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  • 26 minutes ago
UPI पर चार्जेस को लेकर आमने-सामने विपक्ष और सरकार, देखें दोनों के तर्क

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00:08आज तक मैं हूँ आपके साथ पूजा शर्मा आज हम बात कर रहे हैं यूपियाई को लेकर चल रहे विवाद
00:14की खबर पर
00:14कॉंग्रिस लगातार कह रही है कि यूपियाई पर जो 0.4 फीसिदी का मर्चन डिसकाउंट रेट यानि की
00:21MDR लगाया गया है वो ट्रम के दबाब में ही लगाया गया है ताकि फोन पे वाले वालमार्ट और गूगल
00:28पे को मुनाफ़ा हो सके
00:29कॉंग्रिस के नेता हवाला दे रहे है कि अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव्स रिपोर्ट में 0 MDR पर नाराजगी जताई गई थी
00:36इसलिए अब चार्ज लगा है
00:37जबकि सरकार ने बकाइदा इसी अगस्त में संसद से कानून पारित किया जिसमें वित विभाग की संसदी समिती की 32
00:44वी रिपोर्ट का आधार बताया गया
00:46और उस कमिटी में कॉंग्रिस के भी 500 संसद से हैं उन्होंने उस रिपोर्ट में कोई भी डिसेंट नोट तक
00:54भी नहीं डाला लेबल की समिती ने
00:56यह माना है कि UPI को सरकारी अनुदान पर चलाना संभव नहीं है और उसे अपना revenue model लाना होगा
01:02अब सरकार कह रही है कि आम आदमी पर इसका बोज नहीं पड़ेगा लेकिन हाकिकत यही है कि आखिर बोज
01:08आम आदमी पर ही पढ़ने वाला है
01:10Confederation of All India Trades जैसी कारोबारी संस्था और वियापारी संगठन भी इसका विरोज जता रही है
01:16खुद्रा और खारोबारी की शुकायत कर रहा है कि इससे नगदी को बढ़ावा टेक्स शोडी को बढ़ावा
01:22टुकडों में पेमेंट जैसी हरकते बढ़ेंगे और इनी दलीलों के साथ
01:26कॉंग्रेस पार्टी अब UPI पर लगाए गए शुने दशवलव 4 फीसिदी MDR को वापस लेने की मांग कर रही है
01:32क्योंकि सुनने में ये सिर्फ शुने दशवलव 4 फीसिदी है
01:35भारत में सालाना 314 लाग करोड रुपे का UPI लेन दिन है
01:39शुने दशवलव 4 फीसिदी सेवा सवा लाग करोड से भी ज्यादा होता है
01:44और इस रिपोर्ट के जरीए आप इसको थोड़ा ध्यान से समझेए उसके बात करेंगे चर्चा की शिरुआद
01:58तीन दिनों से तबाही मची है
02:00स्तरकार सफाई देकर परेशान है
02:20कॉंग्रस पाटी के तमाम नेता प्रवक्ता कह रहे हैं कि सरकार ने अमेर्की दवाब में फैसला लिया
02:25और गौरब गोगोई कहते हैं कि जब संसदिय समित्ति के बैठक हुई
02:28तो वित्त मंत्राले के पास UPI पर टेक्स के कोई ठोस प्रस्ताव नहीं थे
02:33मर्चन्ट डिसकाउंट रेट यानि MDR की जरुद पर सवाल पूछा गया लेकिन जवाब नहीं थे
02:39ये गौरब गोगोई लोगसभा में कॉंग्रस को उपनेता है और अपने दलके बांकी पाँच और संसदों के साथ
02:44वित्विवाग के संसदिय मामलों की समिति के सदस्य हैं
02:47इस समिति की 35 वी रिपोर्ट के पेज नंबर 23 पर साफ लिखा है कि बिना MDR के UPI चलना
02:53मुश्किल है
02:53पेज नंबर 78 पर लिखा है कि UPI के लिए अपना रेवेन्यू मॉडल तयार करना होगा
02:58और 12 मार्च को ये रिपोर्ट उस समिति ने दी थी जिसमें कॉंग्रेस की ओर से
03:03पीजी दंबरम, मनिश तिवारी, गौरब गोगोई, प्रमूत तिवारी, किशोरी लाल और के गोपिनात
03:36ये सभी सांसत उस कमिटी के सदसे हैं जिनकी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने आदेश निकाला है
04:00और उन पर आरोप लगा गया है कि उन्होंने वीजा और मास्टर कार्ड जैसे अमेर्की पेमेंट प्लेटफॉर्म को बाहर कर
04:06दिया है
04:07जैराम रमेशनल सवाल उठायते कि क्या प्रम के दवाब में यूपियाई को कमजोर करना चाहते हैं और डिजिनल पेमेंट सेक्टर
04:13को अमेर्की कमपनियों के लिए खोलना चाहते हैं
04:18अमेर्का की USTR की पेज नंबर 272 पर कहा गया था कि NPCI के रुक से अमेर्की कमपनियों को बराबरी
04:25का मौका नहीं मिल रहा
04:25अमेर्का ने फट पार्टी एप्स को UPI सिस्टम में 30 फीज़ी के कैप का विरोध किया था
04:31अलाकि 30 फीज़ी का कैप अभी तक लागू नहीं किया गया है
04:34यह है कि अमेर्का की वालमर्ट वाला फोन पे और गूगल वाला गूगल पे भारत की 80 फीज़ी से अधिक
04:39UPI पेमेंट मार्केट पर कबजा कर चुकी है
04:41हलाकि इसमें से कुछ चार्ज वो बैंक भी वसूलेंगे जिनके खाते से पेमेंट हो रहे हैं
04:46और भी अनुवान के मुताबिक 7-8,000 करूर रूपे का सालाना फायदा गूगल पे फोन पे को हो सकता
04:52है
04:52और ऐसा ही फायदा पेटियम जैसी भारते पेमेंट अप्स को भी हो सकता है
04:55सरकार ये भी दलील देती है कि इन देसी एप्स को चलाने के लिए सरकारी सबसीडी का रिवेन्यू मॉडल नहीं
05:01चल सकता है
05:01क्योंकि पिछले साल फोन पे का सालाना खर्च 9,394 करोड रूपे था
05:06जिसमें सर्वर और डेटा सेंटर्स पर 2,800 करोड रूपे बैंकों और गिट्विको 1688 करोड रूपे बाकी सॉफ्ट्वेर, क्लाउड, क्लाइंट,
05:15सपोर्ट सब मिलाकर 500 करोड रूपे खर्च हुआ था
05:17और ये तब था जब एक पिछाई मारकेट पर फोन पे का कफजा है
05:24अमेरिका के सामने चुनोती बनी हुई है कि अगर भारत में थर्ड पार्टी पेमेंट टैप्स पर 30 फिजदी का टैप
05:30लग दिया तो भारती वाजार पर उनका एकाधिकार सिमित हो सकता है
05:33और तब वालमॉट और गूगल जैसी कंपणियों का मुनाफा भी एक तिहाई टक से मड़ सकता है
05:37इसके साथ ही पेटियम जैसी भारत की 30 फर्ड पार्टी पेमेंट एप्स को स्तरवाइवल का बड़ा मौका मिल सकता है
05:42क्योंकि अब शूनी तकमलत 4 फीजदी MDR लागू होने का फाइदा उन्हें भी मिलेगा
05:47आज तक देरो
05:49पियूश मिश्टर जूर गया हमारे साथ जादा जानकारी के लिए
05:51पियूश MDR को लेकर लगातार विपक्ष अलग अलग आरोप लगा रहा है
05:55इसे वापस लेनी की मांग कर रहा है
05:57ऐसे में पक्ष की तरफ से क्या कहना है
06:02एक चीज़ साफ है
06:03सरकार का ये मानना है कि इसकी जरूत पिछले काफी लंबे समय से थी
06:07और जो फैसल लिया गया है वो कता ही वापस नहीं होगा
06:11और ये फैसला सभी स्टेक होल्डर से बात करने के बाद लिया गया है
06:16हमने कई अलग अलग जो पेमेंट आप के अधिकारी हैं उनसे बात भी की
06:21जिसमें नहीं बताया है कि पिछले काफी लंबे समय से सरकार हमको सबसीडी दे रही थी
06:25और उसी के साथ सबसीडी मिलने के बावजूद भी हम काफी जादा नुकसान में थे
06:29अब इस पूरे सिस्टम में ये समझने के जरूत है कि पिछले 10 साल से
06:33यूपी आई ने देश में करांती तो जरूर लाई है लेकिन इसका जो खामियाजा है
06:45यही कारण है कार्ण के सरकार उनको सबसीडी करना पड़ा है लेकिन अब अब सरकार की मंचा यह है कि
06:51यही कमपश्पनी और जो परो सिस्टम है और और इक्सपैंड करें नहीं टिक्नोलोजी इसमें
06:59सामने आये infrastructure में बहुत ज़्यादा बहतर बहतरी हो इन सब
07:04चीजों को लेकर पैसिक जरूत है और जब पैसा आएगा तब चीजे और
07:08infrastructure बाकि बाकि सिस्टम जो है वो बहतर हो सकेगा इसलिए
07:11सरकार यह जो है नया कानून लेकर आई है सरकारी सूतरों का यह
07:16दावाय कि आज भी चैनबे पर्तिशत पेमेंट्स पूरी तरह से फ्री हैं सिर्फ चार
07:22प्रतिशत ही कहीं लोगों पर होता हुआ नजर आ रहा है अगर आप और मैं दो हजा रुपे
07:42तक भी अगर पेमेंट की जाती है तो तीन सो रुपेसे जादा पैसा मर्चंट जो है वो नहीं पे करेंगे
07:47बैंक्स को तो इस तरह की चीज़ें निकल के अप सामने आ रही है हाला कि इस पर राजनीती जरूर
07:52हो रही है राउल गांदी का यह कहना है कि जब तक सरकार इसको �
07:55वापस ने लेगी तब तक हम इसके खिलाब अपनी आवाज उठाते रहेंगे वहीं सरकारी सूतरों के दर्फ से यह भी
08:00दावा किया गया कि जब फानेंस की स्टेंडिंग कमिटी में इसको लेकर प्रस्ताव आया और जब रिपोर्ट का डॉप्ट करने
08:05की बात आयी तो उसम
08:20स्टेंडिंग कमिटी के अंदर कॉंग्रेस के पांच सांसेत हैं जिसमें पीच दंबरम मनीश ठिवारी गौर गोगी जैसे सांसेत भी शामिल
08:28है अब इन सांसेतों का यह कहना है कि हमारी बात उसके अंदर पूरे दरह से रखी ही नहीं गया
08:33तो राजनीती तो इस पूरे मा�
08:47दर्शन भी आगे किया जा सकता है कि देखिए इसका यह पूरा मुद्धा बनेगा आगे आनले समय में चुनाव भी
08:54है पंजाब उत्रप्रदेश गोवा जैसे राज्यों में चुनाव भी है और चुनाव से पहले जरूर विपक्ष माहूल बनाएगा वसूली या
09:04ग्यांग
09:16बात यह है कि इस मुद्धे को लेकर कुछ वेपारी वर्ग जो नाराज भी है वो भी अपनी बात मुखर
09:22तोर पर रख रहे हैं कि हम क्यूं इसमें पैसा दें हम हमारे लिए कहने के नुकसान की बात होगी
09:27तो इसमें कोई दोराएं नहीं कि राजनिती इसमें होती रहेगी �
09:30बिरूर कुछ लोगों को इसमें दिक्कत होगी लेकिन सरकार करें मानना है कि यह पैसा इसले वस्तों लिया जा रहा
09:35है ताकि आगे आनवले समय में इस सिस्टम में और ज्यादा भेतरी हो सके बहुत बहुत बहुत शुक्रिया प्यूश्तमाम जानकारी
09:42के लिए अखिलेश �
09:57के लिए चुंगी खतम की गई थी लेकिन अभी चुंगी जीवियों ने चुंगी लगा दी है क्यों कोई भी टांजेशन
10:06होगा आपको चुंगी दे कर कहीं जाना पड़ेगा
10:12वहराल यूपी आई पर बयानबाजी तेज है अब आगे देखना होगा कि इस पूरे मामले पर सरकार अडिग रहती है
10:17या फिर यूपी आई पर लगने वाले MDR पर कोई बात बन पाएगी ये देखने वाली बात होगी चले फिलाल
10:22के लिए इस बुलिटन में इतना ही आप �
10:24देखते रहें आज तक
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