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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के मंच पर भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बाद एक ऐतिहासिक और बड़ा कूटनीतिक बदलाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बैठक ने दोनों एशियाई दिग्गजों के रिश्तों को एक नई दिशा दी है। सदियों पुराने सांस्कृतिक रिश्तों और भू-राजनीतिक सरगर्मी के बीच यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि दोनों देश आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। सीमा विवाद और व्यापारिक असंतुलन जैसे गंभीर मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत होने से दुनिया भर के राजनीतिक विशेषज्ञों के कान खड़े हो गए हैं। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन ने साबित कर दिया है कि कूटनीति के जरिए सबसे जटिल रिश्तों को भी पटरी पर लाया जा सकता है। क्या यह ऐतिहासिक मेल-मिलाप एशिया में शांति और स्थिरता का एक नया अध्याय लिखेगा या फिर कूटनीतिक चालों का नया दौर शुरू होगा? इस वीडियो में हम इसी बात की गहराई से चर्चा करेंगे कि क्या वाकई भारत और चीन एक बार फिर हिंदी-चीनी भाई-भाई के नारे को चरितार्थ करने जा रहे हैं। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और पश्चिमी देशों की नजरों में इस नई दोस्ती के क्या दूरगामी परिणाम होंगे, इसका पूरा विश्लेषण किया गया है। अंत तक देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट ताकि आप समझ सकें कि इस पर्दे के पीछे की असली कूटनीति क्या कहती है।

The 18th BRICS Summit hosted in New Delhi has witnessed a historic and surprising diplomatic thaw between India and China after years of severe frost. A high-stakes bilateral meeting between Prime Minister Narendra Modi and Chinese President Xi Jinping has reset the terms of engagement between the two Asian giants. Amid longstanding border disputes and deep strategic competition, this major development has caught global superpowers completely off guard. Both leaders emphasized adopting a strategic and long-term perspective, addressing trade imbalances, and maintaining peace along the border regions. This unexpected diplomatic warmth under India's presidency highlights a pragmatic shift toward regional stability and economic cooperation. Political analysts are closely watching whether this handshake marks a genuine return to friendly coexistence or merely a temporary tactical alignment. In this video, we break down the core triggers behind this high-level rapprochement and what it means for global geopolitics. We analyze how Washington and Western capitals are reacting to this shifting dynamic between New Delhi and Beijing. Watch the full report to understand the hidden layers of this monumental geopolitical shift at the BRICS Summit.

#IndiaChina #BRICS2026 #ModiXiMeeting #Geopolitics #IndianForeignPolicy #GlobalSouth #InternationalRelations #NewDelhiSummit

~HT.410~PR.512~ED.108~GR.538~VG.HM~

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00:00ने रूस की दोस्ती की बात कर ली तो ज़रा चीन के धोके की भी बात करी लेते हैं चाइना
00:06भी यहां सर पहुचा है कुछ-कुछ रूमर्स आये सोचल मीडिया पर कबरे चली वो गाला डिनर करने नहीं आये
00:12कल रात को लेकिन बाइलेटरल टॉक्स हुई है बारत और चाइना क
00:16के बीच में आमने सामने बैठ कर बात हुई है लेकिन क्या लाइन ओफ आच्च्वल कंट्रोल पर बात हुई होगी
00:23कल भी मैं सोच रहा था मैं एक्सपोट से बात कर रहा था कह रहे थे पैंतालिस मिनट के अंदर
00:27ये चर्चा होना पॉसिबल तो नहीं है बट सर भारत और च
00:46सर से शुरू करेंगे मलेका जी के पास जाएंगे एन लास्ट कमेंट्स सर आप से लेंगे
00:53अकर्ष देखो आप भारत और चीन एस्यो में एक साथ मिल चुके हैं भारत और चीन ब्रिक्स के दो मदबूत
01:03स्थम्भ हैं तो एक बहुत शांदार पिक्चर है स्लीपिंग विद एनिमी
01:10हिंदी में शायद अनुवाद होगा कि मरता क्या ना करता हमें चीन की दरकार है और चीन को हमेरी दरकार
01:19है संदे ये हमेशा रहता है आगर देखो भाई भाई के बीच में संदे होता है पाप बेटे के बीच
01:28में तनाव रहता है लेकिन उसके बावजूद दुनिया आगे ब
01:38निर्बर होना चाहिए कि दोनों देश किस तरह से एक दूसरे के साथ चल सकते हैं, एक दूसरे की ज़्यादा
01:44मदद कर सकते हैं
01:46बनिस्बत की छोटे-छोटे minor irritants, छोटी-छोटी परेशानिया, वो हमेशा रहेगी
01:53नाख पे एक मक्खी हमेशा मिलेगी, लेकिन उसका मतलब नहीं है कि आप नाख कोई काटते हैं
01:59अब LAC की आकश आपने बात की है, ठीक है, चीन का शेतरफ़ लाखो वर किलोमेटर है
02:08वो वाकई 500 मीटर या 1.5 किलोमेटर के बारे में चिंता नहीं करते हैं, मैं आपको बताता हूँ
02:15होता ये है क्योंकि जनरल माथूर भी यहाँ पर है, मैं भी हूँ
02:20होता क्या है कि जो नक्षा है, नक्षे में जब आप एक लाइन ड्रॉ करते हैं
02:25तो नेवगी मोटाई में ये 500 मीटर, 700 मीटर, 1.92 मीटर इधर उधर हो जाता है
02:32जब आप एक नक्षे का प्रिंट लेते हो, तो वो प्रिंट जो हर रिज लाइन पे तो आप टरन नहीं
02:38कर सकते हैं
02:39रिज लाइन का मतलब पे कॉंटूर लाइन होती ना, पहाड उदर गया, पहाड इदर आए, अब उसको आप ऐसे गुमा
02:44गुमा के तो नहीं ड्रॉप कर सकते हैं
02:46तो वो जब चलते हैं, स्ट्विलोग्राफ की जिद्ल चलती है, मैं compareUR का आप मैं किसी की बसकी
02:57हखेल मिलते हैं उसमें तो अगर मैं देखना चाहूं किई बार तो इधर उदर दो-तीन किलोमेटर का फरक पड़
03:10जाता है
03:10तो इस वज़ा से जमीन में जो गुत्तं गुत्ता हुई थी जल्ब, अब मैं इस शब्का इस्निमाल करना चाहता हूँ,
03:21अब हमने बहुत ज़्यादा रिसोर्सेज और एसोपीज और प्रोटोकॉल बना लिये हैं, जमीन में गुत्तं गुत्ता ना, लेकिन वो एक
03:32किलोमेटर
03:32उदर है, हम लोग एक किलोमेटर उदर हैं, एक मेकनिजम होता है, आप कमांडर को पीछे फोन करते हैं, कमांडर
03:39दिली तक फोन कर सकता है, हाट लाइंज हैं, लोकल कोर कमांडर क्रू कमांडर टेलीफोन उठाया, बात की यार अपने
03:45जोशीले अब जनरल मातूर यहां पर ह
04:01हविशे में ना आए, अब मैं करनल बाबू का पूरा सम्मान करता हूं, उनके साथ जो हमारे बीस बहुदर जवान
04:10शहीदी हैं, उनका पूरा सम्मान करता हूं, लेकिन हविशे में यहां निश्चित किया जाएगा, प्रोसीजर्स इवाल्व कर लिए गए हैं,
04:19जैसे कि ज�
04:32जहां पर हम लोग तीन किलोमेटर उदर तक क्लेम कर रहे हैं, वो भी ढ़ी किलोमेटर इस तरह क्लेम कर
04:37रहे हैं, तो एसे जगतामें
04:48गुत्थम गुत्था जमीन पर ना हो एक और चीज़ बताता हूँ देखो बड़ा ही सेंसिटिव मुद्दा है मैं पता नहीं
04:57अब कैसे इसको दुनिया में कई देशों ने इसलिए बॉर्डर तक अपनी फौज को तैनात नहीं करते हैं यह ध्यान
05:07से सुनने की बात है वो दु
05:18चालू हो जाए बॉर्डर पर सिर्फ एक पोलिस जैसी और्गिनाइजेशन तैनात होती है ठीक है और यूरोप में कुछ देश
05:29ऐसे हैं जहां पर क्योंकि बॉर्डर पर तनाव था या तनाव होने की संभावना है बॉर्डर गार्डिंग जो है ना
05:38उनकी मिलिटरी करती है �
05:41जैसे हमार यहां ITBP है अकसाई चिन में कई देशों में अंडर्स्टेंडिंग यूरोपियन देशों में बॉर्डर को लेके जहां-जहां
05:51confusion है जैसे यूग तूट किया मैं तीन-चार टूपड़े उनके बॉर्डर पर प्राइवेट सीकूरिटी गार्ड बॉर्डर मैनेज
06:01करते हैं क्योंकि उन्होंने सीख लिया है कि ITBP के पास हतियार है उनकी आर्मी हमारी आर्मी के बड़े-बड़े
06:12हतियार है गल्ती से गुत्ता मुद्ध एग्रेसिव होना किसी भी आर्मी का वेवार होता है आर्मी को ट्रेन किया जाता
06:20है कि जब आप दुश्मन के सामने हो �
06:22आपको अपने नतुनेफ लाने हैं आपको को बड़ा करना है दुश्मन को दरा देना है यह आर्मी की ट्रेनिंग होती
06:29है उन्होंने प्राइवेट सीक्रीटी गार्ड से बार्डर मैनेजमेंट कर रहे हैं उनकी सरकारी पुलिस भी सामने नहीं आती है तो
06:37इस तरह की एक वै
06:51बारत चाइना के इन बदलते हो रिष्टों पर और कुटली फिर हम मातुर साब के पास जाएंगा
06:58बिल्कुल आकर जी देखे आइटिंग डिवनात सार ने पूरा कवर ही कर दिया है तो जस्टो सम इट आप एक
07:05चीज इसमें देखने के लिए होगे आकर जी कि
07:09ट्रस्ट और ट्रेड डेफिसिट दोनों हैं हमारे चाइना के साथ आज के टाइम में तो उन दोनों को कैसे हम
07:16फिल करेंगे अफ्कॉस ब्रिक्स में आपने जैसे बताया कि 45 मिनिट्स की मीटिंग में उसके बाद रिपोर्ट साई कि वो
07:22ठक कही थे जिंग पिंग पूरे उस
07:38उसके लिए बहुत जादा जरूरी है कहीं न कहीं इन दोनों एकॉनमीज का साथ रहना जरूरी है चाहे वो किसी
07:46भी छेत्र में हो आज के टाइम में हम 150 बिलियन डॉलर से उपर का ट्रेड करते हैं चीन और
07:52इंडिया हमारा रिलेशनशिप एक अजीब रिलेशनशिप है क्य
08:08इस ब्रिक सम्मेलन में कहीं न कहीं हमने देखा कि कोपरेशन इस वाट वी विल फोकस अन लास्ट माइन अगर
08:15आपको लास्ट मन्त यादो चबवेस अगस्त को तो हमारे एने से डोबाल साब गए थे
08:22इसके बाद क्या हुआ उसके बाद फॉलो अपने यह वहाँ बॉर्डर के डिसक्शन वे बहुत ओपन डिसक्शन वे फॉलोइंग वीक
08:31में हुआ कि जो वाचा बॉर्डर है रुनाचल में वहाँ पर पहली बार आर्मी कमांडर्स की मीटिंग होती है चीन
08:38और इंडिया दोन
08:49से बिल्डप होते वे नजर आ रहा है कहीं न कहीं आकर जी और आगे चीन को भी यह पता
08:54है कि कहीं न कहीं भारत इकलौता ऐसा देश है जो हर एक कैंप में मौजूद है चाहे वो
09:02सार्प में हो ब्रिक्स में हो जी सेवन में हो कहीं न कहीं भारत की प्रेजन्स बहुत इंपोर्टेंट है और
09:11यहई चीन एकनोलिज
09:25देखे बहुत जादा आग के पास जाओ तो जल भी जाओगे दूर जाओ तो ठंड भी लगती है तो कहीं
09:32न कहीं हमें वो एक safe distance
09:34maintain करते हुए चलना है चाइना के साथ जी मलिगा जी बहुत अच्छी बात कहीं आपने की
09:53होगा कितना मनवाय जाएगा और क्या अब चाइना हम से थोड़ा is चाइना
09:58falling second to us now आकाश जो भारत की सबसे बड़ी ताकत है और शायद लब्दी भी उसको
10:07कह सकते हैं वो यही है कि भारत सबको समानता से ट्रीट करता है जी अमेरिका की
10:15जो सबसे बड़ी गलती भूल हुई थी अमेरिका की डिक्शनरी में equal नाम का
10:21शब्द नहीं है वो साउथ अफरिका के प्रेसिडंट को नौ घंटे बाहर अपने
10:27तरवाजे पर बैठा करके इंतजार करवाते हैं वो ग्रीन लेंड को कहते हैं
10:31अंग खा जाएंगे आपको जो कनेडा जो है वो हमारा क्यामन माराजे कहने का अर्थ ये है
10:37कि जब आप इस बात पर अपनी चीज़ को अधारित कर रहे हैं कि सब बराबर हैं सब की आवाज
10:44बराबर हैं सब की रिक्वार्मेंट्स बराबर हैं
10:47तो मेरा ये मानना है कि चीन सामारे सेकंड हो गया या हम थर्ड हो गया इस बात ये बात
10:53भारत के सिस्टम में नहीं है पहली बात दूसरी बात ये है कि आप देखिए द्विश्टे खराब हैं इसमें कोई
11:02संदे नहीं है लेकिन आप L.A.C. पर स्टेबलिटी को यकीन करवा सक
11:08सकते हैं स्टेबल करिए आप लाइन ओफ एक्शल कंट्रोल को जो करनल देवनात बता रहे थे वो बात मैंने आँखों
11:18से मैं रहे चुका हूं फिंगर फॉर फिंगर फाइग ये जो बात हो रही है उन्हां पर मैं फिजिकली रहा
11:23हूं पोस्टिंग तो इसमें क्या है कि जो
11:27बाउंडरी जो लाइन ओफ एक्शल कंट्रोल है वो अधिकतर जगाए स्टेबल है कुछ जगाओं पर ये हाल है कि जो
11:34एरियाज ऑफ डिफरिंग परसेप्शन उनको कहते हैं एडी पी वो कहते हैं कि हमारा फिंगर टू तक अधिकार है या
11:42कहीं तक है और हम कहते हैं हमारा �
11:44तक है तो पहले उसका एडी पीस का ये सिस्टम था कि आप अपनी पैट्रोल वहां तक ले जाए जो
11:49आपका क्लेमड एरिया है वो उनकी पैट्रोल यहां तक लाएंगे और जैसे अब उस चीज़ को अगर आप स्टेबल कर
11:55देंगे तो फिर आप इस बात को इस चीज़ को आ
12:14हम आगे बढ़ाएंगे ही नहीं तो फिर शुरुवात ही नहीं होगी मेरा क्याने का अरत ही है कि भारत और
12:20चीन के संबंधों को आगे बढ़ाने की आवशक्ता है लेकिन उसी समय आपको अपने राश्ट्रिय हित अपने सुरक्षा हित और
12:32अपने लाइन ओफ एक्च्वल कं
12:40पर पना करके रखिए और बाकी चीजों में आगे पढ़िए एक लास्ट लाइन में बोलना चाहता हूं आकाश वो बहुत
12:47जरूरी है कि ए दो एशिया के दो बड़े जायंट चीन और भारत डेड़ अरब पॉपिलेशन ये जो दो जायंट्स
12:59अगर इकटे होंगे तब कहीं
13:10और ये बात तभी सफल हो पाईगी जिसका बात को मैं कह रहा हूं अगर आप समानता के साथ बराबरी
13:16के साथ एक दूसरे के साथ चलेंगे अगर चीन कहेगा मैं 30.000.000 की अकॉनमी मात तो फिर मुश्किल
13:22हो जाएगी तो मेरा मानना है वी विल हैव टू गिव इट अगो इस
13:4020 मिनिट की शडियूल मीटिंग को 45 मिनिट तक चलते रहने देना ये तमाम बहुत पॉजिटिव सकारात्मक संकेत हैं आकाश
13:49और इन सकारात्मक संकीतों को एक बिगनिंग के तरह हमें इस्तिमाल करना है लेकिन फिर ये कहुँगा कि अपनी सुरक्षा
13:56की जो रिक्वार्में
14:08देनी है चाहे वो चीन के साथ चलके ही क्यों न हो बहुत बहुत धन्यवाद हमारे साथ मेजर जनरल अरुज
14:14मातुर जी थे ग्रूप कैप्टन यूके देवनाद सर थे मलिका पांडे जी थी और इन्होंने अपने वाल्यूबल उपिनियन से आपको
14:22जरूर इनलाइट किया ह
14:23होगा लेकिन दर्शक हो ब्रिक्स अब कतम हो चुका है लेकिन इरान वार अब भी चल रही है ग्लोबली जियो
14:29पॉलिटिक्स का महौल बहुत टेडा हो चुका है और सब चीजों को डिकोट करने हर एक मामले की तह तक
14:37तह तक जाने के लिए आप ऐसे ही वान इंडिया के साथ
14:41बने रहिएगा मैं हूँ आकर्शा
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