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Jitiya Othgan Vidhi 2026: जितिया व्रत में व्रत शुरू करने से पहले सुबह ओठगन होता है,जिउतिया पर्व में ओंठगन की रस्म विधि-विधान से करना चाहिए। इसी रस्म के साथ व्रत शुरू होता है। एक तरह से आप इसे सरगी कह सकते हैं, इसमें सूर्योदय पहले उठा जाता है, फिर ब्रह्म मुहूर्त के बाद सूर्योदय से पहले व्रत रखने वाली महिलाएं पानी, शरबत, फल या मीठे भोज्य पदार्थ ग्रहण कर सरगही कर सकती हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस रस्म के बिना व्रत अधूरा है। इसलिए इस रस्म को करना चाहिए। कई जगह इस व्रत में इस रस्म के तहत घर के आंगन में झिंगुनी यानी तोरई के पत्ते पर दही-चूरा और मिठाई चढ़ाई जाती हैं। तोरई के पत्ते के संख्या व्रती महिला के संतान की संख्या से एक अधिक होती है, जो पूर्वजों और पितरों का भाग होता है। जल से अर्घ्य देकर झिंगुनी के पत्तों पर चढ़े प्रसाद को बेटा-बेटियों को खिला दिया जाता है।Jitiya Othgan Vidhi 2026: Samay,Vidhi Kya Hai,Kya Khana Chahiye Kya Nahi ?

Before starting the Jitiya fast, Othgan is performed in the morning. The Onthgan ritual should be performed with due rites and rituals during the Jitiya festival. The fast begins with this ritual. In a way, you can call it Sargi. In this ritual, one wakes up before sunrise. After Brahma Muhurta, women observing the fast can consume water, sherbet, fruit, or sweets before sunrise and perform Sargi. It is said that the fast is incomplete without this ritual. Therefore, this ritual should be performed. In many places, as part of this ritual, curd, powdered rice, and sweets are offered to the Jhinguni (ridge gourd) leaves in the courtyard of the house. The number of ridge gourd leaves is one more than the number of children of the fasting woman, which represents the share of the ancestors and forefathers. After offering water, the offerings made on the Jhinguni leaves are fed to the sons and daughters.

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~ED.120~PR.111~HT.96~VG.HM~

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00:29जै जिमूत वाहन
00:30निर्जला उपुवाज से ठीक पहले का अंतिम आहार है नहाय खाय के बाद जब मुख्य वरत का दिन आता है
00:36तो तड़के यानि की सूरे निकलने और पक्षियों के चहकने से पहले वरती महलाएं भोजन और जल ग्रहन करती है
00:42ताकि दिन भर के कठे निर्जला वरत के लिए श
00:59इसके बाद मुख्य निर्जला वरत भी इसी दिन से शुरू होगा वरत का पारण 4 ओक्टूबर को सूरे दे के
01:05बाद किया जाएगा बता दे कि जीतिया का वरत लगभग 24 से 30 घंटे तक बिना पानी पिये रहना होता
01:12है तड़के ओडगन करने से शरीर को ताकत मलती है पक्�
01:29सुबत अड़के उठकर स्नानादी से निवरत होकर सबसे पहले भगवान जीमूत वहन और घर के पित्रों का ध्यान करें अब
01:36आप मडवा की रोटी दही चीनी फल मिठाई मखाने ये चाय या पानी ले सकती हैं कई जगा नोनी का
01:43साग या मीठा हलवा या खीर भी खाय जात
01:58ताकि मूँ में अन्न का कोई भी कड़ना रह जाए इसके बाद आप जीतिया वरत की शुरुवात कर सकती हैं
02:05अगर किन्ही कारणों से आप ओटगन नहीं कर पाए तो ऐसे में आपको बिना कुछ खाय पिये ही नर्जला वरत
02:13रतना होगा कोशिश करें कि सुबह तड़के सा�
02:25आपसे मिस ना हो क्योंकि अगर ऐसा होता है तो अगले 30 घंटों तक आपको बिना कुछ खाय पिये ही
02:32रहना पड़ेगा जो आपके शरीर के लिए भी अच्छा नहीं होगा और ना हिससे पूजा में पूरी तरह से आपका
02:39मन लग पाएगा फिल्हाल इस वीडियो में इतना ह
02:42वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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