00:06दिल्ली विश्विद्यालेच रात्रसंग यान की D.USU.C.चुनाओद्वजारच चिफभिस के नतीजों ने हैरान किया।
00:12हैरानी A.V.B.P. की जीत की नहीं बलकि निर्दलिय उमिद्वार के उपाध्यक्ष पद के जीतने की है।
00:19जी हाँ इसे बेशक असाधारन तस्वीर कह लें लेकिन ऐसा हुआ है
00:24यहाँ बार D.U.S.U. के उपाते हक्षपत पर सबसे जादा वोट पाकर जीत हासिल करने वाले दिपांशू शौकीन
00:32की हो रहे
00:33दिपांशू शौकीन ने बीसवे राउंड में 30,615 वोट पाकर इतिहास रच दिया
00:39जबकि A.V.B.P. के इशू मौरिया को 16,910 वोट मिले
00:43तो N.S.U.I. के वीर चर्तरत को महस 4,313 वोट मिले
00:49चर्चा तो ये भी हो गई कि अगर वो प्रेसिडेंट पत के लिए
00:52खड़े होते तो भी जीत हासिल करते क्यूंकि A.V.B.P. के यश डबास
00:5724,576 वोट पाकर प्रेसिडेंट बने हैं किसी प्रमुक पाटे का समर्थन ना होने
01:03के बावजूद निर्दलिय उमिदवार दिपांशो शौकीन ने भारी मतों से जीत दर्ज की है
01:10दिल्ली के पीरा गढ़ी गाउं के रहने वाले दिपांशो शौकीन के सपने बड़े हैं
01:15वो तूटे नहीं उन्हें कई राजनीतिक दलों ने तोड़ने की कोशिश की
01:19लेकिन वो निर्दलिय लड़े और जीते
01:21शायद उन्हें अपने समर्थकों पर पूरा भरोसा था
01:25जिसके बाद आखिरकार उन्हें जीत मिली
01:27आप दिपांशो को सुनिये
02:00कि पांशो शौकीन इसलिए भी चर्चा में रहें
02:03क्योंकि वो कॉंग्रेस की छात्र एकाई NSUI के उपाध्यक्षपत
02:07पर चनाव लड़ रहे थे उनका नामांकन भी हुआ था लेकिन
02:11एंड टाइम पर उनकी सीट किसी कॉंग्रेस नेता के बेटे को दे दी
02:15गई और संगठन ने नामांकन वापस लेने को कहा गया इसके बाद
02:19उन्होंने निर्दलिये चुनाव लड़ने की घोशना कर दी चलिए अब
02:23आपको बताते हैं कि दिपांशो शौकीन कौन है उनका बैक ग्राउंड क्या है तो
02:28दिपांशो शौकीन के पिता एक बस कंड़क्टर है और मां अंगनवारी कारे करता है दिपांशो शौकीन दिली विश्व विद्याले के
02:36बुधिस स्टडीज विभाग के छात्र हैं उन्होंने अपनी इसनातर की पढ़ाई शहीद भगत सिंग कॉलेज से पूरी की है दिप
02:55अंकारी के मताबिक प्रचार के दोरान उन्हें आमादमी पार्टी की शात्र एकाई एस एपी में शामिल होने का प्रस्ताओं भी
03:02मिला था लेकिन दिपांशो ने सभी चर्चाओं को खारिच करते हुए स्वतंत रूप से मैदान में डटे रहने का विकल
03:09चुना अब तो दि
03:15जीत हसल करने वाले निर्दल ये छात्र नेता भी है
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