Skip to playerSkip to main content
भारत की मेजबानी में हुए BRICS समिट में पीएम नरेंद्र मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन की ऐतिहासिक मुलाकातों के बाद क्या रणनीतिक नतीजे निकले हैं? जानिए इस वीडियो में।

At the 18th BRICS Summit 2026 hosted in New Delhi, Prime Minister Narendra Modi engaged in critical bilateral talks with Chinese President Xi Jinping and Russian President Vladimir Putin. This video breaks down the 7 key issues discussed between PM Modi and Xi Jinping, the adoption of the New Delhi Declaration, UNSC reforms, and the strategic takeaways for India in terms of trade, technology, and geopolitical positioning.

#PMModi #BRICSSummit2026 #XiJinping #OneindiaHindi

Also Read

Chandigarh को PM Modi ने दी 4,700 करोड़ रुपये की सौगात, हेल्थ से स्मार्ट सिटी तक कई प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी :: https://hindi.oneindia.com/news/india/pm-modi-chandigarh-visit-gifts-worth-4-700-crore-healthcare-to-smart-city-projects-latest-news-1610683.html?ref=DMDesc

Threat To PM Modi: पीएम मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले जान से मारने की धमकी, कौन रच रहा साजिश? :: https://hindi.oneindia.com/news/international/pm-modi-australia-visit-threat-facebook-comment-melbourne-security-world-news-hindi-014-1601857.html?ref=DMDesc

पश्चिम एशिया संकट के बीच PM Modi की ईरानी राष्ट्रपति से क्या हुई बातचीत? भारत के लिए क्या मायने? समझें :: https://hindi.oneindia.com/news/international/pm-modi-and-iranian-president-pezeshkian-hold-diplomatic-talks-amid-2026-west-asia-crisis-challenges-014-1599435.html?ref=DMDesc



~HT.410~PR.250~ED.542~GR.538~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:04बहले ही ब्रिक्स से समेलन खत्म हो चुका हो यहां संपन हो गया हो भारत में इसका 28 संसकरण लेकिन
00:09भारत की जो चिंताएं हैं और भारत की जो कंसर्ण्स हैं और उनके जो एक डिपलमाटिक आउटरीच है उस पर
00:15अगर हम ध्यान दें तो जो एक डी डॉलराजेशन या ब्रि
00:29शिवेंदर जी लगबग अभी कोशिश की है कि वो अमेरिका के साथ उसकी नजदीकी बढ़ है और जब कि ब्रिक्स
00:35की जब बात होती है तो वहां पर और्ड मैन आउट की स्थियूत पन हो जाते हैं कैसे भारत ने
00:39इसको बैलेंस किया होगा भारत ने अपना बिल्कुल साफ
00:43रखा अपनी जो भी पॉलिसी थी किलियर रखी कि हम अमेरिका को हमें संदेश देना था कि हम आपके दोस्ते
00:49हैं इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि हम दूसरों से दोस्ती नहीं कर सकते हैं जो बार बार टैरिफ
00:53होता है तमाम चीज़े उसके बावजूद भारत ने अप
01:13का एक हमारी जो है डिश्टल जो सीडी बीसी की बात होती है सेंट्रल बैंक डिश्टल करेंसी उसको हम लाएं
01:22हाला कि बहुता कथिन काम है लेकिन उसने बिल्कुल ये नीका कि हम किसी तरीके से डॉलर का कोई दूसरा
01:27रूप इसके प्रतदंगता कर रहे हैं और ये हमारे ल
01:43तो कहीं ना कोई धीर दीरे धीरे धीरे हम उसको अपना सकते हैं उसका फाइदा मिल सकता है, लेकिन उन
01:50सबडों से बचना था उन टीके बानों से बचना था और संत, उतना आकरामक हमें किसी की हमारी
01:56पॉलिसी भी नहीं आक्रामक होने की तो यह ही हमने अपनाया जो अमेरिका का जिकराता है उन्होंने जो टैरिफ्स लगाए
02:03चाइना और भारत दोनों पर तो कहीं नहीं आपको लगता है कि जो कहा जाए कि दोनों एक ही आग
02:09से जले हुए थे तो क्या वो चीज कहीं क्लोजनेस
02:12भारत और चीन के बीश में चीन की जो पॉलिसी है वो बहुत ब्रॉड है वो बहुत उसको आप अलग
02:19अलग समय पे भारत के पास अलग लग चीजे देख तो यह बात है अभी थोड़े समय पहले भी होई
02:23जब चीन में प्रदान मंत्री गया लेकिन उसके बाद हमने देखा ह
02:26हमारे यहां की एक यात्री जाती है वो कहता आउना चल प्रदेश को तुम्हारा पासपोर्ट के माला आप कही ना
02:31कहीं वो एक कैसा संदेश देखा देता रहता है कि जो बार्डर पे उसका डिस्पूटे वो खड़ार है उसमें समझावता
02:37होगा नहीं होगा आज यह कहते है
02:39सी जिंग पिंग लेकिन उसके बावजूद वो कहीं ना कहीं हमारे एक दर्द नक्से में परवर्तन कर देना नाम बदल
02:46देना लेकिन उसके बावजूद यह बात सही है कि जो विभार अमेरिका का यह कॉस्टरम का कहूंगा अमेरिका और चीन
02:55और भारत के साथ रहा है उसके
02:56तरफ पे इनको आना एक मजबूरी थी, कही ना कहीं दिखाना कि हम भी साथ मिला सकते हैं, यह नहीं
03:03कि जो टूल बना रहा था भारत को, अमेरिका की कौार्ड में और इस तरीके से, उस से भारत ने
03:09बताया कि हम किसी का मोरा नहीं है, बिल्कुर, बिल्कुर, देखना होगा हमे
03:13कि किस सरह से ट्रम्प इस पर रियाक करते हैं, अभी तक कोई बयान नहीं आया है भारत पर, और
03:16यहां से जो डेली डेकलिवरेशन भी पास हुआ है, उस पर भी डॉनल्ल्ल ट्रम्प ने, अभी तक कोई प्रतिक्रिया अभ्यक्ति
03:21नहीं किनी होगा है, एतिहास एक ब्रेक्स
03:44सबसे बड़ी बात थी, कि जब सी जिंग्पिन ने बात कही, तो उन्होंने कहा कि हमें बार्डर डिस्पूट को डायलोग
03:50से उसमें आगे बढ़ाना, उसके साथ-साथ हम कंप्टीटर हमें एक दूसरे की तरक्की में, एक दूसरे की उसमें अपना
03:57भला देखना है, ना कि ह
04:00कि एक चीज पर भाँ और सहमती बन गई, जो मैं इसमें देखना हो, यहां पर जब हमारा जो बात
04:12होती है, तो उसमें कहीं जो सहमती दिखाई दी, लेकिन यह सहमती अब चीन के बारे में हमें सहा कहा
04:18जाता है, पंकाजी, कि कहीं ना कहीं यह बात जमीन पर आएगी नही आ�
04:32साथ साल पहले शी जिंग्पिंग भारत आये थे उसके बाद दो बार और मुलाकात कुई पिछले साल त्यांजिंग में और
04:37उससे पहले कजान में प्रिदानमंत्री मोदी की आपको लगता है कि 2020 से गलवान की जो खटास थी कहीं ने
04:44कहीं भारत अभी भी सजग है और चीन को व
04:58कर रहे गए हैं उनकी अर्थ विवस्ता डाउन की उनकी कई पोल खुल रही बंदमुटी खुल रही है चीन भी
05:04इस समय मुझे लगता है किसी तरह के यूद्विन अलच के वो अपनी आर्थिक तरक्की की तरफ ध्यान दे रहा
05:10है और ऐसे में इंडिया से किसी तरह का कॉंफ
05:28चाहिए अब चीन की चाला की हमेशा एक चर्चा का भी सह रहती है कि वो ये बाते कब तक
05:33करेगा कब वो हिंदी चीनी बाई-बाई-बाई के बाद में चुरा घोपता है क्या एक ये छोटे समय की
05:40बात होगी या जैसा जी सी जिंपिंग कह रहे है कि हमें लॉंग टम रिलेस
05:58है उनके जो एक डिप्लमाटिक आउटरीच है उस पर अगर हम ध्यान दें तो जो एक डी डॉलराइजेशन या ब्रिक्स
06:04बैंक के एक सेपरेट करेंसी की बात होती है उसमें भारत ही ऐसा ब्लैंक नजार आता है जो कि इससे
06:12अलग हट कर देखता है क्योंकि भारत ने 25 वर्�
06:27को साफ रखा अपनी जो भी पॉलिसी थी किलियर रखी कि हम अमेरिका को हमें संदेश देना था कि हम
06:33आपके दोस्ते हैं इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि हम दूसरों से दोस्ती नहीं कर सकते जो बार बार
06:38टैरिफ होता है तमाम चीज़े उसके बावजूद भारत ने �
06:41पीठ् LT ने आपको सऑयोमित रखा यहां पर हम देख पा रहे थी कि जब बात हो रहा है लक
06:45करिंसी की बात हो रही थी चाइना और रूस जिस तरीकी से सीधे बात करना चाहते थे भारत ने उसको
06:51इस तरीके से ना लेकर इस में जो अपना प्रॉच्डर करंश रखा उसमें �
06:54इसने रखा कि जो local currency है उसमें settlement हो उसने कहा एक हमारी जो है digital जो CDBC की
07:02बात होती है Central Bank Digital Currency उसको हम लाए हला कि बहुत वह तोगा कथिन काम है लेकिन उसने
07:09बिल्कुल ये नी कहा कि हम किसी तरीके से dollar का कोई
07:12दूसरा रूप इसकी प्रतुदंगता कर रहे हैं और यह हमारे लिए जरूरी भी था कि किसी भी तरह की वास्तेयुक्ता
07:19यही है कि अभी डॉलर और इस सब चीजों को साथ लेकर चलना भी है साथ साथ हमें अपनी करंसी
07:25में ब्यापार जो हमें इरान के साथ या रूस के साथ �
07:29तो कहीं ना कहीं दीरे दीरे दीरे हम उसको अपना सकति बना उसका फाइदा मिल सकता है लेकिन उन सबदों
07:36से बचना था उन तीखे बाणों से बचना था और अतना अकरामक हमें किसी हमारी
07:41पालिसी भी निये रही आकराँश होने जो अमेरिका का जिक्राता है, उन्होंने जो टैरिफ्स लगाए। चाइना और भार्त दोनों पर
07:50तो कहीश कहा जाया कि दोनों एक ही आग से जले हुए थे तो क्या वो चीज कहीं पॉलिसनेस लाती
07:58है भारत और चीन के बीश Нап
07:59चीन की जो पॉलिसी है वो बहुत ब्रॉड है वो बहुत उसको आप अलग-अलग समय पे भारत के पास
08:05अलग-अलग चीज़े देखते हो यह बात है अभी थोड़े समय पहले भी होई जब चीन के प्रधान-मंत्री गए
08:10लेकिन उसके बाद हमने देखा हमारे यहां की एक यात
08:29नक्से में परवर्तन कर देना नाम बदल देना लेकिन उसके बावजूत यह बात सही है कि जो विभार अमेरिका का
08:37यह कॉस्टरम का कहूंगा अमेरिका और चीन और भारत के साथ रहा है उसके तरफ पे इनको आना एक मजबूरी
08:43थी कही ना कहीं दिखाना कि हम भी साथ मिला
08:47सकते हैं यह नहीं कि जो जो टूल वना रहा था भारत को अमेरिका नहीं है कि फोई प्रतिक्री है
09:06व्याकति Yes
09:09कि अप्सराइब के लिक लिजा कि और दो और प्सक्तार鐵ी कि गलत है
09:14कि हो दो कि अप्सक्राइब नग्डीर दाघ्टार प्सक्राइब अ
Comments

Recommended