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BRICS Summit 2026: 2 दिवसीय समिट में किन मुद्दों पर बनी सहमति? Defence Expert ने समझाए मायने!
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन के साथ ही 'न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन' और बहुध्रुवीय व्यवस्था को लेकर दुनिया भर में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित 2 दिवसीय 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस ऐतिहासिक महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, इरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा सहित सदस्य व साझेदार देशों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। दो दिनों तक चली गहन बैठकों में बहुपक्षवाद को मजबूत करने, वैश्विक शासन में सुधार और ग्लोबल साउथ की आवाज को सशक्त बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

इस शिखर सम्मेलन का सबसे मुख्य बिंदु 'न्यू दिल्ली घोषणापत्र' (New Delhi Declaration) रहा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्थानीय मुद्राओं (Local Currencies) के बढ़ते इस्तेमाल, एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों के विरोध तथा खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किए गए। इसके साथ ही, सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ताओं ने रणनीतिक व सीमा से जुड़े मामलों पर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया।

विदेश नीति और सामरिक मामलों के विशेषज्ञों (Experts) के अनुसार, यह 2 दिवसीय सम्मेलन यह स्पष्ट करता है कि ब्रिक्स अब केवल एक आर्थिक मंच नहीं रह गया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति को नई दिशा देने वाला एक मजबूत स्तंभ बन चुका है। जानिए इस विशेष रिपोर्ट में कि दो दिनों के इस महामंथन से भारत को क्या हासिल हुआ और इसका वैश्विक मंच पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

About the Story:
The 18th BRICS Summit held at Bharat Mandapam in New Delhi concluded with the adoption of the historic New Delhi Declaration. Chaired by India under PM Narendra Modi, the two-day event witnessed crucial discussions on multilateral governance reforms, local currency trade, supply chain resilience, and bilateral engagements among global leaders including Putin and Xi Jinping. Defense and foreign policy experts weigh in on the key outcomes and global impacts.

#BRICSSummit2026 #PMModi #NewDelhiDeclaration #GlobalPolitics

~HT.410~ED.542~PR.514~GR.538~VG.HM~

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00:00:03ब्रिक्स जो कंट्रीर है ये इसको अपनी कोई और्टिनेट करंसी ढूलेगे और डॉलर का जो है उसमें वस्तित्व जो है
00:00:11खत्व हो जाएगा
00:00:11भारत में इस वक्त अठारवा ब्रिक्स समिट चल रहा है तूसरा दिन है और कह सकते हैं कि दुनिया की
00:00:20जो ग्लोबल पावर है
00:00:30चाहे वो डिप्लोमेसी के नजरिये से हो चाहे वो बिस्निस के नजरिये से हो लेकिन दुनिया की निगा है इस
00:00:36वक्तुन सबसे ज़्यादा भारत पर है क्यूंकि ब्रिक्स देश अपने आप में बहुत कद रखते हैं बढ़ा कद रखते हैं
00:00:45और नेटों से ये अलग
00:00:47जरूर है लेकिन ट्रम्प के लिए चिंता का विशाय बन चुके हैं बहुत सारे कारण है
00:00:53ब्रिक्स बैंक हो या फिर अपनी ब्रिक्स की कोई करंसी आ सकती है कि नहीं
00:00:58फ्यूचर में अभी लोकल करंसी पर बात चल रही है ये भी ट्रम्प के लिए
00:01:02डी डॉराजेशन ट्रम्प के लिए चिंता का विशाय है लेकिन
00:01:06सबसे इंपोर्टन है कि ब्रिक्स भारत में इस बार भारत के
00:01:11पोइंट О' वियू से कैसे फाएधय मन रहा है ब्रिक्स भारत में
00:01:15जो हुआ है इसके लिए क्या इंपोर्टन पॉइंट्स निकल करा है
00:01:19हैं दुनिया को भारत क्या संदेश दे रहा है सब कुछ समझेंगे और जुड़े कि आज दूसरा दिन है और
00:01:24आज क्या क्या होने वाला इसके लिए हमारे साथ कर्णल संजीत सिरोई सर मौझूद है सर बहुत-बहुत स्वागत है
00:01:31आपका इसके वाला हमारे साथ एर कमांडर एस
00:01:34बहल सा भी मौझूद है सर बहुत-बहुत स्वागत है और ग्रुप कैप्टन यूके देवनाथ सर भी अभी जुडने वाले
00:01:42हैं मैं स्वागत कर दे रहे मैं दुबारा समका स्वागत कर लूंगी सर ब्रिक समिट हो रहा है दुनिया की
00:01:48नजरे भारत पर है सबसे पहले मैं सि
00:02:03कोई दराए नहीं है पहली बात तो मैं आपका जो है धन्यवाद करता हो जैहिंद आपने चैनल पर मुझे बुझे
00:02:09बुलाया देखिए यह जो है डॉनर्ड ट्रम्प साब के लिए खास तोर पर यह जो ब्रिक जो है एक एक
00:02:17बहुत बड़ी चुनौती है जो बहुत चुनौत
00:02:31थी पहले ब्राजी रस्या इंडिया चाइना थे उसके बाद साउट अफ्रीक आ गया ब्रिक्स हो गया उसके बाहां बाखी कांट्यू
00:02:38खेंट्री और ये कोई फ्रेट नहीं है यह कोई चैनल नहीं है यह यह जोंग के लिए टो यह जो
00:02:48की विल्कुल गलस है नबब वांश से
00:02:52तो उन्होंने यह का था कि ब्रिक इस डेड फोरुम ठीक है तो वो इस जो यह ब्रिक 18 सब्बिट
00:03:00हो आ है जो हो रहा है उससे साफ जाहिए जो उनको उनको यह इंडिकेट कर दिया गया है कि
00:03:06इट इस डॉट इस फोरुम इस बेरी मैच अलाइव नमबर तू नमबर थ्री जब �
00:03:25पावर है वो उनको यह दिखने लगी है कि जिस तरीकिए जिस तरीकिए लगा है यूएसे को इंडिया एक उभरती
00:03:39हुई ग्लोबल पावर है
00:03:40वो उनको यह दिखने लगी है कि जिस तरीके से आज चाइना अमेरिकन्स के लिए एक थ्रेट बन चुका आने
00:03:47वाले समय में जिस तरीके से भारत तरक्की कर रहा है जीडीपी ग्रोव कर रही है उस हिसाब से हो
00:03:54सकता कर भी अमेरिका के लिए बारत एक चैनलज बन जा है
00:03:57इसलिए अमेरिका की कोशिश डेवन से रहती कि बारत को चीन की लेवल तक नहीं पहुंचने देना हमको तो जब
00:04:05यह तीनों देश दो अलड़ी थ्रेट है और तीसरा थ्रेट बनने की तरफ बढ़ रहा है तो उस सबह डॉलर
00:04:12ट्रम साब को यह लगता है और खास तोर पर ज�
00:04:27जिसमें मोधी जी सेंटर में थे एक हाथ उन्होंने मिस्टर पुदिन का पकड़ा हुआ था एक हाथ उन्हें मिस्टर सी
00:04:34जिएंग के पकड़ा था तो इससे जो एक मैसेजिंग है कि भारत जो है
00:04:41तो मुझे लगता है ये डॉनलर्ड ट्रम साथ के लिए आने वाले दो तीन दिन में नीज उडाने वाली ये
00:04:48फोटोग्राफ्स हैं और उसके बाद हम देखेंगे कि डॉनलर्ड ट्रम साथ कैसी रियाक्ट करते हैं इंडिया की अगेश्ट जी
00:04:57बिल्कुल आपने जो पॉइंट्स कहीं है वो बहुत इंपोर्टेंट है लेकिन यहाँ पर मैं बहल साब से सवाल करूंगी कि
00:05:06आपने जैसे जैसे कि अभी सिरोई सर ने बताया कि चाइना का जो चाइना है वो कहीं ने कहीं यूएस
00:05:12के लिए थ्रेट है लेकिन अगर भारत के प
00:05:25सिस्टर्स हैं वहां से परिशान कर रहा है बॉर्डरिंग स्टेट से आपको पता है कि यह चाइना और इंडिया का
00:05:31इशू है यह खत्म नहीं हो रहा है तो क्या एक साथ इधर पार्टनर्शिप और दोस्ती की बात हो रही
00:05:36है जैसे पोटो जा रहे हां तो में आथ और दूसर
00:05:54है कि आपकी बात बिर्कुछ सही है आपने बहुत सारे इशूस प्रोजन कॉंस बड़े अच्छे तरीके से पेश किया है
00:06:00उसमें मेरी दो तीन बाते हैं सबसे पहले है कि अगर आप देखिए जो 2023 जॉनर्स बग का हुआ या
00:06:06दोजाट चोविस जब हम रश्या गए जहां पर
00:06:08जॉन्ट पेट्रोलिंग की बात आई यानि कि डिस एंगेजमेंट की बाते शुरू हो गई वहां से कॉंफिदेंस बिल्डिंग मेजर्स पे
00:06:15हम गए यानि कि अब कोर कमांडर लेवल बाते शुरू हो गई है और खासकर कोर कमांडर लेवल अरुनाचल प्रदेश
00:06:21में पहली �
00:06:22अब ही हुई है कुछ दिन पहले और उसके बाद हम जा रहे हैं भी डिलिमिटेशन पर तो कहीं न
00:06:29कहीं अब एक डिलिमिटेशन के लिए मेकानिजम बनाया जा रहा है जितने भी चीन से स्टेटमेंट आये सभी सकारत्मक हैं
00:06:35यह हमारी बहुत बड़ी कूटनी तिक जीत है अ
00:06:52अच्छे सिटीज के अंदर हुएं और साथ में यह कहूंगा कि जो डिलिमिटेशन की बात्ची चल रही है और जो
00:06:57स्टेटमेंट आये हैं कि हम ग्लोबल साउथ का कोपरेशन एक साथ लेके चलेंगे आगे और जो बात आई है कि
00:07:03पार्टनर्स हैं हम राइवर्स नहीं हैं अ�
00:07:19अब तक वो हमारा प्री कंडिशन है कभी भी हमारे रिलेशन सुधारने के लिए तो उनको हमारा बॉटम लाइन बहुत
00:07:25क्लियरली पता है तीसरी चीज जो हमारा मेजर मुद्दा उनके साथ है जो 112 बिलियन डॉलर का ट्रेड डेफिसित है
00:07:33जो इंपोर और एक्सपोर्ट का �
00:07:34जो हमारी तरह से नेगेटिव बैलेंस है ट्रेट का वह बहुत एक मेजर इशू हमने उनको क्लियरली बुला है कि
00:07:40आपको अपना अग्रिकल्चर सेक्टर अपना फार्मा अपना एटी को को खोलना पड़ेगा और तीसरी बात आ जाती है कि क्या
00:07:46हमने अचीव किया इसके अं�
00:08:01आज भी 50-60,000 हमारी फौजे जो है बॉर्डर पे तैनाथ है दोनों साइट पे तो कहीं ना कहीं
00:08:07जब तक वो डी इसकलेशन नहीं होता तब तक पीस्फुल को एग्जिस्टन्स नहीं हो सकता हां कॉंपिटिटिव को एग्जिस्टन्स ज़रूर
00:08:15हो सकता है जो आज का है लेक
00:08:31उन्होंने पाकिस्तान की मदद करी थी, इंटेलिजन्स दी थी रियल टाइम आप सिंदूर में, उन्होंने नाकेवल वो किया, उन्होंने पी
00:08:38एल फिफ्टीन जो लॉंग रेज, बियॉंड विजिन रेज बिजाईल है, एर टु एर, वो दी उनको, उन्होंने हर तरह से
00:08:44सप
00:08:45पाकिस्तान को आप सिंदूर पे, और पाकिस्तान कौन है, पाकिस्तान उन्हीं का ही तो प्रॉप्ट अप स्टेट है, जो भारत
00:08:52को पुट डाउन करने के लिए, या लिमिट करने के लिए साउथ एशिया में है, तो अगर उन्होंने इस बात
00:08:57पे कंडेमनेशन किया है, तो कह
00:08:59ना कहीं चीन ने हमारी sensitivity को recognize किया है तो mutual respect, mutual sensitivity और mutual interest पे अब
00:09:07आगे बात चीछ चल रही है जिस दिन de-escalation चुब हो जाएगा उस दिन समझ लीजे हमारी relationship चीन
00:09:15के साथ असली में अच्छी हो रही है
00:09:17बिल्कुल de-escalation पर भी आगे बात करेंगे लेकिन इससे पहले हमारे साथ एक और guest जुड़ चुके हैं सायद
00:09:24हाकीम रजा सर जो की इरान foreign policy expert है स्वागत है सर आपका वन इंडिया पर
00:09:32सबसे पहले because you are Iranian expert और भारत में इरान की और इरान के प्रेशिडेंट की प्रेश्कियन की मौझूदगी
00:09:42है और इसके साथ ही इरान-U.S. वार के बीच प्रेश्कियन का भारत आना आपने आप में बहुत-बड़ा
00:09:48message है यू.S. के लिए कहीं न कहीं
00:09:49लेकिन इस समय से आप भारत और इरान की जो friendship है आपको क्या लगता है ये किस direction में
00:09:57जाने वाली है क्या भारत खुलकर इरान का अब समर्थन देगा जैसे कि पहले diplomatically दे रहा था इस्राइल के
00:10:02भी समर्थन में आ रहा था तो आपको क्या लगता है
00:10:06जी नमाशकार जी thank you very much देखिए यहाँ पर क्या है जो हमारे इरान तो पहले से भी चाह
00:10:13रहा था कि भारत के साथ अच्छे संबंद बनाए रखना चाह रहा है कभी यहने के सद्यों से अच्छे तालुकात
00:10:20हैं थे बीच में थोड़े बहुत foreign policy में थोड़ा बहुत बदला ह�
00:10:25उसके बाद अभी यह CEO सब्मीट के बाद जैसे ही हमारे प्रेमिनिस्टर ने जो condemnation अमरीकन आगर्शन का जो condemn
00:10:33के उस पर sign करने के बाद फिर तालुकात अच्छे हो गए हैं तो वापस इसमें BRICS मीटिंग में आना
00:10:41इसका साफ जाहर है कि और आने के बाद यहाँ पर पहले से
00:10:45ने भी बता रहे थे कि आने आन की एक में अहम एक मीटिंग में भी हिसा लिया था पर
00:10:52पर्सिडेंट के साथ तो उन्हों ने साफ तर्के बताया कि हम कभी भी भारत और चीन के साथ अच्छे रिश्टे
00:10:57रखना चाहते हैं कभी भी खटाजगि आना नहीं चाहते हैmos जो वे ज
00:11:14एरान के साथ और रश्या के साथ इसी तरह अगर अच्छे रहेंगे तो क्योंकि हमारे लिए बहुत आहम है एरान
00:11:22क्योंकि जो चाबार पोर्ट है, जो कनेक्ट करता है रश्या को भी सेंट्रल इसिया को, अफ़वानिस्तान, यह जितने भी इर्ट्रेट्स
00:11:30हैं, यह पूरा कने
00:11:37तो इसके लिए हमारे लिए एक अहम पोर्ट है तो इसलिए हमारे लिए जो रूट जो इरान का चावार से
00:11:46जाता है पूरे इसमें हमारे लिए बहुत जरूरी है तो इस तारीखे से इरान को भी हमारा भारत बड़ा मार्केट
00:11:54है तो इरान को भी बहुत ज्यादा जरूरत है भा
00:12:00तो बिल्कुल सही बात है आपने कहीं चाभार पोर्ट हो या फिर इंडियन इरानियन रिलेशनिशिप हो इंपोर्टन तो है लेकिन
00:12:06जभी भी कश्मीर का मुद्द आता है पहले कभी भी हमने देखा है इरान ने हमेशा भारत की अगेंस्ट स्रेट्मेंट्स
00:12:14दिये हैं तो कश्
00:12:28से पहले अब 1996 में देखे OAC में पूरा एका पूरा OAC का गेंश था कश्मीर के मुद्द में मगर
00:12:35एरान हिंदुस्तान के साथ खड़ा रहा तो कभी भी एरान का कश्मीर को इंटरनल पार्ट आफ इंडिया ही समझता है
00:12:43बस जलम ना हो बस इतना ही है जलम के खिलाफ बोलते है
00:12:47उसके अलावा कभी भी कश्मीर को हिंदुस्तान से हटा के हिस्सा नहीं मानते हैं यह जलम को डिसाइड करेगा रजा
00:12:58जी क्योंकि आप पर वापस आएंगे पहले हमसी रोही सर से इसका जवाब चाहेंगे कि इरान के समर्थन में अगर
00:13:05कश्मीर सॉरी इरान के समर्थन में अ
00:13:17लग सुर लेता रहा है भारत से तो इस पर क्या पॉसिबिलिटी है कि पूरी तरीके से इंडिया जो है
00:13:23वो अपनी डिप्लोमिसी हटा कर इस्राइल अमेरिका के अगेंस्ट होकर इरान के साथ कड़ा क्योंकि इरान तो कश्मीर मुद्द पर
00:13:29भारत के साथ नहीं रहता है
00:13:32बिल्कुल रिचा जी बिल्कुल आपकी बात ठीक है और जो हकीम राजा साहब बोल रहे है वो 96 की बात
00:13:37कर रहे है लेकि मैं आपको लेटली बताता हूँ मेरा कर तीर या दो तिन साल पहली बात है को
00:13:42जाने पुरानी बात था नहीं है
00:13:45जो इनके एरान के सुप्रेम लीडर थे अयोताली घरी जिनकी डिट्थ जो 28 सरव़री को अमेरिकल स्ट्राइक में हुई उन्हों
00:13:53ने का था कि इन्हों ने गाजा को । जो एक कश्मीर से कंपेर किया था तो ये एरान हमें
00:13:59और उन्हें साथ चाहता कि जो गाजा में हो रहा ह
00:14:03ऐसे ही हालात कश्मीर में हैं जब कि कश्मीर में हालात तो तो मेरे यह माता है कि यह इरान
00:14:14की जो है यह यह नहीं है कि इरान का जो है फिस एक्षाह साफ का हाथ जो है बोधी
00:14:18साफ पकड़ के जा रहे तो
00:14:20everything is all right no because हमारा अगर आप देखेंगे तो जो हमारा जो
00:14:25actual जिसको friend कहते है जो lately है वो इसराइल है वो ठीक है इसराइल
00:14:30और इरान की लड़ाई है हमारे इरान के साथ भी तालुकात अच्छे है
00:14:34हमारे इसराइल के साथ भी तालुकात अच्छे है लेकि मैं आपको याद दिलाऊंगा कि 1999 में जब कार्गिल वार हुआ
00:14:41था जब अमेरिका ने भी अपना GPS की सिस्टम को जो अभी आपने
00:14:45वो सीरियल देखा होगा सफेद सागर उसमें GPS को भी उन्होंने जो है वो कर दिया था वैरिप्लेट करके वो
00:14:54गल्ट दिखा रहा था उस समय सिर्फ इसराइल हमारे साथ खड़ा था और उन्होंने हमको 145 mm की जो है
00:15:02आठी अमनीशन दी थी
00:15:03तो ऐसा नहीं है कि हम जो है इरान के साथ हम बराबरी की बाचित करना चाहते हैं लेकिन अगर
00:15:10इरान हमेशा पाकिस्तान की साइड देगा तो इसका मतलब यह नहीं है कि हम जो है इरान के साथ तालुकात
00:15:16अच्छे रखेंगे जिस तरीके से हम रेसिप्रोकेट करते हैं इरान
00:15:20के साथ उसी तरीके से इरान की जो गॉर्णमेट है उसको भी रेसिप्रिगेट करना चाहिए और कश्मीर को जो है
00:15:26गाजा से कंपेर नहीं करना चाहिए जी बिलकुल सिरोही साब के बाद से रजा साब आप कितना तालुक रखते हैं
00:15:35एक बार इस पे विशलेशन दीजिए फिर ह
00:15:50लेकिन इन डिरेक्ली गाजा से कश्मीर को कंपेर करना तो साथ दे नहीं हुआ हमने साथ डिरेक्ली नहीं दिया है
00:15:56उल्टा कान पकड़के तो दे दिया देखिए सुप्रीम लीडर है उन्होंने साफ बोला था जो जूल्म जो वहाँ पर जो
00:16:03370 के जो पॉलिसी को चेंज हु
00:16:17लेखिए उसके हर वक्त कंड़म किए कभी भी उनका सात्रे नहीं दिया है ज़प हिंसके लिए उसके लावा को भी
00:16:36भी नहीं ये यार्ड रख लीजेए
00:16:39जी सिरोई साब तेकि मैं अखीम राजा साब बहुत पड़े लिखे हैं अच्छी बाते करते हैं इनके साथ मैं कईदेफे
00:16:48चैनल पर आया हूँ लेकिन आप मेरा पॉइंट जो था वो ये था कि आप वहाँ पे पहली बात तो
00:16:55जो हकीम राजा साब कह रहें कि मिल्ट्री ने वह
00:17:01कोई अत्याचार नहीं कि है वहाँ पर उनाइटेज नेशन का हूँमन राइट कमिशन वहाँ पर बैठा होता है एनकॉंटर विस
00:17:08टेक प्लेश जिसमें किसी की डेथ होती है उसके लिए क्योंकि मैं वहाँ पर खुद हुमन राइट कमिशन को जो
00:17:14रिपोर्टें बेजता था
00:17:15हर इंसिडेंट के उपर जुमन राइट कमिशन की रिपोर्ट जाती है और उसमें जो चीफ आफ दी चीफ आफ दी
00:17:22स्टाफ है कोर के वह उसके उपर साहिल करके बेजते हैं कि यह इंसिडेंट ऐसे हुआ इसमें यह एक आगवाई
00:17:28तो यह जो अत्याचार है यह सिर्फ अपन
00:17:45हजार 222 लोगों को मार दिया देड़ से 2 लागों को जो इजड हो गए इस पूरा का पूरा जो
00:17:53गाजा था वह तबा कर दिया तुट आप जाके कश्मीर में जाके देखिए वहाँ पर गाजा में देखिए क्या हो
00:18:01रहा मैं है कि लुक टमॉत टेरकी हुईा काकि निसली मेरा �
00:18:08मानग है और अगर किसी देश का सुप्रेम लीडर जो की पूरा का पूरे जो गॉर्मिट भी वही चलाते हैं
00:18:14अगर वो कंपैरिजन कर रहा है तो मेरा ख्यान है इरान को जो है इरान की जो गॉर्मिट है उसको
00:18:22अपनी थोड़ी सोच बदलनी पड़ेगी तब भारत उनके साथ �
00:18:35अगर कश्मीर की बात आ रही है तो यह जो बात है उसको हमको ठीक नजरिये से देखनी चाहिए जी
00:18:43बिलकुल बैल साब आप सिरोई साब को सुन रहे थे रज़ा साब को भी सुन रहे थे इस पर आप
00:18:48क्या स्टैंड रखते हैं हम जानना चाहेंगे क्योंकि एरान इसराइल का
00:18:53मुद्दा है साथ में अगर कश्मीर की बात आ रही है एक तरफ इरान और भारत के भी रिलेशन की
00:18:58बात हो रही है तो आप ने दोनों को सुना वट इस यूर पॉइंट ऑव यू देखे सबसे पहले मैं
00:19:04रिक्वेस्ट करूंगा दोनों को कि हमारे हिस्टोरिकल लिंक्स सिवि
00:19:22तो यहां इंडस्रिवर तक आ गई थी और उसके बाद जो उनके सक्सर थे वह भी पंजाब के प्लेस तक
00:19:28पहुंच चुके थे तो कहिना के इंफ्लुएंस हमारा बहुत ज़ादा रहा है इरान के साथ आर्यंस का भी रहा है
00:19:34और इरान के पर्शियंस के साथ भी रहा है तो यह
00:19:37नहीं कहेंगे कि हमारे और ट्रेड उस समय बहुत जादा शुरू हुआ था जो पंजाब प्लेन से लेके इरान तक
00:19:43जाता था शायद जो मेरे इरान के
00:19:45स्पीकर हैं वो इस बात से साथ होंगे लेकिन दूसरी बात यह आ जाती है लेकिन रीसेंट टाइम्स में इरान
00:19:52ने जो मुस्लिम कार्ड होता है उसके अंतरगत कश्मीर इशू के ऊपर अपने नेगेटिव कमेंट्स दी हैं जो करनल साब
00:20:01बोल रहे हैं इसमें कोई डाउट नह
00:20:15जान आज पीडित है आइसोलेट टिपलोकमेटिकली आइसोलेटेड है यूनिलैटरल उसके अगेंस्ट आक्शन हुए हैं सैंक्शन हुए हैं उसे एक पराया
00:20:24स्टेट की तरह किया जा रहा है ऐसे समय में देखो उनके साथ कौन खड़ा है भारत खड़ा है ऐसे
00:20:42समय में किसन
00:20:44खड़त करता है भारत आज क्लियरली बोल रहा है इरान को जैसे ये प्रॉब्मस दूर होती है और मैं आपको
00:20:49बता रहा हूं कुछ महिनों में ये यूद भी खतम हो जाएंगे और हमारा ट्रेड वापस बढ़ेगा इरान के साथ
00:20:55और काफी अच्छे तरीके से बढ़ेगा मेर
00:20:57रिक्वेस्ट इरान के लोगों के साथ ये है कि अगली बार ये मुस्लिम कार्ड की तरफ मत देखिए आप इस
00:21:03तरह देखिए कि जो आपके साथ कौन खड़ा हुआ है आपके साथ किसके सिविलाइजेशनल लिंक्स हैं उनके साथ आप भी
00:21:10रहे और कश्मीर में मैं आपको एक
00:21:25सिंगापूर में रहते हैं अभी जा के आएं दस दिन पहले वो गए है कश्मीर कश्मीर में जो टूरिजम से
00:21:31एक बढ़ गया है पर कैपिटा जीडिपी कश्मीर का मैं कहता हूँ पी ओके को कंपेर करिये आप क्यों नहीं
00:21:40करतें पी ओके में पी ओके में इतना अंड्रेस्ट
00:21:42क्यों है क्यों है क्योंकि उनको मालूम है उनको पराया देखा जाता है पी ओके को उनको महाजिर जो वहां
00:21:48पर आ के अपनी सीट्स लेना चाहते हैं और वो सीट्स लेके वो जो पाकिस्तान की आमी और उनकी गर्मेंट
00:21:54को कंट्रोल कर तूरू गमेंट जो उनकी बनती है वहा
00:22:00पर लाना चाहते हैं, उनकी जो government and political, वो control लाना चाहती है, through these seats, 15 seats जो
00:22:06हैं वहां की, तो कहीं नहीं कोई development नहीं, ना electricity की हुई है, ना roads की हुई है, ना
00:22:12internet की हुई है, और साथ में आप देखे, educational institutions नहीं हैं वहां पर, भारत के अंदर कश्मीर जाके
00:22:17देखे, अलग situation है, और भारत म
00:22:29हैंगे आपको कैसे हम लोगों का दिल जीत रहे हैं, हाँ, ये जरूर है कि हर काम में थोड़े बहुत
00:22:34exercises इदर उदर से होते हैं, जिनको बहुत बढ़ी तरह कैसे highlight किया रहता है, पाकिस्तान के दोरा, क्योंकि उनको
00:22:40पता है, कि जो वो कर रहे हैं कश्मीर में, बलूचिस्ता
00:22:45में या फिर खैबर पक्तूनवा में, वो पूरा विश्व देख रहा है, जिस तरीके से उन्होंने कहर मचा के रखा
00:22:52है, माइनॉरिटीज के उपर पूरा विश्व देख रहा है, तो मेरी एक रिक्वेस्ट इरान से है, कि जिस आपके मुश्किल
00:22:58समय में भारत आज आज आप
00:22:59के साथ खाड़ा है, इस बात को कभी न भूलिएगा, आपके साथ ट्रेड भी होगा, आपके साथ रिष्टे और बेहतर
00:23:05होगी.
00:23:30लेकिन अब ही क्या है, कि भारत और पाकिस्तान के संबंद बिल्कुल भी ठीक नहीं है, इंवेक्ट इंडस वाटर ट्रीटी
00:23:37पर भी ब्रेक लगने का सवाल पैदा हो रहा है, भारत कहरा है कि खून और पानी एक साथ नहीं
00:23:41वैस सकते, उधर अभी बीते दिनों पाकिस्तान �
00:23:45कह रहा था कि वो पीस डील करवा रहा है, इरान और यूएस के बीच, पाकिस्तान में इंफेक्ट मीटिंग भी
00:23:52हुई, तो आपको क्या लगता है, क्योंकि भारत तो पाकिस्तान के साथ दोस्ती हो इने सकती है, इसमें कोई पॉसिबलिटी
00:23:58ही नहीं है, अभी तो पानी पर भ
00:24:13आपके बाद, जो पैक्स बने थे, आप बेहतर जानते हैं, हमारे डिफेंस एक्सपर्ट हैं, उनको पता है कि जब भी
00:24:21जंग अगर कुछ हो पाकिस्तान और हिंदूस्तान के दर्मियान, तो इरान बेसस देके रखा हुआ था, 2010 तक इसका भी
00:24:27रिसेंटली नहीं मालूम है मु
00:24:43इसके बाद, हमारा जो डील ट्रेड था, वो टोटली जिरो कर दिये, जो हमारे तकरीबन इंडियन रुपीस में ट्रेड हो
00:24:50रहा था, दूसरा तकरीबन पचास जार से ज्यादा कोरोड बैलन्स हर्जार मिला हुआ था, उसके बाद, खतम होने के बाद,
00:24:582018 के बाद, जैसे, न
00:25:12पूरी की फूरी खतम हो गई थी, यानि कि हमारे इंडियन इंटेलिजेंट उतना नहीं पता रहे थे, क्या था नहीं
00:25:18मालूम के इरान को इतना कमज़ रुस गये थे, कि एक महीने के अंदर इरान पूरी तरह खतम हो जाएगा,
00:25:23जब इरान ने साथ महीनों में, जब अमरीका �
00:25:25और उसके चितने भी सही होगी हैं, उन्तु घुटने टिकाया, और जितना अरब कंट्रीज हो, नैटो हो, इसराइल, अमरीका, पूरी
00:25:32कंट्रीज के साथ, जब लड़के एकनामिकली 50 साल साल लड़ रहा है, उसके बाद जब इरान हावी हुआ, फिर जाके
00:25:40S.O. में, इससे �
00:25:54हाँ, अब जैसे ही हुआ, जब अत्याचार हो, जब जल्म हो, जब इरान कभी वार में नहीं गया था, अमरीका
00:26:00के वार क्या था, अमरीका के अत्याचार क्या था, उन्होंने अगर्शन क्या था, अमरीका और इसराइल दोनोंने, तो इस पर
00:26:07है ना, हमें, जैसे हमारी नीती ह
00:26:09non alignment जो सद्धियों से चले ही आ रही है
00:26:12जो हमा हम कभी भी है
00:26:14मजलूम का साथ दे रहे हैं
00:26:16अब देख लिए नाम बनाए हम लोगी
00:26:18तो इसमें जो
00:26:20क्यों change हो गए
00:26:212018 के बाद हमारे policies बदलने के बाद
00:26:24यह सब statement है
00:26:25अब ठिक वापस ठीक हो गए है
00:26:27क्योंकि सद्धियों से देखे
00:26:29कभी भी अमरीका इसराइल या कोई भी का देश है
00:26:32जो रशिया और इरान
00:26:33जो सद्धियों से साथ रहे हैं
00:26:34वही साथ रहेंगे
00:26:35यह जो दोस्ती रहती है ना
00:26:37जो historical वही साथ रहती है
00:26:39जो नए कोई आया अपने मतलब के लिए आया
00:26:42कभी भी देखे अमरीका जब भी ज़रूरत पड़ी
00:26:43तो टारीफ लगाने लगा
00:26:45तो आखे भाई हम साथ हैं अमरीका के
00:26:47जब 2018 के बाद हम पूरी तरह तुम्हारे साथ जिये थे
00:26:49तो क्या हुआ टारीफ हमारे उपर लगे
00:26:51तो कभी भी है ना दोस्त दोस्ती रहता है
00:26:53जो मतलब हुआ है ना जो जालिम है ना वो
00:26:56यानि के यूँ समझे के पूरी दुनिया में
00:26:58बेस्टीम फाइल में भी देख ले जितने कितने बड़े
00:27:00जालिम है वो लोग
00:27:01तो ऐसे लोगों के साथ हमारा कभी रिष्टा नहीं था
00:27:03हिंदुस्तान के पालिसियों का कैसे बदल गए थे
00:27:06तो फिर वापस आना थोड़ा तो ये हमारा थोड़े छूट हुई थी
00:27:09जो दर्मियान में तो छूट
00:27:11खतम होने के बाद क्योंकि देखे ये मैं
00:27:13जो बता रहा हूं जो इसी में बात कर रहा हूं
00:27:32बिल्कुल कर्नल सिरोई साब जसे कि मैंने जो सवार इन से किया था
00:27:36रजा साब से कि खून और पानी एक साथ नहीं बहस सकते
00:27:39ये भारत का स्टेट्मेंट है और भारत उस पर कायम है
00:27:42अभी बीते दिनों पाकिस्तान ने मध्यस्ता के बाद की यूएस और इरान के बीच में
00:27:48कुछ टाइन के लिए सीज फायर दिखा फिर वापस यूदू एज इस शुरू हो चुका है
00:27:53मेरा कहने का मतलब है कि पाकिस्तान से तो पाकिस्तान तो बकाइदा अपने आपको दोस्त दिखा रहा है इरान और
00:27:59यूएस का जब कि वो पॉसिबल नहीं है
00:28:01पाकिस्तान किसके साथ है, यह तो अलग मुद्धा है, लेकिन यह खून-पानी वाला रिष्टा, साथ में पाकिस्तान-Iran का
00:28:08रिष्टा
00:28:09इस बीच किया भारत फिट बैट रहा था
00:28:12प्र Image, घिशा जी, सबसे बाद सो जातक आत्से reaches हो नहीं पाकिस्तान का बताया है
00:28:28पाकिस्तान के पास ना एरानके साथ कोई लेवरेज ऐसा है जिसे वो एरान को थोड़ा प्रेश्राइज कर सके
00:28:34ना पाकिस्तान का अमरीका के साथ तो सवाली पैदा नहीं है
00:28:38अमरीका का तो पिठ्टू है डॉनल्ड ट्रम साब जो बोलते है आसे मरीर को कि आप जाओ इरान तो इरान
00:28:43चले जाते हैं तो वो पाकिस्तान की मद्देस्टा तो I think it is only डॉनल्ड ट्रम साब उनको एक थोड़ा
00:28:49डिप्लोमेटिकली उपर उठाना चाहते थे वो कोशिश की ग�
00:29:06यह तो इतनी कोई पकी दोस्ती भी नहीं है जो की पकी दोस्ती दिखाई जाने की कुशिश कर रही है
00:29:11ठीक है पाकि जो इरान डेलिगेशन इरानियन डेलिगेशन पाकि इसलामाबाद गया वहां से जो जेडी वेंस साफ वाइस प्रेजिडेंट अमेरिका
00:29:20के आए वहां भी �
00:29:21बात्चित हुई वह एक वेन्यू था बाकि अदर्वाइस कोई पाकिस्तान को इसमें कोई इतना बड़ा कोई रोल नहीं है तो
00:29:26मैं उसको इतनी जो है इंपोर्टन नहीं दे रहा हूं जहां तक सवाल है जैसे एर कमडो साब ने बताया
00:29:33है कि भारत और इरान के तालुकात पह
00:29:48पर जब प्राइमिस्टर मोदी और इरान के प्रेजिदेंट आपस में मिले थे उसके बाद मोदी साब ने एक ट्वीट किया
00:29:56था और उस ट्वीट के अगर आप देखे इट वस 47 वर्स ट्वीट था वो कोई जादे लंबा चाड़ा मिस्टर
00:30:01डॉन ट्रॉम जैसा ट्वीट न
00:30:17जी करेक्ट फीटी तो यह चीजे चारों की चारों जो भारत के हिच्ट बे हैं तो पुर अब्रश तो कभी
00:30:36खत्म नी होगी अभी रस्या के साथ हम ले रहे हैं तो सेंक्शन तो सेंक्शन चलती रहेंगी यह डॉलर ट्रॉम
00:30:45साहब का जो है अपना पैड है
00:30:47वो tariff भी लगाएंगे वो sanction भी लगाएंगे लेकिन भारत बिलकुल absolutely clear है और ये जो रजा साहब बोल
00:30:54रहे हैं जी बोधी साहब वहाँ पे गए क्या कहते है था पहले point तो ये है मुझे इसके रजा
00:31:01साहब मुझे इसके बारे में कोई इलम नहीं है कि 2010 तक जो है इरान ने हमको basis
00:31:06दिये हुए थे पाकिस्तान के खिलाव लड़ने के लिए वो कभी भी basis नहीं थी थी थे as far as
00:31:12by knowledge goal बाकी जो है एर कमड़ों साहब बताएंगे कि ऐसे basis थे कि नहीं थे otherwise I don't
00:31:19think Iran had offered any basis to India at any point of time against Pakistan it was never there number
00:31:26one number two जहां तक तालुक है देखे इस्राइल का इस्राइल का जैसे मेरे आपको
00:31:31का कारगीर के लड़ाई में इसराइल ने हमको हमारी मदद की थी बाकी किसी ने मदद नहीं की थी तो
00:31:36जब एक आदमी एक देश हमारे बुरे वक्त में जो की एर कमड़ों साहब ने भी का है कि जब
00:31:42बुरे वक्त में आप किसी के साथ साथ देते हैं और जब बाकी दुनिया क
00:31:47के साथ नहीं होती है तो वह असनी दोस्त होता है अच्छे वक्त में तो कोई भी हाथ में हाथ
00:31:52डालके चल देगा तो वह उस चीज को हमको बूलना नहीं चीज यह वही चीज रशे के साथ हुई थी
00:31:57जब 1199 की लडाई थी जब अमेरिका ने अपना जो सेवंध्स फ्लीट जो है
00:32:02बेंगॉल में बेजा था तो रस्टेज ने अपने जो फ्रीट में मूव करा दिया था जिसकी वजह से अमेरिका वही
00:32:08पर चुप बैठ लिया था तो यह चीजे जो जो त्राइड आउं गोस्त होते हैं उनके साथ आपको दोस्ती दिबा
00:32:15के रखनी पड़ती है अपनी इंट्रे
00:32:30जो यह भारत की हमेशा रहिए यह नहीं है कि अगर चाइना की दोस्ती पाकिस्तान से है तो हम चाहिना
00:32:38से नहीं दोस्ती करेंगे तो यह जो एडिपलोमैसी में चीजे चलती रहती है तो एक इट वज़े गुड धिस्टिक लेकिन
00:32:45जा तक तालुकात अगर पाकिस्तान और इ
00:32:59जोनों को सुन रहा है और जैसा की अशिसारो ही सथा इसटाएल ने इकलओता देश था जब भारत की मदद
00:33:07की औरрь युल criança
00:33:09युझीन हमारे लिए कितना इंपोर्ट्टि रहा है यह हम सब को पता है तो कारगंडे मिद घर कि अब ही
00:33:16भारत पसको
00:33:24कि दोनों को एक साथ लेकर चलना यही तो कुटनी तिक जीत है रिचा जी कि हम सभी के साथ
00:33:41बना
00:33:41कि आगए बढ़ना चाहते हैं किसी एक देश के विरुद नहीं हैं हम सभी के साथ हैं आप देखे हमारी
00:33:46जो philosophy है अब पहले थी नॉन-align लेकिन अब हो गया multi-align यानि कि हम एक देश के
00:33:53साथ नहीं हम सभी देशों के साथ हैं आज की देश
00:34:08लग एक्साइज चल रहा है कि आपको मालू है जपैन सेल्फ डिफेंस फोर्स के तीन F2 जहाज जो F16 किसे
00:34:14बेटर वर्जन है वो आज जोद्पुर में एक्साइज कर रहे है कि आपको मालू है कि हमारा नेवल चीफ जो
00:34:20है वो ऑस्ट्रेलिया गया था आज हो चला गया है न्य�
00:34:35चाइना है हम तो चाइना से भी अच्छे रिलेशन करना चाहते हैं जो हमें स्ट्रेजिक कॉंपिटीटर देखता है और एक
00:34:40चीज़ करने सामने बड़ी अच्छी कई थी कि जब भी कोई
00:34:43इमर्जिंग पावर होती है तो सारे देश के साथ उसकी फ्रिक्शन होती है सब लोग उसको पुट डाउं करना चाहते
00:34:49हैं यहां की अमेरिका हमा चाहता है कि हम काउंटर बैलेंसर बने चीन के लेकिन साथ साथ में इतने स्रॉंग
00:34:55ना बने कि कल हम चीन की जगा ले लें तो �
00:34:59यह सारे इशू जो है बड़े ध्यान से देखे आते हैं लेकिन इस समय जो हमारी कुटनी तिक जीत हुई
00:35:04है हमने एक फाइन बैलंसिक एक करते हुए एक साजह जोएंट डिक्लिरेशन लेके आए हैं आप मुझे एक चीज बताएए
00:35:11एरान और यूए की बाइटरल समिक ही नह
00:35:16जो आँख से आँख मिला के देखनों को तयार नहीं है समय यूए और बहरें ये दो देश हैं जो
00:35:22एबरहम एकॉर्ड में है और यूएस के साथ बहुत क्लोज है खासकर यूए तो बहुत ही क्लोज है यूएस की
00:35:27बिलियंस और डॉलर की इंवेस्मेंट दुबाई और अबु
00:35:45है तो कहीं ना कहीं आज दोनों एक टेबल पर बैठके अपने डिफरेंसेस को सॉल करने की कोशित कर रहे
00:35:51थे वह प्लैट्वां किस ने दिया वह प्लैट्वारत ने दिया हम पूछते हैं कई बार हम पूछते हैं क्या वाटकम
00:35:57हुआ इसका ब्रिक्स का क्या उटकॉम हुआ �
00:35:58इतना सारे लोग आयता है, आज भारत की प्रतिभा में जो एक उपर, एक रॉकेट की तरह उपर जाने का,
00:36:06बहुनों समिट पे आने का एक मौका मिला था, भारत उस पे पूरा उबरा है, भारत पूरा खरा निकला है
00:36:13उसके अंदर, लोग अब यह देख रहे हैं कि ना केवल हम �
00:36:16इनकली भी ध्यान दे सकते हैं, ना केवल इरान का भी ध्यान दे सकते हैं, रूस का भी दे सकते
00:36:21हैं, पर साथ साथ में हम यूएस के साथ भी बेटर रिलेशन बना सकते हैं, और जो आज ट्रम सोचते
00:36:27हैं कि एंटी यूएस हैं, एंटी वेस्ट हैं, ब्रिक्स, लेकिन उसको स
00:36:37बात करते हैं एक बार भी बात करी है डी डॉलराइजेशन की नहीं करी है हम कह रहे हैं लोकल
00:36:45करेंसी में ट्रेड करो जो रश्या और इरान दोनों सपोर्ट करें हम कह रहे हैं CBDC यानि की
00:36:51Central Bank Digital Currency जो है उसको Interoperable बनाओ हमें मालूम है कि जो चाइना की Digital Currency है भारत
00:36:58का रुपी की Digital Currency है इस समय मौडल डिफरेंट है उनकी ब्रिजिंग नहीं है वो मैच नहीं कर पा
00:37:03रहे हैं लेकिन एक समय ज़रूर आएगा कि अगर Digital Currency को मैच किया जाता है इस बिच सॉरी बैल
00:37:10साब म
00:37:10मैं आपको यहीं रोकूंगी प्रिधार मंत्री मोधी ने कुछ संदेश दिया है कुछ स्पीश दिया है मैं चाहूंगी कि हमारे
00:37:15प्रोडुसर क्योंकि अभी इंपॉर्टेंट है बिक्स के पॉइंट आप सब भी देखे आता कि उस पर हम आगे discussion कर
00:37:20पाएं पूरी मानोता के क
00:37:22काम आए आप सब का बहुत बहुत धन्यवाद अब मैं मेडिया के अपने साथियों से निवेदन करूंगा कि कुपया वे
00:37:33यहां से प्रस्चान करें ताकि आगे की ग्रतिविदी हम जारी रख सकें
00:37:52आप सभी का हार्दित स्वागत है
00:38:02आज यह सभागार अलग-अलग महाद्विपों, संस्कूरुतियां और विकास यात्राओं को एक साथ जोड रहा है
00:38:18यह ब्रिक्स की बढ़ती ताकत, आकर्शन और अभुद पुर्व विश्वास का प्रमाण है
00:38:30Friends, भारत की अध्रिक्स्ता में हमने सभी प्रयास
00:38:38Resilience, Innovation, Cooperation, Sustainability इन चार स्कंभों पर केंद्रित किये हैं
00:38:50मुझे खिसी है कि आप सबके सहयोग और समर्तन से
00:38:55हम अपने साजा विजन को वीन-वीन सहयोग में बदल सके
00:39:03आज विश्व में तनावों की संध्या लगातार बढ़ रही है
00:39:13और सामान्य मानवी के जीवन पर उसका बहुती नेगेटिव प्रभाव भी हो रहा है
00:39:21और व्यापक प्रभाव हो रहा है
00:39:26महामारिया, क्लाइमेट डिजास्टर्स
00:39:29और सप्लाइचेंड डिस्रप्शन ने दिखाया है
00:39:33कि आज के इंटर कनेक्टर वर्ल में
00:39:37कोई भी संकट एक छेतर तक सिमित नहीं रहता
00:39:44इसलिए हमने ब्रिक्समूस में रिजिलियंस बढ़ाने पर विश्यस बल दिया है
00:39:53चुनोतियों को समयरते पहचानना उनके लिए तयार रहना और तुरंत कारवाई करना भी उतना ही आवश्यक है
00:40:05इसी सोच के साथ
00:40:10इंफेक्टियस डिसीज के प्रिवेंशन और रिस्पोंस के लिए
00:40:17बिल्कुल प्रिधार मंत्री के भाशन को आगे सुनेंगे हमारे गेस्ट भी वेट कर रहे हैं और हमारी ओडियन्स भी वेट
00:40:22कर रही है
00:40:23फिलहाल मुती जी की बाते भी शुरुआ थी लेकिन हमने जहां पर इस डिबेट को छोड़ा था
00:40:29डी डॉलराइजेशन पर हम बात कर रहे थे और डी डॉलराइजेशन पर भेल साब आप ही बता रहे थे
00:40:36तो आप पहले उसको कंटेनियो कीजिए फिर मैं डी डॉलराइजेशन पर आप सबसे सवाल लूगी
00:40:41मैं यह कहना चाहता हूं कि भारत ने डी डॉलराइजेशन के ऊपर स्ट्रेस नहीं किया
00:40:46नहीं चाहता है हम आज भी डॉलर 57% फॉरस्ट जो है रिजर्व डॉलर टर्म्स में भारत के हैं
00:40:55740 बिलियन डॉलर फॉरेक्स रिजर्व डॉलर में हैं 240 बिलियन डॉलर से हमने कम करके
00:41:03यूएस ट्रेजरी बॉन्स को आज 186 बिलियन डॉलर पे लेके आएं हम गोल्ड खरीद रहे हैं उसकी जगा पर हम
00:41:08चाह रहे हैं कि लेस डिपेंडेंस हो ताकि डॉलर एक वेपन की तरह इस्तेमाल ना किया जा सके लेकिन इसका
00:41:15ये मतले नहीं है कि हम एंटी डॉलर हैं और �
00:41:17जॉए अगर और हम नहीं हम चाहते हैं कि कल अगडर हमे कॉमन करेंसी बनाते तो उसका उनका डॉएण का
00:41:24डॉमां को मारते हैं यूए Przyॉण
00:41:39या चीन का जो एकरणसी हो बात नहीं करते हैं बात नहीं करते हैं मतलब मौडल डिफरेंट है दे डोंट
00:41:44टॉक अमंग्स इचाथ है उसी तरह एक है जो यूई का
00:41:48M-bridge वो बड़ अच्छा मॉडल है वो bridge करता है लेकिन अभी अगर हम बात करेंगे आगे CBDC को
00:41:54लेके जाएंगे हो सकता है कि M-bridge का भी इस्तेमाल करते हुए लेकिन problem तब भी आएगी problem आएगी
00:42:00उसको control कौन करेगा architecture का किसके पास final चावी होगी और data privacy आप कैसे करेंगे किसके laws apply
00:42:08
00:42:08करेंगे उस पर तो यह सारे issues हैं लेकिन आने वाले समय में आगे 4-5 साल में मुझे लगता
00:42:14है कि कहीं ना कहीं हम digital currency पे जरूर सेहमत हो जाएंगे बिल्कुल
00:42:20सिरोई साब de-dollarization जो हमें अभी सर ने समझाया बहल सर ने लेकिन de-dollarization बहल सर का कहना
00:42:28है कि de-dollarization करना है लेकिन anti-dollar नहीं है अब कोई भी चीज अचानक तो खत्म नहीं की
00:42:33जा सकती है
00:42:34de-dollarization याणि कि हम local currencies में trade करेंगे उसमें व्यपार करेंगे digital currency अभी एक कोई final तो
00:42:40नहीं हुई है लेकिन क्या ये de-dollarization local currencies में business in future dollar को competition दे सकता है
00:42:47और क्या ये dollar के लिए उसके downfall का वक्त है जो शुरू हो चुका है
00:42:53देखिए रिजा जी सबसे पहले तो मैं आपको ये बताओ कि डॉलर ट्रॉम्स साब को सबसे बड़ा खत्रा यही है
00:42:58कि ब्रिक्स जो country है ये इसको अपनी कोई alternate currency ढूडेंगे और dollar का जो है उसमें वस्तित्तु जो
00:43:06है खत्म हो जाएगा लेकिन ऐसी बात नहीं है जैसे एर कम
00:43:20currency को यूज करेंगे और dollar की बात यूवान की बात होगी तो फिर यूवान के लिए भी problem है
00:43:25और भारत ही एक ऐसा देश है जो की de-dollarization का favor नहीं करता है बाकी countries कई countries
00:43:33है बलकि China रशिया तो इसके पूरे favor में के de-dollarization करें क्योंकि वो तो Americans को counter करना
00:43:39चाते है लेकि बारत नहीं चाता
00:43:42है जो एर कमर्णोस सामने बता है कि आप जो local currencies है उसको local currencies में deal on अभी
00:43:49क्या problem है अभी यूवान में payment करनी तो पहले मैं अपने रुपे जमा कराता हूं रुपे से dollar में
00:43:55convert होते है डॉनर फिर से फिर यूवान में convert होते है तो जो यह conversion होता है transaction fees
00:44:01वगएरा लगती है टाइम भी ल
00:44:12चाहिए और चाहिना हमार से कुछ खरीडता है तो उसको यूवान में payment करना चाहिए तो इस तरीके से जब
00:44:18तक यह mechanism नहीं बनेगा और एर कमर्णोस सामने बड़े विस्ताथ से बता है कि अभी क्या problem है यह
00:44:24भी करने में समय लगेगा लेकिन यह possible है और इस जो है हम किसी भी currency क
00:44:51करेंगे तो अपने आप जो है डॉलर की वैली जो है कम हो जाएगी बजाए उसको चैनेज करेंगे
00:45:10देगे जी बिल्कुल हाकीम रेजा साब अमेरिका इरान पर शैंक्शन्स लाता रहा है इतने सारे सैंक्शन्स लादे हैं इरान की
00:45:19रीड कहीं ना कहीं अमेरिका ने कमजोर की है अगर ब्रीक्स में एक currency की बात तो भी नहीं हो
00:45:24रही है लेकिन local currency में डील करने की बात और जिसे
00:45:40एक नई currency लाई जाए या फिर local currency को भी बढ़ावा दिया जाए जो की new Delhi declaration में
00:45:45भी एक point है
00:45:48जी देखिए जंग से पहले आयतला खामेनाई इसी पे ज्यादा जोर देते थे कि पूरा मेडलिस्ट में जो पूरे का
00:45:56पूरा maximum depend होता है पेट्रो डालर यहने पेट्रोल के उपर इतना है खाडी के देशों पे ज्यादा उनका पूरा
00:46:02विजनास उसी पे ठीकता था आज दे�
00:46:09कि उसके जो सही होगी है यूए ही हो साओधे अरब यह हो जो बड़े वो भी रशिया के साथ
00:46:17और चैना के साथ और खुट लोकल करन्सीश में चले गए हैं अब भी समझो आप इंडिया और रशिया भी
00:46:22लोकल करन्सीश में कर रहे हैं इसी तरह अभी यह लग रहा है कि पूर
00:46:38हैं कि वाटी वन ट्रिलियन डालर का खर्जा है अमरीका का तो इससे अभी जाके हर साल कितना बढ़ता जाएगा
00:46:45और जंग में इतना बरबादी शुरू हो गई है कि अभी एक ऐसा बड़ी तरह फटेगा अमरीका ने कामी हाँ
00:46:51पूरी दुनिया इसमें हिलेगी यह बड़ा क
00:47:08स्थिती बन रही है जो का जह क्या बोलते हैं आ कि
00:47:38तो डी डालर ये ये इसी को बोलते हैं कि फूरी तरह खतम हो रहा है तो इसी तरह अभी
00:47:43देख लिजे खाड़ी में जितने भी हैं अभी फ्यूचर में आप देखेंगे का आने वाले दिनों में आने वाले मैनों
00:47:48में पूरे का पूरा है ना जितने भी बिड्लिश में बेसस हैं
00:48:05वो भी यमनियों ने ले लिया तो अभी अभी इंडर्क।apon के हाथों में ही ऐा लुद यहीं लग रहा है
00:48:14वटर में बन रहाय यह थे में एकनामीक भी हुआ जाएगा एक डीडॉल Гोडार इस सब सारे शीजा this
00:48:28से इंट्रकनेक्टेड हैं जब ज्यादा आदमी के जब देख लिए इससे पहले ब्रिटीश क्या था पूरी दुनिया में कितने बेसस्ते
00:48:34हैं आज क्या है अज अमरीका की बात करें अब जैसे ही कैनडा के पर ट्रेट संग लगा तो कैनडा
00:48:53ने वापास उल्ठा चौप दे रह
00:48:56है यह दौन फौल स्टाट हो गया है ठोड़ा टाइम लगे गाए अमरीका के जो डॉलर का दो दौन फौल
00:49:01मुले अमरीका तो यह मुल्टी पॉलर के तरफ चला गया यह होगा मिल्टी पोलर होके रहेगा असी में डॉलर वहरा
00:49:08सब आ जाएका बिल्कुल युल बहुत अच्�
00:49:27पाकिस्तान ये ऐसे मुद्र हैं कि इस पर हम 24 गंटे भी बैठ कर बाते कर सकते हैं और खास
00:49:31करके आप सब जैसे
00:49:32experts बैठे हो तो इस पर never ending चर्चा हो सकती है बात करते हैं ब्रीक्स की सिरोई साब सबसे
00:49:39पहले आप से समझना चाहेंगे अगर
00:49:41ले मैं के लैंगुज में समझाये हमारी हां जी सर मताइए तीन मिनिट में निकलना होगा इफ यू परमिट में
00:49:48आविल लीव नौ आप लास्ट मिनिट में हमें बता दीजिये नियो जो यह जो नियू डेली डेक्लेरेशन है आपको लगता
00:49:56है कि पिछले जो ब्रीक्समिट होए
00:49:58है इस बार का ब्रीक्समिट अगर मैं काऊं कभी भी हो रहा हो ऐसे सिटुएशन में जाचार युद जो है
00:50:16वर्ल्ड वार टू के बाद सबसे ज्यादा कॉन्फिलिक्स हैं तो वह है इस समय और जितने फॉर्ट लाइन
00:50:22है ब्रिक मेंबर में एक्सपैंडड ब्रिक मेंबर में एरान युएई साओधी अरेबिया इन सब में मदबेद हैं और कहीं ना
00:50:30कहीं रश्या अपने में इन वाल्डा यूक्रेन वार में चीन की जो डिपेंडेंसी लोगों की चीन पर बढ़ रही है
00:50:37उसकी डॉमिनस बढ़ �
00:50:38है तो कहीं ना कहीं इन सब को एक समान्य जगा पे लेके आना एक जॉइंट डेक्लिरेशन लेके आना और
00:50:45साथ ही में हमने जो टरॉरिजम के ऊपर उन सब को अग्री करवाना कंडेम करने के लिए तो कहीं ना
00:50:51कहीं बहुत भारी अचीवमेंट्स हैं सब जगा से सकरात्मक स्�
00:50:57कि साथ ही में यह कह रहे हैं कि हमारे Global institutions reform होने चाहिए क्योंकि यह World War Two
00:51:02के टांके हैं इन्हें बनाना चाहिए अब और भारत और ब्रजील को इस में लाना चाहिए चाहिए वो
00:51:13में एक लास्ट सेंटेंस यह बोलना चाहता हूं मैं कि मैं डी डॉलराजेशन पर कभी अग्री नहीं करूंगा मैं लेस
00:51:20डिपेंडेंस ऑन डॉलर की दरब दरब बहुत-बहुत धन्यवाद एयर कमांडर एस बैल साब आपका और फिर आपसे दुबारा मुलाकात
00:51:31होगी आज के
00:51:31सेशन के लिए इतना टाइम देने के लिए बहुत-बहुत थाइंक्यू सिरोई साब मुझे लगता है कि आप कॉल पर
00:51:39हां सरा फ्री हो गए बस यह लास्ट जो टॉपिक था आपने इस पर ब्रीक्स की सक्सेस को आप किस
00:51:45तौर पर देखती कि मिडिल इस्ट में इतना ज्याद
00:52:01जी जी सरोई सर आप से हैं दिखिए मैं जैसे की एर कपोरणो सामने कहा है कि यह जो है
00:52:09भारत का इज अठारवा ब्रिक्स हुआ है बहुत जाने कामियाब हुआ है क्योंकि कामियाबी जैसे मैं बता रहा हूँ पहले
00:52:16भी बातचीत हो चुके इसके उपर किन चीजों पर निर्
00:52:34बागी जो इरान के जो प्रेजिडेंट है यह लोग आए तो इससे साफ जाहिर होता है कि जो है यह
00:52:39सक्सेस्फुल रहा है नंबर दूसरा जो डिक्लेरेशन हुई है वह बिना विना पूरी सपोर्ट के साथ सब कंट्रीज की पूरी
00:52:48उसमें सपोर्ट थी वह दूसरा इंडिके�
00:52:52जो पार्टर कंट्रीज भी आई है उनके साथ आपस में बाइलेटर रिलेशन के उपर बातचीत हो रही है और समसे
00:53:00बड़ी चीज यह है कि यूए ई और इरान जो अब तक एक दूसरे के उपर मिजाइन बरसा रहे थे
00:53:08वो एक जगे बैठके जो है बातचीत कर रहे है नड़
00:53:21आइसा मेकनिसम बनाया जाए जो कि फीड़नेक के उपर जो है फीड़ने ले और यह देख कर आए कि क्या
00:53:28क्या क्या क्या हो गई है क्या क्या क्या क्या बाकि है क्या साल ज 하니까 इना करई no
00:53:47तो as far as I am concerned I think it is the most successful Brick Submit
00:53:51जो अब तक 17 Brick Submit हुए और 18 उनमें सबसे काम्याब जो है Brick Submit है
00:53:57और इसके लिए मैं गोधी सरकार गोधी के जो खाक कर्पर जो गोधी सरकार जी के जो
00:54:03डिप्लोमेट्स है उनको बदाई देता हूँ और पूरे देश को बदाई देता हूँ
00:54:07कि ये हमारे लिए आज का दिन और कल का दिन एक गर्व का दिन थे
00:54:12बहुत बहुत बहुत धन्यवाद सिरोई साब आपके expertise और आपकी जो insights थे
00:54:17I am sure हमारे audience को बहुत help किया होगा इस Brick को समझने के लिए
00:54:21different international bodies के relationship को समझने के लिए
00:54:25ये लास्त सवाल रजा जी अगर मौजूद है तो मैं उनसे भी पूछ लूँगी कि
00:54:29how do you see this Brick Summit as a most successful one जैसा कि रोई साथ ने बताया और
00:54:34any opinion on this
00:54:37जी ये जो situation इस वक्त जो हालात दिख रहे हैं बदलती हुई
00:54:43दुनिया को तो इसमें बहुत successful है चुँए जितने भी Bricks
00:54:47nations रश्या हो चैना हो इरान हो इंडिया ये सब चाह रहे थे कि जैसे अभी अब बात वी यूएन
00:54:54में
00:54:54security council की आई एम एफ की ये सब चीज़ें पहले से इरान और रश्या सब यही चाह रहे थे
00:55:00ये इस वाक्त ये पर होना जब situation के ये वार जब हो रही है अमरीका ना इसमें जो आगर्शन
00:55:06नाम ने लिए अमरीका का मतलब यही है
00:55:08aggression के खिलाफ हो terrorism के खिलाफ हो ये जो मुद्धे थे ये successful रहे यानि कि यहों समझो अब
00:55:15तक की सबसे successful
00:55:16bricks meeting क्योंकि situation के साफ है इससे अच्छी मैंने समझता कि कोई आज तक इतने सालों में इससे बेटर
00:55:24कोई नहीं हुए जितना अभी ये जो successful हुए है
00:55:27क्योंकि ये situation के साफ से जी बिलकुल बिलकुल रजा जी बहुत बहुत धन्यवाद आपका इतने short notice में आप
00:55:33जुड़े और हमने बहुत सारी insights सुनी एक बार मैं फिर अपने
00:55:37सारे guests को thank you बोलूँगी thank you so much Colonel Sanjit Sirohi sir
00:55:42रजा जी हाकीम रजा जी आपको भी बहुत बहुत धन्यवाद और हमारे commander sir जा चुके हैं तो live हमारा
00:55:51खत नहीं हो रहा है हम अपने producer को कहेंगे कि PM Modi का जो speech उससे पहले आप एक
00:55:57बार photo session जो हुआ है
00:55:58जो कि सबसे important part है इस break summit का वो दिखाईए फिर हमारे audience को PM Modi का speech
00:56:04में सुनाईएगा
00:56:13और ये बताता है दर्शाता है दिखलाता है कि भारत वैश्मिक शक्ति के उस केंद्र के रूप में इस बात
00:56:20खड़ा है
00:56:21लेकिन जैसे हम बोल रहे हैं कि सबको स्टाथ लेकर चलने की उस भावारत को चरितार्थ करता हुआ भी ये
00:56:28भायत मनदपम नदर आला
00:56:29climate disasters और supply chain disruption ने दिखाए मर्तन से हम अपने साजा वीजन को वीन वीन सहयोग में बदल
00:56:42सके
00:56:42आज वीश्व में तनावों की संध्या लगातार बढ़ रही हैं और सामा बढ़ रही हैं और
00:57:00सामान ये मानवी के जीवन पर उसका बहुती नेगेटिव प्रभाव भी हो रहा है और व्यापक प्रभाव हो रहा है
00:57:10महामारिया, climate disasters और supply chain disruption ने दिखाया है
00:57:19कि आज के interconnected world में कोई भी संकट एक छेत्र तक सिमित नहीं रहता
00:57:30इसलिए हमने ब्रिक समूस में resilience बढ़ाने पर विशेश बल दिया है
00:57:38चुनोतियों को समयरते पहचानना, उनके लिए तयार रहना और तुरंत कारवाई करना भी उतना ही आवश्चक है
00:57:49इसी सोच के साथ infectious disease ही है
00:57:56disaster management के लिए
00:58:00early warning data integration guidelines तयार की गई है
00:58:10BRICS Logistics Supply Chain Cooperation Framework
00:58:14हमारी supply chains को अधिक reliable, resilient बनाने में सहायक होगा
00:58:23Friends, innovation के अंतरगत
00:58:28BRICS Incubator Network
00:58:31हमारे start-up और incubators को आपस में जोड़ेगा
00:58:39innovative और scalable solutions को बढ़ावा देने के लिए
00:58:44हमने BRICS Start-up Innovation Fund का प्रस्ताव रखा है
00:58:51BRICS Network on Digital Agriculture
00:58:55किसानों के लिए नई संभावनाय तयार करेगा
00:58:59इसके बाद्धम से AI, Geo Special Technology
00:59:06और digital public infrastructure को किसानों की वास्त्रिक आवश्यक्ताओं के साथ जोड़ा जाएगा
00:59:16Technology और critical minerals का वेपनाईजेशन
00:59:21हमारी साजा प्रगति में बाधा बन सकता है
00:59:26इसलिए हमने Technology के Adoption में
00:59:32Inclusivity पर बल दिया है
00:59:35Friends, भारत ने BRICS के मन से मित्रता, सहभागिता और सहयोग को आगे बढ़ाया है
00:59:46हमारा प्रयास रहा है कि BRICS कोपरेशन केवल सरकारों तक सिमित न रहे
00:59:56हमारे entrepreneurs, farmers, researchers, women, youth और सामान्य नागरिक भी इसके सक्रिय भागिदार बने
01:00:12हमने BRICS कनेक के माध्यम से Skills, Employability, Women in Workforce, Social Security
01:00:23और Capacity Building को बढ़ावा दिया है
01:00:30छोटे उद्यमों को Knowledge, Finance और नए मार्केट से जोडने के लिए
01:00:38BRICS MSME Cooperation Portal का initiative लिया गया है
01:00:45हमारे शहरों के बीच Best Practices साजा करने के लिए
01:00:50BRICS Urban Mobility Hub की स्थापना की गई है
01:00:57Friends, भारतिय सभ्यता में प्रकृती को मां का दर्जा दिया गया है
01:01:05सदियों से हमारी मानेता रही है कि विकांस और पर्यावरण एक दूसरे के विकल्प नहीं पूरक है
01:01:15BRICS में भी हमने मानों विकांस और पर्यावरण के बीच संतुलन पर बल दिया है
01:01:23यही सस्टेनिबिलिटी का आधार है
01:01:26यह भावी पीडियों के प्रति हमारा दाइत्व भी है
01:01:30इस दिशा में हमने कई पहलू पर प्रगति की है
01:01:36स्मार्ट ग्रिट्स और एनर्जी स्टोरेग के लिए हमने
01:01:41BRICS Digital Center of Excellence बनाया है
01:01:45यह हमारे क्लीन एनर्जी सिस्टेम्स को अधिक रिलायबल, एफिशेंट और एक्सेसिबल बनाने में मदद करे रहा है
01:01:57एग्रो एकलोजी और रीजनरेटिव अग्रिकल्चर के सेंटर्स अफ एक्सेलेंस
01:02:05पारवपरिज्यान को मोडरन साइंस से जोड़ेंगे
01:02:11Community Based Climate Adaptation के लिए तैयार किये गए सिद्धान
01:02:19इंडी जीनियस नौलेज को क्लाइमेट एक्शन का महत्वपून आधार बनाएंगे
01:02:25Friends, इन चारों स्तंभों पर आगे बढ़ते हुए
01:02:30ब्रिक्स के माध्यम से हमने
01:02:33Inclusive Global Growth को बढ़ावा देने का प्रयास किया है
01:02:40क्योंकि हमारा मानना है
01:02:42कि ब्रिक्स में विक्सित स्वलूशन का लाब
01:02:46केवल ब्रिक्स तक सिमित नहीं रहना चाहिए
01:02:50इनने Global South की अवस्तक्तों के अनुरूप
01:02:55Adaptable और Accessible बनाना चाहिए
01:03:02प्रिक्सराइब कि अन लाइब शेल्चर ओूजर्चित सेयलोब
01:03:08और 92 है
01:03:11प्रिक्स की अनुर्च यट्यव्ड़ा प्रेप्स ऄंङ्न अघ्यवड़ा
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