00:02वैदिक पंचांग के अनुसार 14 सितंबर को पूरे देश में गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है।
00:30आपको बता दें कि अगर आज आपने अपने घर में गणपती बप्पा को उस्थापत किया है तो डेड़, तीन, पाँच,
00:37साथ या फिर अनन्त चतुर्थी के दिन आपको गणपती बप्पा का विसर्जन भी करना होगा।
00:43जो लोग डेड़ दिन में विसर्जन करने की सोच रहे हैं। आई आपको बताते हैं कि 15 सतंबर को विसर्जन
00:50कब किया जाएगा।
00:51साथ ही विसर्जन करने का सही तरीका क्या रहेा?
00:56हमेशा ध्यान रखें कि विसर्जन के जल से भरा टब, उत्तर या इशान कोण में रखें, यह देवी देवताँ की
01:03दिशा मानी जाती है।
01:04विसर्जन करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए पश्चिम या दक्षन की ओर मुख करके
01:10विसर्जन ना करें
01:11प्रतिमा को टब में डुबोते समय उनका मुख आपकी तरफ हो या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए
01:17पीट की तरफ से उनका विसर्जन करें
01:19इसके अलावा विसर्जन की सामग्रियों में
01:23साफ बड़ा टब या बाल्टी हो
01:25गंगाजल, फूल और दूरवा हो
01:27मोदक, फल और भोग हो
01:28कपूर, धूप और आरती की थाली भी होनी चाहिए
01:31विसर्जन के दिन
01:32अगर आप पंद्रतारिक को विसर्जन कर रहे हैं
01:36तो शुब समय की बात करें तो
01:38दोपहर बारह बचकर
01:4026 मिनट से एक बचकर
01:4158 मिनट तक का समय शुब रहेगा
01:44इसके अलावा दोपहर
01:453 बचकर 31 मिनट से शाम 5 बचकर
01:483 मिनट तक, राग को
01:498 बचकर 3 मिनट से
01:519 बचकर 31 मिनट तक का
01:53समय भी शुब रहने वाला है
01:55अब विसर्जन के दिन शुब मुहरत में
01:57बपह की विदिवत पूजा करें
01:59उन्हें दूरवा, फूल, रोली, अक्षत
02:01और मोदक अर्पत करें
02:02फिर कपूर जलाकर परवार सहित
02:05अंति मारती करें
02:06बपह से पूजा के दौरान हुई
02:08किसी भी भूल चूक के लिए माफी मांगे
02:10और अगले वर्ष शीगर आने की प्रार्तना करें
02:13आर्थी के बाद
02:14मूर्ती को उसके स्थान से थोड़ा खिसका दे
02:16एक नया या पूरी तरह साफ टब या बाल्ती ले ले
02:19उसमें स्वच जल भरें और थोड़ा सा गंगा जल और ताजे फूल मिला दे
02:24गणपती बपा मोरिया का जैगोश करते वे बपा की प्रतिमा को आदर पूर्वक उठा कर जल से भरे टब में
02:32धीरे धीरे पूरी करह से डुबो दे
02:34जब मोर्ती जल से पूरी तरह घुल जाए जिसमें आमतार पर एक से दो घंटा या अगले दिन का समय
02:40लगता है
02:40तो उस मिट्टी और जल को घर के गमलो या बगीचों में पौधों की जड़ों में डाल दे
02:45विसरजन का जल और मिट्टी गलती से भी तुलसी के पौधी में न डाले
02:49इस बात का भी ध्यान रखें कि आपको अपने घर से बाहर निकल कर विसरजन करना है
02:55विसरजन करने के बाद आप बचे हुए जल को बैलकनी में भी रख सकते हैं
03:00अब एक और सवाल अगर आप मूर्ती विसरजन करना ही नहीं चाते तो भी आपको विसरजन की कुछ जरूरी विधियों
03:06का पालन करना होगा
03:07जैसे कि आपको कलश विसरजन करना होगा
03:10डेड़ दिनों बाद गणेश जी की आरती करें
03:13मंत्रो चार के बाद जब आप प्रतिमा को विसरजन के लिए उठाते हैं तभी कलश को भी स्थान से हिलाएं
03:18कलश के उपर रखे नारियल को उठाकर परिवार के सदसों में प्रसाथ स्वरूब बाढ़ दे
03:23या फर प्रतिमा के साथ जल में प्रवाहित कर दे
03:26आम के पत्तों पर जल छिड़कर उन्हें पौधे में डाल दे
03:29कलश में भरे पवित्र जल को अक्षग जल कहते हैं इसे आम के पत्ते से पूरे घर में छड़के
03:35बाकी बचा हुआ जल पौधों में डाल दे
03:37कलश के अंदर डाली गई सुपारी, सिक्का और अक्षक को अपनी तिजोरी अधन के स्थान पर रखें जिससे घर में
03:43बरकत बनी रहे
03:44बाकी बची हुई सामगरी में भोग आदी परिवार में बाटें और आसपास भी जरूर बाटें
03:50इसी पवित्र नदी में पूजा की सामगरी जैसे फूल, धूप, दीप, आदी प्रवाहित कर दें या फिर अपने गंबलों में
03:56डाल दें
03:57इसके बाद प्रतिमा को पूजा मंदर में ससम्मान स्थापित कर दें
04:03फिलहाल उस विडियो में इतना ही विडियो को लाइक और शेयर करें साती चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें
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