00:09हम बरबादी की कगार पर बिलकुल खड़े हुए हैं बस हम उसकी बात नहीं करते हैं क्योंकि अगर हम बात
00:14करते हैं तो असो विधा होगी जो हमारा कंजम्शन सेंट्रिक माइंड हैं उसको बुरा लगेगा अगर हम बात करेंगे
00:20क्लाइमेट चेंज की तो हम क्लाइमेट चेंज की बात को दबा कर रखते हैं मीडिया में भी आप जादा नहीं
00:24सुनते हैं समिट्स होगेरा होती हैं उसमें राष्ट्रा धेक्ष मिलते हैं और वो एक दूसरे के साथ चायवाई पी करके
00:29काम खतम कर देते हैं कुछ वहाँ पे �
00:31कर लेते हैं जो कि कभी पूरा नहीं किया जाता है और हम बस ऐसे आख बंद करके शुतुर्बुर्ग की
00:37तरह सर को मिट्टी में दिये हुए हैं कि खतरा तो कोई है ही नहीं इन खतरा सामने हैं मौसम
00:42बदल चुके हैं तथ्वी के जितने एकोसिस्टम से सब बुरी तरह अस्
00:48और अगले दस बीस साल में जिस सर की तबाही आएगी इसको आप प्रले भी मान सकते हैं
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