00:05एक FIR ने दिशा साधियान केस को फिर से सुर्खियों में ला दिया है इस FIR में आदित ठाकरे और
00:12उनके पिता उद्धो ठाकरे समेथ कई बड़े नामों की भूमिका की जाज की मांग की गई है
00:18हत्या गैंगरेप, साजिश, सबूत मिटाने और जूती जानकारी देने जैसे गंभीर आरोपों का जिक्र है लेकिन इस पूरी कहानी में
00:27सबसे जरूरी सवाल यही है कि क्या FIR में नाम आने का मतलब गिरफतारी भी है जवाब है नहीं
00:34अब इस मामले की असली कहानी जाज और सबूतों पर तिकी हुई है दिशा सालियान की मौत का मामला एक
00:42बार फिर चर्चा में है डिवंगत अबनेता सुशाम सिंग राजपूत की मेनेजर रह चुकी हैं दिशा सालियान की मौत के
00:49मामले में
00:49CBI की ओर से दर्ज FIR में महराष्ट के पूर मुख्यमंतरी उद्धो ठाकरे उनके बेटे और पूर मंतरी आदित ठाकरे
00:58समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं
01:01FIR में हत्या गैंगरेप अपराधिक साजिश सबूत मिटाने और जूती जानकारी देने जैसे गंभीर आरोपों की जाच की मांग की
01:10गई है
01:10हाला कि यहां एक बात साफ समझना जरूरी है किसी FIR में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज होने का मतलब
01:18ये नहीं है कि वो व्यक्ति अपराध का आरोपी साबित हो गया है
01:22FIR में आदित ठाकरे के अलावा उद्दो ठाकरे का नाम भी है इसके साथ रोहन रोय, डिनो मारिया, सूरज पंचोली,
01:29आदित ठाकरे के बॉडिगाड, रिया चक्रवर्ती और शोविक चक्रवर्ती समेत कई लोगों की भूनका की जाच की मांग की गई
01:37है
01:37इस मामले में पुलिस और सरकारी अधिकारियों के नाम भी शामिल है, सचिनवाजे, परंबीर सिंग, डी सीपी विशाल ठाकुर और
01:45ततकालिन मंत्री अनिल देश्मुक समेत कई अधिकारियों की भूनका की जाच की मांग की गई है
01:51मालवाडी पुलिस स्टेशन से जुड़े कुछ अधिकारियों, पोस्टमाटम करने वाले डॉक्टरों और श्टाफ तथा फॉरंसिक विभाग से जुड़े लोगों की
01:59भूमिका की भी जाच की बात FIR में कही गई है
02:02यानि जाच का दायरा सिर्फ आधित ठाकरे या किसी राजनीतिक परिवार तक सीमित नहीं है
02:07FIR में पुलिस, प्रशासन, फॉरंसिक और मामले से जुड़े दोसरे लोगों की भूमिका की भी जाच दायरे में रखने की
02:15मांग की गई है
02:16FIR में आरोप लगाया गया है कि दिशासालियान की मौत को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई
02:22ये भी आरोप लगाया गया है कि मामले से जुड़े सबोतों को दबाया या नश्ट किया गया और सरकारी मशीनरी
02:30का इस्तिमाल करके जाच को प्रभावित भी किया गया है
02:33लेकिन ये सभी बातें फिल हाल F.I.R. में लगाये गए आरोप हैं इन्हें अदालत से साबित हुआ तच
02:40नहीं माना जा सकता है
02:41अब CBI और जाच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा काम इन आरोपों की सच्चाई पता करना है
02:48और यहीं से सवाल आता है कि क्या आजित ठाकरे की गिरफतारी हो सकती है
02:52सिर्फ F.I.R. में नाम आने से गिरफतारी नहीं होती
02:56F.I.R. जाच की शुरुवात होती है इसके बाद जाच एजेंसी बयान दर्च करती है
03:01दस्तावेज और दूसरे सबूत जुटाती है और यह देखती है कि किस व्यक्त की इस पूरे मामले में क्या भूमिका
03:08थी
03:08अगर जाच में किसी व्यक्त के खिलाफ परियाप सबूत मिलते हैं और जाच एनसी को लगता है कि कानून के
03:15तहत गिरफतारी जरूरी है
03:16तब ही आगे ऐसी कारवाई हो सकती है इसलिए अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कि आधित ठाकरे या उद्धो ठाकरे
03:25की गिरफतारी होगी ये सही नहीं होगा अभी ये सब कहना
03:28अब असली नजर CBI की जाच पर होगी क्या FIR में लगाए गए आरोकों के समर्थन में कोई ठोस सबूत
03:35मिलता है क्या साजिश की पुष्टी होती है क्या सबूत मिटाने या जाच को प्रभावित करने की बात साबित होती
03:43है और सबसे एहम क्या किसी व्यक्त की भुमिका को सा
03:46साबित करने वाली सामगरी जाच एजनसी के हाथ लगती है दुशासालियान केस में आगे की कहानी इन्हीं सवालों के जवाब
03:55टै करेंगे अब ही FIR दर्ज हुई है जाच शुरू होनी है और उसके बाद ही साफ होगा किस मामले
04:01में आगे क्या होने वाला है
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