00:00क्या आप जानते हैं महाराणी सत्यवती के शरीर से आने वाली उस दिव yearsuganth का रहस्य?
00:05यमुना नदी के तटपर रहने वाली इस सुन्दर कन्या का नाम पहले मत्स्यगंदा था.
00:10उसके शरीर से आने वाली तेज मचली की गंध के कारण कोई भी उसके पास नहीं आता था
00:16लेकिन एक दिन महर्शी पराशर उस नाव पर आये और उनके भागय का पहिया घूं गया
00:21महर्शी पराशर ने अपनी योग शक्ती से उस मचली की गंध को एक अध्भुत वरदान में बदल दिया
00:28उन्होंने मत्स्य गंधा को योजन गंधा बना दिया जिसकी खुश्बु कई योजन दूर तक फैलती थी
00:34इसी अध्भुत सुगंध ने राजा शांतनु को अपनी ओर खींच लिया और वे उस पर मोहित हो गए
00:39राजा शांतनु ने उस सुंदर कन्या से विवाह का प्रस्ताफ तुरंत रख दिया
00:44लेकिन मत्स्यगंधा के पिता ने एक खतरनाक और असंभव शर्थ सामने रख दी
00:49उसने कहा मेरी पुत्री का पुत्र ही हस्तिनापूर की गद्धी पर बैठेगा
00:53इस शर्थ को पूरा करने के लिए राजकुमार देववरत ने आजीवन ब्रहमचारी रहने की भयंकर प्रतिज्या ली
01:00इस प्रकार मत्स्यगंधा से योजन गंधा बनी सत्यवती हस्तिनापूर की महारानी बन गई
01:06महाभारत के ऐसे ही अनसुने रहस्यों को जानने के लिए अभी लाइक और फॉलो करें
Comments