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Shardiya Navratri 2026:नवरात्रि के नौ दिन पूरे होने के बाद माता रानी की पूजा में जलाई गई अखंड ज्योति को लेकर भक्तों के मन में कई सवाल आते हैं। क्या नवरात्रि समाप्त होने के बाद अखंड ज्योति को स्वयं बुझाना चाहिए या उसे अपने आप बुझने देना चाहिए? ज्योति में बचे हुए तेल या घी का क्या करना चाहिए और बची हुई बाती का विसर्जन कहां करना चाहिए? इस वीडियो में जानिए नवरात्रि के बाद अखंड ज्योति से जुड़े धार्मिक नियम

Shardiya Navratri 2026:After the nine sacred days of Navratri, many devotees wonder what to do with the Akhand Jyot lit in honour of Goddess Durga. Should the sacred flame be extinguished manually or allowed to go out on its own? What should be done with the remaining oil or ghee, and where should the leftover wick be disposed of? In this video, learn about the religious beliefs, traditional practices, and important things to keep in mind when handling the Akhand Jyot after Navratri.

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~HT.318~PR.114~ED.118~VG.HM~
Transcript
00:0211 अक्टूबर 2026 से शारती नवरात्री की शुरुवात हुई
00:07इन 9 दिनों में मादुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की विदिविधान से लोग पूजा करते हैं
00:12और 9 दिनों का उपवास भी रखते हैं
00:15मैं इसके साथ नवरात्री के पहले दिन अखंड जोती और कलश स्थापना भी की जाती है
00:21ऐसे में नवरात्री के 9 दिन पूरे होने के बाद हम सभी के मन में ये सवाल आता है
00:25कि माता राने के अखंड जोती का अब क्या करें
00:29क्या इसे स्वेम बुझाना चाहिए
00:31बचे हुए तेल या घी का क्या करें
00:33और बचे हुई बाती को कहा विसरजित करें
00:36चली बताते हैं आपको इस वीडियो में
00:38हिंदु धर्म सास्त्रों के अनुसार अखंड जोती में
00:41देवी शक्ती का साक्षात वास माना जाता है
00:45मुख से निकलने वाली वायू अशुद मानी जाती है
00:48इसलिए फूक मार कर जोती नहीं बुझाने जाहिए
00:51ये घोर अनारदर माना जाता है
00:54वहीं जब पूजा की अब्धी समाप्त हो जाए
00:56तो दिये में नया तेल या घी डालना बंद कर दें
01:00जोती को स्वयम शान्त होने दें
01:02अगर किसी कारणवश जोती को शान्त करना अवश्यक हो
01:06तो आचमनी से थोड़ा सा घी या तेल बाती पर डाल दें
01:11ये एक ताजे पुश्प की सहायता से बाती को धीरे से तेल में डुबा कर शान्त करें
01:16लेकिन सबसे अच्छा ये ही होता है कि जोती खुदी शान्त हो जाए
01:22पूजा के बाद आप इसमें घी और तेल डालना बंद कर दें और अपने आप ही जोती बुच जाएगी
01:27वहीं नौ दिनों तक मंत्रों और साधना की उर्जा से आमंत्रित होने के कारण
01:32इसके अंदर का घी और तेल साधारन समागरी नहीं बलकि माता का दिव्य प्रशाद माना जाता है
01:38इस घी या तेल को एक स्वच शीशी में सुरक्षित रख लें
01:42हर दिन घर के सदसे पूजा के बाद इसका तिलक माती पर लगा सकते हैं
01:47वहीं इसे रोजाना की पूजा के दिये में भी इस्तिमाल कर सकते हैं
01:51वहीं इसकी बाती को निकाल कर किसी पवित्र नदी में या बहते हुए जल में प्रवाहित करतें
01:57अगर ऐसा ना हो तो किसी पवित्र गंबले में डाल दें
02:01लेकिन याद रखे तुलसी जी को छोड़ कर
02:03उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:05फिल्हाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शुरन चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले

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