00:02जर्मास्टमी के पर्व के छे दिन बाद लड्डू गोपाल की छटी का पर्व मनाय जाता है।
00:30जिसल कृष्ण की छटी 10 सितंबर को मनाय जाएगी।
00:33धार्विक मानिता के अनुसार छटी के दिन लड्डू गोपाल की साधना करने से साधक के जीवन में कानाजी की किरपा
00:40से सुख शान्ती बनी रहती है।
00:43और सभी बाधाऊं से छुटकारा मिलता है।
00:46ऐसे में लड्डू गोपाल की छटी को लेकर कई नियम भी है जिनका पालन करना बेहत जरूरी है।
00:52तो चलिए बताते हैं आपको इस वीडियो में कि काना की छटी के दिन क्या करना चाहिए क्या नहीं।
00:57सबसे पहले बात करते हैं कि काना की छटी के दिन क्या करना चाहिए।
01:02सुबह घर के सफाई के बाद लड्डू को पाल को पंचाम रेतियानी की दूद, दही, घी, शेहज, शक्कर और गंगा
01:08जल से स्नान कराए।
01:09इसके बाद उन्हें पीले रंके वस्त्र पहनाएं और मुकुट बासुरी मोरपंख जरूर लगाएं।
01:15घर में बने शुद घी या कपूर के काजल से काना को काजल लगाएं।
01:20उसके बाद उनके कान के पीछे और तलवो पर भी टीका लगा सकते हैं।
01:24इस दिन विशेश रूप से बिना लहसुन प्याज की कड़ी चावल, माखन निश्री, धनिया की पंजीरी और मखाने की खीर
01:32का भोग लगाए जाता है।
01:34भोग में तुलसी दल अवश्य डालें।
01:36वहीं अगर आप जनमास्ट में पर नए लड़ोगों पाल लेकर आए हैं तो छटी के दिन उनका नामकरण संसकार भी
01:43कर सकते हैं।
01:56अब चली बताते हैं कि इस दिन क्या नहीं करना चाहिए।
02:00कृष्ण की छटी के दिन घर और मंदिर की स्वच्चता का विशेध्यान रखे गंदिगी बिल्कुल ना होने दे।
02:06इस दिन घर में लहसोन, प्याज या किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का प्रियोग ना करें और ना ही
02:12ऐसा भोग लगाएं।
02:13इसके साथी लडाई जगडा वाद विवास से बशना चाहिए और पूरा दिन पूजा पाट में मन लगाना चाहिए।
02:21मैं बिना तुलसी दल के भागवान को कोई भी भोग अर्पित ना करें क्योंकि प्रभू बिना तुलसी के भोग स्विक्यार
02:28नहीं करतें लेकिन याद रखें कि कृष्ण के छटी के दिन भी आप तुलसी के पत्तें नहीं तोड़ सकतें।
02:35उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी फिलाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और
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