00:08जो गलवान में घटना हुई थी, उसके बाद चीन सेना को लेकर काफी रोश है भारतिय सेना में, तो अभी
00:14ये चर्चा किस तरफ चल रही है और सकारत मक्तर से की से ज़िए हम भी जनता में गुंगते हैं,
00:19जनता को पूरा भरोसा है और कुछ जीजे एसी सम्वेदन सिल होती ह
00:23जिसको प्रगट स्वरुप से बताने में ना देश का ही थै ना सेना का ही
00:28ब्रिक्स समिट खत्म होते ही कि अभारत चीन सीमा पर तनाव के लंबे दोर के बाद, अब चीन का रवाया
00:35भारत के प्रति बदल रहा है
00:37नई दिल्ले में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राश्पती श्री जिन पिंग के मुलाकात हुई
00:41दोनों नेताओं ने साफ कहा कि मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए और रिष्टों को आपसी सम्मान सम्वेदन शीलता
00:49और हित के आधार पर आगे बढ़ाना चाहिए
00:52प्रधान मंत्री मोदी ने ये भी दोहराया कि सीमा पर शान्ती और स्थीरता ही द्विपक्षिय रिष्टों के विकास की बुनियादी
00:59शर्त है
01:00और एसी बीच रक्षा मंत्राले की ताजा सालाना रिपोर्ट से एक और एहम जानकारी सामने आई है
01:06रिपोर्ट के मुताबक उतरी सीमाओं के सामने पी एले की तैनाती में उलेखनिया कमी देखी गए पी एले चीन की
01:14आर्मी है
01:14अब चीन की तरफ से एलेसी से लगे इलाकों और पारंपरिक ट्रेनिंग एरिया में करीब 10 कॉंबाइंड आम्स ब्रिगेज की
01:22तैनाती का जिक्र है
01:23तो क्या चीन अब सच में पीछे हट रहा है क्या 2020 के गलवान के बाद शुरू हुआ तनाव धीरे
01:30-धीरे खत्म होने की तरफ है
01:31या फिर चीन ने सिर्फ अपनी रड़नीती बदली है कहानी कुछ और है
01:36तो चलिए आज की इस खास रिपोर्ट में हम इन ही सवालों का जवाब तलाशेंगे
01:40पहले समझेंगे कि ब्रिक्स के बाद चीन का बदला हुआ रवया क्या सक्के दे रहा है
01:45फिर देखेंगे कि LAC पर PLA की मौजूदा सिथी क्या है
01:50इसके बाद चलेंगे 2020 के गलवान तक
01:53और समझेंगे कि आखिर भारत चीन के रिष्टे वहां तक कैसे पहुचे
01:57और अंत में अरुनाचल प्रदेश में चीन के गाओं बनाने
02:01जगहों के नाम बदलने और 2026 में सामने आए नए घुसपैट के आरोपों तक की
02:06पूरी कहानी एक एक करके जानेंगे
02:09नमस्कार मैं हूरिचा पराशर और आप देख रहे हैं
02:12वन इंडिया हिंदी का ये खास प्रोग्राम आज का एक्स्प्लेनर
02:21सबसे पहले बात करते हैं आज की सबसे बड़ी तस्मीर की
02:24ब्रिक समिट के दोरान प्रिधान मंतरी नरेंदर मोदी और श्री जिनपिंग की मुलाकात सिर्फ एक अपचारिक मुलाकात नहीं थी
02:30दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से रिष्टों को सामाने करने की कोशिश चल रही है
02:352024 में पुर्वी लदाख में देपसांग और डेमचोग को लेकर समझोते के बाद दोनों से नाओ ने वहाँ डिस इंगेजमेंट
02:44किया
02:45और पुराने तरीके से पेट्रोलिंग फिर शुरू हुई
02:47भारत सरकार ने संसद में ही बताया कि ओक्टूबर 2024 के समझोते के बाद देपसांग और डेमचोग में पेट्रोलिंग एरेजमेंट्स
02:54लागू किये गए है
02:55और 2020 के फ्रिक्शिन पॉइंट से डिस इंगेजमेंट हुआ
02:59अब 2026 में ब्रिक्स के मंच पर दोनों नेताओं की बाचीत इस प्रक्रिया को आगे बढ़ती दिखाई दे रही है
03:07लेकिन यहां एक बहुत जरूरी बात है
03:09रिष्टे सुधारना और सीमा विवाद खत्म होना दोनों दो अलग चीज़े हैं
03:15क्योंकि LAC पर अभी भी भारी स्थैन धाचा मौझूद है
03:19रक्षा मंत्राले के रिपोर्ट में पियले की तैनाती में कमी का संकेत जरूर है
03:24लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चीन ने सीमा से अपनी स्थैन रक्षमता हटा ली है
03:29Combined Arms Brigade सिर्फ पैदल सैनिको की यूरिट नहीं होती
03:33इसमें Infantry के साथ Mechanized Elements, Artillery, Air Defense और दूसरे Combat Support Elements भी शामिल होते हैं
03:41जैनि चीन ने अगर तैनाती कम की है तो भी LAC के उसके पीछे उसका Infrastructure और तेजी से सैनिको
03:49को सीमा तक पहुंचाने के एक श्रमता भारत के लिए एक बड़ा Security Concern बनी हुई है
03:54और यहीं से हमें वापस 2020 में जाना होगा
03:57साल 2020 में पुर्वी लगदाख में भारत और चीन के बीच ऐसा सैने टकरा हुआ जिसने पछले कई दशकों के
04:06रिष्टे बदल दिये
04:07गलवान घाटी में जून 2020 की हिंसक जड़प में भारत के 20 सैनिकों की जान गई
04:13और चीन नी भी अपने सैनिकों के हताहत होने के पुष्टी की थी
04:16इसके बाद दोनों देशों ने LAC के अलग-अलग हिस्सों में भारी संख्या में सैनिक, टैंक, तोपें, मिस्साइल सिस्टम और
04:25एर डिफेंस तनात कर दिये
04:26गलवान के बाद पैंगों, सो, गोगरा होट, स्प्रिंग, देपसांग और डेमचोग जैसे इलाके लगतार चर्चा में रहे
04:34तिरे-दिरे कुछ friction points पर disengagement हुआ लेकिन देपसांग और डेमचोग लंबे समय तक अठके रहे
04:42आखिरकार ऑक्टूबर दोहजार चौबिस में दोनों देशों के बीच पेट्रोल इंखो लेकर समझोता हुआ और दोनों सेनाओं ने इन इलाकों
04:49में disengagement पूरा किया
04:51यानि दोहजार बीस के बाद पहली बार ऐसा लगा कि दोनों देश सीमा पर तनाओं को नीचे लाने के लिए
04:58एक ठोस रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं
05:00लेकिन चीन और भारत की सीमा कहानी सिर्फ लदाख तक सिमत नहीं है अरुनाचल प्रदेश भी इस विवाद का बेहद
05:08सम्वेदनशील हिस्सा है
05:09चीन पूरे अरुनाचल प्रदेश पर दावा करता है और इसे दक्षिन तिबबत यानि की जैंगनान कहता है
05:16भारत इस दावे को पूरी तरह खारिज करता रहा है और अरुनाचल प्रदेश को भारत का अभिन हिस्सा मानता है
05:23यही विवाद मैक मोहन लाइन से भी जुड़ा हुआ है
05:261914 के शिमला सम्मेलन में ब्रिटिश भारत और तिबबत के बीच सीमा रेखा तैगी गई थी
05:33लेकिन चीन इस विवस्था को स्विकार नहीं करता है
05:36यही वज़ा है कि भारत और चीन के बीच LSE को लेकर कई जगहों पर अलग-अलग धारनाएं बनी हुई
05:42है
05:42और इसी औस पश्चिता का फाइदा सीमा पर तनाओ के दोरान देखने को मिल रहा है
05:472017 का डोकलाम विवाद इसका बड़ा उधारन था
05:51भूटान के इलाके में चीन की सड़क निर्मान गतिविद्यों को लेकर भारत और चीन की सेनाय आमने सामने आ गए
05:56थी
05:56भारत ने इसे यथा सिथी बदलने की कोशिश माना था और इस बुद्धे पर भारत ने चीन के सामने गंभीर
06:04आपत्ती दर्ज कराई थी
06:05इसके बाद चीन ने सिर्व सैनिक गतिविद्यों पर ही जोर नहीं दिया बलकि सीमावरती इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर और सेटल्मेंट्स को
06:12भी अपनी रणिती का हिस्सा बना लिया
06:14इसी संदर्व में सामने आती है चीन की शियाओ कांग गाउनी थी
06:20चीन ने तिब्बत और LAC से लगे इलाकों में ऐसे मॉडल गाम विक्सित करने शुरू कर दिये
06:25जिन हधिकारिक तोर पर सीमावरते इलाकों के विकास से जोड़ा जाता है
06:30लेकिन सुरक्षा बिशिशग्यों का कहना है कि इनमें से कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल
06:34सिविलियन के साथ साथ मिलिटरी लोजिस्टिक्स के लिए भी किया जा सकता है
06:38अरुनाशल प्रदेश के अपर सुबान सीरी इलाके में 2020 के आसपास एक ऐसा गाउं सामने आया था
06:44जिसे सेटलाइट एमेजरी के जरिये लेकर काफी चर्चा हुई थी
06:49अमेरिकी रक्षा विभाग के रिपोर्ट में भी तिबबत और अरुनाशल से जुड़े विवादित चेतर में
06:54चीन द्वारा गाउं बनाये जाने का जिक्र किया गयता है लेकिन यहां एक बात साफ समझना जरूरी है
07:05इन गाउं को लेकर ये कहना कि चीन ने भारत की जमीन पर अभी कितने गाउं पर या फिर जो
07:11कबजा लिया है या बना दिया है इसका एक ओफिशियल डेटा जो है या कोई फिगर सामने नहीं है
07:18भारत और चीन की सीमा को लेकर दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं
07:22कई जगों पर चीन का निर्मान डिस्प्यूटे टेरिटरी में है लेकिन हर निर्मान को भारत से कार्या उपचारी क्रूप से
07:28भारतिय छेतर पर कबजा नहीं कहा है
07:30अफिर आती है चीन की दूसरी रणी थी रिनेम एंड ख्लेम
07:35चीन समय समय पर अर्मनाशल प्रदेश के शेहरों गाउं और भगौलिक स्थानों के चीनी नाम जारी करता रहता है
07:41भारत ने हर बार इस तरह के कदम को खारिच हिया है लेकिन सवाल यह है कि नाम बदलने से
07:47जमीन बदलती है क्या नहीं
07:49लेकिन अंतराष्टिय राजनीती में लगातार किसी इलाके को अपने नाम से पुकारना एक नारेटिव बनाने की कोशिश जरूर माना जाता
07:59है
07:59यानि कि चीन एक तरफ सीमा पर इंफ्रस्टेक्चर तयार करता है दूसरी तरफ वहाँ सिविलियन सेटलमेंट्स को बढ़ाता है और
08:06तीसरी तरफ जगहों के नाम बदलकर अपने टेरिटोरियल क्लेम्स को दोहरा देता है
08:11अब आते हैं वापस 2026 के ताजला विवाद पर अरुराशल प्रदेश के अपर सुबान सीरी के टैक्सिंग इलाके में एक
08:19फैक्ट फाइंटिंग टीम ने चीनी गतिविदियों और भारतिय पेट्रॉलिंग को लेकर गंभीर दावे किये हैं
08:25टीम के मताबिक खराब मौसम के कारण अपरेल से अक्टूबर के बीच भारतिय सेरा के पेट्रॉलिंग प्रिभावित होती है जबकि
08:32चीनी फोर्सेस इस दोरान सक्रिया रहती हैं
08:34कुछ स्थानिय लोगों ने ये भी आरोप लगाया कि 2023 के टगराओ की बाद भारतिय पेट्रॉलिंग पॉइंट से सेना पीछे
08:41अटी लेकिन इस दावे का दूसरा पक्षब्यूत नहीं महतोपून है
08:44भारतिय सेना ने चीनी घुसपैट से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स को गलत और बिना आधार का बताया
08:50यानि इस पूरे मामले को चीन ने भारतिय जमीन पर कबजा कर लिया के रूप में पेश करना अभी उपलब्द
08:57आधिकारिक स्थिती से ज्यादा बड़ा निश्कर्श होगा
09:01चीन की तरफ से भी सीमा की स्थिती को फिलहास थिर बताया गया है तो तस्वीर क्या बंदी है
09:43यही बात दोराई गई कि दोनों देशों के बीच मतभेद विवाद में नहीं बदले जाई
09:48लेकिन साथ ही सीमा पर शांती और मौजुदा समझातों का पालन जरूरी है
09:53यानि भारत चीन से रिष्टे सुधारने के खिलाप नहीं है
09:57व्यपार बढ़ाना हो लोगों के वी संपर्ग बढ़ाना हो या वैश्रिक मंचों पर सही उग बढ़ाना हो
10:02भारत बारचीत के लिए हमीशा तायार है लेकिन 2020 के बाद एक सवक साफ है
10:07सीमा पर भरोसा सिर्फ बैठकों से नहीं जमीन पर वैवहार से यानि कि हकीकत में जो दिखाई देगा उससे ही
10:14बनेगा
10:15चीन अगर वास्तों में LSE पर सहनी को कितनाती घटाता है, इंफ्रास्ट्रक्शर का सहनी इस्तमाल कम करता है
10:20और मौजूदा एग्रिमेंट्स का इमांदारी से पालन करता है तब ही इसे वास्तविक डी इसकलेशन के दिशा में बड़ा कदम
10:28माना जाएगा
10:55यही आने वाले समय की सबसे बड़ी परिक्षा होगी
10:59इस रिपोर्ट में इतना हैं लेकिन आप क्या सोचते हैं, हमें कॉमेंट में ज़रूर बताया क्या चीन पर भरोसा किया
11:05जा सकता है
11:06और देखते रहें वने जहने
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