00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदाद
00:03ये कहानी है बैग में रखी एक आधी अधूरी लाश के 2100 किलो मीटर के सफर की
00:09चन्नेई से चलकर नई दिल्ली आने वाली चन्नेई एकस्प्रिस के एक जनरल कमपार्टमेंट में लाल रंग का एक बैग रखा
00:16था
00:17गौालियर में पहली बार एक मुसाफिर की नजर इस बैग पर पड़ती है आगरा में इस बैग को खोला जाता
00:23है बैग के अंदर एक लाश थी लेकिन लाश का चेहरा गायब और यहीं से इसकी तफ्तीश शुरू होती है
00:31और जाँच जाकर खत्म होती है मनीपुर में
00:43चन्नाई से दिल्ली जाने वाली तमिल लाडू एक्स्प्रेस तैवक पर गौालियर पहुंच चुकी थी लेकिन गौालियर से जैसे ही ट्रेन
00:51चली ट्रेन में सवार एक मुसाफिर ने शिकायत की कि ट्रेन के पिछले हिस्से के जनरल कमपार्टमेंड लाल रंग का
00:59एक ट्र�
01:03पास से बद्बू आ रही है यह खबर जैसे ही जी आर्पी यानि गौर्मेंट रेलवे पुलिस को मिली जी आर्पी
01:11ने फॉरण आग्रा कंट्रोल रूम को इसकी खबर दी क्योंकि ट्रेन का अगला स्टॉपेज आग्रा है गौालियर से आग्रा तक
01:19की दूरी एक खंटे में
01:30सूचना मिलते ही आग्रा केंट रेलवे स्टेशन पर जी आर्पी की पूरी टी तैयारी के साथ तमिल्नाडू एक्स्प्रेस का इंतिजार
01:39करने लेगे
01:39सुबा करीब पाँच बजे ट्रेन प्रेट फॉर्म नंबर वन पर जुपती है कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर
01:47अब रेलवे पुलिस की टी उसी जनरल कमपार्टमेंट में ताफिल होती है
01:51खबर सही थी कंपार्टमेंट के पिछले हिस्से में एक लाल रंग का ट्रॉली बैग रखा हुआ था बैग के नीचे
01:59से शायद खून रिस रहा था रेलवे पुलिस ने ट्रॉली बैग को खोलने का फैस्त्रा किया फिर जैसे ही बैग
02:06खोला अंदर से वही बहार आय जिसका �
02:10तर था ट्रॉली बैग में लाश के तुकड़े थे शुचना प्राप्त हुए कंट्रोल रूम से कि चितामलनाटिव एक्सप्रेस जो 12621
02:21वालियर से निकल चुटी है उसके जेनरल कंपार्टमेंट में पीछी तरफ एक ट्रॉली बैग लाल रंका रखा है इसमें से
02:28कुछ द
02:48लाश का चेहरा गायब था क्योंकि बैग में सिर्फ था ही नहीं अब बिना चेहरे वाली लाश के टुकड़े की
02:55शिनाहत कैसे है फिर अब तक ये भी पता नहीं था कि लाश वाला ये बैग ट्रेन में आया कहां
03:01से इसे किस से स्टेशन पर रखा गया लेकिन तभी रेल्वे
03:05के पुलिस की नजर उस रैपर पर पड़ि जसमें लाश के टुकड लपेते गए थी उस रैपर पर चेहरे के
03:12किसी प्रोडेक्ट का लोगो लगा वा था और वो रैपर मैं इसमें लिक्टे उह हुए हैं उसमें चेहरे का ल
03:20है इसके आधर पर चेह भी एक्टीम जाश कीदी �
03:31लेकिन देखने से पुर्थम देश्टा यसा लग रहा है तो मानों अफसेश हैं
03:34सब्सक्राइब जा रहे हैं आगे के चन्नाई तर्टी अब तफ्तीश शुरू होती है दो चीजें यह इशारा कर रही थी
03:48कि इस लाश का कोई
03:50कोई कनेक्शन चन्नाई से हो सकता है पहली जिस रैपर में लाश लिप्ती थी उस पर चन्नाई का लोग और
03:57दूसरी तमिल्लाडू एक्सप्रेस चन्नाई से ही चलती है आगरा पुलिस ने अब फॉरण चन्नाई की जी आरपी से संपर्त किया
04:05ट्रेन नमबर 12621 तमिल्लाडू
04:20अब सबसे पहले पुलिस ने तीन अगस्त की राद चन्नाई रेलवे स्टेशन की प्लेटफॉर्म नमबर 4 के CCTV फुटेज को
04:27खंगालना शुरू किया यह देखने के लिए कि जनरल अपार्टमेंट में लाल रंग की ट्रॉली बैग के साथ कौन-कौन
04:34मुसाफित सवार हुई
04:35चन्नाई स्टेशन से ही सवार हुई या फिर किसी ओर स्टेशन से इधर इस बीच चन्नाई के अलावा गौालियर और
04:42गौालियर से पहले के स्टेशन के CCTV फुटेज को भी पुलिस खंगालने में जुट चुकी थी
04:48पर काम्यावी चन्ने रेलवे स्टेशन से ही मिली तीन अगस्त की राद तविल्लाडो एक्स्प्रेस जिस प्रेटफॉर्म नमबर चार पर खड़ी
04:56थी उस प्रेटफॉर्म पर दोलो बिलकुल वैसा ही ट्रॉली बैग ली दिखाई थी इन में से एक महिला थी और
05:04दूसरा प्
05:17कि ये दोनों गुड़ू वांचेरी से आने वाली एक ट्रेन से चन्ने इस्टेशन पहुंचे थी अब पुलिस के पास कातल
05:26के तौर पर दो चेहरे थी कैमरे में कैद यही दो चेहरे लेकिन ये कौन थे इनका नाम क्या है
05:33कहां रहते हैं इसकी कोई जानकारी नहीं थी पर च
05:37क्योंकि दोनों चन्ने रेलवे स्टेशन पर दिखे तो पुलिस अंदाजा लगा रहे थी कि ये चन्ने में ही कहीं मिल
05:44सकते हैं अब दोनों की तलाश शुरू होती है
05:47चन्ने एक्सप्रेस से एक लाल रण के बैग में मानव अबसे इसकी सूशना प्राप्त थी जिसका पोस्टमार्टम भी कराया गया
05:56और फॉरेंसिक जो एक्सपार्ट थे उनकी उपस्तिती में कराया गया ताकि ये वेरिफाई हो सके कि वो मानव अंस है
06:05और किसके हैं पुर�
06:17में लाल रंग के बैग को जो बैग भरामत हुआ था उस बैग को प्रूस और लेकर के एक दूसरे
06:25ट्रेंस से उतरे थे और उसके बाद चन्ने एक्सप्रेस में रख करके वापस हो गयते ये जानकारी चन्ने पुलिस के
06:32साथ सेयर की गई थी यहां मुकदमा जी और लिखा ग
06:47वक्त बीटा जाता है पर पुलिस नहीं दोनों को ढूंड पाती है और नहीं ये पता लगा पाती है कि
06:54बैग में मिली लाश आखर किसकी थी हाला कि कोशिश जारी थी पूरे 19 दिन बाद आखिर कार पुलिस को
07:02पहली कामयाबी मिली
07:03कैमरे में कैद इन दोनों का पता मिलता है पता चलता है कि दोनों चन्ने के गुडू वांचेरी के एक
07:10घर में रहते हैं पुलिस के टीम फॉरन उस घर पर दबिश डालती है वो दोनों तो वहां नहीं मिले
07:16लेकिन घर के अंदर पुलिस को जो कुछ मिला खुद पुलिस सहर �
07:23चिन्नई के बिलकुल करीब ये छोटा सा गुडू वांचेरी का इलाका है और इसी इलाके में ये घर है जैसे
07:30इस घर में पुलिस पहुचती है आसपास भीड एकटी हो जाती है इदर घर के बाहर भीड ये जानने के
07:37लिए खड़ी थी कि घर के अंदर पुलिस क्यों है और �
07:41घर के अंदर मौजूद पुलिस घर का कोना कोना तलाश रही थी घर के बेट फ्रिच अलमारी जब सब की
07:48तलाशी ले ली फिर भी कुछ नहीं मिला तब पुलिस किचन में दाखिल होती है किचन में एक बड़ा सा
07:54बरतन कहें पतीला कहें या दे रखा हुआ था अब पुलिस
07:59पुलिस ने जैसे ही इस बरतन का ढखकन हटाया खुद पुलिस सक्ते में आ गई इस बरतन के अंदर एक
08:05इनसानी सिर्थ और लाश के कुछ टुकड़े थी
08:12अब पुलिस के टीम इस बरतन को लेकर घर के बाहर आती है
08:15तब तक बरतन में इनसानी सिर्फ और लाश के टुकड़े पड़े होने की खबर इलाके में फैल चुकी थी
08:22इसके साथ या अनन फानन में या अफवा उड़ गई
08:25कि इस बरतन में इनसानी मास को पकाया गया है
08:28अलाकि बाद में खुद चन्ने पुलिस ने इसे महजिक अफवा बताया
08:34दरसल ये घर मनिकुदीन लशकर नाम के एक शखस का था
08:38यहां वो भगवती माची नाम की महिला के साथ लिविन में रहता था
08:43पुलिस ने जब आस पड़ोस में लोगों से मनिकुदीन के बारे में पूछताच की
08:48तो पता चला कि पिछले 20 दिनों से वो घर आया ही नहीं है
08:52साथ ही भगवती भी तभी से गायब है
08:54जब पुलिस ने सीसी टीवी कैमरे में कैये ये तस्वीर पड़ोसियों को दिखाई
08:59तो उन्होंने फॉरन पहचान लिया कि यह मनिकुदीन और भगवती ही है
09:03इसी दौरान पड़ोसियों ने ये भी बताया
09:06कि करीब महीने भर पहले इसी घर में एक और महीला किराये पर रहने आई थी
09:11उसका नाम हयातुन निशा था
09:14वो भी पिछले 20 दिनों से गायब है
09:16तो क्या ट्रॉली बैग में में मिली लाश हयातुन निशा की थी
09:20ये तो इस्टेट की पुलिस के अपसी पॉर्डिनेशन का परिणाम है
09:26एक ब्लाइंड केस जिसमें मानव अफसेस मिलना और उसको लिंक जोना
09:32और तर्मिनाडू पुलिस के गारा कारवाई करना तो ये एक अच्छी वो है सफलता में इसमें
10:00अब पुलिस गुडुवांचेरी में तफ्तीश आगे बढ़ा रही थी
10:04कि तभी लोकल पुलिस से जानकारी में कि हयातुन निशा की गुमशुदगी की रिपोर्ट ठाने में लिखाने एक लड़का आया
10:12था
10:12पुलिस ने जब वो रिपोर्ट पढ़ी तो पता चला कि रिपोर्ट लिखाने वाला 17 साल का एक लड़का है और
10:18हयातुल निशा उसकी माँ अब पुलिस ने हयातुल निशा के बेटे से पोच ताज गी तो आधी कहानी सामने आ
10:25गए
10:26गवाधी कहानी ये थी कि हयातुल निशा उरिचा के जगत सिंगपूर के रहने वाली थी चिन्नई में एक कमपनी में
10:33नौकरी करती थी बेटा साथ रहा करता था लेकिन पिर हयातुल निशा मनिकुद्दीन के करीब आ गए बेटे को ये
10:41बात पसंद नहीं आए अब वो मां से �
10:47के घर में किरायदार के तौर पर रहने लगी हाला कि मनिकुद्दीन पहले से ही भगवती के साथ लिविन में
10:53रह रहा था पर अब हयातुल निशा के साथ भी उसके रिष्टे बन चुके थी अब चंड़ाई पुलिस की एक
11:00टीम फॉरन उरिशा के लिए रवाना होती है जग
11:16कि हायातुल निशा का कतल उसी घर में किया गया था कतले के बाद बैग में आधी अधूरी लाश डाल
11:24कर मनिकुद्दीन और भगवती चन्ने रेलवे स्टेशन पहुंचे और फिर तमिल नाडू एक्सप्रेस ट्रेंड के जनरल कमपार्टमेंट में बैग रखकर
11:32वहां से न
11:46का क्लाइमेक्स अधूरा ही काईमेक्स यह कि आखर हयातुल निशा का गत्र जोंग गया चिन्नही से आगरा तक के इस
11:54सफर की असलियत क्या थी
11:58तो इसी असलियत का पता लगाते लगाते चन्नेई पुलिस चन्नेई से 2000 किलो मिटर दूर मनीपुर पहुंचती
12:06मनीपुर में जीरी बाम में मनीकुद्दीन और भगबती के छुपने की खबर बिली थी
12:12खबर तो पक्की थी पर दोनों मिल नहीं रहे थी
12:15पूरे साथ दिन लग गए चन्नेई पुलिस की टीम जीरी बाम के इलाके में भटकती रहे
12:21फिर आखिर कार 28 अगस्त को काम्याबी में दोनों उसी जीरी बाम से पकड़े गए
12:26मनीपुर की एक कोट में पेश कर दोनों का ट्रांजिटरी मान लिया गया
12:31और फिर उन्हें चन्नेई लाया गया
12:35चन्नेई पुलिस की कस्टडी में एरपोर्ट से बाहर आते योसी मनीकुद्दीन और भगवती की तस्वीच
12:42चन्नेई पुलिस सूत्रों के मताबिक शरुवाती पूचताच में दोनों ने जो कहानी सुनाए वो कुछ यूँ थी
13:01दूसरे कमरे में हयातनिशा
13:04हयातनिशा के पास पिछली नौकरी के करीब 4 लाग रुपए बैंक में मौजूद थे
13:08इसके लावा उसके पास सोने के जेवर भी थे
13:12हयातनिशा की शिनाख्त होने के बाद चन्नेई पुलिस ने जब तफ्तीश की तो पाया
13:17कि उसके बैंक के पैसे और जेवर दोनों गायब है
13:21चन्नेपलिस सूत्रों के मताबिक मनिकुद्दीन और भगवतीन उनी पैसों के लिए हयातनिशा को घर के अंदर ही माढ डा रूँ
13:28फिर लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसके कई टुकड़े दी
13:32पर टुकड़े किया जाने के बाद भी लाश एक बैग में नहीं आ रही थी
13:37लहाजा आधी अधूरी लाश बैग में भरकर दोनों ने उसे चन्नेई से नई दिल ली जाने वाले
13:43तमिलाडू एकस्प्रेस में रख दिया और गायब हो गये
13:47दोनों की प्लैनिंग घजब थी लेकिन दोनों ये भूल गये
13:50कि रेलवे स्टेशन पर जगा जगा सिसी टीवी कैमरे लगे होते हैं
13:54फिर दोनों ने अपने चेहरे भी नहीं छुपाए थे
13:56लहाजा कैमरे में गयत हो गये
14:00दोनों ने दूसरी गलती ये की किलाश को जिस रेपर में लपेटा
14:04उसमें चन्ने की एक कमपनी का लोगो था
14:06और बस यही दो चीज़ें आखिरकार इनकी गिरफतारी की वज़ा बन जाती है
14:11और इस तरह चन्ने टू आगरा के सफर के साथ-साथ
14:15ये कहानी अपने अन्जाम को पहुचती है
14:20आगरा से अर्विंद शर्मा के साथ प्रमोद माधब चिनने आज तक
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