00:16बंगाल में उप्चुनावा भी हुआ नहीं है लेकिन दो सीटों पर सियासत का ऐसा खेल शुरू हुआ है जिसने चुनावी
00:21मैदान से लेकर सफता के गलियारों तखल चल मचा दी है
00:2418 सिटंबर नंदिग्राम में ममता बेनर्जी की पाटी की उम्मिद्वार संचिता प्रधान डे ने नामंकन वापस ले लिया नामंकन वापसी
00:31से पहले उनकी शुवेंदू अधिकारी से मुलाकात हुई
00:34इसके बाद मम्ता बेनरजी ने नंदिग्राम में कॉंग्रेस उम्मिद्वार मिलन प्रधान को समर्थन देने का एलान किया
00:40लेकिन कहानी यहीं खत नहीं हुई
00:42नंदिग्राम से कॉंग्रेस उम्मिद्वार मिलन प्रधान के क्राइम के पुराने पन्ने शुबेंदू की पुलिस ने पलट दिया
00:47और ममता के समर्थन के महज चंद घंटे में ही गिरफतार कर लिया
00:52इस भी सियासी पठका था एक और जगह लिखी जा रही थी
00:55रेजी निगर सीट पर बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिल रहा है
00:57नॉमिनेशन वापस लेनी की बात करने वाले रवियू लालम चोधरी ने यूटन ले लिया है
01:02उन्होंने कहाए कि वो उप्चनौ लड़ेंगे लेकिन शर्तों के साथ
01:47अब सवाल उड़ता है कि ये महज इत्तिफाक है या बंगाल में कोई बड़ा सियासी खेल चल रहा है
01:52क्या नंदिग्राम और रेजिनेगर में उम्मिद्वारों का नाम वापस लेना सिर्फ व्यक्तिकत फैसला है
01:57क्या बंगाल में उप्चुनाव की लड़ाई अब सीटों से आगे बढ़कर राजनेती का स्तित्य की लड़ाई बन चुकी है
02:05आखी दिन दो सीटों पर उप्चुनाव की नौबत क्यों आई अब इस पूरे सियासी घटनाकरम को समझने के लिए थोड़ा
02:10पीछे चलते हैं
02:11नंदिग्राम और रेजी नगर दोनों सीटें 2026 के विधान सवा चुनाव के बाद खाली हुई नंदिग्राम से शुबेंदु अधिकारी और
02:19रेजी नगर से हुमायू कबीर ने जीत दर्ज की थी
02:21दोनों नेताव ने दो-दो सीटों से चुनाव जीता और बाद में एक-एक सीट छोड़ दी
02:25शुबेंदु अधिकारी ने नंदिग्राम छोड़कर भवानी पूर अपने पास रखी
02:29जबकि हुमायू कबीर ने रेजी नगर छोड़कर नावदा सीट अपने पास रखी
02:33इसी वज़े से दोनों सीटों पर उपचुनाव हो रहा है
02:356 अक्टुबर को मददान और 9 अक्टुबर को मदगरना होनी है
02:40लेकिन इन दोनों उपचुनावों का महत्व सिर्फ दो सीटों को भरने तक सिमित नहीं है
02:452026 के विधानसवा चुनाव के बाद ये दोनों सीटें बंगाल की बदली हुई राजनितिक परिस्थितियों में एक एहम चुनावी परिक्षा
02:52बन गई है
02:58नंदिग्राम बंगाल के सियासत का वो अध्याय है जिसे मिटा कर कोई नई कहानी नहीं लिखिया सकती
03:032007 का भूमी आंदोलन ततकालीन लेफ्ट सरकार के खिलाफ विरोध और उसी आंदोलन से ममता बेनर जी के राजनिति गुभार
03:10को ताकत मिली
03:11कभी ममता बेनर जी और शुबेंदो अधिकारी इसी राजनितिक संघर्ष के सहीयोगी थे लेकिन वक्त ने करवट ली, रिष्टे बदले
03:18और नंदिग्राम दोनों नेताओं के बीच सियासी प्रतिष्ठाख मैदान बन गया
03:232021 के विदान सभा चुनाओ में शुबेंदो अधिकारी ने ममता बेनर जी को नंदिग्राम में हरा दिया, 2026 में शुबेंदो
03:30अधिकारी ने नंदिग्राम से जीत दर्ज की लेकिन भवानी पूर अपने पास रखने के बाद ये सीट खाली होगी
03:35अब सवाल है कि नंदिग्राम में होने वाला उप्चुनाओ क्या उस राजनिती के इतिहास का नया अध्याय बनेगा या फिर
03:41पुराने प्रतिकों और पुराने संगर्ष्टों के बीच मद्दाता कोई नई कहानी लिखेंगे
03:45इतिहास रास्ता दिखा सकता है लेकिन जरादेश की बारत हमेशा वर्तमान में लिखी जाती है
03:50वहीं रेजी नगर की लड़ाई सिर्फ पार्टी की नहीं पहचान की भी है
03:55तो बंगाल में नंदिग्राम और रेजी नगर की कहानी अब सिर्फ दो सीटों की कहानी नहीं रहे गई है
04:00एक तरफ इतिहास का बोज है, दूसरी तरफ भविश्य की चुनावती, एक तरफ पार्टी के नाम और चुनावचिन का विवाद
04:05है
04:05दूसरी तरफ उमिद्वारों के नामंकन वापस लेने से पैदा हुए सवाल
04:10एक तरफ सत्ता का दावा है, दूसरी तरफ विपक्ष के अरोब है
04:13लेकिन इन तमान सियासी शोर के बीच एक आवाज ऐसी है जिसे दबना नहीं चाहिए
04:18तो आवाज है मद्दाता की, क्योंकि लोकतंत्र में सबसे ताकतवर आवाज किसी मुख्यमंत्री की नहीं होती है
04:23किसी मंत्री की नहीं होती है, किसी पार्टी अध्यक्ष की भी नहीं होती है
04:28कुलकाता सिंद्रजीत कुंडू के साथ, आज तक वेरोग
Comments