00:00ने रूस की दोस्ती की बात कर ली तो ज़रा चीन के धोके की भी बात करी लेते हैं चाइना
00:06भी यहां सर पहुचा है कुछ-कुछ रूमर्स आये सोचल मीडिया पर कबरे चली वो गाला डिनर करने नहीं आये
00:12कल रात को लेकिन बाइलेटरल टॉक्स हुई है बारत और चाइना क
00:16के बीच में आमने सामने बैठ कर बात हुई है लेकिन क्या लाइन ओफ आच्च्वल कंट्रोल पर बात हुई होगी
00:23कल भी मैं सोच रहा था मैं एक्सपोट से बात कर रहा था कह रहे थे पैंतालिस मिनट के अंदर
00:27ये चर्चा होना पॉसिबल तो नहीं है बट सर भारत और च
00:46सर से शुरू करेंगे मलेका जी के पास जाएंगे एन लास्ट कमेंट्स सर आप से लेंगे
00:53अकर्ष देखो आप भारत और चीन एस्यो में एक साथ मिल चुके हैं भारत और चीन ब्रिक्स के दो मदबूत
01:03स्थम्भ हैं तो एक बहुत शांदार पिक्चर है स्लीपिंग विद एनिमी
01:10हिंदी में शायद अनुवाद होगा कि मरता क्या ना करता हमें चीन की दरकार है और चीन को हमेरी दरकार
01:19है संदे ये हमेशा रहता है आगर देखो भाई भाई के बीच में संदे होता है पाप बेटे के बीच
01:28में तनाव रहता है लेकिन उसके बावजूद दुनिया आगे ब
01:38निर्बर होना चाहिए कि दोनों देश किस तरह से एक दूसरे के साथ चल सकते हैं, एक दूसरे की ज़्यादा
01:44मदद कर सकते हैं
01:46बनिस्बत की छोटे-छोटे minor irritants, छोटी-छोटी परेशानिया, वो हमेशा रहेगी
01:53नाख पे एक मक्खी हमेशा मिलेगी, लेकिन उसका मतलब नहीं है कि आप नाख कोई काटते हैं
01:59अब LAC की आकश आपने बात की है, ठीक है, चीन का शेतरफ़ लाखो वर किलोमेटर है
02:08वो वाकई 500 मीटर या 1.5 किलोमेटर के बारे में चिंता नहीं करते हैं, मैं आपको बताता हूँ
02:15होता ये है क्योंकि जनरल माथूर भी यहाँ पर है, मैं भी हूँ
02:20होता क्या है कि जो नक्षा है, नक्षे में जब आप एक लाइन ड्रॉ करते हैं
02:25तो नेवगी मोटाई में ये 500 मीटर, 700 मीटर, 1.92 मीटर इधर उधर हो जाता है
02:32जब आप एक नक्षे का प्रिंट लेते हो, तो वो प्रिंट जो हर रिज लाइन पे तो आप टरन नहीं
02:38कर सकते हैं
02:39रिज लाइन का मतलब पे कॉंटूर लाइन होती ना, पहाड उदर गया, पहाड इदर आए, अब उसको आप ऐसे गुमा
02:44गुमा के तो नहीं ड्रॉप कर सकते हैं
02:46तो वो जब चलते हैं, स्ट्विलोग्राफ की जिद्ल चलती है, मैं compareUR का आप मैं किसी की बसकी
02:57हखेल मिलते हैं उसमें तो अगर मैं देखना चाहूं किई बार तो इधर उदर दो-तीन किलोमेटर का फरक पड़
03:10जाता है
03:10तो इस वज़ा से जमीन में जो गुत्तं गुत्ता हुई थी जल्ब, अब मैं इस शब्का इस्निमाल करना चाहता हूँ,
03:21अब हमने बहुत ज़्यादा रिसोर्सेज और एसोपीज और प्रोटोकॉल बना लिये हैं, जमीन में गुत्तं गुत्ता ना, लेकिन वो एक
03:32किलोमेटर
03:32उदर है, हम लोग एक किलोमेटर उदर हैं, एक मेकनिजम होता है, आप कमांडर को पीछे फोन करते हैं, कमांडर
03:39दिली तक फोन कर सकता है, हाट लाइंज हैं, लोकल कोर कमांडर क्रू कमांडर टेलीफोन उठाया, बात की यार अपने
03:45जोशीले अब जनरल मातूर यहां पर ह
04:01हविशे में ना आए, अब मैं करनल बाबू का पूरा सम्मान करता हूं, उनके साथ जो हमारे बीस बहुदर जवान
04:10शहीदी हैं, उनका पूरा सम्मान करता हूं, लेकिन हविशे में यहां निश्चित किया जाएगा, प्रोसीजर्स इवाल्व कर लिए गए हैं,
04:19जैसे कि ज�
04:32जहां पर हम लोग तीन किलोमेटर उदर तक क्लेम कर रहे हैं, वो भी ढ़ी किलोमेटर इस तरह क्लेम कर
04:37रहे हैं, तो एसे जगतामें
04:48गुत्थम गुत्था जमीन पर ना हो एक और चीज़ बताता हूँ देखो बड़ा ही सेंसिटिव मुद्दा है मैं पता नहीं
04:57अब कैसे इसको दुनिया में कई देशों ने इसलिए बॉर्डर तक अपनी फौज को तैनात नहीं करते हैं यह ध्यान
05:07से सुनने की बात है वो दु
05:18चालू हो जाए बॉर्डर पर सिर्फ एक पोलिस जैसी और्गिनाइजेशन तैनात होती है ठीक है और यूरोप में कुछ देश
05:29ऐसे हैं जहां पर क्योंकि बॉर्डर पर तनाव था या तनाव होने की संभावना है बॉर्डर गार्डिंग जो है ना
05:38उनकी मिलिटरी करती है �
05:41जैसे हमार यहां ITBP है अकसाई चिन में कई देशों में अंडर्स्टेंडिंग यूरोपियन देशों में बॉर्डर को लेके जहां-जहां
05:51confusion है जैसे यूग तूट किया मैं तीन-चार टूपड़े उनके बॉर्डर पर प्राइवेट सीकूरिटी गार्ड बॉर्डर मैनेज
06:01करते हैं क्योंकि उन्होंने सीख लिया है कि ITBP के पास हतियार है उनकी आर्मी हमारी आर्मी के बड़े-बड़े
06:12हतियार है गल्ती से गुत्ता मुद्ध एग्रेसिव होना किसी भी आर्मी का वेवार होता है आर्मी को ट्रेन किया जाता
06:20है कि जब आप दुश्मन के सामने हो �
06:22आपको अपने नतुनेफ लाने हैं आपको को बड़ा करना है दुश्मन को दरा देना है यह आर्मी की ट्रेनिंग होती
06:29है उन्होंने प्राइवेट सीक्रीटी गार्ड से बार्डर मैनेजमेंट कर रहे हैं उनकी सरकारी पुलिस भी सामने नहीं आती है तो
06:37इस तरह की एक वै
06:51बारत चाइना के इन बदलते हो रिष्टों पर और कुटली फिर हम मातुर साब के पास जाएंगा
06:58बिल्कुल आकर जी देखे आइटिंग डिवनात सार ने पूरा कवर ही कर दिया है तो जस्टो सम इट आप एक
07:05चीज इसमें देखने के लिए होगे आकर जी कि
07:09ट्रस्ट और ट्रेड डेफिसिट दोनों हैं हमारे चाइना के साथ आज के टाइम में तो उन दोनों को कैसे हम
07:16फिल करेंगे अफ्कॉस ब्रिक्स में आपने जैसे बताया कि 45 मिनिट्स की मीटिंग में उसके बाद रिपोर्ट साई कि वो
07:22ठक कही थे जिंग पिंग पूरे उस
07:38उसके लिए बहुत जादा जरूरी है कहीं न कहीं इन दोनों एकॉनमीज का साथ रहना जरूरी है चाहे वो किसी
07:46भी छेत्र में हो आज के टाइम में हम 150 बिलियन डॉलर से उपर का ट्रेड करते हैं चीन और
07:52इंडिया हमारा रिलेशनशिप एक अजीब रिलेशनशिप है क्य
08:08इस ब्रिक सम्मेलन में कहीं न कहीं हमने देखा कि कोपरेशन इस वाट वी विल फोकस अन लास्ट माइन अगर
08:15आपको लास्ट मन्त यादो चबवेस अगस्त को तो हमारे एने से डोबाल साब गए थे
08:22इसके बाद क्या हुआ उसके बाद फॉलो अपने यह वहाँ बॉर्डर के डिसक्शन वे बहुत ओपन डिसक्शन वे फॉलोइंग वीक
08:31में हुआ कि जो वाचा बॉर्डर है रुनाचल में वहाँ पर पहली बार आर्मी कमांडर्स की मीटिंग होती है चीन
08:38और इंडिया दोन
08:49से बिल्डप होते वे नजर आ रहा है कहीं न कहीं आकर जी और आगे चीन को भी यह पता
08:54है कि कहीं न कहीं भारत इकलौता ऐसा देश है जो हर एक कैंप में मौजूद है चाहे वो
09:02सार्प में हो ब्रिक्स में हो जी सेवन में हो कहीं न कहीं भारत की प्रेजन्स बहुत इंपोर्टेंट है और
09:11यहई चीन एकनोलिज
09:25देखे बहुत जादा आग के पास जाओ तो जल भी जाओगे दूर जाओ तो ठंड भी लगती है तो कहीं
09:32न कहीं हमें वो एक safe distance
09:34maintain करते हुए चलना है चाइना के साथ जी मलिगा जी बहुत अच्छी बात कहीं आपने की
09:53होगा कितना मनवाय जाएगा और क्या अब चाइना हम से थोड़ा is चाइना
09:58falling second to us now आकाश जो भारत की सबसे बड़ी ताकत है और शायद लब्दी भी उसको
10:07कह सकते हैं वो यही है कि भारत सबको समानता से ट्रीट करता है जी अमेरिका की
10:15जो सबसे बड़ी गलती भूल हुई थी अमेरिका की डिक्शनरी में equal नाम का
10:21शब्द नहीं है वो साउथ अफरिका के प्रेसिडंट को नौ घंटे बाहर अपने
10:27तरवाजे पर बैठा करके इंतजार करवाते हैं वो ग्रीन लेंड को कहते हैं
10:31अंग खा जाएंगे आपको जो कनेडा जो है वो हमारा क्यामन माराजे कहने का अर्थ ये है
10:37कि जब आप इस बात पर अपनी चीज़ को अधारित कर रहे हैं कि सब बराबर हैं सब की आवाज
10:44बराबर हैं सब की रिक्वार्मेंट्स बराबर हैं
10:47तो मेरा ये मानना है कि चीन सामारे सेकंड हो गया या हम थर्ड हो गया इस बात ये बात
10:53भारत के सिस्टम में नहीं है पहली बात दूसरी बात ये है कि आप देखिए द्विश्टे खराब हैं इसमें कोई
11:02संदे नहीं है लेकिन आप L.A.C. पर स्टेबलिटी को यकीन करवा सक
11:08सकते हैं स्टेबल करिए आप लाइन ओफ एक्शल कंट्रोल को जो करनल देवनात बता रहे थे वो बात मैंने आँखों
11:18से मैं रहे चुका हूं फिंगर फॉर फिंगर फाइग ये जो बात हो रही है उन्हां पर मैं फिजिकली रहा
11:23हूं पोस्टिंग तो इसमें क्या है कि जो
11:27बाउंडरी जो लाइन ओफ एक्शल कंट्रोल है वो अधिकतर जगाए स्टेबल है कुछ जगाओं पर ये हाल है कि जो
11:34एरियाज ऑफ डिफरिंग परसेप्शन उनको कहते हैं एडी पी वो कहते हैं कि हमारा फिंगर टू तक अधिकार है या
11:42कहीं तक है और हम कहते हैं हमारा �
11:44तक है तो पहले उसका एडी पीस का ये सिस्टम था कि आप अपनी पैट्रोल वहां तक ले जाए जो
11:49आपका क्लेमड एरिया है वो उनकी पैट्रोल यहां तक लाएंगे और जैसे अब उस चीज़ को अगर आप स्टेबल कर
11:55देंगे तो फिर आप इस बात को इस चीज़ को आ
12:14हम आगे बढ़ाएंगे ही नहीं तो फिर शुरुवात ही नहीं होगी मेरा क्याने का अरत ही है कि भारत और
12:20चीन के संबंधों को आगे बढ़ाने की आवशक्ता है लेकिन उसी समय आपको अपने राश्ट्रिय हित अपने सुरक्षा हित और
12:32अपने लाइन ओफ एक्च्वल कं
12:40पर पना करके रखिए और बाकी चीजों में आगे पढ़िए एक लास्ट लाइन में बोलना चाहता हूं आकाश वो बहुत
12:47जरूरी है कि ए दो एशिया के दो बड़े जायंट चीन और भारत डेड़ अरब पॉपिलेशन ये जो दो जायंट्स
12:59अगर इकटे होंगे तब कहीं
13:10और ये बात तभी सफल हो पाईगी जिसका बात को मैं कह रहा हूं अगर आप समानता के साथ बराबरी
13:16के साथ एक दूसरे के साथ चलेंगे अगर चीन कहेगा मैं 30.000.000 की अकॉनमी मात तो फिर मुश्किल
13:22हो जाएगी तो मेरा मानना है वी विल हैव टू गिव इट अगो इस
13:4020 मिनिट की शडियूल मीटिंग को 45 मिनिट तक चलते रहने देना ये तमाम बहुत पॉजिटिव सकारात्मक संकेत हैं आकाश
13:49और इन सकारात्मक संकीतों को एक बिगनिंग के तरह हमें इस्तिमाल करना है लेकिन फिर ये कहुँगा कि अपनी सुरक्षा
13:56की जो रिक्वार्में
14:08देनी है चाहे वो चीन के साथ चलके ही क्यों न हो बहुत बहुत धन्यवाद हमारे साथ मेजर जनरल अरुज
14:14मातुर जी थे ग्रूप कैप्टन यूके देवनाद सर थे मलिका पांडे जी थी और इन्होंने अपने वाल्यूबल उपिनियन से आपको
14:22जरूर इनलाइट किया ह
14:23होगा लेकिन दर्शक हो ब्रिक्स अब कतम हो चुका है लेकिन इरान वार अब भी चल रही है ग्लोबली जियो
14:29पॉलिटिक्स का महौल बहुत टेडा हो चुका है और सब चीजों को डिकोट करने हर एक मामले की तह तक
14:37तह तक जाने के लिए आप ऐसे ही वान इंडिया के साथ
14:41बने रहिएगा मैं हूँ आकर्शा
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