00:00रामाय रामभद्रा या रामचंद्रा या बेधसे रगुनाथा या नाथा या स्रीशीता या पते नमा प्यारे मित्रों जेश्याराम जेमातादी
00:08मित्रों आज आपसे चर्चा करते हैं 20 या 21 अक्टूबर दसहरा कब मनाया जाएगा
00:15रामण दहन का शुव मुहूर्त क्या है इसी विसे पे आपसे चर्चा करते हैं
00:20हिंदु धर्व में दसहरा बिजय दश्मी का पर्व बहुत ही महत्पूर त्योहार बताया गया है
00:27त्योहार बुराई अच्छाई पर जीत का प्रतीक माना गया है
00:32हर साल आश्विन माह के सुकल पक्ष की दश्मी तिथी को यह दसहरा का पर्व मनाया जाता है
00:39दसहरा को विजय दस्मी भी कहा जाता है
00:42बगवान स्री राम ने लंकापति रावन का शंगार किया था
00:47दसहरा अन्याय पर न्याय या बुराई पर अच्छाई जीत का प्रतीक बताया गया है। इस दिन रामलीलाओं का आयोजन भी
00:57होता है। रावन और मेगनात कुम्मकरण के पुतले भी जलाये जाते हैं।
01:01दसहरा के दिन पुजा का समय प्रदोशकाल सबसे सुब माना जाता है। सनातन पंचांगे के अनुशार आश्विन मास के शुकल
01:10पक्ष की दश्मी तिथी की सुरुवात 20 अक्टूबर 2026 को दो पहर में 12 बच करके 50 मिनिट पर होगी।
01:18और इसका समापन 21 अक्टूबर की दो प
01:31पुजा की परंपरा बताई गई है। माननेता है कि इस दिन शस्त्र पुजा से साहश में ब्रद्धी होती है। कार्यों
01:39में सफलता एवं शुक्षम्रद्धी की प्रात्ती होती है।
01:44दसहरा पुजन के लिए बिजय मुहूर्थ अर्थाद दो पहर में 2 बच करके 5 मिनट से ले करके 2 बच
01:51करके 51 मिनट तक रहेगा। अब प्राहन पुजा का मुहूर्थ एक बजे से ले करके 3 बच करके 37 मिनट
01:58तक रहेगा। वहीं रामण दहन का जो सुब मुहूर्थ हैं इस
02:03विसे पे आपसे चर्चा करते हैं रामण दहन प्रदोश काल में करना सबसे उत्तम माना जाता है इस बार 20
02:12अक्टूबर 2026 मंगलवार को पांच बच करके 45 मिनट पर रामण का दहन किया जाएगा
02:20दसहरा क्यों मनाया जाता है त्रेता युग में भगवान मर्यादा पुर्शोत्तम राम ने लंका पती रामण का बद करके मा
02:30सीता को वापस लाये थे पौरानिक कथाओं के नुशार मा दुरगा के 10 दिनों के कठिन भयंकर युद्ध के बाद
02:38महिसासुर का संगहार किया था इ
02:41इसलिए इसे बिजय दस्मी पर्व भी कहा जाता है मित्रो हमने आपको दसहरा के विशय में बताया अधिक जानकारी चाहिए
02:50तो आप हमसे फोन के माध्यम से शंपर कर सकते हैं किसी भी तरह कि कोई पूजा पाटे गेनुष्ठान के
02:56विशय में जानकारी चाहते हैं तो भी �
03:00Jesse Citaram