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UPI Charge Rules 2026: ₹2,000 से ऊपर UPI ट्रांसफर पर लगेगा MDR, कांग्रेस ने क्यों कहा 'Money Heist'? जानिए एनपीसीआई (NPCI) के नए नियमों, मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) और कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत के आरोपों का पूरा सच।
भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम यानी UPI को लेकर एक नया नियम सुर्खियों में है। केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांजैक्शन पूरी तरह से मुफ्त रहेंगे। हालांकि, NPCI द्वारा घोषित नए MDR ढांचे के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ऊपर के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू किया जाएगा।
इस फैसले को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि भले ही ₹2,000 से ऊपर के लेनदेन संख्या में सिर्फ 4 फीसदी हैं, लेकिन कुल वैल्यू के हिसाब से इनकी हिस्सेदारी लगभग दो-तिहाई (66%) है। उन्होंने तंज कसते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर डिजिटल वसूली का आरोप लगाया है।
दूसरी ओर, सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR कोई टैक्स नहीं है और न ही यह सरकार या NPCI के खाते में जाता है। यह शुल्क बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच तकनीकी ढांचे, साइबर सुरक्षा और सिस्टम की मजबूती बनाए रखने के लिए बांटा जाता है। सरकार का यह भी कहना है कि 96% मर्चेंट ट्रांजैक्शन इस नियम से प्रभावित नहीं होंगे और उपभोक्ताओं से सीधे चार्ज लेने की अनुमति नहीं होगी। देखिए ऋचा पराशर की यह खास रिपोर्ट।

About the Story:
NPCI has introduced a new Merchant Discount Rate (MDR) structure effective October 15, 2026, imposing a 0.4% charge on select Person-to-Merchant (P2M) UPI transactions above ₹2,000. While P2P payments and transactions below ₹2,000 remain completely free, Congress leader Supriya Shrinate criticized the government citing transaction value data, triggering a fresh debate on digital payments in India.

#UPINewRules #MDRCharge #SupriyaShrinate #UPIPayment

~HT.410~ED.276~PR.514~GR.538~VG.HM~

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