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Disha Salian Case में नया मोड़ सामने आया है। सीबीआई की FIR में Aaditya Thackeray, Uddhav Thackeray समेत कई लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई है। FIR में हत्या, गैंगरेप, आपराधिक साजिश, सबूत मिटाने और झूठी जानकारी देने जैसे गंभीर आरोपों का जिक्र है। लेकिन FIR में नाम आने का मतलब गिरफ्तारी या अपराध साबित होना नहीं है। अब जांच एजेंसी सबूतों, बयानों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी। क्या Aaditya Thackeray की मुश्किलें बढ़ सकती हैं? क्या इस केस में गिरफ्तारी होगी? Disha Salian Case की पूरी कहानी और बड़े सवाल जानिए इस वीडियो में।

Disha Salian Case has taken a fresh turn after a CBI FIR reportedly sought an investigation into the roles of Aaditya Thackeray, Uddhav Thackeray and several other individuals. The FIR mentions serious allegations including Murder, gang rape, criminal conspiracy, destruction of evidence and providing false information. However, being named in an FIR does not mean that a person has been declared guilty or that arrest is automatic. The investigation will determine whether there is sufficient evidence against any individual. Could Aaditya Thackeray face further legal action? What does the FIR mean for the case? Watch the full Disha Salian Case update and understand the key questions.

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Transcript
00:05एक FIR ने दिशा साधियान केस को फिर से सुर्खियों में ला दिया है इस FIR में आदित ठाकरे और
00:12उनके पिता उद्धो ठाकरे समेथ कई बड़े नामों की भूमिका की जाज की मांग की गई है
00:18हत्या गैंगरेप, साजिश, सबूत मिटाने और जूती जानकारी देने जैसे गंभीर आरोपों का जिक्र है लेकिन इस पूरी कहानी में
00:27सबसे जरूरी सवाल यही है कि क्या FIR में नाम आने का मतलब गिरफतारी भी है जवाब है नहीं
00:34अब इस मामले की असली कहानी जाज और सबूतों पर तिकी हुई है दिशा सालियान की मौत का मामला एक
00:42बार फिर चर्चा में है डिवंगत अबनेता सुशाम सिंग राजपूत की मेनेजर रह चुकी हैं दिशा सालियान की मौत के
00:49मामले में
00:49CBI की ओर से दर्ज FIR में महराष्ट के पूर मुख्यमंतरी उद्धो ठाकरे उनके बेटे और पूर मंतरी आदित ठाकरे
00:58समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं
01:01FIR में हत्या गैंगरेप अपराधिक साजिश सबूत मिटाने और जूती जानकारी देने जैसे गंभीर आरोपों की जाच की मांग की
01:10गई है
01:10हाला कि यहां एक बात साफ समझना जरूरी है किसी FIR में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज होने का मतलब
01:18ये नहीं है कि वो व्यक्ति अपराध का आरोपी साबित हो गया है
01:22FIR में आदित ठाकरे के अलावा उद्दो ठाकरे का नाम भी है इसके साथ रोहन रोय, डिनो मारिया, सूरज पंचोली,
01:29आदित ठाकरे के बॉडिगाड, रिया चक्रवर्ती और शोविक चक्रवर्ती समेत कई लोगों की भूनका की जाच की मांग की गई
01:37है
01:37इस मामले में पुलिस और सरकारी अधिकारियों के नाम भी शामिल है, सचिनवाजे, परंबीर सिंग, डी सीपी विशाल ठाकुर और
01:45ततकालिन मंत्री अनिल देश्मुक समेत कई अधिकारियों की भूनका की जाच की मांग की गई है
01:51मालवाडी पुलिस स्टेशन से जुड़े कुछ अधिकारियों, पोस्टमाटम करने वाले डॉक्टरों और श्टाफ तथा फॉरंसिक विभाग से जुड़े लोगों की
01:59भूमिका की भी जाच की बात FIR में कही गई है
02:02यानि जाच का दायरा सिर्फ आधित ठाकरे या किसी राजनीतिक परिवार तक सीमित नहीं है
02:07FIR में पुलिस, प्रशासन, फॉरंसिक और मामले से जुड़े दोसरे लोगों की भूमिका की भी जाच दायरे में रखने की
02:15मांग की गई है
02:16FIR में आरोप लगाया गया है कि दिशासालियान की मौत को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई
02:22ये भी आरोप लगाया गया है कि मामले से जुड़े सबोतों को दबाया या नश्ट किया गया और सरकारी मशीनरी
02:30का इस्तिमाल करके जाच को प्रभावित भी किया गया है
02:33लेकिन ये सभी बातें फिल हाल F.I.R. में लगाये गए आरोप हैं इन्हें अदालत से साबित हुआ तच
02:40नहीं माना जा सकता है
02:41अब CBI और जाच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा काम इन आरोपों की सच्चाई पता करना है
02:48और यहीं से सवाल आता है कि क्या आजित ठाकरे की गिरफतारी हो सकती है
02:52सिर्फ F.I.R. में नाम आने से गिरफतारी नहीं होती
02:56F.I.R. जाच की शुरुवात होती है इसके बाद जाच एजेंसी बयान दर्च करती है
03:01दस्तावेज और दूसरे सबूत जुटाती है और यह देखती है कि किस व्यक्त की इस पूरे मामले में क्या भूमिका
03:08थी
03:08अगर जाच में किसी व्यक्त के खिलाफ परियाप सबूत मिलते हैं और जाच एनसी को लगता है कि कानून के
03:15तहत गिरफतारी जरूरी है
03:16तब ही आगे ऐसी कारवाई हो सकती है इसलिए अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कि आधित ठाकरे या उद्धो ठाकरे
03:25की गिरफतारी होगी ये सही नहीं होगा अभी ये सब कहना
03:28अब असली नजर CBI की जाच पर होगी क्या FIR में लगाए गए आरोकों के समर्थन में कोई ठोस सबूत
03:35मिलता है क्या साजिश की पुष्टी होती है क्या सबूत मिटाने या जाच को प्रभावित करने की बात साबित होती
03:43है और सबसे एहम क्या किसी व्यक्त की भुमिका को सा
03:46साबित करने वाली सामगरी जाच एजनसी के हाथ लगती है दुशासालियान केस में आगे की कहानी इन्हीं सवालों के जवाब
03:55टै करेंगे अब ही FIR दर्ज हुई है जाच शुरू होनी है और उसके बाद ही साफ होगा किस मामले
04:01में आगे क्या होने वाला है
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