00:04नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:07ये कहानी है बैग में रखी एक आधी अधूरी लाश के 2100 किलो मीटर के सफर की
00:14चन्नेई से चलकर नई दिल्ली आने वाली चन्नेई एकस्प्रिस के एक जनरल कमपार्टमेंट में लाल रंग का एक बैग रखा
00:21था
00:21गौालियर में पहली बार एक मुसाफिर की नजर इस बैग पर पड़ती है आगरा में इस बैग को खोला जाता
00:28है बैग के अंदर एक लाश थी लेकिन लाश का चेहरा गायब और यहीं से इसकी तफ्तीश शुरू होती है
00:36और जाँच जाकर खत्म होती है मनीपुर में
00:48चन्नाई से दिल्ली जाने वाली तमिल लाडू एक्स्प्रेस तैवक पर गौालियर पहुंच चुकी थी लेकिन गौालियर से जैसे ही ट्रेंग
00:56चली ट्रेंग में सवार एक मुसाफिर ने शिकायत की
00:59कि ट्रेंग के पिछले हिस्से के जनरल कंपार्टमेंट में लाल रंग का एक ट्रॉली बैग लावारिस हालत में पड़ा है
01:06और उसके आसपास से बगबुआ रही है
01:10यह खबर जैसे ही जी आरपी यानि गौर्मेंट रेलवे पुलिस को मिली जी आरपी ने फॉरण आगरा कंट्रोल रूम को
01:18इसकी खबर दी
01:18क्योंकि ट्रेंग का अगला स्टॉपेज आगरा थी गौालियर से आगरा तक की दूरी एक खंटे में तेह होना थी
01:35सूचना मिलते ही आगरा केंट रेलवे स्टेशन तब जी आरपी की पूरी टी तैयारी के साथ तमिलनाडू एक्सप्रेस का इंतिजार
01:43करने लेगे
01:44सुबा करीब पाँच बजे ट्रेंट प्रेटफॉर्म नंबर वन पर रुपती है
01:49कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर अब रेलवे पुलिस की टीव उसी जनरल कमपार्टमेंट में ताफिल होती है
01:56खबर सही थी कमपार्टमेंट के पिछले हिस्से में एक लाल रंग का ट्रॉली बैग रखा हुआ था
02:02बैग के नीचे से शायद खूंड रिस रहा था रेलवे पुलिस ने ट्रॉली बैग को खोलने का फैस्त्रा किया फिर
02:10जैसे ही बैग खोला अंदर से वही बहार आये जिसका टर था ट्रॉली बैग में लाश के टुकडे थी
02:21कि शुचना प्राप्त हुए कंट्रोल रूम से कि चितामेल लाटिव एक्स्प्रेस जो बाहर चैसो इस नितल चुकी है उसके जर्नल
02:28कंपार्टमेंट में पीछी तरफ एक टॉली बैग लाल रंका रखा है इसमें से कुछ दिरभ बाहर निकलता है और बदभू
02:34आ रही है इ
02:47मिले हैं जितकों तद्काल उस मार्टम के लिए भीजा गया है लाश का चेहरा गायब था क्योंकि बैग में सिर्थ
02:55था ही नहीं अब बिना चेहरे वाली लाश के टुकड़े की शिनाहत कैसे है फिर अब तक ये भी पता
03:02नहीं था कि लाश वाला ये बैग ट्रेन में आया कहा
03:05से इसे किस स्टेशन पर रखा गया लेकिन तभी रेलवे पुलिस की नजर उस रैपर पर पड़ी जिसमें लाश के
03:13टुकड़े लपेटे गए थी उस रैपर पर चेहरे के किसी प्रोडेक्ट का लोगो लगा हुआ था
03:20और वह जो उसमें रैपर में जिसमें लिख्टे हुए हैं उसमें चेहरे का लोगो लगा है इसके आधार पर चेहरे
03:27भी एक टीम ज्याश पीड़ी तिकार रवाना कर दीब है चार कुछ अफसेस हैं कि पूरी बॉडी भी लगा है
03:32लेकिन देखने से प्रथम देश्टा जैस
03:48अब तफ्तीश शुरू होती है दो चीजें ये इशारा कर रही थी कि इस लाश का कोई ना कोई कनेक्शन
03:55चिन्नई से हो सकता है पहली जिस रैपर में लाश लिप्टी थी उस पर चिन्नई का लोगो और दूसरी तमिलाडू
04:03एक्सप्रेस चिन्नई से ही जलती है आगरा पु
04:16ये ट्रेन तीन अगस्त की राद 10 बजे चन्नई रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली के लिए रवाना होई थी अब
04:24सबसे पहले पुलिस ने तीन अगस्त की राद चन्नई रेलवे स्टेशन की प्लेटफॉर्म नमबर 4 के CCTV फुटेज को खंगालना
04:32शुरू किया ये देखने क
04:34के लिए कि जनरल अपार्टमेंट में लाल रंग की ट्रॉली बैक के साथ कौन-कौन मुसाफिर सवार हुए चन्नई स्टेशन
04:41से ही सवार हुआ या फिर किसी ओर स्टेशन से इधर इस बीच चन्नई के अलावा गौलियर और गौलियर से
04:47पहले के स्टेशन के CCTV फुटेज को �
04:50पुलिस खंगालने में जुट चुकी थी पर काम्यावी चन्ने रेलवे स्टेशन से ही मिली तीन अगस्त की राद तविल्लाडो एक्स्प्रेस
04:59जस प्रेटफॉर्म नमबर चार पर खड़ी थी उस प्रेटफॉर्म पर दोलों बिलकुल वैसा ही ट्रॉली बैक ली दिखाई
05:17जब चन्ने इस्टेशन के बाकी सीसी टीवी कैमरों को खंगाला गया तो पता चला कि ये दोनों गुड़ू वांचेरी से
05:25आने वाली एक ट्रेन से चन्ने इस्टेशन पहुंचे थी अब पुलिस के पास कातिल के तौर पर दो चेहरे थे
05:32कैमरे में गया यही दो चेहरे लेक
05:47चन्ने में ही कहीं मिल सकते हैं अब दोनों की तलाश शुरू होती है
05:52चन्ने इस पेस से एक लाल रंग के बैग में मानव अबसे इसकी सूचना प्राप्त थी जिसका पुस्टमाटम भी कराया
06:00गया और फॉरेंसिक जो एक्सपार्ट थे उनकी उपस्तिती में कराया गया ताकि यह वेरिपाई हो सके कि वो मानव अंस
06:09है और किसके हैं पुरूस है
06:12इसके लेड़ और सिसी टीवी फूटेश को करते वे हमारे टीम वापस उसी चन्नही एक्सप्रेस से गई
06:20तो चन्नाई में लाल रंग के बैक को बैक बरामत हुआ था उस बैक को प्रूस और ले करके एक
06:29दूसरे ट्रेन से उत्रे थे और उसके बाद चन्नाई एक्ष्प्रिस में रख करके वापस हो जाएते यह जानकारी चन्नाई पुलिस
06:37के साथ सेयर की गई थी यहां मुकदमा जी
06:50की कर्वाई कर रही हैं वक्त बीटा जाता है पर पुलिस नहीं दोनों को ढूंड पाती है और नहीं यह
06:57पता लगा पाती है कि बैग में मिली लाश आखिर किसकी थी हाला कि कोशिश जारी थी पूरे 19 दिन
07:04बाद आखिर कार पुलिस को पहली काम्याबी मिली कैमरे में कैयद �
07:09इन दोनों का पता मिलता है पता चलता है कि दोनों चन्ने के गुडू वांचेरी के घर में रहते हैं
07:16पुलिस के टीम फॉरन उस घर पर दबिश डालती है वो दोनों तो वहां नहीं मिले लेकिन घर के अंदर
07:22पुलिस को जो कुछ मिला खुद पुलिस सिहर उठा है चन्ने के
07:39इदर घर के बाहर भीड ये जानने के लिए खड़ी थी
07:42कि घर के अंदर पुलिस क्यों है
07:44और उदर घर के अंदर मौजूद पुलिस घर का कोना कोना तलाश रही थी
07:49घर के बेट, फ्रिच, अलमारी जब सब की तलाशी ले ली फिर भी कुछ नहीं मिला
07:55तब पुलिस किचन में दाखिल होती है
07:57किचन में एक बड़ा सा बरतन कहें, पतीला कहें, यदे रखा हुआ था
08:03अब पुलिस ने जैसे ही इस बरतन का धक्तन हटा है, खुद पुलिस सक्ते में आ गए
08:08इस बरतन के अंदर एक इनसानी सिर्फ और लाश के कुछ टुकड़े थी
08:16अब पुलिस के टीम इस बरतन को लेकर घर के बाहर आती है
08:20तब तक बरतन में इनसानी सिर्फ और लाश के टुकड़े पड़े होने की खबर इलाके में फैल चुकी थी
08:26इसके साथ यानन फानन ने या अफवाह उड़ गई
08:29कि इस बरतन में इनसानी मास को पकाया गया है
08:33हलाकि बाद में खुद चन्ने पुलिस ने इसे महजिक अफवाह बताया
08:39दरसल ये घर मनिकुद्दीन लशकर नाम के एक शखस का था
08:43यहां वो भगवती माची नाम की महिला के साथ लिविन में रहता था
08:47पुलिस ने जब आस पड़ोस में लोगों से मनिकुद्दीन के बारे में पूछ ताच की
08:52तो पता चला कि पिछले 20 दिनों से वो घर आया ही नहीं है
08:56साथ ही भगवती भी तभी से गायब है
08:59जब पुलिस ने सीसी टीवी कैमरे में कैये ये तस्वीर पड़ोसियों को दिखाई
09:03तो उन्हों ने फॉरन पहचांग लिया कि ये मनिकुद्दीन और भगवती ही है
09:08इसी दौरान पड़ोसियों ने ये भी बताया
09:11कि करीब महीने भर पहले इसी घर में एक और महीला किराये पर रहने आई थी
09:16उसका नाम हयातन निशा था
09:18वो भी पिछले 20 दिनों से गायब है
09:21तो क्या ट्रॉली बैग में मिली लाश हयातन निशा की थी
09:24ये दो स्टेट की पुलिस के अपसी कोडिनेशन का परिणाम है
09:31एक ब्लाइंड केस जिसमें मानव अफसेस मिलना और उसको लिंक जोड़ना
09:37और तबनाडू पुलिस के गारा कारवाई करना
09:40ये एक अच्छी वो है सफलता में इसमें
10:05अब पुलिस गुडवानचेरी में तफ्तीश आगे बढ़ा रही थी
10:09कि तभी लोकल पुलिस से जानकारी नी
10:11कि हयातुन निशा की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में लिखाने एक लड़का आया था
10:16पुलिस ते जब वो रिपोर्ट पढ़ी तो पता चला
10:19कि रिपोर्ट लिखाने वाला सत्रा साल का एक लड़का है
10:22और हयातुनिशा उसकी मा थी
10:24अब बुलिस्ते हयातुनिशा के बेटे से पोच ताज गी
10:28तो आधी कहानी सामने आ गए
10:30वो आधी कहानी ये थी
10:32कि हयातुनिशा उडिचा के
10:34जगत सिंग्पूर के रहने वाली थी
10:36चिन्ने में एक कंपनी में नौकरी करती थी
10:39बेटा साथ रहा करता था
10:41लेकिन पिर हयातुनिशा मनिकुदीन के कریब आगे
10:44बेटे को ये बात पसंद नहीं आई
10:46अब वो मां से अलग रहने रगा
10:48और मां मनिकुदीन के साथ
10:51उसी के घर में किराइदार के तोर पर रहने लगी
10:54हाला कि मनिकुदीन
10:55पहले से ही भगवती के साथ लिविन में रह रहा था
10:58पर अब हयातुन निशा के साथ भी उसके रिष्टे बन चुके थे
11:03अब चंड़ाई पुलिस की एक टीम फॉरन औरिशा के लिए रवाना होती है
11:07जगत सिंगपुर जाने के बाद ये साबित हो जाता है
11:10क्यागरा रेलवे स्टेशन पर बैग में जो लाश मिली थी वो हयातुन निशा की ही थी
11:16गुडुवांचेरी के जिस घर में बरतर में इनसानी सिर मिला
11:19उससे भी ये साबित हुआ कि हयातुन निशा का कतल उसी घर में किया गया था
11:25कतले के बाद बैग में आधी अधोरी लाश डाल कर मनिकुद्दीन और भगवती चन्ने रेलवे स्टेशन पहुंचे
11:32और फिर तमिल नाडू एक्सप्रेस ट्रेंड के जनरल कमपार्टमेंट में बैग रख कर वहां से निकल दी
11:38फिलाल वो दोनों ही फरार है
11:41पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए एक साथ कई जगों पर दबिश डाल रही है
11:45अब जब तक मनिकुद्दी और भगवती गिरफतार नहीं हो जाते है
11:49तब तक कहानी का क्लाइमेक्स अधूरा ही है
11:52क्लाइमेक्स ये क्या खिर हयातन निशा का क्त्र जोग हुआ
11:56चन्नेई से आगरा तक के इस सफर की असलियत क्या थी
12:02तो इसी असलियत का पता लगाते लगाते चन्नेई पुलिस
12:06चन्नेई से दो हजार किलो मिटर दूर मनिपुर पहुंचती
12:11मनिपूर में जीरी बाम में मनिकुद्दीन और भगबती के छुपने की खबर विली थी
12:17खबर तो पक्की थी पर दोनों मिल नहीं रहे थी
12:20पूरे साथ दिन लग गये चन्नेपुलिस की टीम जीरी बाम के इलाके में भटकती रहे
12:25फिर आखिर कार 28 अगस्त को काम्यावी मिली दोनों उसी जीरी बाम से पकड़े गए
12:31मनिपूर की एक कोट में पेश कर दोनों का ट्रांजिटरी मान लिया गया और फिर उन्हें चन्नेपुलिस की कस्टडी में
12:41एरपोर्ट से बाहरा थे
12:42योसी मनिकुद्दीन और भगवती की तस्वीच चन्नेपुलिस सूत्रों के मताबिक शरुवाती पूछताच में दोनों ने जो कहानी सुनाए वो कुछ
12:52यूँ थे
13:06चन्नेपुलिस न जब तफ्तीश की तो पाया कि उसके बैंक के पैसे बैंक के पैसे पास सोने के जेवर भी
13:16थे
13:17हयातुनिशा की शिनाख्त होने के बाद चन्नेपुलिस न जब तफ्तीश की तो पाया कि उसके बैंक के पैसे और जेवर
13:23दोनों गायर है
13:25चन्नेपुलिस सूत्रों के मताबिक मनिकुर्दीन और भगवती न उनी पैसों के लिए हयातुनिशा को घर के अंदर ही माड आ
13:33रहा
13:33फिर लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसके कई टुकड़े की पर टुकड़े किया जाने के बाद भी लाश एक
13:40बैग में नहीं आ रही थी
13:41लहाजा आधी अधूरी लाश बैग में भरकर दोनों ने उसे चन्नेई से नई दिल ली जाने वाले तमिलाडू एकस्प्रेस में
13:49रख दिये और गायब हो गए
13:51दोनों की प्लानिंग घजब थी लेकि दोनों ये भूल गए कि रेलवे स्टेशन पर जगा जगा सी सी टीवी कैमरे
13:57लगे होते हैं
13:58फिर दोनों ने अपने चेहरे भी नहीं छुपाये थे लहाजा कैमरे में कैयत हो गए
14:04दोलों ने दूसरी खलती है की किलाश को जिस रैपर में लपेटा उसमें चन्ने की एक कमपनी का लोगो था
14:11और बस यही दो चीज़ें आखिरकार इनकी गिरफतारी की वज़ा बन जाती है
14:16और इस तरह चन्ने टू आगरा के सफर के साथ साथ यह कहानी अपने अंजाम को पहुँचती है
14:25आगरा से अर्विंद शर्मा के साथ प्रमोद मातब चन्ने आज तक
14:33और अब बात पत्नियों के हाथों मारे जा रहे बती की सबसे ताज़ा दास्तान की
14:38जैपुर में एक पती की तबियत अचाना खराब हो जाती है
14:42कुछ तेर बात ही उसकी मौत हो जाती है
14:44पत्नी सदमे में चली जाती है
14:46फिर अंतिम संसकार के बाद पती के अंतेश्वी को गंगा में प्रवाहित करने के लिए वो हरिदवार जाती है
14:53लेकिन जैसे ही हरिदवार से लोटती है
14:56एक कैमरा सारी कहानी पलट देता है
15:02जैपुर के विश्वकर्मा इलाके के 14 नंबर पुलिया के पास
15:05इस मंजर को 5 अगस्त के दिन वहां से गुजरते हुए हर शक्स ने देखा था
15:11लेकिन इन तस्वीरों को देखते हुए तब शायदी किसी ने ये सोचा हो
15:15कि वो जो कुछ देख रहे हैं वो कुछ और नहीं बल्कि एक शक्स का कतल है
15:20जी हाँ, चलती सड़क के किनारे एक दुकान के सामने तब एक महिला और कुछ लोग
15:26एक बिमार आदमी को संभालते और सहारा देते दिख रहे थी
15:30लेकिन असल में वो ना तो किसी को संभाल रहे थे और नहीं सहारा दे रहे थी
15:35बल्कि एक कतल की एक ऐसी सोची समझी साजिश थी
15:39जिसे बड़े आराम से सड़क के किनारे अंजाम दिया जा रहा था
15:45बाद में इसी CCTV फुटेज की मदद से इस केस का खुलासा हुआ
15:50एक ऐसा केस जिसमें एक पत्नी ने अपने बॉइफरेंट के साथ मिलकर पती की हत्या कर दी
15:56पहले उसे जहर मिला हुआ जूस धोखे से पिलाया
15:59और फिर जब पती की तबियत बिगड़ गई तो उसे अस्पताल ले जाने की जगज सड़क पर टाइम पास करते
16:05रहे
16:05और आखिरकार देड़ घंटे में तड़ब तड़ब कर पती की जान चली गए
16:10फिलहाल जैपुर पुलिस ने इस केस का खुलासा करते हुए ना सिर्फ बीवी और बॉइफिंड को गिरफतार कर लिया है
16:16बलकि ये भी पता चला है कि बीवी ने अपने पती के कतल के लिए
16:21खुद अपने ही पिता से धोखे से किटनाशक दवा मंगाई थी
16:25और पूरे चार महिने के इंतजार के बाद उसी किटनाशक की मदद से पती की जान ले
16:30अब आईए आपको धोखे, साजिश और कतल की ये चौंकाने वाली कहानी सिलसिलेवार तरीके सर सुनाते है
16:55सबसे पहले आप ये वीडियो देखे, तस्वीरों में दिख रही इस लड़की का नाम है कविता
17:00कविता किसी से बात कर रही है, हलांकि उससे पता नहीं है कि उससे बातचीत करने वाला शक्सी
17:07उसे शर्ट की जेब में रखे मोबाईल फोन से चोरी छिपे शूट कर रहा है
17:11लहाजा कविता मुस्कुराते हुए सब बता रही है
17:16वो कहती है, मैं तो मर गई, अब घरवाले मुझे मार दें
17:32शायद आप ये सोच रहे होंगे कि आखिर पती का कतल करने की ये सच्चाई
17:36कविता बिना डरे कैसे कबूल कर रही है
17:39क्या उसे पुलिस, कानून या जेल का कोई खौफ नहीं है
17:43तो जवाब है कि जब तक ये वीडियो शूट किया जा रहा था
17:46तब तक कविता को इस बात का बिलकुल भी ऐसास नहीं था
17:50कि उसके घरवाले अब उसे पुलिस के हवाले करने जा रही है
17:54और चोरी छिपे शूट किये जा रहे ये वीडियो असल में
17:58उसके खिलाथ चुटाए जा रहे सबूतों का हिस्सा है
18:03दिमाग घुमा देने वाली इस मर्डर मिस्ट्री के शुरुआत होती है पांच अगस्त से
18:07जब जैपूर के विश्वकर्मा इलाके का रहने वाला महेश मीना
18:11अपनी पतनी कविता को लेकर डॉक्टर के पास जाने के लिए घर से निकलता है
18:16दोनों बाइक पर सुबही बगरू के लिए रवाना होते हैं
18:20लेकिन जब देर दोपहर तक लोट कर नहीं आते तो फिर घरवालों को फिक्र होती है
18:24इसके बाद वो अपने बेटे महेश को फोन करते हैं
18:28मगर फोन महेश नहीं उसकी पतनी कविता उठाती है
18:31और बताती है कि वो कुछी देर में घर लोटने वाले हैं
18:35लेकिन इसके थोड़ी ही देर बाद कविता फिर से अपने ससुराल में फोन कर एक डरावनी खबर देती है
18:41वो बताती है कि उसके पती महेश की तबियत अचानक रास्ते में ही खराब हो गई है
18:46और वो फिलहाल महेश के साथ 14 नंबर पुलिया के पास रुकी हुई है
18:51वो बताती है कि वो किसी तरह बीमार महेश को पाइक पर बांद कर यहां तक पहुची है
18:59ये खबर सुनकर घरवालों के पैरों तले जमीन खिसक जाती है
19:03वो आनन फानन में मौकाय वारदात पर पहुचते हैं
19:06और फॉरन महेश को उठा कर सीकर रोड के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में ले कर जाते हैं
19:12लेकिन डॉक्टर उसे मुर्दा करार देते हैं
19:16ये सब कुछ इतनी जल्दी होता है कि घरवालों को समझी नहीं आता कि जवान जहान महेश को अखिर अचानक
19:23क्या हुआ
19:24उसकी जान इतनी जल्दी कैसे चली गई
19:26अस्पताल की तरफ से ही पुलिस को इतला दी जाती है
19:29और इस सिलसिले में पुलिस अस्वाभविक मौत का मामला दर्ज कर महेश के शव को पोसमाटम के लिए भिजवा देती
19:36है
19:36मगर पोसमाटम में मौत की वज़ा साफ नहीं होता
19:41महेश की मौत से कवीता को गहरा सदमा लगता है
19:44वो कभी कभी रोती तो है लेकिन कई बार उसे देख कर लगता है कि कवीता को महेश के जाने
19:50का ज्यादा गम नहीं है
19:52ऐसे में महेश के पिता बाबुलाल मीना खुद अपने बेटे की मौत की वज़ा जानने और इस मामले की तफ्तीश
19:59करने का फैसला करते हैं
20:01घर के कुछ सदस्य जब महेश के अस्थी विसरजन के लिए हरिद्वार जाते हैं तो महेश के पिता बाबुलाल कवीता
20:07को भी हरिद्वार भेज देते हैं
20:09इधर कविता के जाने के बाद बाबुलाल मीना सच्चाई जानने के लिए उस जगह पर पहुँचते हैं, जहां घरवालों ने
20:16पहली बार महेश को बीमार हालत में देखा, यानी 14 नमबर पुलिया के बाद, इतिफाक से वहां उन्हें एक CCTV
20:25कैमरा नजर आता है, अब वो खु�
20:39इस फुटेज में उन्हें जो कुछ दिखता है, वो बेचैन करने वाला है, यहां उनकी बहु कविता अकेली ही बीमार
20:46महेश के साथ नजर नहीं आती, बलकि दो बाइक पर तीन अजनबियों के साथ दिखती है, एक बाइक पर दो
20:53लड़के महेश को बीच में बिठा कर लात
21:05अकेली ही उसे लेकर 14 नंबर पुलिया तक पहुँची थी, उसने कभी भी उन तीन लड़कों का जिक्र अपने ससुराल
21:12वालों से नहीं किया था, जो महेश और कविता के साथ यहां दिख रहे थी
21:19अब मीना परिवार बड़ी खामूशी से पाइक से आए इन तीन लड़कों की पहचान पता करने में लग जाता है,
21:25और उन्हें जो पता चलता है, वो काफी हैरानी भरा है
21:29इसमें एक लड़का कविता का करीब नौ साल पुराना बॉइफरेंड गणेश मीना है, जबकि बाकी के दो लड़के गणेश के
21:37दो दोस्त अजे मीना और गोलू प्रजापत है
21:39इस CCTV वीडियो को देखने से ये साफ होता है कि उन्हें महेश को अस्पताल ले जाने की कोई जल्दी
21:46नहीं है
21:46बलकि वो तो 14 नंबर पुलिया के पास एक दुकान के सामने महेश को पटक कर शायद उसके मरने का
21:54ही इंतजार कर रहे होते हैं
21:56और बस इसी CCTV फुटेज से कतल के इस संसनी खेज मामले का खुलासा होता है
22:03विशाल शर्मा जैपो आज तक
22:09तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाकि खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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