00:00इस खबर आपको अंजना टू पॉइंट वो बताएंगी, इस खबर दिल्ली पर मंडराती बड़े खत्रे से जुड़ी है, दिल्ली में
00:04सत्य निकेतन हादसे के बाद एक नई रिपोर्ट चर्चा में है, नाशनल सेंटर फो सेस्मालोजी के वेग्यानिकों की स्टडी के
00:09मताब
00:29डरा रहा है, सवाल ये है कि क्या दिल्ली एक तगड़ा भूकम्प का जटका झेल सकती है, नाशनल सेंटर फो
00:37सेस्मालोजी के वेग्यानिकों की रिसर्च बताती है कि दिल्ली NCR में करीब 89 लाख इमारते हैं और इन में से
00:4438 प्रतिशत यानि करीब 33 लाख इमारतें खत्रे क
00:48की नीव पर खड़ी है, इन्वाइरमेंटल अर्थ साइंसेज में छपी स्टडी के मताबिक अगर रिक्टर स्केल पर सिर्फ 6.00
00:55तीवरता का मध्यम भूकम्प भी आ गया, तो दिल्ली की जमीन पर खड़ी ये इमारतें तबाही का ऐसा मंजर दिखाएंगी,
01:02जिसकी कलपना
01:03भी नहीं की जा सकती, दिल्ली सिस्मिक जोन फोर में आती है, जो कि दूसरी सबसे खतरनाक भूकम्प जोन है,
01:10यहां के हजारों अवैध निर्मार बिना इंजीनियर के बनाई गई गई मंजलें और मकान जो सालों से बिना किसी स्ट्रक्चरल
01:16ओडिट के बने हैं, ये इस खत
01:32एक वेक अप कॉल है, क्या हमारी इमारतें और हमारा फ्रशासन किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार
01:38है?