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  • 1 hour ago
पीएम मोदी-जिनपिंग की मुलाकात से खत्म होगा सीमा तनाव? देखें विशेष

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00:06ब्रिक्स पर हमारी ये खास पेशकश आप देख रहे हैं आपके साथ मैं हूँ श्मेता सिंग और मेरे सायोगी सुमित
00:11चौधरी और हम आपको सीधे एक बार फिर लिए चलते हैं भारत मंडपम जहां की तस्वीरे हम आपको दिखाते हैं
00:18साड़े साथ बजे से इस गैला डिनर की शुरुवात हो रही है एक तरफ जो बस आप देख रहे हैं
00:24उसमें सरकार के जितने मंतरी हैं यानि केंदरे मंतरी हैं साथ में अलग-अलग राज्यों के मुख्य मंतरी हैं वो
00:32सब पहुँच रहे हैं दूसरी तरफ आप भारत मंडपम
00:34के मुख्यद्वार से जो अधित्यों का आना है उनकी तस्वीरें आप देख रहे हैं ब्रिक्स देशों के जो अगवा है
00:42वो सब यहां पर पहुँच रहे हैं इनफाक्त ब्रिक्स प्लस देशों के जो का जो नितरित्व है वो यहां पर
00:48है ब्रजील, चाइना, इजिट, ए�
01:04इतनाम नाइजीरिया जैसे देश इसका हिस्सा बन रहे हैं और न केवल उन देशों के प्रधान मंत्री राश्ट्रुपति बलकि उन
01:20देशों के जो प्रतिनिजिम अंडल है उनके लिए भी ये समय है एक सफल ब्रिक्स आयूजन को सेलिब्रेट करने का
01:29क्योंकि दिल्ली डेक्लिरेशन के सामने आने के साथ ही ये तै हो गया कि केवल एक ऐसा मंच नहीं जहां
01:36पर सब बैठें बलकि एक ऐसा मंच जो एक विचार के साथ अपने काम को समाब्द कर सका
01:52इस बीच एक बड़ी खबर भारत और चीन के बीचारी है सीमा से जुड़े मसौदे को लेकर ये बड़ी खबर
01:59आज प्रधान मंतरी मोदी और रूसी चीन के राष्ट्रपती शी जिन पिंग के बीच जो मुलाकात हुई है उसमें सीमा
02:06से जुड़े जुड़े जो मौजू�
02:10भारत शुरुआत से इस बात को लेकर कायम रहा है अडिग रहा है कि किसी भी तरह का रिष्टा इस
02:19बात पर निर्भर करेगा कि सीमा पर हालात कैसे हैं परस पर विश्वास की आवशक्ता है क्षेत्रे वैश्मिक मुद्दों पर
02:28सहयोग बढ़ाने पर सहमती इस बातचीत मे
02:32बनी है और प्रणे ये जो विपक्षिया वारता है उसमें जिसको लेकर हम चर्चा कर रहे थे उसके अलग-अलग
02:39पहलूं को लेकर चर्चा कर रहे थे
02:42सीमा से जुड़ा एक समझौता है हमारे पास दोनों देशों के भीच है एक मेकनिजम है जिसके जरिये वहाँ पर
02:48शांती रहती है उसको मानने पर जोर है और आपसी सम्मान की बात है
02:53बहुत सारी मेकानिजम है इन फाक्ट दोनों देशों के बीच में जो फ्लैक ड्रिल है कि अगर दोनों तरफ की
02:58जो पिट्रोलिंग पार्टी से हैं दी आमने सामने आ जाती हैं तो किस तरीके से डिस इंगेज किया जाएगा इसके
03:03अलावा होट लाइन कॉंटाक्ट की जो प्र
03:22है कि प्रोटोकॉल्स जो बनाए गए हैं जो कि जिस पर दोनों देशों की सहमती है तो फिर वो नीचे
03:27ट्रांसलेट भी होना चाहिए वो फिर फॉलो भी होना चाहिए और अगर वो फॉलो नहीं होते हैं तो फिर सारी
03:32विवस्ताइं तितर बितर हो जाती हैं लेकिन सीमा के �
03:34इस मुद्डे को उठाने के साथ साथ चुकि आप मैं सुमेथ हम तीनों ही डिफेंस के मोर्चे कवर करते रहे
03:40हैं तो आप अची तरीके से जानती हैं कि यह बातचीत की मेज जरूर सजी हो यहां पर चर्चाएं बहुत
03:45सारी हुई हो लेकिन चाहे मांटन डिविजिन रेज क
04:04अची नहीं है जब तक की मसला भरकरा रहता है तब तक गार्ड्स ओफ करने का यह लोवर करने का
04:09कोई सवाल पैदा नहीं होता लेकिन उसके बावजूद मामले बाचीत से ही सुल्चेंगे इसलिए बॉर्डर के मामले के ओपर जैसा
04:15आपने भी अभी कहा पीस इन ट्रंक्व
04:33की मोधी की तरफ से आग्रह किया गया इसके अलावा चाहे ट्रेड का मुद्दा हो चाहे पीपल टो पीपल का
04:38मुद्दा हो ऐसे बहुत सारे मुद्दे हैं जिनके उपर भारत और चीन जो की दुनिया की सबसे ज़्यादा बड़ी आबादी
04:43वाले देश हैं उनके बीच में
04:45conflicting points बनते हैं दोनों के हित कई जगा टकराते हैं और इसलिए जरूरी है कि ये समबाद भी बना
04:50रहे समन्वाइ भी बना रहे ताकि शांती बनी रहे
04:55अब हम उस सबसे बड़े इंटिव्यू की बात करते हैं जिसका इंतजार दुनिया को है ऐसे समय में जब जंग
05:02जारी है व्रिक्स अमिलन में शिर्कत करने दिल्ली आये इरान के रश्रपती मसूद पजेशकिन से आज तक ने एक्स्क्लूसिव बात
05:09की है
05:09पजेशकिन ने दावा किया कि इरान हो या हिजबुला किसी ने पहले हमला नहीं किया हमले की शुरुआत उन्होंने की
05:15और इरान बचाओ कर रहा है
05:18स्ट्रेट अफ हॉर्मूस को लेकर जारी जंग पर पजेशकिन ने कहा कि अगर अमेरिका को लगता है कि नाके बंदी
05:24से वो उन्हें घुटना टेकने पर मजबूर कर सकते हैं तो वो हर बार नाकाम रहेंगे
05:36स्ट्रेट अफ हॉर्मूस का स्टेटिस क्या है उस पर नियंतरन किसका है क्योंकि प्रेजिड ट्रम तो कहते हैं कि वो
05:44अब स्ट्रेट अफ ट्रम बन चुका है और कंट्रोल उनका है तो आप हमें बताइए कंट्रोल किसका है और क्या
05:51ये वार एक्स्पैंड हो रहा है बाब
06:00तो अभी स्टेटिस क्या है और स्ट्रेट अफ हॉर्मूस किसके नियंतरन में हैं।
06:10मुझे नहीं लगता कि हमने इसकी शुरुआत की।
06:15हिजब ल्ला हो या फिर कोई और ये सभी संगठन अपना बचाव कर रहे हैं।
06:20क्या इन में से किसी ने पहले हमला किया दुश्मन हमला कर रहा है और वो अपना बचाव कर रहे
06:25हैं।
06:32अमेरिकी हमारे इलाके पर किस वज़े से हमला कर रहे हैं और वो हमारा रास्ता क्यों रोक रहे हैं।
06:38तो क्या ऐसे में हमें कुछ नहीं करना चाहिए
06:40वो उसी रास्ते से हत्यार ला रहे हैं
06:43और साजिशें रच रहे हैं
06:45साथ ही वो इलाके में शान्ती और सुकून कायम नहीं होने दे रहे हैं
06:52तो आपको क्या लगता है हमें क्या करना चाहिए था
06:56जाहिर है यह उनके हमलों के जवाब में हमारी प्रतिक्रिया है अगर हम जिन्दा हैं तो हमें जवाब देना होगा
07:03जाहिर है मरने के बाद तो हम जवाब नहीं दे पाएंगे इसलिए हम जिन्दा हैं और हम जवाब देंगे
07:14अगर अमेरिका यह नाके बंदी और प्रतिबंद बंद कर दे ताकि मरीजों की मौत पर लगाम लगे
07:20लोगों का बेरोजगार होना जिस से गरीबी असंतोश और हजारों तरह की परेशानियां पैदा होती हैं
07:26यह सब खत्म हो जाएंगे
07:32अगर वो युद्ध करना चाहते हैं तो उन्हें सेना के जवानों के साथ लड़ना चाहिए
07:37वो आम नागरिकों को क्यों निशाना बना रहे हैं और अब वो ऐसा दिखा रहे हैं जैसे यह इरान कर
07:44रहा है
07:44नहीं यह हम नहीं कर रहे हैं
07:46हम पर प्रतिबंध लगे हुए हैं और वो हमारे खिलाफ सबसे बुरे काम कर रहे हैं
07:52ताकि हमारे लोगों के लिए गरीबी, बीमारियां और परेशानियां पैदा हों
07:56और अंदरुनी हालाढ और खराब हो जाएं
08:02अब जब वो युद्ध के जरिये अपने मकसद पूरे नहीं कर पाए
08:07तो वो आर्थिक गतिविधियों के जरिये ऐसा कर रहे हैं
08:10वो एक बार फिर नाकाम होंगे
08:12ब्रिक्स उन जगहों और मंचों में से एक है जो इस बंद रास्ते को खोल सकता है
08:17और हमारे पडोसियों और दूसरे देशों के साथ हमारे जो रिष्टे हैं
08:21वो निश्चित रूप से बेहतर व्यापार और बातचीत का एक जरिया हो सकते हैं
08:29समुद्री रास्ते आसान हैं लेकिन ये मुख्य रास्ता नहीं है
08:32अगर वो इन्हें रोग भी दें तो भी हम हार नहीं मानेंगे
08:35वो लंबे समय से यह सोच रहे हैं कि अगर वो हम पर प्रतिबंध लगा देंगे
08:40या नाके बंदी कर देंगे तो वो हमें घुटने टेकने पर मजबूर कर सकते हैं
08:45पर मैं आपको बता दूँ कि वो इसमें हर बार नाकाम रहेंगे।
09:15सेनिकों से लड़िये, आप क्यों सिविलियन से लड़ रहें।
09:45जब लगातार सुप्रीम लीडर को मारा गया, तब मुझे लगता है कि एरान और ज्यादा कंसॉलिडेट हो गया, और ज्यादा
09:52एकटा हो गया।
09:53और शायद यही अमेरिका को इसराइल को एक्सपेक्टेड नहीं था। दूसरी सबसे बड़ी बात यह अमेरिका और इसराइल को यह
09:59भी नहीं पता था कि देखें आकरकार आईयर जीसी से लड़ना कैसे, कहां पे लड़ना है, कहां पर अटैक करना
10:04है।
10:05उसी की बनिस्पत, दोजार पचीस के अटैक के बाद से ही, आईयर जीसी हो या फिर इरान की फोर्सिस ने
10:09जादा अपने आपको पिन पॉइंटिड लोकेशन पर अमेरिका को अटैक किया।
10:14तो एक चेंज ओफ आइडिलोजी के साथ साथ, चेंज ओफ चीजों के साथ साथ, उनकी स्टाटिजीस में भी बड़ा बदलाव
10:19देखा गया।
10:44चेंज देखा खास तोर पर हमने इन अटैक्स के बाद इरान में और ज्यादा मजबूत होकर इरान निकला है।
11:14और दूसरा एक ऐसे नेटवर्क को चुनना जिसके जरियों उन्हें मालूम है हमारी रीच के साथ, हमारी उस पहुंच के
11:22साथ कि कहा कहा तक उनकी बात पहुंच सकती है।
11:29आज का भारत है वो किस तरीके से अपनी भूमी का आदा कर रहा है।
11:36उसकी एक चाया जो है या उसका जो मिरर है इमेज है वो आपको इंड़ टूडे नेटवर्क के इंटर्व्यू में
11:54देखने को मिलता है।
11:55आपको रूस के राश्टपती व्लादिमिर पुतिन के आवाज सुनने को मिलती है।
11:59आपको इरान के राश्टपती मसूद पदर्शक्यान के आवाज सुनने को मिलती है।
12:02डाइवर्जेंट व्यूज जो है वो आपको एक जगा मिलते हैं।
12:05यही भारत भी कर रहा है यही कारण है कि UAE भी यहाँ पर मिल रहा है इन फैक्ट के
12:09वल हम इसकी बात नहीं कर रहे हैं जो इरान के राश्टपती हैं उनकी मुलाकात जो अबुदावी के क्राउन प्रिंस
12:16हैं खालिद विन जायद अलनायान उनसे भारत की जमीन पर हुई है तो
12:32जहां तक इस इंटर्वियू का सवाल है यह बेहत खास इंटर्वियू इसलिए हम कह रहे हैं वैसे तो हर नेटवर्ग
12:37यह दावा करने की कोशिश करता है कि यह इंटर्वियू खास है लेकिन किसी भी न्यूस के साथ उसकी टाइमिंग
12:41बहुत महत्पून होती है आज भारत क
12:58जुनिया की सीफेरिंग कम्यूनिटी में बड़ा योगदान है और ऐसे में भारतियों के मन में वेचिंता है तो जब इरान
13:03के राश्टपती भारत आते हैं और उससाथ संबाद का मौका मिलता है तब इंडिया टुड़े नेटवर्क आज तक यह सीधा
13:08सवाल पोचता है कि �
13:09आखिर आप क्या कर रहे हैं यह लड़ाई खत्म कैसे होगी आपके मन में क्या वेचार है और अगर हमें
13:14अमेरिका के राश्टपती से इंटर्व्यू करने का मौका मिलता है तो यही सवाल अमेरिका के राश्टपती से भी पूछा जाएंगे
13:19कि आखिर इस लड़ाई को खत्
13:38पुतल के दौर से गुजर रही है और जो पुरानी वैश्विक व्यवस्ता है उसकी चूले हिल चुकी है इन लड़ाईयों
13:43के कारण चाहे वो रूस युक्रेन की जंग हो चाहे वो जो है वो इरान और अमेरिका की बीच में
13:48चल रहा है ये मौजुदा तनाव हो
13:50और इसलिए ये इंटिव्यू आज इतना महत्वपूर्ण है जिस तरह से प्रणवी बता रहे हैं कि सीधे तोर पर भारतियों
13:57को इससे इसका सीधा असर पड़ा और केवल हम युद्ध की उस जंग की उस भूमी की बात नहीं कर
14:05रहे हैं बलकि हम उसकी वज़े से जो आर्थिक
14:08असर पड़ा उसकी बात कर रहे हैं अब सुमित इसमें जब पर्माणूं को लेकर भी सवाल गीता की तरफ से
14:16पूछा गया है और उन्होंने खुलकर इसका जवाब दिया है
14:19बिलकुल और देखिए उन्होंने साफ तोफ एका देखिए इंडिच उरेनियम को लेकर इरान पहले भी कहता है कि देखिए आप
14:24सबूत दीजिए और अमेरिका आस तक वो सबूत नहीं पेश कर पाया
14:35और देखिए जिसाब पढ़ने ने बताए ना सिर्फ भारते पूरी दुनिया में इसके उपर नज़र होगी कि आकरकार इरान अमेरिका
14:44के बारे में क्या सोचता है
14:46तो यह तमाम सवालों के जवाब आट बजे आप इंडिया टुड़े पर या और आस तक पर देख सकते हैं
14:50यह भी जान सकते है कि आकरकार इरान के युद आगे ले जाना चाहता है या बाचीत की टेबल पर
14:54बैठना चाहता है
14:55तो लगभग 10 मिनिट बाद आप यह इंटर्व्यू पूरा देख सकते हैं
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