता रहा है कि हम साड�
08:16कह दिया है कि कोई भी ऐसी कारवाई नहीं होगी तो तमाम लोगों को ये लगा कि कोई ना कोई
08:21बीच का रास्ता निकलेगा और इस कमेटी को जो हाई कोड जाने का रास्ता निकलाएगा क्योंकि इस भी छुटिया बहुत
08:28थी तहवारों की वज़ा से लेकिन जब सुबह हुई
08:32तो तस्वीर कुछ और थी तो मालू हुआ कि सुबह तड़के जो है वो बुल्डोजर कारवाई कर दी गई
08:40किस आदेश पर बुल्डोजर कारवाई की गई ये एक बड़ा सवाल है
08:45यहां सवाल ये भी पैदा होता है कि क्या हमारे देश में परदेश में सिर्फ मस्जिद मदर से या मजार
08:54ही अवेद हो गए है
08:55इसका जवाब कौन देगा ये भी एक बड़ा सवाल है
09:00और जब ये मस्जिद शहीद कर दी गई अगले दिन मालूम हुआ कि इस शहीद करने के बाद इसके नीचे
09:08कुवा निकला है
09:09और लोग जो हैं तरह तरह की परतिक्रियाएं देने लगे और हमें डर था
09:13कि इसे जो है एक सियासत का अड़ा बना दिया जाएगा और इस पर सियासत की जाएगी
09:19और ऐसा ही हुआ कि इसको सियासत का अख़डा बना दिया गया
09:25इसमें सत्ताधारी लोग सियासत कर रहे हैं
09:28इसमें विपक्ष के लोग सियासत कर रहे हैं
09:31ये हमारे लिए बहुत निंदनिये हैं कि हमारे मुलक में मजहब के नाम पर सियासत बहुत अरूज पर है
09:38और ये हमारे लिए बहुत शर्मनाक है
09:41हमारे यहां अब मुद्दे जो हैं वो मजहब के हो गए हैं
09:44मुद्दे एजुकेशन के नहीं रहे
09:46सड़क के नहीं रहे युवाओं के रोजगार के नहीं रहे अब सिर्फ मजभ पर लडाईयां चल रही है
09:53मस्जिदों को जो है अवेद बताया जा रहा है एक समुदाये पर जल्म जियाती की जा रही है
09:58तो इन तमाम सवालों का जवाब कौन देगा अब आप देख रहे हैं कि हमारे यहां जो सियासी पार्टियां है
10:07उनके नेता लोग आ रहे हैं
10:09पुरा का पुरा अमला बना कर आ रहे हैं
10:12सब लोग अपने अपने दावे कर रहे हैं
10:15और दिखा रहे हैं कि वो हमदर्द है
10:16देखे इसमें जो सच्चा हमदर्द होगा
10:19वो वही हमदर्द होगा
10:20जो कोट में पुरे तन और मन और धन से लड़ाई लड़े हैं
10:25और हमें ये मस्जिद दुबारा वापिस दिलवाई जाए क्योंकि इसके जो जितने भी सुबूत हैं तमाम सुबूत कमिटी के पास
10:34मौजूद हैं और इसको तो उच नियाले में साबित करना था कि हमारे जो भी इसमें सुबूत हैं कि ये
10:41मस्जिद कितनी पुरानी है आप इस
10:55पर भी अगर आप देखेंगे कुछ इंटे जो हमने मीडिया में देखी हैं उस पर बाकाहिद की दिखाया जा रहा
11:00है कि वो 1909 की है तो सारी चीजें खुद चीख चीख के कह रही है और जो ये कुवा
11:08निकला है ये कुवा भी चीख चीख के कह रहा है कि वहां मस्जिद थी �
11:12पहले से ही मस्जिद है हमें याद रखना चाहिए कि मुस्लिम समुदाये के लोग जो है जब नमाज पढ़ते हैं
11:19तो उन्हें वजू करनी होती है मैं वजू को भी बता देता हूं वजू क्या होता है वजू जो है
11:24वो तीन बार कुला करना होता है नाक में पानी डालना होता
11:29है चेहरे को दोना होता है हातों को पेरों को दोना होता है और मसा भी करना होता है मसा
11:34क्या होता है वो हाथ से उठा कर अपने सर पर करना उसके बाद ही जो है नमाज अदा की
11:40जाती है तो पहले दोर में कुओं का रिवाश था और कुओं से पानी निकाल के लोग वजू करते थे
11:46तो जतीनी जाँच अब कुए की हो रही है अगर इतनी जाँच मस्जिट की हो जाती
11:51तो मुझे लगता है कि मस्जद जो है आप किसी भी एंगल से इसको आप अवैद नहीं बता सकते थे
11:57इसे सियासत का अखारा मत बनाई है
11:59मैं तमाम सियासत दाओं से अपील कर रहा हूँ
12:02बहुत मौदिबान अपील कर रहा हूँ
12:05कि मजभ के नाम पर सियासत मत करिए
12:08मस्जिदों के नाम पर धार्मे किस्थलों के नाम पर
12:11मंदिर के नाम पर आप सियासत मत करिए
12:14ये मुलक बहुत खुबसूरत है, इसे खुबसूरत रहने देना चाहिए, आपके पास बहुत सारे इशूज हैं, आप उस पर सियासत
12:20करिए, आप युवाओं को रोजगार क्यों नहीं दे रहे हैं, युवाओं के रोजगार पर बात क्यों नहीं कर रहे हैं,
12:27आप सिर्फ धरन
12:42रहने दें और इस पर किसी भी तरह की आच्छ ना आने दें और इसमें जो सत्ताधारी लोग हैं, चाहिए
12:47विपक्ष के लोग हैं, मैं उनसे अपील करूंगा कि इस पर सियासत ना करें, पुरे इमानदारी के साथ अगर आपको
12:53मुसल्मानों का साथ देना है, तो पुरे इमान
12:55के साथ कोट में जाकर साथ दीजिए