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India-China Relations: BRICS के बाद बदला China का रवैया, क्या LAC से पीछे हटी PLA?
नई दिल्ली ब्रिक्स समिट में पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ऐतिहासिक मुलाकात के बाद रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट ने चीनी सेना पीएलए की वापसी पर बड़ा खुलासा किया है!

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के समापन के तुरंत बाद भारत और चीन के रिश्तों में एक नया मोड़ आता दिख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों ने सहमति जताई कि आपसी मतभेदों को विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीमा पर शांति और स्थिरता ही द्विपक्षीय संबंधों की तरक्की की पहली शर्त है।

इसी बीच रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) की ताजा वार्षिक रिपोर्ट ने भारत-चीन सीमा विवाद पर एक बड़ा अपडेट दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी सीमाओं पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और पार पारंपरिक ट्रेनिंग क्षेत्रों से चीनी सेना (PLA) की तैनाती में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट में करीब 10 कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड्स (10 Combined Arms Brigades) की वापसी का जिक्र किया गया है, जिसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या गलवान (Galwan Valley Clash 2020) के बाद से चला आ रहा गतिरोध अब खत्म होने की कगार पर है।

हालांकि, कूटनीतिक और रक्षा विश्लेषक इस बदलाव को चीन की केवल एक रणनीतिक चाल भी मान रहे हैं। इस विस्तृत रिपोर्ट में 2020 के गलवान संघर्ष से लेकर अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के सीमावर्ती इलाकों में चीन द्वारा बनाए गए मॉडल गांवों, स्थानों के नाम बदलने की आक्रामक नीति और 2026 में सामने आए घुसपैठ के आरोपों का पूरा विश्लेषण किया गया है। जानिए वनइंडिया हिंदी (Oneindia Hindi) के खास शो 'आज का एक्सप्लेनर' में इस पूरी खबर की हकीकत।

Following the bilateral talks between PM Narendra Modi and Chinese President Xi Jinping during the New Delhi BRICS Summit 2026, India's Ministry of Defence report revealed a significant reduction of PLA troops along the LAC, including the pull-back of nearly 10 Combined Arms Brigades. This video analyzes whether China is genuinely de-escalating the border tension post-2020 Galwan clash or merely shifting its military strategy regarding Arunachal Pradesh and northern borders.

#IndiaChinaRelations #PMModi #XiJinping #LACDeescalation

~HT.178~PR.514~ED.276~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:08जो गलवान में घटना हुई थी, उसके बाद चीन सेना को लेकर काफी रोश है भारतिय सेना में, तो अभी
00:14ये चर्चा किस तरफ चल रही है और सकारत मक्तर से की से ज़िए हम भी जनता में गुंगते हैं,
00:19जनता को पूरा भरोसा है और कुछ जीजे एसी सम्वेदन सिल होती ह
00:23जिसको प्रगट स्वरुप से बताने में ना देश का ही थै ना सेना का ही
00:28ब्रिक्स समिट खत्म होते ही कि अभारत चीन सीमा पर तनाव के लंबे दोर के बाद, अब चीन का रवाया
00:35भारत के प्रति बदल रहा है
00:37नई दिल्ले में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राश्पती श्री जिन पिंग के मुलाकात हुई
00:41दोनों नेताओं ने साफ कहा कि मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए और रिष्टों को आपसी सम्मान सम्वेदन शीलता
00:49और हित के आधार पर आगे बढ़ाना चाहिए
00:52प्रधान मंत्री मोदी ने ये भी दोहराया कि सीमा पर शान्ती और स्थीरता ही द्विपक्षिय रिष्टों के विकास की बुनियादी
00:59शर्त है
01:00और एसी बीच रक्षा मंत्राले की ताजा सालाना रिपोर्ट से एक और एहम जानकारी सामने आई है
01:06रिपोर्ट के मुताबक उतरी सीमाओं के सामने पी एले की तैनाती में उलेखनिया कमी देखी गए पी एले चीन की
01:14आर्मी है
01:14अब चीन की तरफ से एलेसी से लगे इलाकों और पारंपरिक ट्रेनिंग एरिया में करीब 10 कॉंबाइंड आम्स ब्रिगेज की
01:22तैनाती का जिक्र है
01:23तो क्या चीन अब सच में पीछे हट रहा है क्या 2020 के गलवान के बाद शुरू हुआ तनाव धीरे
01:30-धीरे खत्म होने की तरफ है
01:31या फिर चीन ने सिर्फ अपनी रड़नीती बदली है कहानी कुछ और है
01:36तो चलिए आज की इस खास रिपोर्ट में हम इन ही सवालों का जवाब तलाशेंगे
01:40पहले समझेंगे कि ब्रिक्स के बाद चीन का बदला हुआ रवया क्या सक्के दे रहा है
01:45फिर देखेंगे कि LAC पर PLA की मौजूदा सिथी क्या है
01:50इसके बाद चलेंगे 2020 के गलवान तक
01:53और समझेंगे कि आखिर भारत चीन के रिष्टे वहां तक कैसे पहुचे
01:57और अंत में अरुनाचल प्रदेश में चीन के गाओं बनाने
02:01जगहों के नाम बदलने और 2026 में सामने आए नए घुसपैट के आरोपों तक की
02:06पूरी कहानी एक एक करके जानेंगे
02:09नमस्कार मैं हूरिचा पराशर और आप देख रहे हैं
02:12वन इंडिया हिंदी का ये खास प्रोग्राम आज का एक्स्प्लेनर
02:21सबसे पहले बात करते हैं आज की सबसे बड़ी तस्मीर की
02:24ब्रिक समिट के दोरान प्रिधान मंतरी नरेंदर मोदी और श्री जिनपिंग की मुलाकात सिर्फ एक अपचारिक मुलाकात नहीं थी
02:30दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से रिष्टों को सामाने करने की कोशिश चल रही है
02:352024 में पुर्वी लदाख में देपसांग और डेमचोग को लेकर समझोते के बाद दोनों से नाओ ने वहाँ डिस इंगेजमेंट
02:44किया
02:45और पुराने तरीके से पेट्रोलिंग फिर शुरू हुई
02:47भारत सरकार ने संसद में ही बताया कि ओक्टूबर 2024 के समझोते के बाद देपसांग और डेमचोग में पेट्रोलिंग एरेजमेंट्स
02:54लागू किये गए है
02:55और 2020 के फ्रिक्शिन पॉइंट से डिस इंगेजमेंट हुआ
02:59अब 2026 में ब्रिक्स के मंच पर दोनों नेताओं की बाचीत इस प्रक्रिया को आगे बढ़ती दिखाई दे रही है
03:07लेकिन यहां एक बहुत जरूरी बात है
03:09रिष्टे सुधारना और सीमा विवाद खत्म होना दोनों दो अलग चीज़े हैं
03:15क्योंकि LAC पर अभी भी भारी स्थैन धाचा मौझूद है
03:19रक्षा मंत्राले के रिपोर्ट में पियले की तैनाती में कमी का संकेत जरूर है
03:24लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि चीन ने सीमा से अपनी स्थैन रक्षमता हटा ली है
03:29Combined Arms Brigade सिर्फ पैदल सैनिको की यूरिट नहीं होती
03:33इसमें Infantry के साथ Mechanized Elements, Artillery, Air Defense और दूसरे Combat Support Elements भी शामिल होते हैं
03:41जैनि चीन ने अगर तैनाती कम की है तो भी LAC के उसके पीछे उसका Infrastructure और तेजी से सैनिको
03:49को सीमा तक पहुंचाने के एक श्रमता भारत के लिए एक बड़ा Security Concern बनी हुई है
03:54और यहीं से हमें वापस 2020 में जाना होगा
03:57साल 2020 में पुर्वी लगदाख में भारत और चीन के बीच ऐसा सैने टकरा हुआ जिसने पछले कई दशकों के
04:06रिष्टे बदल दिये
04:07गलवान घाटी में जून 2020 की हिंसक जड़प में भारत के 20 सैनिकों की जान गई
04:13और चीन नी भी अपने सैनिकों के हताहत होने के पुष्टी की थी
04:16इसके बाद दोनों देशों ने LAC के अलग-अलग हिस्सों में भारी संख्या में सैनिक, टैंक, तोपें, मिस्साइल सिस्टम और
04:25एर डिफेंस तनात कर दिये
04:26गलवान के बाद पैंगों, सो, गोगरा होट, स्प्रिंग, देपसांग और डेमचोग जैसे इलाके लगतार चर्चा में रहे
04:34तिरे-दिरे कुछ friction points पर disengagement हुआ लेकिन देपसांग और डेमचोग लंबे समय तक अठके रहे
04:42आखिरकार ऑक्टूबर दोहजार चौबिस में दोनों देशों के बीच पेट्रोल इंखो लेकर समझोता हुआ और दोनों सेनाओं ने इन इलाकों
04:49में disengagement पूरा किया
04:51यानि दोहजार बीस के बाद पहली बार ऐसा लगा कि दोनों देश सीमा पर तनाओं को नीचे लाने के लिए
04:58एक ठोस रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं
05:00लेकिन चीन और भारत की सीमा कहानी सिर्फ लदाख तक सिमत नहीं है अरुनाचल प्रदेश भी इस विवाद का बेहद
05:08सम्वेदनशील हिस्सा है
05:09चीन पूरे अरुनाचल प्रदेश पर दावा करता है और इसे दक्षिन तिबबत यानि की जैंगनान कहता है
05:16भारत इस दावे को पूरी तरह खारिज करता रहा है और अरुनाचल प्रदेश को भारत का अभिन हिस्सा मानता है
05:23यही विवाद मैक मोहन लाइन से भी जुड़ा हुआ है
05:261914 के शिमला सम्मेलन में ब्रिटिश भारत और तिबबत के बीच सीमा रेखा तैगी गई थी
05:33लेकिन चीन इस विवस्था को स्विकार नहीं करता है
05:36यही वज़ा है कि भारत और चीन के बीच LSE को लेकर कई जगहों पर अलग-अलग धारनाएं बनी हुई
05:42है
05:42और इसी औस पश्चिता का फाइदा सीमा पर तनाओ के दोरान देखने को मिल रहा है
05:472017 का डोकलाम विवाद इसका बड़ा उधारन था
05:51भूटान के इलाके में चीन की सड़क निर्मान गतिविद्यों को लेकर भारत और चीन की सेनाय आमने सामने आ गए
05:56थी
05:56भारत ने इसे यथा सिथी बदलने की कोशिश माना था और इस बुद्धे पर भारत ने चीन के सामने गंभीर
06:04आपत्ती दर्ज कराई थी
06:05इसके बाद चीन ने सिर्व सैनिक गतिविद्यों पर ही जोर नहीं दिया बलकि सीमावरती इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर और सेटल्मेंट्स को
06:12भी अपनी रणिती का हिस्सा बना लिया
06:14इसी संदर्व में सामने आती है चीन की शियाओ कांग गाउनी थी
06:20चीन ने तिब्बत और LAC से लगे इलाकों में ऐसे मॉडल गाम विक्सित करने शुरू कर दिये
06:25जिन हधिकारिक तोर पर सीमावरते इलाकों के विकास से जोड़ा जाता है
06:30लेकिन सुरक्षा बिशिशग्यों का कहना है कि इनमें से कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल
06:34सिविलियन के साथ साथ मिलिटरी लोजिस्टिक्स के लिए भी किया जा सकता है
06:38अरुनाशल प्रदेश के अपर सुबान सीरी इलाके में 2020 के आसपास एक ऐसा गाउं सामने आया था
06:44जिसे सेटलाइट एमेजरी के जरिये लेकर काफी चर्चा हुई थी
06:49अमेरिकी रक्षा विभाग के रिपोर्ट में भी तिबबत और अरुनाशल से जुड़े विवादित चेतर में
06:54चीन द्वारा गाउं बनाये जाने का जिक्र किया गयता है लेकिन यहां एक बात साफ समझना जरूरी है
07:05इन गाउं को लेकर ये कहना कि चीन ने भारत की जमीन पर अभी कितने गाउं पर या फिर जो
07:11कबजा लिया है या बना दिया है इसका एक ओफिशियल डेटा जो है या कोई फिगर सामने नहीं है
07:18भारत और चीन की सीमा को लेकर दोनों देशों के दावे अलग-अलग हैं
07:22कई जगों पर चीन का निर्मान डिस्प्यूटे टेरिटरी में है लेकिन हर निर्मान को भारत से कार्या उपचारी क्रूप से
07:28भारतिय छेतर पर कबजा नहीं कहा है
07:30अफिर आती है चीन की दूसरी रणी थी रिनेम एंड ख्लेम
07:35चीन समय समय पर अर्मनाशल प्रदेश के शेहरों गाउं और भगौलिक स्थानों के चीनी नाम जारी करता रहता है
07:41भारत ने हर बार इस तरह के कदम को खारिच हिया है लेकिन सवाल यह है कि नाम बदलने से
07:47जमीन बदलती है क्या नहीं
07:49लेकिन अंतराष्टिय राजनीती में लगातार किसी इलाके को अपने नाम से पुकारना एक नारेटिव बनाने की कोशिश जरूर माना जाता
07:59है
07:59यानि कि चीन एक तरफ सीमा पर इंफ्रस्टेक्चर तयार करता है दूसरी तरफ वहाँ सिविलियन सेटलमेंट्स को बढ़ाता है और
08:06तीसरी तरफ जगहों के नाम बदलकर अपने टेरिटोरियल क्लेम्स को दोहरा देता है
08:11अब आते हैं वापस 2026 के ताजला विवाद पर अरुराशल प्रदेश के अपर सुबान सीरी के टैक्सिंग इलाके में एक
08:19फैक्ट फाइंटिंग टीम ने चीनी गतिविदियों और भारतिय पेट्रॉलिंग को लेकर गंभीर दावे किये हैं
08:25टीम के मताबिक खराब मौसम के कारण अपरेल से अक्टूबर के बीच भारतिय सेरा के पेट्रॉलिंग प्रिभावित होती है जबकि
08:32चीनी फोर्सेस इस दोरान सक्रिया रहती हैं
08:34कुछ स्थानिय लोगों ने ये भी आरोप लगाया कि 2023 के टगराओ की बाद भारतिय पेट्रॉलिंग पॉइंट से सेना पीछे
08:41अटी लेकिन इस दावे का दूसरा पक्षब्यूत नहीं महतोपून है
08:44भारतिय सेना ने चीनी घुसपैट से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स को गलत और बिना आधार का बताया
08:50यानि इस पूरे मामले को चीन ने भारतिय जमीन पर कबजा कर लिया के रूप में पेश करना अभी उपलब्द
08:57आधिकारिक स्थिती से ज्यादा बड़ा निश्कर्श होगा
09:01चीन की तरफ से भी सीमा की स्थिती को फिलहास थिर बताया गया है तो तस्वीर क्या बंदी है
09:43यही बात दोराई गई कि दोनों देशों के बीच मतभेद विवाद में नहीं बदले जाई
09:48लेकिन साथ ही सीमा पर शांती और मौजुदा समझातों का पालन जरूरी है
09:53यानि भारत चीन से रिष्टे सुधारने के खिलाप नहीं है
09:57व्यपार बढ़ाना हो लोगों के वी संपर्ग बढ़ाना हो या वैश्रिक मंचों पर सही उग बढ़ाना हो
10:02भारत बारचीत के लिए हमीशा तायार है लेकिन 2020 के बाद एक सवक साफ है
10:07सीमा पर भरोसा सिर्फ बैठकों से नहीं जमीन पर वैवहार से यानि कि हकीकत में जो दिखाई देगा उससे ही
10:14बनेगा
10:15चीन अगर वास्तों में LSE पर सहनी को कितनाती घटाता है, इंफ्रास्ट्रक्शर का सहनी इस्तमाल कम करता है
10:20और मौजूदा एग्रिमेंट्स का इमांदारी से पालन करता है तब ही इसे वास्तविक डी इसकलेशन के दिशा में बड़ा कदम
10:28माना जाएगा
10:55यही आने वाले समय की सबसे बड़ी परिक्षा होगी
10:59इस रिपोर्ट में इतना हैं लेकिन आप क्या सोचते हैं, हमें कॉमेंट में ज़रूर बताया क्या चीन पर भरोसा किया
11:05जा सकता है
11:06और देखते रहें वने जहने
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