00:11ुश्वानी गुंजी मेरे प्रशनों का उत्तर दिये बिना जल पिया तो तुम्हारी मृत्यू निश्चित है।
00:18आंकार में डूबे भीम ने चेतावनी अनसुनी कर दी और पानी पीते ही अचेत होकर गिर पड़े।
00:24एक एक करके नकुल, सहदेव और अरजुन भी मूर्चित होकर उसी भूमी पर धेर हो गए।
00:29अंत में जब युधिष्थिर वहां पहुँचे, तो अपने भाईयों की ऐसी दुर्गशा देखकर काम उठे।
00:35अब यक्ष ने प्रकट होकर कहा, यह मेरी ही परीक्षा थी, अब मेरे तीखे प्रशनों के उत्तर दो।
00:41यक्ष ने पूछा, भूमी से भी भारी क्या है, और आकाश से भी उचा कौन है।
00:46युदिष्ठिर ने उत्तर दिया माता भूमी से भारी है और पिता आकाश से भी उचे हैं। यक्ष युदिष्ठिर के धर्म
00:53और ज्यान से संतुष्ठ हो गया, जो वास्तव में स्वयन धर्मराज थे। धर्मराज की क्रिपा से सभी पांडव भाई जीवित
01:00हो उठे और उनक
01:02की प्यास त्रिप्ट हो गई। धर्म और सत्य के ऐसे अनसुने रहसियों को जानने के लिए अभी लाइक और फॉलो
01:08करें।
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