00:0211 अक्टूबर 2026 से शारती नवरात्री की शुरुवात हुई
00:07इन 9 दिनों में मादुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की विदिविधान से लोग पूजा करते हैं
00:12और 9 दिनों का उपवास भी रखते हैं
00:15मैं इसके साथ नवरात्री के पहले दिन अखंड जोती और कलश स्थापना भी की जाती है
00:21ऐसे में नवरात्री के 9 दिन पूरे होने के बाद हम सभी के मन में ये सवाल आता है
00:25कि माता राने के अखंड जोती का अब क्या करें
00:29क्या इसे स्वेम बुझाना चाहिए
00:31बचे हुए तेल या घी का क्या करें
00:33और बचे हुई बाती को कहा विसरजित करें
00:36चली बताते हैं आपको इस वीडियो में
00:38हिंदु धर्म सास्त्रों के अनुसार अखंड जोती में
00:41देवी शक्ती का साक्षात वास माना जाता है
00:45मुख से निकलने वाली वायू अशुद मानी जाती है
00:48इसलिए फूक मार कर जोती नहीं बुझाने जाहिए
00:51ये घोर अनारदर माना जाता है
00:54वहीं जब पूजा की अब्धी समाप्त हो जाए
00:56तो दिये में नया तेल या घी डालना बंद कर दें
01:00जोती को स्वयम शान्त होने दें
01:02अगर किसी कारणवश जोती को शान्त करना अवश्यक हो
01:06तो आचमनी से थोड़ा सा घी या तेल बाती पर डाल दें
01:11ये एक ताजे पुश्प की सहायता से बाती को धीरे से तेल में डुबा कर शान्त करें
01:16लेकिन सबसे अच्छा ये ही होता है कि जोती खुदी शान्त हो जाए
01:22पूजा के बाद आप इसमें घी और तेल डालना बंद कर दें और अपने आप ही जोती बुच जाएगी
01:27वहीं नौ दिनों तक मंत्रों और साधना की उर्जा से आमंत्रित होने के कारण
01:32इसके अंदर का घी और तेल साधारन समागरी नहीं बलकि माता का दिव्य प्रशाद माना जाता है
01:38इस घी या तेल को एक स्वच शीशी में सुरक्षित रख लें
01:42हर दिन घर के सदसे पूजा के बाद इसका तिलक माती पर लगा सकते हैं
01:47वहीं इसे रोजाना की पूजा के दिये में भी इस्तिमाल कर सकते हैं
01:51वहीं इसकी बाती को निकाल कर किसी पवित्र नदी में या बहते हुए जल में प्रवाहित करतें
01:57अगर ऐसा ना हो तो किसी पवित्र गंबले में डाल दें
02:01लेकिन याद रखे तुलसी जी को छोड़ कर
02:03उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:05फिल्हाल हमारी इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शुरन चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले