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  • 7 weeks ago
महाभारत काल में जब पांडव प्यास बुझाने के लिए जलाशय के पास पहुंचे, तब यक्ष ने युधिष्ठिर के सामने रखे ऐसे कठिन प्रश्न जिनका उत्तर केवल धर्मराज ही दे सकते थे। जानिए इस पौराणिक रहस्य को!
Transcript
00:11ुश्वानी गुंजी मेरे प्रशनों का उत्तर दिये बिना जल पिया तो तुम्हारी मृत्यू निश्चित है।
00:18आंकार में डूबे भीम ने चेतावनी अनसुनी कर दी और पानी पीते ही अचेत होकर गिर पड़े।
00:24एक एक करके नकुल, सहदेव और अरजुन भी मूर्चित होकर उसी भूमी पर धेर हो गए।
00:29अंत में जब युधिष्थिर वहां पहुँचे, तो अपने भाईयों की ऐसी दुर्गशा देखकर काम उठे।
00:35अब यक्ष ने प्रकट होकर कहा, यह मेरी ही परीक्षा थी, अब मेरे तीखे प्रशनों के उत्तर दो।
00:41यक्ष ने पूछा, भूमी से भी भारी क्या है, और आकाश से भी उचा कौन है।
00:46युदिष्ठिर ने उत्तर दिया माता भूमी से भारी है और पिता आकाश से भी उचे हैं। यक्ष युदिष्ठिर के धर्म
00:53और ज्यान से संतुष्ठ हो गया, जो वास्तव में स्वयन धर्मराज थे। धर्मराज की क्रिपा से सभी पांडव भाई जीवित
01:00हो उठे और उनक
01:02की प्यास त्रिप्ट हो गई। धर्म और सत्य के ऐसे अनसुने रहसियों को जानने के लिए अभी लाइक और फॉलो
01:08करें।

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